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छत्तीसगढ़

कस्टम मिलिंग घोटाला…रायपुर में बड़े बिल्डर के घर ED रेड:बिलासपुर में सुल्तानिया-ग्रुप के ठिकानों पर छापा, प्रॉपर्टी खरीदी-बिक्री के दस्तावेज खंगाल रही टीम

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बिलासपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में ED की टीम ने शुक्रवार सुबह रायपुर, बिलासपुर और धमतरी में कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी की है। ED के मुताबिक ये छापा कस्टम मिलिंग घोटाले से जुड़ा है। घोटाले के पैसों से प्रॉपर्टी की खरीदी-बिक्री की गई है। इसी को लेकर ED की टीम जांच कर रही है।

ED ने रायपुर में रहेजा ग्रुप के ठिकानों पर छापा मारा है। बिलासपुर में सुल्तानिया ग्रुप के मीनाक्षी सेल्स के अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि वित्तीय लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग केस में छापेमारी की गई है। सुबह से ED की टीम घर के अंदर दस्तावेज खंगाल रही है।

छापे से जुड़ी ये तस्वीरें…

ED ने रायपुर में रहेजा ग्रुप ठिकानों पर छापेमारी की है। ED के अफसर दस्तावेज खंगाल रहे हैं।

ED ने रायपुर में रहेजा ग्रुप ठिकानों पर छापेमारी की है। ED के अफसर दस्तावेज खंगाल रहे हैं।

रायपुर के जवाहर मार्केट स्थित रहेजा ग्रुप के ठिकाने पर ED के अधिकारी कड़ी सुरक्षा के साथ छापेमारी करने पहुंचे।

रायपुर के जवाहर मार्केट स्थित रहेजा ग्रुप के ठिकाने पर ED के अधिकारी कड़ी सुरक्षा के साथ छापेमारी करने पहुंचे।

बिलासपुर में ED की टीम ने सुबह-सुबह सुल्तानिया परिवार के क्रांति नगर स्थित आवासीय और कारोबारी ठिकानों पर दबिश दी।

बिलासपुर में ED की टीम ने सुबह-सुबह सुल्तानिया परिवार के क्रांति नगर स्थित आवासीय और कारोबारी ठिकानों पर दबिश दी।

रायपुर में रहेजा ग्रुप के ठिकानों पर दबिश

रायपुर के जवाहर मार्केट स्थित रहेजा ग्रुप के संचालक रहेजा के घर और ऑफिस पर शुक्रवार सुबह से ही ED की टीम मौजूद है। अधिकारी दस्तावेज, फाइलों और वित्तीय रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं। घर के भीतर कागजातों की जांच और पूछताछ की जा रही है।

बिलासपुर में सुल्तानिया ग्रुप पर छापा

इसी तरह बिलासपुर में ED की टीम ने सुबह-सुबह सुल्तानिया परिवार के क्रांति नगर स्थित आवासीय और कारोबारी ठिकानों पर दबिश दी। सुल्तानिया ग्रुप के मीनाक्षी सेल्स के ठिकानों पर ED की टीम रिकॉर्ड, बैंक स्टेटमेंट और वित्तीय दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है।

बिलासपुर में मीनाक्षी सेल्स, सुल्तानिया ग्रुप का कारोबार है, जो कोयला, सीमेंट, छड़, स्टील और अन्य ट्रेडिंग से जुड़ा हुआ है। वहीं, कार्रवाई के चलते इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

बिलासपुर के मीनाक्षी सेल्स और सुल्तानिया ग्रुप के अलग-अलग ठिकानों पर छापा मारा है।

बिलासपुर के मीनाक्षी सेल्स और सुल्तानिया ग्रुप के अलग-अलग ठिकानों पर छापा मारा है।

कस्टम मिलिंग स्कैम में केस अब तक क्या-क्या हुआ ?

25 जुलाई 2025 को 140 करोड़ की कस्टम मिलिंग स्कैम केस में रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर से EOW ने पूछताछ की। 2700 मिलर्स से वसूली मामले में 3500 पेज का चालान कोर्ट में पेश हो चुका है। EOW दूसरा चालान जल्द पेश करने की तैयारी में है।

EOW के मुताबिक मनोज सोनी ने 33 जिलों से वसूली का जिम्मा अनवर ढेबर को दिया था। वहीं अनवर ने शराब दुकान के लिए प्लेसमेंट एजेंसी चलाने वाले सिद्धार्थ सिंघानियां को जिम्मेदारी दी थी। सिद्धार्थ ने शराब दुकान के कर्मचारियों के माध्यम से कमीशन की वसूली कर पैसा रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा के पास रायपुर पहुंचाया।

EOW के मुताबिक टुटेजा के माध्यम से मनोज और रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचा। स्कैम के सिंडिकेट ने प्रति-क्विंटल 20 रुपए ‘कट’ फिक्स किया था। इसमें मनोज सोनी सिंडिकेट ऑपरेट करता था। अनवर ढेबर के ऑर्डर पर 33 जिलों में वसूली हुई, जबकि कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के पास पैसा स्टोर होता था।

कैसे खुला था घोटाले का राज ?

