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कोरबा

दिव्यांगता और सामाजिक सरोकार : मुझे मेरी क्षमताओं से जानो

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उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथै:। न हि सुप्तस्य सिंहस्य प्रविशन्ति मुखे मृगा: ॥
दिव्यांगता का सामाजिक मॉडल कहता है कि दिव्यांगता, व्यक्ति की शारीरिक या मानसिक स्थिति के बजाय समाज द्वारा बनाई गई बाधाओं के कारण होती है। सामाजिक सरोकार का मतलब है दिव्यांग व्यक्तियों के प्रति समाज के दृष्टिकोण को सुधारना, उन्हें दया के बजाय अधिकार और समान अवसर देना और सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक बाधाओं को दूर करना, ताकि वे गरिमापूर्ण और आत्मनिर्भर जीवन जी सकें। दिव्यांगता के सामाजिक मॉडल की मुख्य बाधाएँ समाज की है। यह मॉडल मानता है कि दिव्यांगता केवल व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और भौतिक बाधाओं का परिणाम है, जो समाज द्वारा समस्या नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और भौतिक बाधाओं का परिणाम है, जो समाज द्वारा बनाई जाती है। उदाहरण: शारीरिक बाधाओं में सुलभता की कमी (जैसे रैंप या लिफ्ट न होना) शामिल हैं, जबकि सामाजिक बाधाओं में यह रूढ़िवादी सोच शामिल है कि दिव्यांग लोग कुछ काम नहीं कर सकते या उन्हें केवल ‘खैरतÓ की आवश्यकता होती है, ताकि वे गरिमापूर्ण और आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।
नकारात्मक प्रभाव
दिव्यांगता के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण सामाजिक बहिष्कार, अलगाव और अवसाद को जन्म दे सकता है। सामाजिक सरोकार के पहलू सामाजिक न्याय दिव्यांग लोगों को व्यवस्थित रूप से हाशिए पर धकेलने के बजाय, उन्हें समान अवसर और न्याय दिलाना समाज कार्य का मूल सिद्धांत है।
अधिकारों पर जोर
दिव्यांग व्यक्तियों को दया या दान का पात्र मानने के बजाय, उनके अधिकारों को मान्यता देना और उन्हें सशक्त बनाना महत्वपूर्ण है।
समान भागीदारी
उन्हें अपने जीवन से जुड़े निर्णयों में भाग लेने की अनुमति देना और यह सुनिश्चित करना कि वे सामाजिक सेवाओं और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं का हिस्सा बनें।
सकारात्मक दृष्टिकोण
समाज में जागरूकता बढ़ाकर दिव्यांगता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना और यह समझाना कि दिव्यांगता जीवन की कमजोरी नहीं है। दिव्यांगता केवल एक हिस्सा है, न कि पूरा जीवन।
समान अवसर
शिक्षा और रोजगार के समान अवसर प्रदान करके उन्हें राष्ट्रीय विकास में योगदान देने में सक्षम बनाना, जो अन्यथा अर्थव्यवस्था के लिए एक नुकसान है, दिव्यांगता और सामाजिक सरोकार का संबंध यह है कि समाज में दिव्यांग व्यक्तियों को शारीरिक, सामाजिक और दृष्टिकोण संबंधी बाधाओं का सामना करना पड़ता है, जो उनके समावेशन को बाधित करती हैं। इसका समाधान सामाजिक सरोकार के माध्यम से किया जा सकता है, जिसमें समाज के दृष्टिकोण को सकारात्मक बनाना, बाधाओं को दूर करना और दिव्यांग व्यक्तियों को समान अवसर और न्याय प्रदान करना शामिल है। दिव्यांगता को एक सामाजिक समस्या के रूप में देखना, न कि केवल एक चिकित्सा समस्या के रूप में, इस दिशा में पहला कदम है दिव्यांगता के सामाजिक पहलू।
बाधाओं का सामना
दिव्यांग व्यक्तियों को अक्सर शारीरिक (जैसे दुर्गम वातावरण) और सामाजिक (जैसे में देखना, न कि केवल एक चिकित्सा समस्या के रूप में, इस दिशा में पहला कदम है दिव्यांगता के सामाजिक पहलू, बाधाओं का सामना: दिव्यांग व्यक्तियों को अक्सर शारीरिक (जैसे दुर्गम वातावरण) और सामाजिक (जैसे भेदभावपूर्ण रवैया) बाधाओं का सामना करना पड़ता है।
नकारात्मक दृष्टिकोण
दिव्यांगता के प्रति नकारात्मक सामाजिक दृष्टिकोण व्यक्तियों को शक्तिहीन बना सकता है और सामाजिक बहिष्कार की ओर ले जा सकता है।
सामाजिक बहिष्कार और अलगाव
नकारात्मक रवैया और बाधाएं दिव्यांग व्यक्तियों को अलगाव की ओर धकेल सकती हैं। सामाजिक सरोकार और समाधान सामाजिक मॉडल अपनाना: दिव्यांगता को व्यक्ति की अक्षमता के बजाय समाज में मौजूद बाधाओं के कारण उत्पन्न होने वाली समस्या के रूप में देखना।
सकारात्मक दृष्टिकोण
एक स्वस्थ समाज को दिव्यांग व्यक्तियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
समानता और न्याय
दिव्यांग व्यक्तियों के लिए समान अवसर और न्याय सुनिश्चित करना सामाजिक कार्य का मूल है।
नीतियों में सुधार
गैर-भेदभावपूर्ण कानूनों, नीतियों और प्रथाओं की वकालत करना जो दिव्यांग व्यक्तियों की भलाई को बढ़ावा देते हैं।
सशक्तिकरण
दिव्यांग व्यक्तियों को उनके जीवन के बारे में निर्णय लेने में शामिल करना और उन्हें सशक्त बनाना।
सामाजिक भागीदारी
समाज में उनकी भागीदारी को सक्षम बनाने के लिए सामाजिक सुरक्षा और अन्य सहायक तंत्रों को मजबूत करना।
व्यावहारिक उदाहरण सुलभ वातावरण
इमारतों में सुलभ शौचालयों का निर्माण करना।
सहायता और समर्थन
सीखने में कठिनाई का सामना कर रहे व्यक्ति को स्वतंत्र रूप से जीवन जीने के लिए किराया चुकाने जैसी वित्तीय सहायता प्रदान करना।
मानसिक समर्थन
यह समझाना की दिव्यांग व्यक्ति भी सामान्य मनुष्य की तरह खुशी, दुख और अन्य भावनाएं महसुस करते हैं।


