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छत्तीसगढ़

जनजातीय समाज के हितों की रक्षा में समर्पित था बाबा कार्तिक उरांव जी का जीवन

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जनजाति सुरक्षा मंच संगोष्ठी : बाबा कार्तिक उरांव जी की शताब्दी जयंती समारोह
रायपुर। जनजातीय समाज के राष्ट्र नायक, महान शिक्षाविद और समाज सेवी बाबा कार्तिक उरांव की जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा रोहणीपुरम के शबरी कन्या आश्रम में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में पूर्व केंद्रीय मंत्री और जनजातीय नेता अरविंद नेताम सहित भारतीय पुलिस सेवा के रिटायर्ड अधिकारी डॉ अरुण उरांव सहित वक्ताओं ने पाने विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी में बाबा कार्तिक उरांव के जनजातीय समाज के उत्थान, शिक्षा के प्रसार और सामाजिक एकता के लिए किए गए प्रयासों पर चर्चा हुई।

समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम ने इस दौरान समाज की संस्कृति, सभ्यता, परंपराओं और रीति रिवाजों पर बाबा कार्तिक उरांव की सोच से अवगत कराया। unhone ‘डीलिस्टिंग’ जैसे महत्त्वपूर्ण विषय पर भी विचार प्रस्तुत किए। अरविंद नेताम ने कहा कि जनजातीय समाज की अस्मिता और अधिकारों की सुरक्षा के लिए डीलिस्टिंग की मांग अत्यंत आवश्यक है, जिससे आरक्षण एवं विशेष सरकारी सुविधाएँ केवल मूल जनजातीय समाज को मिलें। श्री नेताम ने बाबा कार्तिक उरांव जी के योगदान का भी उल्लेख किया, जिनका जीवन समाज सेवा, शिक्षा और आत्म-सम्मान के लिए समर्पित रहा।उन्होंने बाबा जी के दिखाये रास्ते पर चलकर जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास का संकल्प लेने की भी अपील की।
मुख्य वक्ता के रूप में रांची से आए भारतीय पुलिस सेवा के रिटायर्ड डॉ. अधिकारी अरुण उरांव ने ‘डीलिस्टिंग’ के सामाजिक, ऐतिहासिक एवं संवैधानिक पहलुओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने अपने वक्तव्य में यह भी बताया कि बाबा कार्तिक उरांव जी ने अत्यंत संघर्षों के बीच अपनी शिक्षा पूरी की और देश-विदेश के प्रमुख संस्थानों से 11 से अधिक डिग्रियां और उपाधियां अर्जित कीं। उनका जीवन और उपलब्धियाँ आज भी जनजातीय समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। और हम सब मिल कर बाबा कार्तिक उरांव जी के अधूरे कार्य (डीलिस्टिंग)को पूर्ण करने का संकल्प करना चाहिए ।
संगोष्ठी में पूर्व सांसद एवं राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष, डॉ. नंदकुमार साय भी उपस्थित रहे। उन्होंने जनजातीय समाज की राष्ट्रीय एकता, अधिकार और सामाजिक जागरूकता के संदर्भ में अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता गोरखनाथ बघेल , प्रांत संयोजक, जनजाति सुरक्षा मंच, उरांव समिति ने की।

समारोह में बड़ी संख्या में जनजातीय समाजसेवी, शिक्षाविद्, महिला प्रतिनिधि एवं युवाओं की भागीदारी रही।इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य अधिकार, अस्तित्व और अस्मिता की रक्षा हेतु जागरूकता फैलाना एवं समाज में संवाद स्थापित करना रहा।

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कोरबा

नम: सामूहिक विवाह का दिव्य आयोजन:108 दिव्यांग/निर्धन जोड़ों को मिला पंडित धीरेंद्र शास्त्री का सानिध्य एवं राज्यपाल रमेन डेका सहित लाखों हाथों का शुभ आशीर्वाद

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शुभता का संदेश:नवदम्पत्तियों का जीवन सुख-समृद्ध एवं खुशहाल बने-नमन पाण्डेय

कोरबा/ढपढप। अपना आश्रम सेवा समिति के आयोजकत्व में माँ सर्वमंगला देवी मंदिर दुरपा प्रबंधन की पहल पर 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याएं ढपढप की पावन धरती में परिणय सूत्र में आबद्ध हुए। नवदाम्पत्य जीवन में प्रवेश करने पर अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जहां सानिध्य मिला, वहीं छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल रमेन डेका सहित लाखों हाथों का शुभ आशीर्वाद मिला। माँ सर्वमंगला देवी मंदिर के प्रबंधक, पुजारी एवं राजपुरोहित पंडित नमन पाण्डेय (नन्हा महराज) ने शुभता का संदेश दिया और कहा कि नवयुगल नवदाम्पत्य जीवन में सुख-समृद्धि एवं खुशहाल जीवन को प्राप्त करें। श्री पाण्डेय ने कहा कि मातारानी के आशीर्वाद से हमें यह सौभाग्य प्राप्त हुआ कि हम इतना विशाल और भव्यता के साथ यह नेक कार्य कर सके।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री की दिव्य वाणी से गूंजता रहा मंत्रोच्चार

