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छपरा में PM बोले- कांग्रेस, RJD का नुकसान चाहती है:बिहारियों को गाली देने वालों को प्रचार में बुला रही है, बड़ी साजिश चल रही

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छपरा, सारण,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आज गुरुवार को मुजफ्फरपुर और छपरा में चुनावी सभा हुई। इस दौरान पीएम ने कांग्रेस-राजद पर जमकर हमला बोला।

छपरा में सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘नरेंद्र-नीतीश आपके सपने को पूरा करने में जुटे हैं। वहीं कांग्रेस-राजद वाले बिहार और बिहारियों का अपमान करते हैं।

तेलंगाना और कर्नाटक में कांग्रेस के नेता बिहारियों को गालियां देते हैं। तमिलनाडु में डीएमके नेता बिहारियों को प्रताड़ित करते हैं। और इस बार के चुनाव में तो कांग्रेस ने सारी हदें पार कर दी है।

जिन लोगों ने बिहार को गालियां दीं, उन्हें कांग्रेस ने चुनाव प्रचार के लिए बुलाया। ये सोची-समझी साजिश के तहत हो रहा है। कांग्रेस चाहती है कि राजद का चुनाव में नुकसान हो, इसलिए उन्हें प्रचार के लिए बुला रही है। ये एक उदाहरण है कि कांग्रेस-राजद की लड़ाई कितनी बड़ी होती जा रही है।’

मुजफ्फरपुर में पूर्व मंत्री अजीत कुमार ने अपना पहना शॉल उतारकर पीएम मोदी को पहना दिया।

मुजफ्फरपुर में पूर्व मंत्री अजीत कुमार ने अपना पहना शॉल उतारकर पीएम मोदी को पहना दिया।

घोषणा पत्र नहीं रेट लिस्ट है

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘जंगलराज के नेता आपको लगातार गुमराह कर रहे हैं, आपको लालच दे रहे हैं।’

‘आरजेडी का घोषणापत्र, कांग्रेस का घोषणापत्र, घोषणापत्र नहीं है। उन्होंने अपनी रेट लिस्ट बता दी है। उनकी हर घोषणा के पीछे असली मकसद जबरन वसूली, फिरौती, लूट, भ्रष्टाचार, ये सब है।’

मुजफ्फरपुर में कहा- राहुल ने छठ मइया का अपमान किया

इससे पहले मोदी ने मुजफ्फरपुर में कांग्रेस-राजद पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने जंगलराज से लेकर कांग्रेस-राजद के चुनावी प्रचार को लेकर हमला बोला।

अपने 52 मिनट के भाषण में पीएम ने कहा, ‘हमारी सरकार छठ महापर्व को यूनेस्को की विश्व विरासत की सूची में शामिल कराने की कोशिश में है। एक ओर आपका बेटा छठी मइया की जयकार दुनिया में कराने में लगा है।’

‘दूसरी तरफ कांग्रेस-राजद छठी मइया का अपमान कर रहे हैं। क्या कोई कभी भी वोट पाने के लिए छठी मइया का अपमान कर सकता है क्या। बिहार और देश की जनता ये अपमान कभी नहीं भूलेगी। इसका मुंहतोड़ जवाब देगी।’

राष्ट्रीय जनता दल के शासन को याद दिलाते हुए पीएम ने उस दौरान हुए अपहरण, हत्याओं का जिक्र करते हुए कहा, ‘RJD और कांग्रेस वालों की पहचान सिर्फ 5 चीजों से है। कट्‌टा, क्रूरता, कटुता, कुशासन, करप्शन ये जंगल राज की पहचान है।’

कट्टा-क्रूरता इनकी पहचान है

पीएम मोदी ने कहा कि, ‘विकसित भारत के लिए बिहार का विकसित होना जरूरी है। RJD और कांग्रेस कभी भी बिहार को विकसित नहीं बना सकते हैं।’

‘इन लोगों ने बिहार पर कई सालों तक राज किया। इन लोगों ने आपके साथ सिर्फ विश्वासघात किया है। जहां कट्टा, क्रूरता का राज हो, वहां कानून दम तोड़ देता है।’

‘जहां कटुता बढ़ाने वाली RJD और कांग्रेस हो, वहां समाज में सद्भाव मुश्किल होता है। जहां RJD और कांग्रेस का कुशासन हो, वहां विकास का नामो-निशान नहीं होता है। जहां करप्शन हो, वहां सामाजिक न्याय नहीं मिलता, ऐसे लोग कभी भी बिहार का भला नहीं कर सकते।’

