छत्तीसगढ़
रायपुर : वंदे मातरम् मां भारती की साधना और आराधना की प्रेरक अभिव्यक्ति : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
मातृभूमि की स्तुति में रचा गया ‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशभक्ति की सबसे प्रबल प्रेरणा : मुख्यमंत्री साय
छत्तीसगढ़ की फिज़ा में गूंजा राष्ट्रगीत, वंदे मातरम् के 150वें स्मरणोत्सव का अवसर बना खास
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ किया ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन
‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष से आज़ादी की राष्ट्रीय चेतना का किया गया स्मरण
पूरे उत्साह के साथ देशभर में मनाया गया ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ
मुख्यमंत्री ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर नई दिल्ली में आयोजित स्मरणोत्सव में वर्चुअली हुए शामिल


रायपुर। ‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर आज देशभर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक दिन को छत्तीसगढ़ में भी बड़े उत्साह और गर्व के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया। इस अवसर पर सभी ने “वंदे मातरम्” के उद्घोष के साथ आज़ादी की राष्ट्रीय चेतना का पुण्य स्मरण किया और अमर बलिदानियों को नमन किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर नई दिल्ली में आयोजित स्मरणोत्सव में वर्चुअली शामिल हुए और प्रधानमंत्री का उद्बोधन भी सुना।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि वंदे मातरम् मां भारती की साधना और आराधना की प्रेरक अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गान का एक प्रवाह, एक लय और एक तारतम्य हृदय को स्पंदित कर देता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ का मूल भाव मां भारती है — यह भारत की शाश्वत संकल्पना, स्वतंत्र अस्तित्व-बोध और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत की आज़ादी का उद्घोष था, जिसने गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने और स्वाधीन भारत के स्वप्न को साकार करने की प्रेरणा दी। स्वतंत्रता आंदोलन में यह गीत क्रांतिकारियों की आवाज़ बना और यह केवल प्रतिरोध का स्वर नहीं, बल्कि आत्मबल जगाने वाला मंत्र बन गया। श्री मोदी ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ में भारत की हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता, संस्कृति और समृद्धि की कहानी समाहित है। विदेशी आक्रमणों और अंग्रेज़ों की शोषणकारी नीतियों के बीच ‘वंदे मातरम्’ ने समृद्ध भारत के स्वप्न का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत के नए स्वरूप का उदय देख रही है, जो अपनी परंपरा, आध्यात्मिकता और आधुनिकता के समन्वय से आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना स्वतंत्रता संग्राम के समय था और यह गीत सदैव हमारे हृदयों में अमर रहेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह गीत मातृभूमि के प्रति अगाध प्रेम, कृतज्ञता और राष्ट्रधर्म की भावना का शाश्वत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश ने एक स्वर में ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन कर मातृभूमि की वंदना की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के वर्षभर चलने वाले स्मरणोत्सव का आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रव्यापी शुभारंभ इस कालातीत रचना के 150 वर्ष पूरे होने का गौरवपूर्ण अध्याय है। इस अवसर पर वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा स्मारक सिक्के का जारी होना एक ऐतिहासिक स्मृति है। बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा रचित वंदे मातरम् गीत भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरणा रहा है, जिसने सदैव राष्ट्रीय गौरव, एकता और आत्मसम्मान की ज्योति प्रज्वलित की है। यह मातृभूमि की शक्ति, समृद्धि और दिव्यता का प्रतीक है, साथ ही भारत की एकता और आत्मगौरव की काव्यात्मक अभिव्यक्ति है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि 7 नवम्बर 1875 को बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने इस कालजयी रचना की सृष्टि की थी, जिसे बाद में उनके प्रसिद्ध उपन्यास ‘आनंद मठ’ में शामिल किया गया। मातृभूमि की स्तुति में रचा गया यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशभक्ति की सबसे प्रबल प्रेरणा बना। अनेक क्रांतिकारियों ने “वंदे मातरम्” कहते हुए हँसते-हँसते अपने प्राण न्योछावर कर दिए। वंदे मातरम भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीक बन गया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 1905 में बंगाल विभाजन के समय ‘वंदे मातरम्’ ने स्वदेशी आंदोलन को नई ऊर्जा दी। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक यह गीत सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रभक्ति का मंत्र बन गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ सुनते ही हृदय में ऊर्जा, गर्व और देशभक्ति का संचार होता है। यह गीत हमें स्मरण कराता है कि हमारी भूमि, जल, अन्न और संस्कृति ही हमारी जीवनदायिनी शक्ति हैं। उन्होंने कहा, “यूरोप में भूमि को ‘फादरलैंड’ कहा जाता है, लेकिन भारत में हम अपनी भूमि को ‘मातृभूमि’ कहते हैं।” यह भाव रामायण के श्लोक “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” में प्रकट होता है। ‘वंदे मातरम्’ भी इसी भाव से जन्मा हमारा ध्येय-वाक्य है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस पहल से भावी पीढ़ी को हमारे अतीत के संघर्षों और ‘वंदे मातरम्’ जैसी अमर रचनाओं की आज़ादी की लड़ाई में भूमिका के बारे में जानने का सुंदर अवसर मिलेगा। उन्होंने इस अवसर पर सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लें और इसे भारत माता तथा छत्तीसगढ़ महतारी को समर्पित करें।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ को समर्पित स्मारक सिक्का तथा डाक टिकट का विमोचन किया। साथ ही, इस अवसर पर ‘वंदे भारत पोर्टल’ (vandematram150.in) का शुभारंभ भी किया। इस पोर्टल के माध्यम से देशवासी अपनी आवाज़ में ‘वंदे मातरम्’ रिकॉर्ड कर इस ऐतिहासिक यात्रा से जुड़ सकते हैं। यह पहल लोगों को भारत की गौरवशाली विरासत का हिस्सा बनने का अवसर प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर छायाचित्र प्रदर्शनी का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी का विस्तार से अवलोकन करते हुए ‘वंदे मातरम्’ के सृजन से लेकर इसके राष्ट्रीय चेतना के प्रतीक बनने तक की ऐतिहासिक यात्रा का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह भारत के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम के दौर की अनेक अनकही कहानियों को उजागर करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी प्रदर्शनी नई पीढ़ी को देश की आज़ादी के मूल भाव और ‘वंदे मातरम्’ की प्रेरक भूमिका से परिचित कराती है।
इस अवसर पर सांसद चिंतामणि महाराज, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, संस्कृति विभाग के सचिव रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुकेश बंसल, पी. दयानंद, डॉ. बसवराजू एस. सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
कोरबा
ओवरस्पीडिंग व नशे में वाहन चलाने वालों पर अभियान चलाकर करें कार्रवाई – कलेक्टर
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु चिन्हित स्थलों पर प्राथमिकता से सुधार कार्य करने के दिए निर्देश
स्कूल कॉलेज में व्यापक स्तर पर यातायात जागरूकता व प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के दिए निर्देश
ग्रामीण क्षेत्रो में हेलमेट रैली, नुक्कड़ नाटक जैसी गतिविधियों से यातायात जागरूकता बढ़ाने किया निर्देशित
दुर्घटना नियंत्रण व सुरक्षित यातायात के लिए कलेक्टर ने ली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक
कोरबा। सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण तथा यातायात नियमों के बेहतर पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा आवश्यक सुधारात्मक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री दुदावत ने पूर्व बैठक में लिए गए निर्णयों एवं दिए गए निर्देशों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा के सभी पहलुओं पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना नियंत्रण के लिए विभागीय समन्वय, सतत निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करें, दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में चिन्हित ब्लैक स्पॉट एवं दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने हेतु किए जाने वाले सुधारात्मक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने जिले के चिन्हित ब्लैक स्पॉट व दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर आवागमन को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए झाड़ियों की नियमित सफाई, सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने, क्षतिग्रस्त एवं निम्न स्तर के रोड शोल्डर की मरम्मत, रेडियमयुक्त चेतावनी एवं संकेतक बोर्ड लगाने, स्पीड ब्रेकर, रंबल स्ट्रिप निर्माण तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कोयला एवं फ्लाई ऐश परिवहन मार्गों पर धूल नियंत्रण के लिए नियमित पानी छिड़काव करने तथा आवश्यक सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को भी कहा। साथ ही कटघोरा अंबिकापुर मार्ग में गुरसिया से घाट के मध्य स्थित तीव्र मोड़ों (शार्प टर्न) एवं दुर्घटना संभावित स्थलों पर सड़क सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक स्थानों पर रंबल स्ट्रिप, रोड शोल्डर एवं क्रैश बैरियर स्थापित कर यातायात को सुरक्षित एवं सुगम बनाने की कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित करने निर्देशित किया।

