छत्तीसगढ़
DGP-IG कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी…इंटरनल सिक्योरिटी पर मंथन:महिला सुरक्षा, आतंकवाद और विजन 2047 पर चर्चा, DGP अरुण देव ‘बस्तर 2.0’ पर प्रेजेंटेशन देंगे
रायपुर,एजेंसी। IIM नवा रायपुर में 60वें अखिल भारतीय DGP-IG कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन की बैठक सुबह से जारी है। बैठक की कमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संभाल रहे हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल समेत देशभर की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी मौजूद हैं।
आज कॉन्फ्रेंस में चार सत्र निर्धारित हैं, जिनमें विभिन्न राज्यों के DGP अपनी-अपनी प्रेजेंटेशन देंगे। बैठक का मुख्य फोकस राष्ट्रीय सुरक्षा, उभरती चुनौतियां और पिछली सिफारिशों के अमल की समीक्षा पर है। बैठक के एजेंडा में महिला सुरक्षा को तकनीक के माध्यम से और मजबूत करने पर भी विशेष चर्चा शामिल है।
छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुण देव गौतम ‘बस्तर 2.0’ पर अपनी बात रखेंगे। वे मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन के बाद बस्तर में विकास की रणनीति पर विस्तार से जानकारी देंगे।
कॉन्फ्रेंस के एक सत्र में आतंकवाद-निरोध के रुझान और उपायों पर चर्चा होगी। वहीं विजन 2047 पर आईबी के विशेष निदेशक प्रजेंटेशन देंगे।
पहले दिन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने देश के टॉप-3 पुलिस स्टेशनों को सम्मानित किया। दिल्ली के गाजीपुर थाने को बेस्ट पुलिस स्टेशन घोषित किया गया, जबकि अंडमान-निकोबार के पहरगांव थाना दूसरे और कर्नाटक के रायचूर जिले के कवितला थाना तीसरे स्थान पर रहा।

रायपुर पहुंचने पर एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी का सीएम साय ने स्वागत किया।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने देश के टॉप-3 पुलिस स्टेशनों को सम्मानित किया। मंच पर अजीत डोभाल, रॉ चीफ पराग जैन और आईबी चीफ तपन डेका मौजूद रहे।

दिल्ली के गाजीपुर पुलिस स्टेशन के थानेदार यू. बाला शंकरन की तस्वीर है। शाह ने सम्मानित किया।

PM मोदी शुक्रवार रात 8 बजे रायपुर पहुंचे। वे आज (शनिवार) सुबह 8 बजे से वे सम्मेलन में मौजूद रहेंगे।

अधिकारियों को लाने ले जाने के लिए 400 से अधिक टैक्सी बुक की गई है।

नवा रायपुर स्थित IIM कैंपस के बाहर सुरक्षा सख्त की गई है।
इन अहम विषयों पर भी मंथन
- जन-आंदोलनों के प्रभावी प्रबंधन के लिए मजबूत और प्रभावी तंत्र की आवश्यकता।
- भारतीय भगोड़ों की वतन वापसी के लिए रोडमैप तैयार करना।
- अनुसंधान में फॉरेंसिक तकनीक के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देना।
- सफल जांच सुनिश्चित करने और अपराध समाधान दर बढ़ाने की रणनीतियाँ।
- बैठक की थीम ‘विकसित भारत, सुरक्षित भारत’ रखी गई है।

नवा रायपुर में DGP-IG कॉन्फ्रेंस के शामिल होंगे पीएम नरेंद्र मोदी। (फाइल)
एयरपोर्ट का अराइवल गेट 3 दिनों के लिए आम यात्रियों के लिए बंद
DGP-IG कॉन्फ्रेंस में देशभर से लगभग 600 अधिकारी और VIP इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हैं। इस बार सम्मेलन में पहली बार SP रैंक के अधिकारी भी शामिल हुए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत माना एयरपोर्ट का अराइवल गेट तीन दिनों के लिए आम यात्रियों के लिए बंद कर दिया गया है।
यात्री गेट-2 का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, सम्मेलन के दौरान नया रायपुर में भारी वाहनों की एंट्री पर भी प्रतिबंध है। डीजी-आईजी सम्मेलन के दौरान वीवीआईपी को आने-जाने में किसी तरह की रुकावट न हो, इसलिए नवा रायपुर क्षेत्र में मध्यम और भारी वाहनों की एंट्री बैन की गई है।