दरअसल, 2023 में ED को शिकायत मिली थी कि छत्तीसगढ़ में बड़ी तादाद में कस्टम मिलिंग घोटाला हुआ है। इसके बाद अक्टूबर 2023 में ED की टीम ने मार्कफेड के तत्कालीन एमडी मनोज सोनी के खुशी वाटिका स्थित घर और प्रदेश के कुछ राइस मिलर्स के ठिकानों पर दबिश दी।

इस दौरान 2 दिन की जांच के बाद ED के अफसरों ने खुलासा किया कि मनोज सोनी ने करोड़ों की रिश्वत ली है। मार्कफेड के अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ के राइस मिलर्स को कस्टम मिलिंग का भुगतान करने के नाम पर 140 करोड़ से ज्यादा की वसूली की है।

मॉकफेड के पूर्व एमडी मनोज सोनी कोर्ट में पेशी के दौरान।

मॉकफेड के पूर्व एमडी मनोज सोनी कोर्ट में पेशी के दौरान।

जनवरी 2024 को EOW ने दर्ज की FIR

ED के खुलासे के बाद EOW ने कस्टम मिलिंग घोटाले में 29 जनवरी 2024 को पहली FIR दर्ज की। इसमें रोशन चंद्राकर, प्रीतिका, रिटायर सीनियर IAS अनिल टुटेजा, एजाज ढेबर, सिद्धार्थ सिंघानिया, रामगोपाल अग्रवाल के नाम शामिल हैं।

EOW की जांच में पता चला कि कस्टम मिलिंग राशि मिलर्स को देने के नाम पर यह वसूली की गई है। 2020-21 से पहले कस्टम मिलिंग के बदले मिलर्स को प्रति क्विंटल 40 रुपए भुगतान किया जाता था। मिलर्स की मांग पर कांग्रेस सरकार ने इस राशि को 3 गुना बढ़ाया।

अधिकारियों ने प्रति क्विंटल 20 रुपए कट लिया

इसके बाद मिलर्स को मार्कफेड से 40 रुपए की जगह 120 रुपए भुगतान किया जाने लगा। राशि बढ़ने पर मार्कफेड के अधिकारियों ने प्रति क्विंटल 20 रुपए ‘कट’ लेना शुरू किया, जो मिलर्स ‘कट’ देते थे, उसका भुगतान कर दिया जाता था, जो कट नहीं देते थे, उनका पैसा रोक दिया जाता था। इस पैटर्न पर मार्कफेड के अधिकारियों ने प्रदेश के 2700 मिलर्स से 140 करोड़ से ज्यादा की उगाही कर ली।

कस्टम मिलिंग, डीओ काटने, मोटा धान को पतला, पतले धान को मोटा करने, एफसीआई को नान में कंवर्ट करने का पैसा लिया जाता था। मनोज सोनी और उनके सहयोगियों का खेल 2 साल से चल रहा था। इस खेल में मार्कफेड के अफसर और छत्तीसगढ़ स्टेट इन मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी भी शामिल थे।

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कोरबा

एसईसीएल मुख्यालय के 09 कर्मियों के सेवानिवृत्त पर भावभीनी विदाई दी गयी

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बिलासपुर/कोरबा। आज दिनाँक 30.09.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त हुए 09 कर्मियों को मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में उन्हें शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

