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नवीकरणीय ऊर्जा पर GST कटौती से निवेशकों को 1.5 लाख करोड़ तक की बचत: प्रह्लाद जोशी

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नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा पर जीएसटी में कटौती से 2030 तक निवेशकों को 1.5 लाख करोड़ रुपए तक की बचत होगी। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री ने यह बात सोमवार को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती लागू होने के पहले दिन कही। उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए केंद्र और राज्यों की जीएसटी परिषद ने 22 सितंबर को नवरात्रि के पहले दिन से माल एवं सेवाओं पर कर की दरें कम करने का निर्णय लिया।

जीएसटी में कटौती से भारत के 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा। सीआईआई के छठे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन के अवसर पर पत्रकारों के साथ बातचीत में जोशी ने कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को विशेष रूप से नवरात्रि के अवसर पर नवीकरणीय उपकरणों पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने के लिए धन्यवाद देता हूं।” उन्होंने कहा कि इससे 2030 तक निवेशकों को एक लाख करोड़ रुपए से 1.5 लाख करोड़ रुपये तक की बचत होगी। 

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, भारत की योजना 2030 तक लगभग 300 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ने की है। इसलिए लागत में दो से तीन प्रतिशत की मामूली कमी से भी निवेश क्षमता में एक से 1.5 लाख करोड़ रुपये की बचत हो सकती है। पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत ‘रूफटॉप सोलर’, तीन किलोवाट प्रणाली के लिए 9,000-10,500 रुपए तक सस्ता हो जाएगा। मंत्रालय के अनुमान के अनुसार, जीएसटी कटौती के साथ पीएम-कुसुम के तहत किसानों को 10 लाख सौर पंप पर 1,750 करोड़ रुपए की बचत होने की उम्मीद है। इससे पहले, सम्मेलन को संबोधित करते हुए जोशी ने कहा कि 2021 में सीओपी26 में जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहली बार देश की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा का खाका पेश किया था, तो उन्होंने 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल करने का एक ऐसा लक्ष्य रखा था जिसे कई लोग असंभव मानते थे। 

उन्होंने कहा, ‘‘आज मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि हमने अपनी स्थापित बिजली क्षमता का 50 प्रतिशत से अधिक गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से प्राप्त कर लिया है। यह हमने निर्धारित समय से पांच वर्ष पहले ही कर लिया है। हमने 500 गीगावाट लक्ष्य (252 गीगावाट) का 50 प्रतिशत भी पार कर लिया है।” जोशी ने बताया प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत लगभग 20 लाख घरों को सौर ऊर्जा का लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि हाल में हुई स्वच्छ ऊर्जा नीलामी में, मध्य प्रदेश ने बैटरी स्टोरेज वाली सौर ऊर्जा के लिए भारत में अब तक की सबसे कम कीमत मात्र 2.70 रुपए प्रति यूनिट हासिल की। मंत्री ने कहा कि 2030 तक करीब 537 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लिए पारेषण प्रणाली की योजना तैयार की गई है। 

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खेल

सीनियर-वीमेंस वनडे ट्रॉफी…छत्तीसगढ़ की लगातार चौथी जीत:विदर्भ को 7 विकेट से हराया, माहीक नरवसे रहीं मैच की हीरो, 4 विकेट झटके, अर्द्धशतक भी जमाया

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रायपुर,एजेंसी। बीसीसीआई की ओर से आयोजित सीनियर वीमेंस वनडे ट्रॉफी में छत्तीसगढ़ महिला टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है। टूर्नामेंट के अपने चौथे मुकाबले में छत्तीसगढ़ ने विदर्भ को 7 विकेट से हराकर लगातार चौथी जीत दर्ज की। यह मुकाबला 12 फरवरी को बड़ौदा में खेला गया।

मैच में छत्तीसगढ़ ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए विदर्भ की टीम 47.5 ओवर में 158 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। विदर्भ की ओर से कप्तान दिशा कसाट ने शानदार पारी खेलते हुए 65 रन बनाए। उनके अलावा लतिका इनामदार (27 रन) और मोना (17 रन) ही दोहरे अंक तक पहुंच सकीं।

छत्तीसगढ़ के गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए विदर्भ को बड़ा स्कोर खड़ा करने का मौका नहीं दिया और नियमित अंतराल पर विकेट चटकाए। छत्तीसगढ़ की ओर से माहीक नरवसे और तरन्नुम पठान ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4-4 विकेट अपने नाम किए।

तरन्नुम पठान।

तरन्नुम पठान।

माहीक नरवसे (MOM)

माहीक नरवसे (MOM)

47.3 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर हासिल किया लक्ष्य

159 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी छत्तीसगढ़ की टीम ने 47.3 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया। टीम की जीत में माहीक नरवसे ने ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए 66 रन की मैच जिताऊ पारी खेली।

उनका अच्छा साथ शिल्पा साहू (45 रन) ने दिया, जबकि कप्तान कृति गुप्ता ने नाबाद 27 रन बनाए। विदर्भ की ओर से कोमल जंजाड, आरती बेहनवाल और कंचन नागवानी को 1-1 विकेट मिला।

शानदार बल्लेबाजी और घातक गेंदबाजी के लिए माहीक नरवसे को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने मैच में 66 रन बनाने के साथ 4 विकेट भी झटके।

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देश

चांदी आज ₹7,316 गिरी, कीमत ₹2.59 लाख किलो हुई:सोना ₹1,672 गिरकर ₹1.56 लाख पर आया, देखें अपने शहर में सोने के दाम