DGP-IG कॉन्फ्रेंस के मद्देनजर बैठक लेकर अफसरों को निर्देश जारी किए गए हैं।
पीएम मोदी M-1, शाह M-11 में ठहरे
प्रधानमंत्री एम-1 और केंद्रीय गृहमंत्री एम-11 में ठहरे हैं। नए सर्किट हाउस में एनएसए अजीत डोभाल, डिप्टी एनएसए अनीश दयाल सिंह, आईबी चीफ तपन डेका, केंद्रीय गृह सचिव और दोनों केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के ठहरने की व्यवस्था की गई है।
सर्किट हाउस में 6 सूइट और 22 कमरे बुक हैं। ठाकुर प्यारेलाल संस्थान में 140 कमरे और निमोरा अकादमी में 91 कमरे बुक हैं। इस कार्यक्रम में शामिल 33 राज्यों के डीजीपी, पैरामिलिट्री फोर्स के 20 डीजी/एडीजी समेत 75 पुलिस अधिकारी ठहराए गए हैं।
ADG और IG को सुरक्षा की कमान
DGP-IG कॉन्फ्रेंस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य जिम्मेदारियां एडीजी दीपांशु काबरा और आईजी अमरेश मिश्रा को दी गई हैं। राज्य पुलिस के साथ ही केंद्रीय फोर्स, इंटेलिजेंस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय (को-आर्डिनेशन) की जिम्मेदारी भी इन्हीं के पास है।
IG छाबड़ा, ओपी, ध्रुव को यह जिम्मा
सभी अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। आईजी छाबड़ा को भोजन व्यवस्था, ओपी पाल को आवास, ध्रुव गुप्ता को कंट्रोल रूम और अन्य अधिकारियों को परिवहन और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी दी गई है।
वीआईपी जहां ठहरे हैं, वहां कमांडेंट या एसपी रैंक के अधिकारियों को सुरक्षा प्रभारी बनाया गया है। 3 शिफ्ट में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। IIM में आईजी रैंक के अधिकारी भी तैनात किए गए हैं।
1 महीने में पीएम मोदी का दूसरा दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक महीने में दूसरी बार छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। इससे पहले, 1 नवंबर को वे राज्य स्थापना दिवस पर रायपुर पहुंचे थे, जहां उन्होंने सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में बच्चों से मुलाकात की। आदिवासी संग्रहालय का उद्घाटन किया और राज्योत्सव में हिस्सा लिया था।