PM मोदी की स्पीच की 10 बड़ी बातें

  • छठ का अपमान करने वालों को मत भूलिएगा: आपने देखा है कि आपका ये बेटा तो छठी मैया की जय-जयकार दुनिया में कराने में लगा है। दूसरी तरफ ये कांग्रेस और RJD के लोग छठी मैया का अपमान कर रहे हैं। क्या ऐसा अपमान, बिहार, हिंदुस्तान और मेरी माताएं जो निर्जला उपवास करती हैं, वो सहन कर सकती हैं। क्या बिहार की माताएं-बहनें छठी मैया का ये अपमान बर्दाश्त करेंगी। मैं जानता हूं कि छठी मैया के इस अपमान को बिहार का कोई भी व्यक्ति नहीं भूलेगा।
  • लीची, मगही पान, मखाना और छठ का जिक्र: मैं मुजफ्फरपुर आता हूं, तो सबसे पहले यहां की मिठास ध्यान खींच लेती है। यहां की लीची जितनी मीठी होती है, उतनी ही मीठी आपकी बोली भी है। बिहार पहचान लीची, मगही पान, मखाना से है। हमारी सरकार का प्रयास है कि दुनिया भी इन मूल्यों से सीखे। हम छठ महापर्व को मानवता के महापर्व के रूप में UNESCO की विश्व विरासत की सूची में शामिल कराने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं।
  • फिर एक बार NDA सरकार का नारा दिया: आपकी भीड़ देखकर साफ समझ आ रहा है कि इस बार बिहार में सुशासन की सरकार आ रही है। इस बार NDA की सरकार बनने जा रही है। कहिए फिर एक बार सुशासन सरकार फिर एक बार NDA सरकार।
  • भ्रष्टाचार पर RJD-कांग्रेस को घेरा: ऐसे लोग कभी बिहार का भला नहीं कर सकते हैं। साथियों बिहार को आगे बढ़ाने के लिए उद्योग चाहिए। उद्योग के लिए जमीन, बिजली, कनेक्टिविटी और कानून का राज चाहिए। जिनका इतिहास जमीन कब्जाने का है वो बिहार का विकास कर सकता है क्या। जिन्होंने रेल को रेल को लूटा वो बिहार में कनेक्टिविटी बढ़ाएंगे क्या। जिन्होंने भ्रष्टाचार के रिकॉर्ड तोड़ दिए वो कानून का राज ला सकते हैं क्या। बिहार ने कांग्रेस-RJD का कुशासन देखा है।
  • PM ने गोलू अपहरण कांड का जिक्र किया: जंगलराज में गाड़ियों के शोरूम लूट लिए जाते थे। गोलू अपहरण कांड तो आपने सुना होगा। किडनैपिंग के बाद छोटे से बच्चे के टुकड़े कर दिए गए थे। RJD-कांग्रेस के राज में ये अपहरण हुआ था। इनके राज में 35 से 40 हजार अपहरण हुए। रोते-बिलखते मां बाप से RJD को कोई फर्क नहीं पड़ता था। RJD और कांग्रेस वालों की पहचान सिर्फ 5 चीजों से है। कट्‌टा, क्रूरता, कटुता, कुसाशन, करप्शन ये जंगल राज की पहचान है।
  • जैसी पार्टी वैसा इनका प्रचार: ये RJD और कांग्रेस वाले जैसी इनकी पार्टी है वैसा ही इन लोगों का चुनाव प्रचार है। प्रचार में देखिए कैसे गाने बज रहे हैं। कट्‌टा, दुनाली ऐसे गानों के साथ ये लोग अपना चुनाव प्रचार कर रहे हैं। क्या ये लोग बिहार में कभी सुशासन ला सकते हैं। साथियों ये कभी सुशासन नहीं ला सकते हैं।
  • RJD-कांग्रेस दलित विरोधी है: RJD और कांग्रेस वाले कभी दलितों को सम्मान नहीं दिलवा सकते हैं। ये बाबा साहेब की तस्वीर को अपने पैरों में रखते हैं। हमने डिजिटल पेमेंट के नाम पर एप का नाम भीम एप रखा है। सभी को सामाजिक न्याय मिले सबको सम्मान मिले यही बीजेपी और NDA का मूल मंत्र है।
  • नरेंद्र-नीतीश, हम महिला सशक्तिकरण के लिए खड़े हैं: हमने घर दिया तो पेपर बहनों के नाम पर दिए। 1 करोड़ 20 लाख बहनों के खाते में 10-10 हजार रुपए भेजे गए। इन पैसों से बहनें अपना व्यवसाय शुरू कर रही हैं। मैं विश्वास दिलाता हूं। हम यहीं नहीं रुकेंगे बहनों को आगे बढ़ाने के लिए फिर पैसे दिए जाएंगे।
  • युवराजों ने झूठे वादों की पोटली खोली: एक भारत के सबसे भ्रष्ट परिवार का युवराज और बिहार के सबसे भ्रष्ट परिवार का युवराज। ये दोनों करोड़ों के घोटालों में जमानत पर हैं। इन दोनों ने मोदी को भर-भर के मोदी को गालियां दीं। जो लोग नामदार हैं वो इस कामदार को तो गालियां तो देंगे हीं। मुझे गाली दिए बिना उनका खाना नहीं पचता है।
  • महागठबंधन का रिश्ता तेल-पानी की तरह: इस चुनाव में RJD-कांग्रेस का रिश्ता खुलकर सामने आ रहा है। दोनों का रिश्ता तेल पानी की तरह है। खबरें आ रही हैं कि कैसे RJD के लोग कांग्रेस के लोगों को नीचे धकेल रहे हैं। कल इन्होंने ये दिखाना की बहुत कोशिश की, कि कोई झगड़ा नहीं है, लेकिन सभी को पता है की क्या चल रहा है। इन्हें जो चीज एक साथ लाई है वो है सत्ता। ये सत्ता में आकर बिहार को लूटना चाहते हैं।
  • अब जानिए छठ मइया के अपमान का मामला क्या है
    राहुल गांधी ने 29 अक्टूबर को मुजफ्फरपुर में सभा के दौरान कहा था, मोदी छठ पूजा का ड्रामा कर रहे हैं, यमुना की बजाए स्विमिंग पुल में नहाते हैं। राहुल ने आरोप लगाया था कि यह छठ पूजा वोट हासिल करने के लिए किया गया नाटक है। मोदी वोट के लिए मंच पर नाच भी सकते हैं। उन्होंने कहा था मोदी को छठ पूजा या बिहार की परंपरा से कोई लेना-देना नहीं है, उनका मकसद केवल वोट लेना है।
    राहुल गांधी के इस बयान पर बीजेपी हमलावर है। पार्टी के सीनियर नेता हर जनसभा में इसे छठी मइया का अपमान बता रहे हैं।


