कुसमुंडा
22 वर्षों के संघर्ष के बाद भी न्याय नहीं : रोजगार और पुनर्वास की मांग को लेकर SECL कुसमुंडा कार्यालय पर महिला भूविस्थापित परिवारों ने शुरू किया अनिश्चितकालीन आंदोलन
कोरबा/कुसमुंडा। एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र की महिला भूविस्थापित परिवारों ने रोजगार और पुनर्वास की अपनी लंबित मांगों को लेकर आज एक निर्णायक और कड़ा कदम उठाते हुए, कुसमुंडा एसईसीएल (SECL) मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य द्वार पर गेट को जाम कर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन आंदोलन शुरू कर दिया है। यह आंदोलन उनके 22 वर्षों के अथक संघर्ष और एसईसीएल प्रबंधन तथा जिला प्रशासन की घोर उपेक्षा के खिलाफ एक सशक्त हुंकार है ।

आंदोलन का मुख्य कारण 22 वर्षों से लंबित न्याय
आंदोलनकारी महिला भूविस्थापित परिवारों का स्पष्ट कहना है कि उन्होंने 22 वर्ष पूर्व अपने पूर्वजों की उपजाऊ और पुश्तैनी जमीन कुसमुंडा एसईसीएल को इस भरोसे के साथ सौंपी थी कि उन्हें नियमानुसार रोजगार और उचित पुनर्वास मिलेगा लेकिन, दो दशकों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी, कुसमुंडा एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन लगातार उनकी वैध और मानवीय मांगों की अनदेखी करते आ रहे हैं। भूविस्थापितों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है कि उनकी समस्याओं के निराकरण और त्वरित पहल में प्रबंधन व प्रशासन बिल्कुल भी तत्पर नहीं है ।
अधिकारियों की उदासीनता पर गहरा रोष

आंदोलन के दौरान महिला भूविस्थापित परिवारों ने प्रबंधन और जिला प्रशासन के अधिकारियों के रवैये पर गहरा रोष व्यक्त किया। आंदोलनकारियों का कहना है कि एसईसीएल प्रबंधन के अधिकारी सहित जिला प्रशासन के किसी भी अधिकारी ने हमारी ‘सूद तक नहीं ली, यह उनकी संवेदनहीनता और भूविस्थापितों के प्रति घोर उदासीनता को दर्शाता है। हम शांतिपूर्ण ढंग से न्याय मांग रहे हैं, लेकिन अधिकारियों की चुप्पी हमें यह कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर कर रही है ।
मांग पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष
महिला भूविस्थापित परिवारों ने दृढ़ता से घोषणा की है कि उनका यह अनिश्चितकालीन आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी निम्नलिखित मांगों पर कुसमुंडा एसईसीएल प्रबंधन द्वारा त्वरित, ठोस और संतोषजनक निराकरण नहीं हो जाता ।
- सभी पात्र भूविस्थापित परिवारों के सदस्यों को तत्काल प्रभाव से एसईसीएल में रोजगार प्रदान किया जाए ।
- सभी भूविस्थापितों के लिए एक सम्मानजनक और स्थायी पुनर्वास पैकेज सुनिश्चित किया जाए ।
भूविस्थापितों की आंदोलन दिखाता है कि अब भूविस्थापित परिवार किसी भी कीमत पर अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन को इस गंभीर स्थिति का संज्ञान लेते हुए अविलंब भूविस्थापितों से बात करनी चाहिए और उनकी मांगों का निराकरण करना चाहिए, अन्यथा आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है ।
कुसमुंडा
बाँकी मोगरा – दुष्कर्म का आरोपी साहिल महंत गिरफ्तार, बाकी मोगरा पुलिस की त्वरित कार्रवाई,,,देखे पूरी खबर
संवाददाता साबीर अंसारी
बांकी मोगरा :- दुष्कर्म को अंजाम दिया साहिल कुमार महंत, उम्र 26 वर्ष, पिता सुरेन्द्र चंद महंत, निवासी सुरा कछार घोड़ा पाट ने, जो अब पुलिस के हिरासत में।
कल दिनांक को पीड़ित पक्ष ने थाना दर्री पहुंच शिकायत दर्ज कराई पर घटनास्थल बाकी मोगरा क्षेत्र अंतर्गत होने के वजह से अपराध पंजीबद्ध कर थाना बाँकी मोगरा को केस स्थानांतरित की गई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए बाकी पुलिस ने शिकायत पर आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 103/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(2)(m) पंजीबद्ध कर आरोपी साहिल महंत के निवास पर दबिश देकर हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर कटघोरा जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों के बताए अनुसार जानकारी मिली कि मामले में जांच आगे भी जारी रहेगी और सभी पहलुओं की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है।

विवेचक एस आई नंद लाल टंडन व के सूझ बूझ से आरोपी को उसके निवास क्षेत्र दबिश देकर हिरासत में लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में कानून व्यवस्था सक्रियता देखी गई साथ ही स्थानीय लोगों के द्वारा भी मामले में पुलिस की सक्रिय भूमिका की सराहना की जा रही है।
कुसमुंडा
12 वर्षों का अन्याय और प्रशासन की वादाखिलाफी, गेवरा बस्ती के ग्रामीण 21 मई से करेंगे अनिश्चितकालीन खदान बंदी
कोरबा/कुसमुंडा। एसईसीएल (SECL) कुसमुंडा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गेवरा बस्ती के ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। पिछले 12 वर्षों से अपनी जमीन रोजगार और उचित बसाहट के लिए संघर्ष कर रहे ग्रामीणों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। प्रशासन और प्रबंधन को सौंपे गए अल्टीमेटम के अनुसार यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों का निराकरण नहीं हुआ, तो 21 मई 2026 से कुसमुंडा खदान का चक्का पूरी तरह जाम कर दिया जाएगा ।