रौशनी के शहर में अंधेरे मकान देखे हैं
बिन आंखों के तुमसे कहीं ज़्यादा, आसमाँ देखे हैं।
तुमने बस इस जहां को देख कर मिटा ली है अपनी बेचैनियां
हमने उंगलियां फेर कर किताब पर कई जहां देखे हैं
मैं हर बात बोल लेता हूं इशारों से अपने
जैसे दरिया बात करती है किनारों से अपने
तुम चीख कर भी खुदा तक पहुंच नही पाते
मेरा मौन बात करता है सितारों से अपने
हम बोल नहीं पाते मगर एक हुनर रखते हैं।
होंठो की हरकत से इंसान परख लेते हैं।
हमने ना देखे कत्लों गम, और फरेबी सूरतें
हमने तो छूकर ज़ख्म के गहरे निशाँ देखे हैं।
देखो उसके सामने तो सारा आसमाँ पड़ा है
मगर परिंदे की जि़द है बिन पंखों के उड़ा है
ये मेरी तुम्हारी हार जीत का मसला नहीं है
कामयाब वही है, जो बिन पैरों के खड़ा है
वजूद की लड़ाई में, तुमसे रहम की गुहार क्यो
तुमने तो सड़कों पे अधूरे भगवान फेंके हैं।
बिन आंखों के तुमसे कहीं ज़्यादा, आसमाँ देखे हैं
जो तुम लाए हो दिलासा वो मुँडेर पर सजा दो
मेरे हौंसलों को आँधियों से लड़ने की सलाह दो
उम्मीद के, हसरतों के, नए ख्वाबों के अखबार में

मेरे नाम की खबर बने कोई ऐसी भी वज़ह दो
हम चल रहे है तुम्हारे साथ कदम दर कदम
हमने तुम्हारे बाग के सारे गुलाब देखे हैं
बिन आंखों के तुमसे कहीं ज़्यादा, आसमां देखे हैं।