मुख्यालय प्रशासनिक भवन के कान्फ्रेन्स हाल में मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन एवं निदेशक (तकनीकी)–संचालन रमेश चंद्र महापात्र के मुख्य आतिथ्य, विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रमसंघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति में कैलाश चंद्र साहू , महाप्रबंधक (खनन), ओएसडी सीएमडी सचिवालय , अजय तिवारी, महाप्रबंधक (खनन), भूमिगत खदान विभाग, विश्वजीत मोइत्रा, उप महाप्रबंधक (उत्खनन) आंतरिक अंकेक्षण विभाग, राजेंद्र कुमार गुजर, सीनियर डीईओ, ए-1 वन विभाग, मुनिराम सतनामी, कार्यालय अधीक्षक निदेशक (मा. सं.) सचिवालय, शुभेंदु चटर्जी, वरिष्ठ तकनीकी निरीक्षक ए-1 गुणवत्ता नियंत्रण विभाग, मिनीश्वर प्रसाद जांगड़े, वरिष्ठ सुरक्षा निरीक्षक सुरक्षा विभाग, वृन्दावन, सहायक सुरक्षा उप निरीक्षक सुरक्षा विभाग तथा तपोधन मिश्रा, फोरमेन इंचार्ज, ग्रेड–ए-1 इंदिरा विहार सब-स्टेशन को सेवानिवृत्ति पर विदाई दी गयी।
इस अवसर पर शीर्ष प्रबंधन ने अपने-अपने उद्बोधन में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के योगदान एवं कार्यकौशल से ही कम्पनी सफलता के मुकाम पर पहुँची है। सेवानिवृत्त कर्मियों के योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। अंत में उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मियों के सपरिवार उज्ज्वल भविष्य की ईश्वर से कामना की।

सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों ने कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यहाँ के कर्मचारियों में कार्य के प्रति बहुत ही निष्ठा है। यहाँ के अधिकारी-कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर साथ में कार्य करते हैं।

कार्यक्रम में सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय पढ़ते हुए सफलतापूर्वक उद्घोषणा का दायित्व प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने निभाया।

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कोरबा

विकसित भारत-जी राम जी के तहत विकसित ग्राम पंचायत प्लान तैयार करने जिला पंचायत में दिया गया प्रशिक्षण

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ग्रामीण बताएंगे गांव के विकास की राह

गाँव स्थानीय जरूरत और संसाधनों के आधार पर बनेगा प्लान

युक्तधारा से परिसंपत्तियों की मैपिंग और वाटर बजट से तय होंगी जल संरक्षण की प्राथमिकताएं

कोरबा, 30 सितम्बर 2026। गांव में क्या चाहिए और विकास की सबसे पहली जरूरत क्या है, अब इसका निर्धारण गांव के लोग, स्थानीय जरूरतों और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर करेंगे। विकसित भारत-जी राम जी के अंतर्गत विकसित ग्राम पंचायत प्लान (वीजीपीपी) तैयार करने के लिए बुधवार को जिला पंचायत के सभा कक्ष में जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्यगण एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह ने कहा कि ग्रामों के समग्र एवं सतत विकास के लिए विकसित भारत-जी राम जी के तहत विकसित ग्राम पंचायत प्लान तैयार करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि योजनाओं में हुए बदलावों और नई व्यवस्थाओं से ग्राम विकास को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को ग्राम पंचायत स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन ने कहा कि विकसित ग्राम पंचायत प्लान स्थानीय जरूरतों, उपलब्ध संसाधनों और ग्रामीणों की प्राथमिकताओं के आधार पर तैयार किया जाएगा। युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायत में उपलब्ध परिसंपत्तियों की मैपिंग की जाएगी, जबकि वाटर बजट के आधार पर जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्यों की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि ग्राम सभा इस पूरी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार होगी। ग्रामीणों से प्राप्त सुझावों के आधार पर रोजगार, जल सुरक्षा, आजीविका, ग्रामीण अधोसंरचना और स्थायी परिसंपत्तियों से जुड़े कार्यों को एकीकृत योजना में शामिल किया जाएगा, ताकि विकास कार्यों का सीधा लाभ ग्रामीणों को मिले और गांव में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण हो।

युक्तधारा बताएगा कहां है जरूरत और कहां बन सकता है काम

प्रशिक्षण में सहायक परियोजना अधिकारी संदीप डिक्सेना ने मैदानी अमले को विकसित ग्राम पंचायत प्लान तैयार करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायत में उपलब्ध परिसंपत्तियों की मैपिंग, स्थानीय आवश्यकताओं की प्रविष्टि, विकासात्मक अंतराल की पहचान तथा संभावित कार्यस्थलों के चयन की ऑनलाइन प्रक्रिया समझाई गई।

प्रशिक्षण में बताया गया कि उपलब्ध संसाधनों और मौजूदा परिसंपत्तियों का आकलन कर विकास कार्यों की आवश्यकता एवं प्राथमिकता का बेहतर निर्धारण किया जा सकेगा। इससे ग्राम पंचायतों में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्यों का चयन किया जाएगा।

वाटर बजट से तय होगी गांव की जल जरूरत और संरक्षण की प्राथमिकता

प्रशिक्षण में वाटर बजट पर विशेष जोर दिया गया। ग्राम पंचायत में उपलब्ध जल संसाधनों तथा पानी की आवश्यकता का आकलन कर जल संरक्षण और जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इससे गांव की वर्तमान एवं भविष्य की जल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त कार्यों का चयन किया जा सकेगा।