    छपरा में चिराग पासवान ने पीएम मोदी का अभिवादन किया।
    छपरा में चिराग पासवान ने पीएम मोदी का अभिवादन किया।

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पूर्व विधान परिषद सदस्य जयप्रकाश चतुर्वेदी का निधन, भाजपा नेताओं में शोक की लहर

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former legislative council member jaiprakash chaturvedi passes away wave of mou

लखनऊ, एजेंसी। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) जयप्रकाश चतुर्वेदी का देर रात निधन हो गया। उन्होंने लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन भाजपा के वरिष्ट नेता कलराज मिश्र ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कहा कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, कुशल संगठनकर्ता, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रचारक, पूर्व संगठन मंत्री एवं पूर्व विधान परिषद सदस्य आदरणीय जयप्रकाश चतुर्वेदी  के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। उनका निधन मेरे लिए एक अपूरणीय व्यक्तिगत क्षति है।

चतुर्वेदी का संगठन के प्रति समर्पण, कार्यकर्ताओं के प्रति आत्मीयता और राष्ट्रसेवा का उनका संपूर्ण जीवन सदैव स्मरणीय एवं प्रेरणादायी रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों एवं उनके असंख्य शुभचिंतकों को इस गहन दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। इसी कड़ी उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त कर विनम्र श्रद्धांजलि दी।

आप को बता दें कि जयप्रकाश चतुर्वेदी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के कोन क्षेत्र के ग्राम चांची, पोस्ट चाची कलां के निवासी थे। वे राजवंशी देवी इंटर कॉलेज के प्रबंधक भी थे। लंबे समय तक उन्होंने सामाजिक, शैक्षिक और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन पर भाजपा नेताओं के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त किया। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। जयप्रकाश चतुर्वेदी के निधन को क्षेत्र की सामाजिक और राजनीतिक जीवन की बड़ी क्षति माना जा रहा है।

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रूस-यूक्रेन युद्ध में फंसे भारतीय: ओडेसा पोर्ट पर इंडियन क्रू वाले जहाज पर हमला, 2 हिंदुस्तानी नागरिक लापता

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odesa port strike hits vessel with four indians two safe and two untraced