डा. गजेंद्र तिवारी
शिक्षाविद, बिलासपुर

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कोरबा

ओवरस्पीडिंग व नशे में वाहन चलाने वालों पर अभियान चलाकर करें कार्रवाई – कलेक्टर

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सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु चिन्हित स्थलों पर प्राथमिकता से सुधार कार्य करने के दिए निर्देश

स्कूल कॉलेज में व्यापक स्तर पर यातायात जागरूकता व प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के दिए निर्देश

ग्रामीण क्षेत्रो में हेलमेट रैली, नुक्कड़ नाटक जैसी गतिविधियों से यातायात जागरूकता बढ़ाने किया निर्देशित

दुर्घटना नियंत्रण व सुरक्षित यातायात के लिए कलेक्टर ने ली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक

कोरबा। सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण तथा यातायात नियमों के बेहतर पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा आवश्यक सुधारात्मक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री  दुदावत ने पूर्व बैठक में लिए गए निर्णयों एवं दिए गए निर्देशों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा के सभी पहलुओं पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना नियंत्रण के लिए विभागीय समन्वय, सतत निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई अत्यंत आवश्यक है। सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करें, दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में चिन्हित ब्लैक स्पॉट एवं दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने हेतु किए जाने वाले सुधारात्मक कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने जिले के चिन्हित ब्लैक स्पॉट व दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर आवागमन को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए झाड़ियों की नियमित सफाई, सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने, क्षतिग्रस्त एवं निम्न स्तर के रोड शोल्डर की मरम्मत, रेडियमयुक्त चेतावनी एवं संकेतक बोर्ड लगाने, स्पीड ब्रेकर, रंबल स्ट्रिप निर्माण तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कोयला एवं फ्लाई ऐश परिवहन मार्गों पर धूल नियंत्रण के लिए नियमित पानी छिड़काव करने तथा आवश्यक सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को भी कहा। साथ ही कटघोरा अंबिकापुर मार्ग में गुरसिया से घाट के मध्य स्थित तीव्र मोड़ों (शार्प टर्न) एवं दुर्घटना संभावित स्थलों पर सड़क सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक स्थानों पर  रंबल स्ट्रिप, रोड शोल्डर एवं क्रैश बैरियर स्थापित कर यातायात को सुरक्षित एवं सुगम बनाने की कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित करने निर्देशित किया।

कलेक्टर ने बैठक में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ओवरस्पीड वाहन संचालन, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने, तीन सवारी, बिना नंबर प्लेट के वाहन संचालित करने, नो-पार्किंग क्षेत्रों में वाहन खड़े करने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बरतते हुए नियमित जांच एवं निगरानी की जाए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूलों एवं कॉलेजों में व्यापक स्तर पर यातायात जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शाला प्रवेशोत्सव के साथ सड़क सुरक्षा जागरूकता गतिविधियों के आयोजन हेतु वार्षिक कैलेंडर तैयार कर समयबद्ध कार्यक्रम निर्धारित करने को कहा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों, महाविद्यालयों, एनसीसी एवं स्काउट-गाइड के छात्र-छात्राओं की सहभागिता से हेलमेट रैली, निबंध एवं क्विज प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक तथा अन्य जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से सड़क सुरक्षा अभियान संचालित करने के निर्देश दिए।
  कलेक्टर ने रूमगरा से बजरंग चौक मार्ग में सड़क निर्माण में अपेक्षित प्रगति नही होने पर कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग को नोटिश जारी करने एवं ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात जागरूकता अभियान की धीमी प्रगति पर सभी जनपद सीईओ को नोटिश जारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय,  एसडीएम कटघोरा तन्मय खन्ना, ओएसडी तरुण कुमार किरण, प्रभारी एसपी लखन पटले,  जिला परिवहन अधिकारी अतुल कुमार असैय्या सहित  पीडब्ल्यूडी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, एसईसीएल, बालको सहित विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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कोरबा

बच्चों को गणवेश व पाठ्य पुस्तक वितरण के साथ मनाया जाएगा शाला प्रवेश उत्सवरू- कलेक्टर दुदावत

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कलेक्टर दुदावत ने समय-सीमा बैठक में विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा कर दिए महत्वपूर्ण निर्देश