अधिकारियों ने बताया कि सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन और ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामीणों की जरूरतों एवं सुझावों को विकसित ग्राम पंचायत प्लान में शामिल किया जाएगा। इस प्रकार ग्रामीणों की भागीदारी, स्थानीय संसाधनों का आकलन और वैज्ञानिक तरीके से तैयार वाटर बजट ग्राम पंचायतों की विकास योजना का महत्वपूर्ण आधार बनेगा।

विकसित ग्राम पंचायत प्लान के माध्यम से रोजगार सृजन, जल सुरक्षा, आजीविका संवर्धन, ग्रामीण अधोसंरचना एवं स्थायी परिसंपत्तियों को आपस में जोड़ते हुए कार्यों की प्राथमिकता तय की जाएगी। इससे ग्राम पंचायतों में जरूरत आधारित और परिणाममूलक विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा।

प्रशिक्षण में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया एवं श्रीमती सुष्मिता अनंत, कार्यपालन अभियंता आरईएस श्रीमती यामिनी, कार्यक्रम अधिकारी, सहायक प्रोग्रामर, तकनीकी सहायक सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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छत्तीसगढ़

रायपुर में गुटखा कारोबारी के गोदाम पर DGGI की रेड:50 से ज्यादा बोरे मिले, महाराष्ट्र के इनपुट पर पहुंची टीम, कई राज्यों में सप्लाई

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रायपुर, एजेंसी। रायपुर में गुटखा कारोबारी के ठिकाने पर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की टीम ने छापेमारी की है। महाराष्ट्र से मिले इनपुट के बाद अधिकारियों की टीम 3 गाड़ियों में कारोबारी के ठिकाने पर पहुंची। टीम ने यहां दस्तावेजों और गुटखा के स्टॉक की जांच शुरू की है।

जानकारी के मुताबिक शदाणी दरबार माार्केट में स्थित एक गोदाम में बड़ी मात्रा में सितार गुटखा रखे होने की जानकारी मिली थी। अफसरों ने रेड मारी तो गोदाम में 50 बोरे से ज्यादा सितार गुटखा मिले। गोदाम में रखा गुटखा किसका है? इसका पता लगाने में अफसर जुटे हुए हैं।

गोदाम में सितार गुटखा के बोरे अफसरों को जांच के दौरान मिले है।

गोदाम में सितार गुटखा के बोरे अफसरों को जांच के दौरान मिले है।

3 गाड़ियों में पहुंची थी टीम

बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र से मिले इनपुट के बाद DGGI के अधिकारी रायपुर पहुंचे। इसके बाद 3 गाड़ियों में टीम कारोबारी के ठिकाने पर पहुंची और जांच शुरू की। मौके पर गोदाम मालिक और कुछ लोगों को भी बुलाया गया और पूछताछ की गई। पूरी कार्रवाई की DGGI की टीम ने वीडियो रिकार्डिंग भी की है।

गुटखा किंग बंटी से जुड़ रहे तार

DGGI सूत्रों के अनुसार जिस गोदाम में मंगलवार की दोपहर को दबिश देकर गुटखा जब्त किया गया। वो गुटखा कारोबारी बंटी का बताया जा रहा है। कारोबारी बंटी का दुर्ग में पाटर्नर है, जहां पहले भी कार्रवाई हो चुकी है।

कारोबारी बंटी महाराष्ट्र से ऑपरेट कर रहा है। महाराष्ट्र में कल्याण के पास फैक्ट्री डाली है। वहीं से गुटखा बनवाकर छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मुंबई और उत्तर प्रदेश के कई राज्यों में सप्लाई किया जा रहा है।

सेंट्रल GST ने 9 दिन पहले दुर्ग में मारा था छापा।

सेंट्रल GST ने 9 दिन पहले दुर्ग में मारा था छापा।

9 दिन पहले सेंट्रल GST ने दुर्ग में मारा था छापा

9 दिन पहले दुर्ग जिले में सेंट्रल GST इंटेलिजेंस की टीम ने छापा मारा था। कुम्हारी के स्टेशन चौक इलाके में एक फैक्ट्री के अंदर सितार कंपनी का गुटखा बनाया जा रहा था। इस दौरान गुटखा बनाने में इस्तेमाल होने वाली 2 मशीनें और करीब 30 बोरा गुटखा जब्त किया गया था। इसके बाद रायपुर में कार्रवाई हुई है।

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