मुंबई,एजेंसी। इस साल धनतेरस पर खरीदारी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। ऑल इंडिया ट्रेडर्स कॉन्फेडरेशन (CAIT) के मुताबिक धनतेरस पर भारतीयों ने करीब 1 लाख करोड़ रुपए खर्च किए।
इसमें सोने-चांदी की खरीदारी ने बड़ा रोल निभाया। CAIT ने शनिवार (18 अक्टूबर) को बताया कि सिर्फ सोने-चांदी की बिक्री 60,000 करोड़ रुपए की रही, जो पिछले साल से 25% ज्यादा है।
धनतेरस हिंदू कैलेंडर के कार्तिक महीने की तेरहवीं तारीख को मनाया जाता है। इसे सोना, चांदी, बर्तन वगैरह खरीदने का शुभ मुहूर्त माना जाता है। ये चीजें समृद्धि का प्रतीक होती हैं।
ज्यादातर बिजनेस अब डिजिटल अकाउंटिंग पर शिफ्ट हो चुके हैं, लेकिन रस्म निभाने के लिए फिजिकल लेजर खरीदना अभी भी शुभ माना जाता है। मुंबई में धनतेरस की शॉपिंग के लिए दादर मार्केट में उमड़ी भीड़।
1. सोना-चांदी: 60 हजार करोड़ रुपए का सोना-चांदी खरीदा
भारतीयों ने धनतेरस पर 60,000 करोड़ रुपए का सोना-चांदी खरीदा जो पिछले साल से 25% ज्यादा है। CAIT की ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के नेशनल प्रेसिडेंट पंकज अरोड़ा ने कहा- पिछले दो दिनों में ज्वेलरी बाजारों में ऐसी भारी भीड़ लगी जैसी कभी नहीं देखी। अकेले दिल्ली में 10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की बिक्री हुई है।
हालांकि, इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने कहा कि रिकॉर्ड हाई दामों की वजह से सोने की बिक्री वॉल्यूम में 10% की गिरावट आई है, लेकिन कुल मूल्य में तेज उछाल आया है। उन्होंने कहा, पिछले साल धनतेरस पर करीब 39 टन सोना बिका था, लेकिन इस बार इसके 36 टन के आसपास रहने की उम्मीद है।
जेम एंड ज्वैलरी काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने भी कहा- इस साल धनतेरस पर पिछले साल के मुकाबले मात्रा में 10-15% की कमी आई है, लेकिन कुल मूल्य में तेज उछाल आया है। ऊंची कीमतों के बावजूद, स्मार्ट खरीदारी और जल्दी शादी की खरीद की वजह से ग्राहकों का जोश बरकरार है। सोने के सिक्कों की मांग सबसे ज्यादा रही।
इस साल सोना रू.53,422 और चांदी रू.83,213 महंगी हुई
इस साल अब तक सोने की कीमत 53,422 रुपए (70.14%) बढ़ी है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो अब 1,29,584 रुपए हो गया है।
चांदी का भाव भी इस दौरान 83,213 रुपए (96.74%) बढ़ गया है। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी की कीमत 86,017 रुपए थी, जो अब 1,69,230 रुपए प्रति किलो हो गई है।
2. बर्तन और किचन अप्लायंस: रू.15,000 करोड़ का सामान बिका
पारंपरिक रूप से, धनतेरस पर तांबा, चांदी या स्टील के सामान खरीदना शुभ माना जाता है, जो शुद्धता और समृद्धि का प्रतीक होता है। CAIT के मुताबिक…
धनतेरस पर बर्तन और किचन अप्लायंसेज सेगमेंट में 15,000 करोड़ रुपए की बिक्री हुई।
इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट में भी करीब 10,000 करोड़ रुपए के आइटम्स की बिक्री हुई है।
3,000 करोड़ रुपए के डेकोरेटिव आइटम्स, लैंप्स और पूजा सामग्री की बिक्री हुई।
12,000 करोड़ रुपए के ड्राई फ्रूट्स, मिठाइयां, फल, टेक्सटाइल्स और वाहन बिके।
धनतेरस पर मार्केट से लोगों ने तांबा, चांदी और स्टील के सामान खरीदे।
CAIT के सेक्रेटरी जनरल प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि जीएसटी दरों में कटौती और पीएम नरेंद्र मोदी के ‘लोकल प्रोडक्ट्स’ को बढ़ावा देने की मुहिम ने खर्च बढ़ाने में मदद की।
उन्होंने कहा- लोग भारतीय प्रोडक्ट्स को तरजीह दे रहे हैं, जिससे छोटे व्यापारी कारीगर और मैन्युफैक्चरर्स को फायदा हो रहा है। ट्रेडिशनल मार्केट, ज्वैलरी बाजार और लोकल दुकानों के साथ-साथ मॉडर्न शॉपिंग मॉल्स में भी धनतेरस पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखी गई।
पैनासोनिक लाइफ सॉल्यूशंस के डायरेक्टर और हेड-सेल्स कंज्यूमर डिविजन संदीप सेठगल ने कहा- इस धनतेरस पर सुबह से ही अच्छा कस्टमर टर्नआउट देखने को मिला। लार्ज स्क्रीन टीवी, खासकर 55 इंच और ऊपर वाले मोमेंटम लीड कर रहे हैं। टीवी और RAC कैटेगरी में पिछले साल के धनतेरस से करीब 30% ग्रोथ की उम्मीद हैं।
3. ऑटोमोबाइल: 2 दिन में करीब 8 हजार करोड़ की कार बिक्री
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) ने करीब 1 लाख कारों की बिक्री का अनुमान लगाया है। ये जीएसटी 2.0 रिफॉर्म्स के कारण है। सभी कैटेगरी में 20-25% साल-दर-साल ग्रोथ रही। कुल कारोबार करीब 8 हजार करोड़ रहने की उम्मीद है।