सीएम हेल्पलाइन पोर्टल को गंभीरता से लेने व प्राप्त आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण हेतु किया निर्देशित

स्वनिधि महोत्सव का व्यापक प्रचार-प्रसार व अधिक लाभार्थियों को जोड़ने के निर्देश

पेयजल स्रोतों के क्लोरीनेशन एवं जलभराव रोकने नालियों की सफाई व ड्रेनेज व्यवस्था सुदृढ़ करने किया निर्देशित

कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागीय कार्यों तथा टीएल के लंबित प्रकरणों की विस्तृत एवं गहन समीक्षा की। उन्होंने प्रगति की स्थिति का मूल्यांकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने तथा लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, एसडीएम कटघोरा तन्मय खन्ना, ओएसडी तरुण कुमार किरण, जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग, अपर कलेक्टर द्वय देवेंद्र पटेल  व ओंकार यादव, एसडीएम, जनपद सीईओ, सीएमओ नगरीय निकाय सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में कलेक्टर ने डिजिटल सिग्नेचर कार्य के लिए पटवारियों की स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने नक्शा बटांकन, डिजिटल किसान किताब, मसाहती गाँव के सर्वे कार्य तथा एफआरए नामांतरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में तेजी लाकर प्रगति सुनिश्चित करने निर्देशित किया। कलेक्टर ने किसान क्रेडिट कार्ड निर्माण कार्य में प्रगति लाने के निर्देश देते हुए अधिक से अधिक पात्र किसानों को योजना से शीघ्र जोड़ने के लिए कहा। उन्होंने जिले में आयोजित कृषक चौपाल के माध्यम से किसानों के मध्य जागरूकता बढ़ाने तथा आवेदन एवं स्वीकृति प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन पोर्टल की कार्यप्रणाली की  विस्तृत जानकारी देते हुए सभी कार्यालय प्रमुखों को अपनी प्रोफाइल अनिवार्य रूप से अद्यतन करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोर्टल को पूर्ण गंभीरता से लिया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि पोर्टल से प्राप्त होने वाले आवेदनों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण किया जाए। उन्होंने सभी जनपद सीईओ एवं सीएमओ नगरीय निकाय को शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बैनर, पोस्टर एवं अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार कर आमजन को पोर्टल की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका प्रभावी उपयोग कर सकें।
कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी नगरीय निकायों के सीएमओ को निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत 30 जून तक आयोजित होने वाले स्वनिधि महोत्सव एवं लोक कल्याण उत्सव का प्रभावी एवं व्यापक स्तर पर आयोजन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजना का अधिकतम लाभ हितग्राहियों तक पहुंचे, इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार, विशेष शिविरों का आयोजन तथा अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडरों के आवेदन प्राप्त कर त्वरित स्वीकृति की कार्रवाई की जाए। इस दौरान स्ट्रीट वेंडरों का सम्मान, उनके परिवार के मेधावी छात्रों का अभिनंदन तथा उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के भी निर्देश दिए। साथ ही जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर कार्यक्रम को संचालित करने निर्देशित किया। उन्होंने सभी जनपद सीईओ को भी ग्रामीण क्षेत्रों में स्ट्रीट वेंडरों की पहचान कर उन्हें भी योजना से जोड़ते हुए शत-प्रतिशत लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने बरसात के मौसम से पूर्व शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नालियों की समुचित सफाई सुनिश्चित करने, पेयजल स्रोतों का नियमित क्लोरीनेशन करने तथा जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए ड्रेनेज की सफाई एवं क्लीनिंग कार्य समय-सीमा में पूर्ण किया जाए।
उन्होंने पीएम जनमन अंतर्गत आवास निर्माण कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पीएम आवास  ग्रामीण की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि आवास निर्माण के कार्य में शीघ्रता से प्रगति लाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने शाला प्रवेश उत्सव के सम्बंध में जिला शिक्षा अधिकारी से जानकारी लेते हुए शाला प्रवेश उत्सव की पूर्ण तैयारी समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गणवेश, पाठ्य पुस्तक भंडारण की जानकारी लेते हुए उन्होंने शाला प्रवेश उत्सव के साथ ही बच्चों को गणवेश व पाठ्य पुस्तक वितरण कराने के निर्देश दिए। साथ ही बाउंड्रीवाल युक्त विद्यालयों में शाला प्रवेश उत्सव के साथ ही पौधरोपण कराने की बात कही। इस हेतु व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने निर्देशित किया।
कलेक्टर श्री दुदावत ने समय-सीमा की बैठक में पीएमओ, मुख्यमंत्री जनदर्शन, मानवाधिकार, कलेक्टर जनदर्शन सहित अन्य लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए शीघ्र निराकरण तथा संबंधित आवेदकों को सूचना देने के निर्देश दिए। उन्होंने सुशासन तिहार अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदनों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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कोरबा

