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कोरबा

नगर के विकास व नागरिक सुविधाओं की बेहतरी से जुडे़ 72 करोड़ रू. के प्रस्तावों को स्वीकृत स्वीकृति दी एमआईसी ने

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महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता व आयुक्त आशुतोष पाण्डेय की उपस्थिति में संपन्न हुई निगम मेयर इन काउंसिल की बैठक
कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा की मेयर इन काउंसिल की बैठक में नगर के विकास, नागरिक सुविधाओं की बेहतरी से जुडे़ लगभग 72 करोड़ रूपये से अधिक लागत के कार्यो सहित विभिन्न पेंशन योजनाओं आदि से संबंधित लगभग 02 दर्जन से अधिक प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
सड़क, नाली, पेयजल, सड़क रोशनी व्यवस्था आदि से संबंधित कार्यो एवं शासन की विभिन्न पेंशन व आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली योजनाओं के हितग्राहियों की स्वीकृत दी गई, वहीं बैठक में महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने निगम के विभिन्न विकास व निर्माण कार्यो सहित निगम के विविध कार्यो की विस्तार से समीक्षा भी की।
महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता व निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय की उपस्थिति में नगर पालिक निगम कोरबा के मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत में निगम की मेयर इन काउंसिल की बैठक आयोजित हुई, बैठक में लगभग 02 दर्जन से अधिक प्रस्तावों को स्वीकृत प्रदान की गई तथा प्रस्तावों पर आवश्यक निर्णय लिए गए।
बैठक के दौरान अधोसंरचना मद से नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्रांतर्गत विकास कार्यो को स्वीकृति, वार्ड क्र. 30 दादर रोड कलवर्ट से मानिकपुर मुक्तिधाम तक कलवर्ट व नाली निर्माण, वार्ड क्र. 56 अंतर्गत दर्री जोन पीएमएवाई साईड से लाटा तालाब तक आर.सी.सी. नाली निर्माण, पोड़ीबहार चर्च से हनुमान मंदिर तक आर.सी.सी.निर्माण, मेमन शाप से रेलवे घाट तक 100 बेड हास्पिटल के सामने आर.सी.सी. नाली निर्माण, निगम के पं. रविशंकर शुक्ल नगर कोसाबाड़ी व कोरबा जोन में स्ट्रीट लाईट प्रदाय व स्थापना कार्य, दर्री सर्वमंगला नगर जोन में स्ट्रीट लाईट प्रदाय व स्थापना कार्य, जल आवर्धन योजना संचालन संधारण कार्य, बुधवारी सर्कस मैदान स्थल पर कामर्शिलय काम्पलेक्स निर्माण संबंधी प्रस्ताव, नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्रांतर्गत समस्त जोन अंतर्गत विभिन्न वार्डो में जर्जर सड़कों का डामरीकरण संबंधी कार्य, निगम क्षेत्रांतर्गत नगरोत्थान व अधोसंरचना मद से जर्जर मुख्य सड़कों का डामरीकरण सहित अन्य विकास व निर्माण कार्यो के कुल लगभग 72 करोड़ रूपये के प्रस्तावों को मेयर इन काउंसिल द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।
इसी प्रकार निगम में रिक्त पदों की पूर्ति, प्लेसमेंट कर्मचारियों के पारिश्रमिक दर में वृद्धि, बरबसपुर में नया ट्रांसपोर्ट नगर निर्माण, बी.ओ.टी. व पी.पी.पी. माॅडल अंतर्गत एकीकृत बिल्डिंग सुविधा सहित अन्य कार्य, मुख्यमंत्री पेंशन योजना, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना, सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत संचालित पेंशन योजना आदि सहित अन्य विविध प्रस्तावों पर मेयर इन काउंसिल द्वारा विस्तृत चर्चा उपरांत आवश्यक निर्णय लिए गए।
बैठक के दौरान एमआईसी सदस्य फिरतराम साहू, अजय गोंड़, अजयकुमार चन्द्रा, सरोज शांडिल्य, धनकुमारी गर्ग, उर्वशी राठौर, ममता यादव, भानुमति जायसवाल, अपर आयुक्त विनय मिश्रा, अधीक्षण अभियंता सुरेश बरूआ, उपायुक्त पवन वर्मा व नीरज कौशिक, लेखाधिकारी भवकांत नायक, निगम सचिव रामेश्वर सिंह कंवर, जोन कमिश्नर भूषण उरांव, विनोद शांडिल्य, अखिलेश शुक्ला, तपन तिवारी, एन.के.नाथ, प्रकाश चन्द्रा, सुनील टांडे, कार्यपालन राकेश मसीह, स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. संजय तिवारी, संपदा अधिकारी अनिरूद्ध सिंह, अरविंद सिंह आदि उपस्थित थे।