कार मार्केट की लीडर मारुति सुजुकी इंडिया ने कहा कि धनतेरस पर करीब 50,000 कारें बिकने की उम्मीद है। पिछले साल करीब 42 हजार कारें बिकी थी। वहीं हुंडई मोटर इंडिया ने भी करीब 14,000 कारें बेची जो एक साल पहले की तुलना में 20% ज्यादा है।
मारुति सुजुकी इंडिया को धनतेरस पर करीब 50,000 कारें बिकने की उम्मीद है।
मारुति सुजुकी इंडिया के सीनियर एक्जीक्यूटिव ऑफिसर पार्थो बनर्जी ने कहा- इस साल धनतेरस शनिवार-रविवार दोनों दिन है। भले ही कई कस्टमर्स शनिवार को मेटल (यानी वाहन) खरीदने से कतराते हैं, लेकिन मारुति ने शनिवार को करीब 41,000 डिलीवरी का लक्ष्य रखा था। आज डिलीवरी लेने से हिचकने वाले करीब 10,000 कस्टमर्स रविवार को डिलीवरी ले लेंगे। इस तरह हम 50,000 का आंकड़ा भी पार करने की उम्मीद कर रहे हैं।
हुंडई मोटर्स के MD एंड CEO तरुण गर्ग ने कहा- हम मजबूत कस्टमर डिमांड देख रहे हैं, डिलीवरी करीब 14 हजार यूनिट्स के आसपास रहने की उम्मीद है, जो पिछले साल से 20% ज्यादा है। ये पॉजिटिव मोमेंटम फेस्टिव स्पिरिट, बुलिश मार्केट एनवायरनमेंट और जीएसटी 2.0 रिफॉर्म्स के अच्छे इम्पैक्ट से आ रहा है। उन्होंने ये भी कहा कि इस साल धनतेरस पर शनिवार होने के कारण कार की डिलीवरी कई दिनों में फैली हुई है।
दो बड़े प्लेयर्स के अलावा, बाकी बड़ी कार कंपनियां-टोयोटा किर्लोस्कर, टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और किआ इंडिया करीब 35 हजार कारें डिलीवर कर रही हैं। टोयोटा के हाइब्रिड रेंज और फॉर्च्यूनर की पॉपुलैरिटी है। वहीं टाटा की नेक्सॉन-पंच और महिंद्रा की स्कॉर्पियो-एन और XUV700 की डिमांड है। किआ की सेल्टोस-सोनेट की भी डिमांड है।
लखनऊ, एजेंसी। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) जयप्रकाश चतुर्वेदी का देर रात निधन हो गया। उन्होंने लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन भाजपा के वरिष्ट नेता कलराज मिश्र ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कहा कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, कुशल संगठनकर्ता, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रचारक, पूर्व संगठन मंत्री एवं पूर्व विधान परिषद सदस्य आदरणीय जयप्रकाश चतुर्वेदी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। उनका निधन मेरे लिए एक अपूरणीय व्यक्तिगत क्षति है।
चतुर्वेदी का संगठन के प्रति समर्पण, कार्यकर्ताओं के प्रति आत्मीयता और राष्ट्रसेवा का उनका संपूर्ण जीवन सदैव स्मरणीय एवं प्रेरणादायी रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों एवं उनके असंख्य शुभचिंतकों को इस गहन दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। इसी कड़ी उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त कर विनम्र श्रद्धांजलि दी।
आप को बता दें कि जयप्रकाश चतुर्वेदी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के कोन क्षेत्र के ग्राम चांची, पोस्ट चाची कलां के निवासी थे। वे राजवंशी देवी इंटर कॉलेज के प्रबंधक भी थे। लंबे समय तक उन्होंने सामाजिक, शैक्षिक और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन पर भाजपा नेताओं के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त किया। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। जयप्रकाश चतुर्वेदी के निधन को क्षेत्र की सामाजिक और राजनीतिक जीवन की बड़ी क्षति माना जा रहा है।
कीव, एजेंसी। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच काला सागर क्षेत्र एक बार फिर हिंसा की चपेट में आ गया है। यूक्रेन के प्रमुख ओडेसा बंदरगाह पर एक व्यापारिक जहाज पर हुए हमले में चार भारतीय नागरिक भी सवार थे। यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि दो भारतीय सुरक्षित हैं, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। दूतावास संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और बचाव अभियान पर नजर बनाए हुए है। एमवी एजीएन रैग्नर (MV AGN Ragnar) ओडेसा बंदरगाह पर हमले की चपेट में आ गया। ओडेसा काला सागर क्षेत्र में यूक्रेन का सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह है और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से यह कई बार हमलों का निशाना बन चुका है।