डोंगानाला में सुशासन तिहार के तहत  सौगात, 159 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण

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कोटमी-पसान-जटगा-कटघोरा मार्ग (8581.90 लाख) का भूमिपूजन, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का बढ़ेगा विस्तार

सीएसईबी चौक से कोसाबाड़ी तक गौरव पथ (3654.80 लाख) का भूमिपूजन, शहरी यातायात होगा सुगम

कटघोरा में 100 बिस्तर सिविल अस्पताल (1807.58 लाख) निर्माण का भूमिपूजन, स्वास्थ्य सेवाओं का होगा विस्तार

जवाली नलजल योजना (210.83 लाख) का लोकार्पण, ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा शुद्ध पेयजल

कोरबा। क्षेत्र का विकास ही जनकल्याण का आधार है और इससे आमजन को सीधा लाभ मिलेगा”इसी संकल्प के साथ विकासखण्ड पाली के ग्राम डोंगानाला में सुशासन तिहार के अंतर्गत जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर  क्षेत्रवासियों को विकास की बड़ी सौगात देते हुए कुल 159 करोड़ 63 लाख 14 हजार रुपये की लागत के 18 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया। इनमें 153 करोड़ 66 लाख 61 हजार रुपये के 8 कार्यों का भूमिपूजन तथा 5 करोड़ 96 लाख 53 हजार रुपये के 10 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मंत्री श्री साव ने इन विकास कार्यों के लिए जिलेवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इनसे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी और आमजन को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।

लोकार्पण कार्यों के अंतर्गत ग्राम नूनेरा में जिला खनिज न्यास मद से 11.84 लाख रुपये की लागत से निर्मित 50 बिस्तरीय कन्या छात्रावास में आई टाइप गार्ड रूम, बोरिंग एवं पंप स्थापना तथा शौचालय कक्ष का निर्माण, जमा मद से मुड़ापार ईडीयू में 66.95 लाख रुपये की लागत से शासकीय हाई स्कूल भवन, नूनेरा में 16.24 लाख रुपये की लागत से 50 बिस्तरीय कन्या छात्रावास में अधीक्षक आवास किचन सह भंडार कक्ष सह अहाता, 20.70 लाख रुपये की लागत से अतिरिक्त कक्ष, लाफा, अजगरबहार एवं फरसवानी पंचायत में प्रत्येक में 48.41 लाख रुपये की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के आवासीय भवन, 210.83 लाख रुपये की जवाली नल जल प्रदाय योजना, 45.98 लाख रुपये की जटांगपुर नलजल प्रदाय योजना तथा 78.76 लाख रुपये की मदनपुर नलजल प्रदाय योजना का लोकार्पण किया गया।

वहीं शिलान्यास कार्यों में सीएसआर मद से बंचर से जटांगपुर सड़क निर्माण (1.30 किलोमीटर, 109.12 लाख रुपये), राज्य मार्गों पर जंक्शन सुधार एवं कैश बैरियर कार्य (441.10 लाख रुपये), सलिहाभाठा से पुरेनाखार पहुंच मार्ग (64.96 लाख रुपये), उप संचालक कृषि भवन (147.60 लाख रुपये), कोरबा रिंगरोड से मेडिकल कॉलेज पहुंच मार्ग (559.55 लाख रुपये), कोटमी-पसान-जटगा कटघोरा मार्ग 50.60 किलोमीटर निर्माण (8581.90 लाख रुपये), सीएसईबी चौक से जैन चौक-आईटीआई चौक से कोसाबाड़ी चौक तक गौरव पथ (3654.80 लाख रुपये) तथा कटघोरा में 100 बिस्तर सिविल अस्पताल निर्माण (1807.58 लाख रुपये) शामिल हैं।

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