कलेक्टर ने बैठक में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ओवरस्पीड वाहन संचालन, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने, तीन सवारी, बिना नंबर प्लेट के वाहन संचालित करने, नो-पार्किंग क्षेत्रों में वाहन खड़े करने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बरतते हुए नियमित जांच एवं निगरानी की जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूलों एवं कॉलेजों में व्यापक स्तर पर यातायात जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शाला प्रवेशोत्सव के साथ सड़क सुरक्षा जागरूकता गतिविधियों के आयोजन हेतु वार्षिक कैलेंडर तैयार कर समयबद्ध कार्यक्रम निर्धारित करने को कहा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों, महाविद्यालयों, एनसीसी एवं स्काउट-गाइड के छात्र-छात्राओं की सहभागिता से हेलमेट रैली, निबंध एवं क्विज प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक तथा अन्य जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से सड़क सुरक्षा अभियान संचालित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने रूमगरा से बजरंग चौक मार्ग में सड़क निर्माण में अपेक्षित प्रगति नही होने पर कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग को नोटिश जारी करने एवं ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात जागरूकता अभियान की धीमी प्रगति पर सभी जनपद सीईओ को नोटिश जारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, एसडीएम कटघोरा तन्मय खन्ना, ओएसडी तरुण कुमार किरण, प्रभारी एसपी लखन पटले, जिला परिवहन अधिकारी अतुल कुमार असैय्या सहित पीडब्ल्यूडी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, एसईसीएल, बालको सहित विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कोरबा
बच्चों को गणवेश व पाठ्य पुस्तक वितरण के साथ मनाया जाएगा शाला प्रवेश उत्सवरू- कलेक्टर दुदावत
कलेक्टर दुदावत ने समय-सीमा बैठक में विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा कर दिए महत्वपूर्ण निर्देश
सीएम हेल्पलाइन पोर्टल को गंभीरता से लेने व प्राप्त आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण हेतु किया निर्देशित
स्वनिधि महोत्सव का व्यापक प्रचार-प्रसार व अधिक लाभार्थियों को जोड़ने के निर्देश
पेयजल स्रोतों के क्लोरीनेशन एवं जलभराव रोकने नालियों की सफाई व ड्रेनेज व्यवस्था सुदृढ़ करने किया निर्देशित
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागीय कार्यों तथा टीएल के लंबित प्रकरणों की विस्तृत एवं गहन समीक्षा की। उन्होंने प्रगति की स्थिति का मूल्यांकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने तथा लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, एसडीएम कटघोरा तन्मय खन्ना, ओएसडी तरुण कुमार किरण, जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग, अपर कलेक्टर द्वय देवेंद्र पटेल व ओंकार यादव, एसडीएम, जनपद सीईओ, सीएमओ नगरीय निकाय सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में कलेक्टर ने डिजिटल सिग्नेचर कार्य के लिए पटवारियों की स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने नक्शा बटांकन, डिजिटल किसान किताब, मसाहती गाँव के सर्वे कार्य तथा एफआरए नामांतरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में तेजी लाकर प्रगति सुनिश्चित करने निर्देशित किया। कलेक्टर ने किसान क्रेडिट कार्ड निर्माण कार्य में प्रगति लाने के निर्देश देते हुए अधिक से अधिक पात्र किसानों को योजना से शीघ्र जोड़ने के लिए कहा। उन्होंने जिले में आयोजित कृषक चौपाल के माध्यम से किसानों के मध्य जागरूकता बढ़ाने तथा आवेदन एवं स्वीकृति प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन पोर्टल की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी देते हुए सभी कार्यालय प्रमुखों को अपनी प्रोफाइल अनिवार्य रूप से अद्यतन करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोर्टल को पूर्ण गंभीरता से लिया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि पोर्टल से प्राप्त होने वाले आवेदनों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण किया जाए। उन्होंने सभी जनपद सीईओ एवं सीएमओ नगरीय निकाय को शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बैनर, पोस्टर एवं अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार कर आमजन को पोर्टल की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका प्रभावी उपयोग कर सकें।
कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी नगरीय निकायों के सीएमओ को निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत 30 जून तक आयोजित होने वाले स्वनिधि महोत्सव एवं लोक कल्याण उत्सव का प्रभावी एवं व्यापक स्तर पर आयोजन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजना का अधिकतम लाभ हितग्राहियों तक पहुंचे, इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार, विशेष शिविरों का आयोजन तथा अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडरों के आवेदन प्राप्त कर त्वरित स्वीकृति की कार्रवाई की जाए। इस दौरान स्ट्रीट वेंडरों का सम्मान, उनके परिवार के मेधावी छात्रों का अभिनंदन तथा उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के भी निर्देश दिए। साथ ही जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर कार्यक्रम को संचालित करने निर्देशित किया। उन्होंने सभी जनपद सीईओ को भी ग्रामीण क्षेत्रों में स्ट्रीट वेंडरों की पहचान कर उन्हें भी योजना से जोड़ते हुए शत-प्रतिशत लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने बरसात के मौसम से पूर्व शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नालियों की समुचित सफाई सुनिश्चित करने, पेयजल स्रोतों का नियमित क्लोरीनेशन करने तथा जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए ड्रेनेज की सफाई एवं क्लीनिंग कार्य समय-सीमा में पूर्ण किया जाए।