ढपढप की पावन धरती में जब 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याएं शादी के जोड़े में सजधज कर कथा स्थल/विवाह स्थल पहुंचे तो हजारों लोग जहां कन्यादान के लिए घराती बने, वहीं दुल्हों की ओर से भी बाराती के रूप में हजारों लोग शामिल हुए और जब सौभाग्यकांक्षी, चिरंजीवियों का मिलन हुआ, तो चारों तरफ से सुख-समृद्धि एवं खुशहाल जीवन का आशीर्वाद के लिए पुष्पवर्षा हुई और जब युगल सात फेरे ले रहे थे, तो हनुमंत भक्त पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के श्रीमुख से दिव्य मंत्रोच्चार चारों तरफ गूंजने लगा। घराती-बाराती इस दिव्य नम: सामूहिक विवाह से उल्लास और उमंग के साथ नाचने, गाने लगे। इस दिव्य दृश्य को देखकर हर कोई रोमांचित हो रहा था। दिव्यांगों और निर्धनों के इस अनुपम परिणय उत्सव को देखकर ऐसा लग रहा था, मानो प्रकृति ने भी अपनी सारी खुशी इन नवयुगलों के जीवन में उड़ेल दिया हो और इन्हें आशीर्वाद दे रही हो। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सानिध्य में यह जीवन का उत्सव सम्पन्न हुआ और उनका शुभ आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ।
राज्यपाल रमेन डेका ने नवयुगलों को दिया शुभ आशीर्वाद, 05-05 हजार देने की घोषणा

प्रोटोकाल के तहत छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ठीक 11.00 बजे परिणय स्थल ढपढप पहुंचे और नवयुगलों को अपना शुभ आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से सभी नवदम्पत्तियों को 05-05 हजार देने की घोषणा की।
आयोजन समिति ने उपहार देकर नवदम्पत्तियों को विदा किया

आयोजन समिति दिव्यांगों एवं निर्धन कन्याओं का अभिभावक के रूप में शादी का खर्चा उठाया और नवयुगलों को उपहार दिया। आयोजन समिति ने 108 निर्धन/दिव्यांग कन्याओं को नवदाम्पत्य जीवन में प्रवेश करने पर अपना शुभ आशीर्वाद प्रदान किया।
लाखों हाथों ने दिया शुभ आशीर्वाद

कोरबा में पहली बार दिव्यता, भव्यता और इतना बड़ा विशाल जनसमूह ढपढप की पावन धरती पर दिखा। एक तरफ 05 दिवसीय दिव्य श्रीहनुमंत कथा सम्पन्न हो रही थी, दूसरी तरफ 108 निर्धन एवं दिव्यांग कन्याओं का घर बस रहा था। करीब 01.00 लाख लोग यहां मौजूद थे। लाखों हाथों ने इन दिव्य एवं गरीब कन्याओं को पूरे मन से अपना शुभ आशीर्वाद प्रदान किया और खुशहाल, समृद्ध जीवन के लिए प्रभु से कामना की।
शुभता का संदेश:नवयुगलों का जीवन सुख-समृद्ध एवं खुशहाल बने-नमन पाण्डेय

इस दिव्य आयोजन की सफलता के लिए आयोजन समिति और कोरबा वासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए नमन पाण्डेय ने दिव्यांग/निर्धन 108 कन्याओं के नवजीवन में प्रवेश करने पर शुभता का संदेश दिया और कहा कि मातारानी नवदम्पत्तियों के जीवन में खुशहाली एवं समृद्धि लाए और उनके जीवन को वैभवशाली बनाए।

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कोरबा

रेशम उद्योग सहाकारी समिति मर्यादित करतला का मतदाता सूची प्रकाशित

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दावा-आपत्ति 11 अप्रैल तक आमंत्रित

कोरबा। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी रेशम उद्योग सहाकारी समिति मर्यादित करतला पंजीयन क्रमांक 3163 एस.के.कंवर द्वारा सोसायटी के सदस्यों का मतदाता सूची का प्रकाशन 02 अप्रैल 2026 को किया जाकर दावा-आपत्ति 11 अप्रैल तक आमंत्रित किया गया है। दावा-आपत्ति लिखित में मय प्रमाण के टी.पी.हंस सचिव के पास 11 अप्रैल  तक कार्यालयीन समय पर सोसायटी के कार्यालय में प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा-आपत्तियों का निराकरण सोसायटी कार्यालय में 11 अप्रैल 2026 को दोपहर 12 बजे से किया जायेगा तथा इस प्रकार उपांतरित सूची को अंतिम मतदाता सूची के रूप में प्रकाशित किया जायेगा।

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कोरबा

मछुआ सहाकारी समिति मर्यादित रिंगनिया का मतदाता सूची प्रकाशित

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दावा-आपत्ति 09 अप्रैल तक आमंत्रित

कोरबा। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मछुआ सहाकारी समिति मर्यादित रिंगनिया पंजीयन क्रमांक 39 जी.आर. भतरा द्वारा सोसायटी के सदस्यों का मतदाता सूची का प्रकाशन 02 अप्रैल 2026 को किया जाकर दावा-आपत्ति 09 अप्रैल तक आमंत्रित किया गया है। दावा-आपत्ति लिखित में मय प्रमाण के हरिलाल/सदस्य के पास 09 अप्रैल तक कार्यालयीन समय पर सोसायटी के कार्यालय में प्रस्तुत किया जा सकता है। दावा-आपत्तियों का निराकरण सोसायटी कार्यालय में 10 अप्रैल 2026 को प्रातः 11.30 बजे से किया जायेगा तथा इस प्रकार उपांतरित सूची को अंतिम मतदाता सूची के रूप में प्रकाशित किया जायेगा।

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