आश्वासनों का जाल और 12 साल का वनवास
ग्रामीणों का आरोप है कि 13 मई 2014 से उनकी जमीनों पर स्टे लगाया गया और 18 जुलाई 2018 को अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन आज तक न तो मुआवजा मिला, न ही नौकरी और बसाहट। ग्रामीणों ने भावुक होते हुए कहा- हम अपने ही घरों में कैदी बन गए हैं। जमीन पर स्टे होने के कारण हम न उसे बेच पा रहे हैं और न ही बच्चों की शादी या अन्य सामाजिक कार्यों के लिए आर्थिक व्यवस्था कर पा रहे हैं ।
जल संकट और खेती की तबाही
विज्ञप्ति के माध्यम से ग्रामीणों ने बताया कि खदान के विस्तार के कारण क्षेत्र का जलस्तर गिर चुका है, खेती पूरी तरह चौपट हो गई है और पीने के पानी की भारी किल्लत है। एसईसीएल प्रबंधन न तो पानी की व्यवस्था कर रहा है और न ही फसल के नुकसान की क्षतिपूर्ति दे रहा है ।
प्रमुख मांगें:-
12 वर्षों से लंबित मुआवजे का तत्काल भुगतान ।
प्रभावित युवाओं को नियमानुसार स्थायी रोजगार ।
बुनियादी सुविधाओं से युक्त बसाहट स्थल का चयन और पुनर्वास ।
खेती और पानी के नुकसान की उचित क्षतिपूर्ति ।
प्रबंधन को अंतिम चेतावनी

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि वे पिछले सात महीनों से लगातार धरना-प्रदर्शन और पत्राचार कर रहे हैं। अधिकारी बार-बार आश्वासन देते हैं, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं होता। अब दफ्तरों के चक्कर लगाते-लगाते थक चुके ग्रामीण मानसिक और आर्थिक रूप से टूट चुके हैं ।
गेवरा बस्ती के ग्रामीणों ने कहा कि अब और आश्वासन नहीं समाधान चाहिए। अगर 15 दिन में हमारी समस्याएँ हल नहीं हुईं तो होने वाले उग्र आंदोलन और खदान बंदी की पूरी जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन की होगी ।

कुसमुंडा
क्षेत्र के जनता के साथ अन्याय बर्दास्त नहीं…। एसईसीएल सीजीएम कार्यालय में कांग्रेसियों ने की बैठक…देखे पूरी खबर
संवाददाता साबीर अंसारी
एसईसीएल सीजीएम कार्यालय में पार्षदों, युवा कांग्रेसियो, सांसद प्रतिनिधि, एनएसयूआई के साथ हुई बैठक संपन्न…!
कोरबा (कुसमुंडा) :– सड़क में लगातार हो रही लापरवाही को लेकर युवा कांग्रेसियों, पार्षदों, सांसद प्रतिनिधि, एनएसयूआई ने पूर्व में चक्काजाम के दौरान सड़क निर्माण, डामरीकरण, स्ट्रीट लाइट, कुचेना बायपास सड़क रिपेयरिंग, पुलिया रिपेयरिंग, भुट्टा चौक सड़क निर्माण, AQI इंडेस्क मीटर चौक पर लगाने, एव विंड गार्ड एंड फोग केनन एव सड़को पर वाटर स्प्रिंकलर सिस्टम साथ ही साथ शिफ्ट हिसाब से 5-5 पुलिस मित्र के संयुक्त मांगो को लेकर सीजीएम कुसमुंडा, SDO पीडब्ल्यूडी, प्रशासन के समक्ष युवा कांग्रेस के पदाधिकारी, पार्षद, सांसद प्रतिनिधि के साथ बैठक की गई जिसमे इन सभी मांगो को लेकर सहमति बनी एव इस महीने के समाप्ति तक लगभग कार्य को पूर्ण करने की माँग पर सहमति बनी एव समय पर माँग पूर्ण न होने पर बेशर्म फूल का गुलदस्ता भेट करके विरोध आंदोलन करने की चेतावनी भी दी गई…!
• पीडब्ल्यूडी, एसईसीएल को चक्काजाम में बनी सहमति पर लेटलतीफ़ी के लिए जमकर लगाई फटकार…!

इसके अलावा बैठक के दौरान कांग्रेसियों ने सीजीएम कुसमुंडा, SDO कटघोरा को क्षेत्र की जनता के साथ हो रहे अन्याय को लेकर जमकर लताड़ लगाते हुए खूब खरीखोटी सुनाई गई समस्त कांग्रेसियों ने एक स्वर में कहा कि आमजनों के हित के लिए सदेव कांग्रेसी संघर्ष करते रहे है और करते रहेगे।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से पार्षद गीता गवेल, नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष विकास सिंह, पार्षद तेजप्रताप सिंह, संदीप डहरिया, सांसद प्रतिनिधि सुरुति कुलदीप, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष दीपक वर्मा, महिला कांग्रेस महामंत्री भुनेश्वरी दास, मंडल अध्यक्ष राजू दीवान, बजरंग दास, यशवर्धन, संस्कार महंत, छोटू और अनेक कांग्रेसी गण उपस्थित रहे..!
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