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नई दिल्ली,एजेंसी। सोने-चांदी के दाम में आज 12 फरवरी को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी की कीमत 7,316 रुपए कम होकर 2,59,133 रुपए पर आ गई है। इससे पहले बुधवार को चांदी की कीमत 2,66,449 रुपए किलो थी।

वहीं, आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 1,672 रुपए गिरकर 1,55,650 रुपए पर आ गई है। इससे पहले बुधवार को ये 1,57,322 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। सर्राफा बाजार में 29 जनवरी को सोने ने 1,76,121 रुपए और चांदी ने 3,85,933 रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था।

43 दिन में सोना ₹22,455 और चांदी ₹28,713 महंगी हुई

  • इस साल अब तक सोने की कीमत 22,455 रुपए बढ़ चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,33,195 रुपए का था, जो अब 1,56,147 रुपए हो गया है।
  • वहीं, चांदी 28,713 रुपए महंगी हो गई है। 31 दिसंबर 2025 को एक किलो चांदी की कीमत 2,30,420 रुपए थी, जो अब 2,59,133 रुपए प्रति किलो पहुंच गई है।

2025 में सोना 75% और चांदी 167% महंगी हुई

  • 2025 में सोना 57 हजार रुपए (75%) बढ़ा है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो 31 दिसंबर 2025 को 1,33,195 रुपए हो गया।
  • चांदी इस दौरान 1.44 लाख रुपए (167%) बढ़ी। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी 86,017 रुपए की थी, जो साल के आखिरी दिन 2,30,420 रुपए प्रति किलो हो गई।

सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।

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देश

रिटेल महंगाई 8 महीने में सबसे ज्यादा:जनवरी में बढ़कर 2.75% पर पहुंची, अक्टूबर 2025 में यह रिकॉर्ड निचले स्तर 0.25% पर थी

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नई दिल्ली,एजेंसी। जनवरी में रिटेल महंगाई पिछले महीने के मुकाबले बढ़कर 2.75% पर पहुंच गई है। दिसंबर में ये 1.33% पर थी। 8 महीनों में सबसे ज्यादा है। मई 2025 में महंगाई 2.82% पर पहुंच गई थी। सरकार ने गुरुवार, 12 फरवरी को महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं।

नए पैमाने में शामिल हुए ई-कॉमर्स और एयरफेयर

सरकार ने महंगाई मापने के लिए आधार वर्ष को 2012 से बदलकर 2024 कर दिया है। यह बदलाव एक दशक से अधिक समय के बाद किया गया है। ब्लूमबर्ग के सर्वे में 32 अर्थशास्त्रियों ने अनुमान जताया था कि इससे जनवरी की महंगाई दर 2.77% के आसपास रह सकती है।

खाने-पीने की चीजों का वेटेज घटा

पुराने इंडेक्स में खाने-पीने की चीजों का वेटेज लगभग 50% था, जिसे अब घटाकर 36.8% कर दिया गया है। सांख्यिकी मंत्रालय के सचिव सौरभ गर्ग के मुताबिक, भारतीयों की आय बढ़ने के साथ अब वे भोजन पर कम और हाउसिंग व अन्य सेवाओं पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं।

  • क्या हटा: अब पुराने हो चुके रेडियो, वीसीआर (VCR) और तांगा-गाड़ी के किराए को इंडेक्स से बाहर कर दिया गया है।
  • क्या जुड़ा: इसकी जगह अब हवाई किराया , ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन, ई-कॉमर्स शॉपिंग, ग्रामीण हाउसिंग रेंट और बिजली की कीमतों को शामिल किया गया है।

बेस ईयर क्या होता है?

बेस ईयर वो साल होता है जिसकी कीमतों को आधार (बेस) माना जाता है। यानी, उसी साल की चीजों की औसत कीमत को 100 का मान देते हैं। फिर, दूसरे सालों की कीमतों की तुलना इसी बेस ईयर से की जाती है। इससे पता चलता है कि महंगाई कितनी बढ़ी या घटी है।

उदाहरण: मान लीजिए 2020 बेस ईयर है। उस साल एक किलो टमाटर रू.50 का था। अब 2025 में वो रू.80 का हो गया। तो महंगाई = (80 – 50) / 50 × 100 = 60% बढ़ी। यही फॉर्मूला CPI में यूज होता है, लेकिन ये पूरे बाजार की चीजों पर लागू होता है।

बेस ईयर कैसे चुना जाता है और कैसे काम करता है?

सरकार आमतौर पर हर 5-10 साल में नया बेस ईयर चुनती है। ये ऐसा साल होता है जो सामान्य हो, न ज्यादा सूखा हो, न महामारी, न ज्यादा महंगाई।

अक्टूबर में 14 साल के निचले स्तर पर थी रिटेल महंगाई

अक्टूबर में रिटेल महंगाई 0.25% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई थी। इसका कारण खाने-पीने की चीजों की कीमतों में कमी थी। ये 2012 CPI सीरीज में सबसे कम महंगाई थी। यानी, ये करीब 14 साल का निचला स्तर रहा था।

महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है?

महंगाई का बढ़ना और घटना प्रोडक्ट की डिमांड और सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। ज्यादा चीजें खरीदने से चीजों की डिमांड बढ़ेगी और डिमांड के मुताबिक सप्लाई नहीं होने पर इन चीजों की कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी।

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