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छत्तीसगढ़

CGPSC घोटाला…CBI ने सोनवानी को बताया मास्टरमाइंड:2000 पन्नों का पूरक चालान पेश, टामन ने आरती-ललित के साथ पेपर कॉपी कराया, फिर करीबी-रिश्तेदारों को दिया

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) घोटाला मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सोमवार को स्पेशल कोर्ट में 2000 पन्नों का पहला पूरक चालान पेश किया है। इस चालान में घोटाले से जुड़े कई अहम खुलासे किए गए हैं। एजेंसी ने CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को घोटाले का मास्टरमाइंड बताया है।

इसके अलावा आरती वासनिक, जीवन किशोर ध्रुव, निशा कोसले और दीपा आडिल को भी आरोपी बनाया गया है। सभी आरोपियों की भूमिका का विस्तार से जिक्र करते हुए CBI ने सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट को जानकारी दी है। फिलहाल, सभी आरोपी CBI की न्यायिक रिमांड में जेल में बंद हैं। मामले में अब तक 12 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

CBI ने 19 सितंबर को PSC की पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

CBI ने 19 सितंबर को PSC की पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

टामन ने घर पर साहिल-नीतेश को दिया पेपर

CBI के मुताबिक, टामन ने परीक्षा का पर्चा लीक कर घर पर साहिल, नीतेश, उसकी पत्नी निशा कोसले और दीपा आदिल को दिया। परीक्षा में दीपा जिला आबकारी अधिकारी, निशा डिप्टी कलेक्टर, साहिल डीएसपी और नीतेश डिप्टी कलेक्टर बने।

ललित गणवीर ने पर्चा बजरंग पावर एंड इस्पात के डायरेक्टर श्रवण गोयल को दिया। उनके बेटे शशांक, बहू भूमिका ने उससे तैयारी की। दोनों डिप्टी कलेक्टर पद पर चुने गए।

आरती ने टामन और ललित के साथ पेपर दूसरों को दिए

CGPSC 2021 की परीक्षा में प्री और मेन्स दोनों के सभी सेट लीक हुए थे। ये लीक तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक ने चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी, उप परीक्षा नियंत्रक ललित गणवीर और सचिव जीवन किशोर ध्रुव ने मिलकर किया।

पर्चे छापने का ठेका कोलकाता के अरुण द्विवेदी की प्रिंटिंग प्रेस मेसर्स एकेडी प्रिंटर्स प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया था। कंपनी ने प्रिलिम्स के 2 पर्चे तैयार किए थे। इसमें सामान्य अध्ययन और छत्तीसगढ़ से संबंधित 100 प्रश्नों का प्रश्न पत्र था। सामान्य अभिरुचि (सीसेट) के 100 प्रश्नों का दूसरा प्रश्न पत्र शामिल था।

आरती ने कॉपी किया पेपर

कंपनी ने प्रश्न पत्र तैयार कर लिया और प्रिंट करने वाले थे। तभी आरती वासनिक ने प्रिंटिंग कंपनी के मालिक अरुण द्विवेदी को फोन कर पर्चे रिव्यू कराने के लिए बुलाया। जनवरी 2021 में उसका स्टाफ महेश दास सात सेट में प्रश्न पत्र लेकर रायपुर आया।

उसने सील बंद पर्चे आरती को सौंपे। आरती पर्चे लेकर घर चली गई। आरती ने उन्हें टामन और ललित के साथ मिलकर खोल लिया और कॉपी करवा ली। लिफाफा फिर से सील कर महेश को प्रिटिंग के ​​लिए वापस दे दिया।

क्या है CGPSC घोटाला

यह मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया।

इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच CBI को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए हैं।

171 पदों के लिए हुई थी भर्ती परीक्षा

CGPSC परीक्षा 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। प्री-एग्जाम 13 फरवरी 2022 को कराया गया। इसमें 2 हजार 565 पास हुए थे। इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को हुई मेंस परीक्षा में 509 अभ्यर्थी पास हुए। इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की सिलेक्शन लिस्ट जारी हुई थी।

12 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

CBI ने 19 सितंबर को 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें PSC की पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, PSC के पूर्व सचिव और रिटायर्ड IAS जीवनलाल ध्रुव, उनके बेटे सुमित ध्रुव, निशा कोसले और दीपा आदिल शामिल हैं।

इससे पहले 18 नवंबर को CBI ने तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर एंड इस्पात के तत्कालीन निदेशक श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार किया था।

इसके बाद 10 जनवरी को 5 और आरोपियों को हिरासत में लिया गया। जिनमें नितेश सोनवानी (तत्कालीन अध्यक्ष का भतीजा, डिप्टी कलेक्टर चयनित), ललित गणवीर (तत्कालीन डिप्टी परीक्षा नियंत्रक, CGPSC), शशांक गोयल, भूमिका कटियार (दोनों डिप्टी कलेक्टर चयनित) और साहिल सोनवानी (डीएसपी चयनित) शामिल हैं। ये सभी फिलहाल जेल में बंद हैं।

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कोरबा

विदाई समारोह में 12वीं कक्षा के स्टूडेंट्स को मेहनत से जीवन में आगे बढ़ने किया प्रेरित

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कोरबा। एसईसीएल कोरबा एरिया के डीएवी पब्लिक स्कूल कोरबा में कक्षा 12 वीं के छात्रों को विदाई देने समारोह का आयोजन किया। इससे स्कूल का वातावरण, उत्साह, स्मृतियों और भावनाओं से ओत-प्रोत रहा। सुबह स्कूल परिसर में हवन कर मंगलकामना की गई।