उन्होंने पीएम जनमन अंतर्गत आवास निर्माण कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम आवास ग्रामीण की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि आवास निर्माण के कार्य में शीघ्रता से प्रगति लाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने शाला प्रवेश उत्सव के सम्बंध में जिला शिक्षा अधिकारी से जानकारी लेते हुए शाला प्रवेश उत्सव की पूर्ण तैयारी समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गणवेश, पाठ्य पुस्तक भंडारण की जानकारी लेते हुए उन्होंने शाला प्रवेश उत्सव के साथ ही बच्चों को गणवेश व पाठ्य पुस्तक वितरण कराने के निर्देश दिए। साथ ही बाउंड्रीवाल युक्त विद्यालयों में शाला प्रवेश उत्सव के साथ ही पौधरोपण कराने की बात कही। इस हेतु व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने निर्देशित किया।
कलेक्टर श्री दुदावत ने समय-सीमा की बैठक में पीएमओ, मुख्यमंत्री जनदर्शन, मानवाधिकार, कलेक्टर जनदर्शन सहित अन्य लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए शीघ्र निराकरण तथा संबंधित आवेदकों को सूचना देने के निर्देश दिए। उन्होंने सुशासन तिहार अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदनों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कोरबा
डोंगानाला में सुशासन तिहार के तहत सौगात, 159 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण
कोटमी-पसान-जटगा-कटघोरा मार्ग (8581.90 लाख) का भूमिपूजन, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का बढ़ेगा विस्तार
सीएसईबी चौक से कोसाबाड़ी तक गौरव पथ (3654.80 लाख) का भूमिपूजन, शहरी यातायात होगा सुगम
कटघोरा में 100 बिस्तर सिविल अस्पताल (1807.58 लाख) निर्माण का भूमिपूजन, स्वास्थ्य सेवाओं का होगा विस्तार
जवाली नलजल योजना (210.83 लाख) का लोकार्पण, ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा शुद्ध पेयजल

कोरबा। क्षेत्र का विकास ही जनकल्याण का आधार है और इससे आमजन को सीधा लाभ मिलेगा”इसी संकल्प के साथ विकासखण्ड पाली के ग्राम डोंगानाला में सुशासन तिहार के अंतर्गत जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर क्षेत्रवासियों को विकास की बड़ी सौगात देते हुए कुल 159 करोड़ 63 लाख 14 हजार रुपये की लागत के 18 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया। इनमें 153 करोड़ 66 लाख 61 हजार रुपये के 8 कार्यों का भूमिपूजन तथा 5 करोड़ 96 लाख 53 हजार रुपये के 10 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मंत्री श्री साव ने इन विकास कार्यों के लिए जिलेवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इनसे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी और आमजन को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।

लोकार्पण कार्यों के अंतर्गत ग्राम नूनेरा में जिला खनिज न्यास मद से 11.84 लाख रुपये की लागत से निर्मित 50 बिस्तरीय कन्या छात्रावास में आई टाइप गार्ड रूम, बोरिंग एवं पंप स्थापना तथा शौचालय कक्ष का निर्माण, जमा मद से मुड़ापार ईडीयू में 66.95 लाख रुपये की लागत से शासकीय हाई स्कूल भवन, नूनेरा में 16.24 लाख रुपये की लागत से 50 बिस्तरीय कन्या छात्रावास में अधीक्षक आवास किचन सह भंडार कक्ष सह अहाता, 20.70 लाख रुपये की लागत से अतिरिक्त कक्ष, लाफा, अजगरबहार एवं फरसवानी पंचायत में प्रत्येक में 48.41 लाख रुपये की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के आवासीय भवन, 210.83 लाख रुपये की जवाली नल जल प्रदाय योजना, 45.98 लाख रुपये की जटांगपुर नलजल प्रदाय योजना तथा 78.76 लाख रुपये की मदनपुर नलजल प्रदाय योजना का लोकार्पण किया गया।
वहीं शिलान्यास कार्यों में सीएसआर मद से बंचर से जटांगपुर सड़क निर्माण (1.30 किलोमीटर, 109.12 लाख रुपये), राज्य मार्गों पर जंक्शन सुधार एवं कैश बैरियर कार्य (441.10 लाख रुपये), सलिहाभाठा से पुरेनाखार पहुंच मार्ग (64.96 लाख रुपये), उप संचालक कृषि भवन (147.60 लाख रुपये), कोरबा रिंगरोड से मेडिकल कॉलेज पहुंच मार्ग (559.55 लाख रुपये), कोटमी-पसान-जटगा कटघोरा मार्ग 50.60 किलोमीटर निर्माण (8581.90 लाख रुपये), सीएसईबी चौक से जैन चौक-आईटीआई चौक से कोसाबाड़ी चौक तक गौरव पथ (3654.80 लाख रुपये) तथा कटघोरा में 100 बिस्तर सिविल अस्पताल निर्माण (1807.58 लाख रुपये) शामिल हैं।
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