कीव, एजेंसी। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच काला सागर क्षेत्र एक बार फिर हिंसा की चपेट में आ गया है। यूक्रेन के प्रमुख ओडेसा बंदरगाह पर एक व्यापारिक जहाज पर हुए हमले में चार भारतीय नागरिक भी सवार थे। यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि दो भारतीय सुरक्षित हैं, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। दूतावास संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और बचाव अभियान पर नजर बनाए हुए है। एमवी एजीएन रैग्नर (MV AGN Ragnar) ओडेसा बंदरगाह पर हमले की चपेट में आ गया। ओडेसा काला सागर क्षेत्र में यूक्रेन का सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह है और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से यह कई बार हमलों का निशाना बन चुका है।

यूक्रेन में भारतीय दूतावास के अनुसार, घटना के समय जहाज पर चार भारतीय नागरिक मौजूद थे। अब तक मिली जानकारी के अनुसार दो भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। दो अन्य भारतीयों के बारे में अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है। उनकी तलाश के लिए सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। भारतीय दूतावास ने जारी बयान में कहा कि वह इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखे हुए है। दूतावास संबंधित यूक्रेनी अधिकारियों के संपर्क में है ताकि लापता भारतीयों का जल्द पता लगाया जा सके और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि जहाज पर हमला किसने किया और किन परिस्थितियों में यह घटना हुई। जहाज पर कुल कितने चालक दल के सदस्य थे, इसकी भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

अधिकारियों ने अभी तक चारों भारतीयों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। साथ ही जहाज पर उनकी जिम्मेदारियों और पदों के बारे में भी कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है। रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते काला सागर क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही लगातार जोखिम भरी बनी हुई है। हाल के महीनों में कई व्यापारी जहाज मिसाइल और ड्रोन हमलों की चपेट में आए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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IDFC बैंक घोटाला: मामले में गिरफ्तार पूर्व IAS पंकज अग्रवाल ने कहा- न रिश्वत मांगी, न ली, सिर्फ प्रशासनिक मंजूरी दी

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idfc bank scam former ias officer pankaj agarwal arrested in the case stated

चंडीगढ़, एजेंसी। रू. 657 करोड़ के चर्चित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाला मामले में गिरफ्तार हरियाणा के पूर्व आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल ने सीबीआई की विशेष अदालत में दायर अपनी नियमित जमानत याचिका में सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने अदालत के समक्ष कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में न कभी किसी से रिश्वत मांगी और न ही कोई रिश्वत स्वीकार की। उनकी भूमिका केवल अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को प्रशासनिक स्वीकृति देने तक सीमित थी।

पंकज अग्रवाल को सीबीआई ने 22 जून को गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ दर्ज रू. 657 करोड़ के बैंक घोटाले के मामले में नियमित जमानत याचिका पर पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत 30 जुलाई को सुनवाई करेगी।

जमानत याचिका में अग्रवाल ने कहा है कि जांच एजेंसी अब तक ऐसा कोई प्रत्यक्ष या ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी है, जिससे यह साबित हो कि उनका कथित बैंक धोखाधड़ी या किसी आपराधिक षड्यंत्र से कोई संबंध था। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद का आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में खाता खोलने संबंधी प्रस्ताव विभागीय अधिकारियों की संस्तुति पर स्वीकृत किया गया था और संबंधित खाता खोलने के प्रपत्रों पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं हैं।

सीबीआई ने अपनी जांच में आरोप लगाया था कि पंकज अग्रवाल ने हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के बैंक खाते आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में खुलवाने में सहायता की तथा उन्हें लगभग रू. 60.54 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन की जानकारी थी।
हालांकि, अग्रवाल ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि बैंक खाते खोलने के समय उन्हें किसी प्रकार की अनियमितता या बाद में खातों से कथित धोखाधड़ी के जरिए धन निकासी की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रारंभिक स्तर पर तय की गई रू. 50 करोड़ की सीमा बाद में हटा दी गई थी, जिससे यह आरोप भी कमजोर पड़ जाता है कि प्रशासनिक निर्णय स्वयं अवैध था।

जमानत अर्जी में यह भी तर्क दिया गया है कि सीबीआई ने एक सामान्य प्रशासनिक निर्णय को आपराधिक षड्यंत्र का रूप देने का प्रयास किया है। याचिका में कहा गया है कि केवल इस आधार पर किसी अधिकारी को आपराधिक साजिश का आरोपी नहीं ठहराया जा सकता कि उसके प्रशासनिक निर्णय का बाद में किसी तीसरे पक्ष ने कथित रूप से अनुचित लाभ उठा लिया।

अब इस मामले में सभी की निगाहें 30 जुलाई को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत पंकज अग्रवाल की नियमित जमानत याचिका पर फैसला सुनाएगी।

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