विदाई समारोह में 11 वीं के छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम, गीत, नृत्य और प्रेरणादायी प्रस्तुतियां दी। खेलों में 12 वीं के छात्रों ने हिस्सा लिया। विजेता प्रतिभागियों को प्राचार्य डॉक्टर चेतना शर्मा ने पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत से छात्र-छात्राएं जीवन में आगे बढ़ें। सदैव नैतिक मूल्यों, आत्मविश्वास व परिश्रम के मार्ग पर चलें। छात्रों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। कार्यक्रम में मंच संचालन कक्षा 11 वीं की छात्रा श्रिया रात्रे ने किया।

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कोरबा

कोरबा में पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट:निगम सभापति ने SP से की शिकायत, जेफरी एप्सटीन से जोड़ने का आरोप

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कोरबा। कोरबा नगर निगम के सभापति नूतनसिंह ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर वायरल आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर एसपी सिद्धार्थ तिवारी को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

शिकायत में बताया गया है कि वायरल पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बच्चों के यौन शोषण अपराधी जेफरी एप्सटीन का सहयोगी बताया जा रहा है। ‘राव साहब’ नामक फेसबुक आईडी से प्रधानमंत्री मोदी की एडिट की हुई तस्वीर पोस्ट कर उन्हें एप्सटीन फाइल से जोड़ने की कोशिश की गई है।

इसी तरह, ‘मलिक साहब’ नामक फेसबुक आईडी से भी एडिटेड फोटो के साथ अभद्र टिप्पणी पोस्ट की गई है। एक अन्य फेसबुक आईडी ‘समाजवादी विचारधारा’ से बिना किसी प्रमाण के प्रधानमंत्री मोदी पर मानसी सोनी नामक महिला का शारीरिक शोषण करने और उसे गायब करने जैसा गंभीर आरोप लगाया गया है।

सभापति ठाकुर ने बताया साजिश

सभापति नूतनसिंह ठाकुर ने शिकायत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सम्मानित नेता हैं। बिना सबूत इस तरह के आरोप लगाने से जनता में असम्मान और नाराजगी का माहौल बन रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि इन पोस्ट्स के जरिए कोरबा शहर और राज्य का सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक वातावरण बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।

भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई की मांग

ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री की तस्वीर एडिट कर झूठी खबरों में इस्तेमाल करना और अभद्र पोस्ट फैलाना भारतीय न्याय संहिता के तहत गंभीर अपराध है। उन्होंने फेसबुक इंडिया के सीईओ अजित मोहन को प्राथमिक रूप से जिम्मेदार बताते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी भी रहे मौजूद

शिकायत के दौरान सभापति नूतनसिंह ठाकुर के साथ अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी लक्ष्मण पटेल, अशोक पाल, महेश्वर सिंह, हरिश्चंद्र भारती, दीपक साहू और उत्तम आदिले भी मौजूद रहे। सभी ने पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई की मांग की।

एसपी ने जांच का दिया आश्वासन

एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

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कोरबा

कोरबा में सरकारी जमीन पर कब्जा:रातोंरात पक्के मकान का निर्माण किया जा रहा था, नगर निगम ने जारी किया नोटिस

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कोरबा। कोरबा नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर-28 स्थित हेलीपैड नर्सरी (ग्रीन जोन) में शासकीय जमीन पर रातोंरात पक्के मकान का निर्माण किया जा रहा था। एक कमरेनुमा प्लॉट काटकर दीवारें खड़ी की जा रही थीं। नगर निगम की नजर पड़ते ही निर्माण कार्य पर कार्रवाई करते हुए अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है।

नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि शासकीय भूमि पर कब्जा नियम खिलाफ है। हेलीपैड नर्सरी ग्रीन जोन में अवैध कब्जे को लेकर रवि शंकर जोन कार्यालय ने 7 तारीख को नोटिस जारी किया है। स्थल पर अभी भी निर्माण सामग्री और खड़ी दीवारें मौजूद हैं। आशंका है कि कब्जाधारी कभी भी यहां पूर्ण रूप से कब्जा कर सकता है।

माजिक भवन के पास हो रहा कब्जा

बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर कब्जा किया जा रहा है, उसके पास ही एक सामाजिक भवन भी बना हुआ है, जिसका उद्घाटन स्थानीय जनप्रतिनिधि ने किया था। जानकारी के अनुसार यह निर्माण कार्य संभवतः रात के समय किया गया, ताकि किसी को भनक न लगे।

वार्ड पार्षद कर चुके हैं कई बार शिकायत

हेलीपैड नर्सरी में अवैध कब्जे को लेकर वार्ड पार्षद पहले भी कई बार नगर निगम से शिकायत कर चुके हैं। कुछ साल पहले नगर निगम ने ग्रीन जोन में हुए अवैध कब्जों पर कार्रवाई की थी, लेकिन अब फिर से कब्जे की कोशिशें सामने आ रही हैं।

स्थानीय लोगों ने जताई चिंता

स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर के बीच स्थित यह हेलीपैड नर्सरी लोगों के लिए ऑक्सीजन जोन की तरह है। यहां सुबह-शाम लोग टहलने आते हैं। लोगों का कहना है कि धीरे-धीरे यहां कब्जे का खेल बढ़ता जा रहा है, जिससे हरे-भरे क्षेत्र का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।

सड़क किनारे पेड़ों पर लगे पोस्टर-बैनर

हेलीपैड नर्सरी के सड़क किनारे कई पेड़ों पर ऐसे बैनर-पोस्टर लगे हैं, जिनमें जमीन को प्रस्तावित बताया गया है। इस मामले में नगर निगम के संबंधित अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।

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