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कोरबा

सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य आयोजन

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220 मातृशक्तियों की सहभागिता, नन्हे भैया-बहनों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया पारिवारिक संस्कारों का संदेश
कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी, कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य, सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य राजकुमार देवांगन रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में दीपक सोनी (कोरबा विभाग समन्वयक) एवं संजय कुमार देवांगन (प्रधानाचार्य, पूर्व माध्यमिक) उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत विद्यालय परिवार द्वारा पारंपरिक रीति से किया गया।


अपने संबोधन में अतिथियों ने मातृशक्ति की भूमिका को बाल संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में माता का योगदान सबसे निर्णायक होता है। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे भैया-बहनों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बच्चों ने आकर्षक नृत्य, गीत एवं लघु प्रस्तुतियों के माध्यम से पारिवारिक वातावरण, नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं संस्कारों का संदेश दिया। बच्चों की सहज एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित माताओं एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।


कार्यक्रम में कुल 220 मातृशक्तियों की गरिमामयी सहभागिता रही, जिससे मातृसंगोष्ठी अत्यंत सफल रही। माताओं ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति, संस्कार आधारित शिक्षा एवं गतिविधियों की सराहना की। शिशु नगरी कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं एवं सहयोगी संस्थाओं की जीवंत प्रदर्शनी लगाई गई। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास, कौशल निर्माण, संस्कार शिक्षा एवं व्यवहारिक ज्ञान को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया। अभिभावक बंधुओं के सहयोग से आनंद मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्राथमिक विभाग के भैया-बहनों ने विभिन्न खेलों, गतिविधियों एवं मनोरंजन कार्यक्रमों में भाग लेकर भरपूर आनंद उठाया। आनंद मेला बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।


कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधानाचार्य पंकज तिवारी ने सभी अतिथियों, मातृशक्तियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यालय एवं परिवार के बीच सहयोग और विश्वास और अधिक मजबूत होता है। उप-प्रधानाचार्य श्रीमती सीमा त्रिपाठी सहित समस्त आचार्य परिवार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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कोरबा

बॉयोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन कर संजय सुमन ने कमाए साल में 3.20 लाख

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कोरबा। विकासखंड करतला के ग्राम बड़मार निवासी संजय सुमन ने मछली पालन को अपना मुख्य व्यवसाय बनाकर सफलता की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत नवीन बॉयोफ्लॉक तकनीक अपनाकर उन्होंने कम भूमि में अधिक उत्पादन कर उल्लेखनीय आय अर्जित की है।
संजय सुमन ने अपनी 25 डिसमिल भूमि पर बॉयोफ्लॉक तालाब का निर्माण कराया। इस तकनीक में तालाब में लाइनर बिछाकर पानी भरा जाता है और तेजी से बढ़ने वाली उन्नत प्रजाति की मछलियों का पालन किया जाता है। इसकी विशेषता है कि वर्ष में दो बार उत्पादन लेकर अधिक आय प्राप्त की जा सकती है।
सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत उन्हें 8.40 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। पिछले वर्ष संजय सुमन ने बॉयोफ्लॉक तालाब से 6 मैट्रिक टन मछली उत्पादन किया, जिसे बेचकर 07 लाख 20 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। उत्पादन लागत निकालने के बाद उन्हें 03 लाख 20 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
सफलता से उत्साहित संजय सुमन इस वर्ष अपने कार्य का विस्तार कर उत्पादन एवं आय को दुगुना करने की योजना बना रहे हैं। बॉयोफ्लॉक तकनीक की खासियत यह है कि कम भूमि में अधिक उत्पादन संभव होता है, जिससे किसानों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
संजय सुमन की यह कहानी क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।

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कोरबा

सुशासन सरकार की नीतियों से किसान हुआ आत्मनिर्भर और निश्चिंत

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सुगम व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य, किसानों की आर्थिक ढाल

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन आधारित नीतियों का सकारात्मक प्रभाव अब प्रदेश के खेतों तक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। शासन की पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य से छोटे एवं बड़े सभी किसानों को समान रूप से उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे किसानों का जीवन स्तर सुदृढ़ हो रहा है।
कोरबा जिले के ग्राम कल्दामार निवासी कृषक अरुण कुमार इसकी मिसाल हैं, उन्होंने उपार्जन केंद्र भैंसमा में इस वर्ष 190 क्विंटल धान का विक्रय बिना किसी असुविधा के किया। गत वर्ष भी उन्होंने लगभग 350 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया था। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती टिकैतिन बाई के नाम से टोकन कटवा कर धान विक्रय की प्रक्रिया पूर्ण की।
कृषक कुमार का कहना है कि शासन की पहल से उपार्जन केंद्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध हैं। उच्च समर्थन मूल्य मिलने से अब किसानों को अगली फसल के लिए आर्थिक चिंता नहीं रहती और उन्हें उधार लेने की मजबूरी से भी मुक्ति मिली है। खेत से लेकर धान विक्रय तक की पूरी प्रक्रिया आज किसानों के लिए सहज, सुरक्षित और तनावमुक्त हो गई है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाया है और वे अब समृद्धि की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। किसानों के हित में संचालित योजनाओं और प्रभावी नीतियों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

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