यूक्रेन में भारतीय दूतावास के अनुसार, घटना के समय जहाज पर चार भारतीय नागरिक मौजूद थे। अब तक मिली जानकारी के अनुसार दो भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। दो अन्य भारतीयों के बारे में अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है। उनकी तलाश के लिए सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। भारतीय दूतावास ने जारी बयान में कहा कि वह इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखे हुए है। दूतावास संबंधित यूक्रेनी अधिकारियों के संपर्क में है ताकि लापता भारतीयों का जल्द पता लगाया जा सके और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि जहाज पर हमला किसने किया और किन परिस्थितियों में यह घटना हुई। जहाज पर कुल कितने चालक दल के सदस्य थे, इसकी भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
अधिकारियों ने अभी तक चारों भारतीयों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। साथ ही जहाज पर उनकी जिम्मेदारियों और पदों के बारे में भी कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है। रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते काला सागर क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही लगातार जोखिम भरी बनी हुई है। हाल के महीनों में कई व्यापारी जहाज मिसाइल और ड्रोन हमलों की चपेट में आए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
चंडीगढ़, एजेंसी। रू. 657 करोड़ के चर्चित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाला मामले में गिरफ्तार हरियाणा के पूर्व आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल ने सीबीआई की विशेष अदालत में दायर अपनी नियमित जमानत याचिका में सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने अदालत के समक्ष कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में न कभी किसी से रिश्वत मांगी और न ही कोई रिश्वत स्वीकार की। उनकी भूमिका केवल अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को प्रशासनिक स्वीकृति देने तक सीमित थी।
पंकज अग्रवाल को सीबीआई ने 22 जून को गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ दर्ज रू. 657 करोड़ के बैंक घोटाले के मामले में नियमित जमानत याचिका पर पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत 30 जुलाई को सुनवाई करेगी।
जमानत याचिका में अग्रवाल ने कहा है कि जांच एजेंसी अब तक ऐसा कोई प्रत्यक्ष या ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी है, जिससे यह साबित हो कि उनका कथित बैंक धोखाधड़ी या किसी आपराधिक षड्यंत्र से कोई संबंध था। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद का आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में खाता खोलने संबंधी प्रस्ताव विभागीय अधिकारियों की संस्तुति पर स्वीकृत किया गया था और संबंधित खाता खोलने के प्रपत्रों पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं हैं।
सीबीआई ने अपनी जांच में आरोप लगाया था कि पंकज अग्रवाल ने हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के बैंक खाते आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में खुलवाने में सहायता की तथा उन्हें लगभग रू. 60.54 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन की जानकारी थी।
हालांकि, अग्रवाल ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि बैंक खाते खोलने के समय उन्हें किसी प्रकार की अनियमितता या बाद में खातों से कथित धोखाधड़ी के जरिए धन निकासी की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रारंभिक स्तर पर तय की गई रू. 50 करोड़ की सीमा बाद में हटा दी गई थी, जिससे यह आरोप भी कमजोर पड़ जाता है कि प्रशासनिक निर्णय स्वयं अवैध था।
जमानत अर्जी में यह भी तर्क दिया गया है कि सीबीआई ने एक सामान्य प्रशासनिक निर्णय को आपराधिक षड्यंत्र का रूप देने का प्रयास किया है। याचिका में कहा गया है कि केवल इस आधार पर किसी अधिकारी को आपराधिक साजिश का आरोपी नहीं ठहराया जा सकता कि उसके प्रशासनिक निर्णय का बाद में किसी तीसरे पक्ष ने कथित रूप से अनुचित लाभ उठा लिया।
अब इस मामले में सभी की निगाहें 30 जुलाई को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत पंकज अग्रवाल की नियमित जमानत याचिका पर फैसला सुनाएगी।