छत्तीसगढ़
तकनीकी नवाचार की उड़ान “लॉन्चपैड प्रोग्राम 2.0” का सफल आयोजन
एचडी शेफर मेमोरियल फाउंडेशन एवं कोडक्राफ्ट के संयुक्त तत्त्वावधान में प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न
AI, पायथन और वेब डिज़ाइन का क्रियाशील प्रशिक्षण; 13 से 68 वर्ष तक के प्रतिभागियों ने सीखी आधुनिक तकनीक की बारीकियाँ
सुनील चिंचोलकर
बिलासपुर। एच० डी० शेफर मेमोरियल फाउंडेशन एवं कोडक्राफ्ट सेंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज़ के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित 15 दिवसीय “लॉन्चपैड प्रोग्राम 2.0” का आज विधिवत एवं सफलतापूर्वक समापन हुआ। सीओसीएमआई कैम्पस, ककुदंड, बिलासपुर में 11 मई से 27 मई 2026 तक आयोजित इस गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यालयी छात्र-छात्राओं से लेकर कार्यरत पेशेवरों एवं सेवानिवृत्त व्यक्तियों तक — 13 वर्ष से 68 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AI टूल्स, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, पायथन प्रोग्रामिंग, वेबसाइट डिज़ाइनिंग, उद्यमिता कौशल, एक्सेल तथा व्यक्तित्व विकास का व्यावहारिक एवं हस्तप्रयोगात्मक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विशेष बात यह रही कि प्रशिक्षण हेतु किसी पूर्व तकनीकी ज्ञान की अनिवार्यता नहीं रखी गई, जिससे तकनीक के क्षेत्र में नए प्रतिभागियों को भी सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिला।
प्रतिभागियों ने तैयार किए नवाचारपूर्ण प्रोजेक्ट
प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों ने अपनी व्यक्तिगत पोर्टफोलियो वेबसाइट्स, AI आधारित प्रोफेशनल हेडशॉट्स, पोस्टर एवं निमंत्रण-पत्र डिज़ाइन, पायथन आधारित BMI कैलकुलेटर तथा विभिन्न मिनी प्रोजेक्ट्स तैयार किए।
विशेष रूप से 15 वर्षीय बेनहुर एवं 17 वर्षीय एंजेल लहरे ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से दो संपूर्ण कम्प्यूटर गेम्स विकसित कर अपनी तकनीकी प्रतिभा का प्रभावशाली परिचय दिया।
“तकनीक साधन है, साध्य नहीं” — संजय विल्सन
समापन समारोह की अध्यक्षता एच० डी० शेफर मेमोरियल फाउंडेशन के निदेशक संजय विल्सन ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तभी सार्थक है जब उसे मानवीय विवेक, नैतिकता और कौशल के साथ जोड़ा जाए। उन्होंने प्रतिभागियों को तकनीक का उपयोग समाजहित एवं आत्मविकास के लिए करने की प्रेरणा दी।
समारोह में आकांक्षा नाथानियल, एंजेल लहरे, बेनहुर, डेफनी, मेर्लिन, राजेश मकबूल एवं विस्मय सहित सभी सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर आलोक विल्सन, विनय जेम्स एवं के० एम० के० पॉल की गरिमामयी उपस्थिति रही।
प्रशिक्षकों एवं आयोजकों का सराहनीय योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशिक्षकों की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। सॉफ्टवेयर इंजीनियर अप्रतिम सैमुएल एवं डेटा साइंटिस्ट कपिल वर्मा ने प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकी अवधारणाओं एवं व्यावहारिक प्रयोगों से परिचित कराया।
इस सम्पूर्ण आयोजन के सफल संयोजन का श्रेय रेव० निखिल पॉल को जाता है, जिनके समर्पण, कुशल प्रबंधन एवं सतत प्रयासों से कार्यक्रम सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
तकनीकी शिक्षा को जनसामान्य तक पहुँचाने की पहल
“लॉन्चपैड प्रोग्राम 2.0” इस तथ्य का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया कि तकनीकी शिक्षा केवल इंजीनियरिंग अथवा विज्ञान के विद्यार्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज का प्रत्येक वर्ग एवं प्रत्येक आयु का व्यक्ति आधुनिक तकनीक सीखकर आत्मनिर्भरता एवं नवाचार की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
कोरबा
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का उद्देश्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन से पर्यावरण प्रदूषण रोकना है – सीईओ
जिला पंचायत में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर हुई कार्यशाला
कोरबा। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा 27 जनवरी 2026 को अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026, वर्ष 2016 के पुराने नियमों का स्थान लेंगे। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से पर्यावरण प्रदूषण को रोकना तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उक्त बातें जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दिनेश कुमार नाग ने बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 संबंधी कार्यशाला में कही।

सीईओ श्री नाग ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार यह नियम 01 अप्रैल 2026 से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित पूरे देश में लागू हो चुका है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर इन नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे कचरे का वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित निपटान हो सके। इसके लिए ग्राम पंचायतों में कचरा संग्रहण शुल्क, शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली लागू की जाएगी। साथ ही नियमों के उल्लंघन पर दंडात्मक प्रावधान भी सुनिश्चित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि ग्राम एवं जनपद स्तर पर उत्पन्न होने वाले कचरे की रिपोर्ट प्रत्येक 15 दिवस में तैयार कर प्रस्तुत करनी होगी। राज्य शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति हेतु जून माह तक जिले की 25 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को वैज्ञानिक तरीके से कचरा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
श्री नाग ने कहा कि स्वच्छता अभियान की शुरुआत स्वयं से करनी होगी। जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी अपने घरों में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन अपनाएं तथा कचरे के पृथक्करण के लिए नीले, हरे, लाल एवं पीले रंग के डस्टबिन का उपयोग करें, ताकि विभिन्न प्रकार के कचरे का पृथक-पृथक निपटान किया जा सके।
कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन के श्री दीप सरकार द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के उद्देश्य, महत्वपूर्ण विशेषताओं एवं मुख्य प्रावधानों की जानकारी पॉवर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से दी गई।
कार्यक्रम में लेखा अधिकारी श्री राजेंद्र यादव, सहायक परियोजना अधिकारी श्रीमती इंदिरा भगत, श्रीमती अमिता साहू, जनपद पंचायतों के सीईओ, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अधिकारी-कर्मचारी, सहायक विकास विस्तार अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी एवं तकनीकी सहायक उपस्थित रहे।
कोरबा
अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन हेतु अशोक मोदी सहित 13 पदाधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल इंदौर रवाना
कोरबा। अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में सम्मिलित होने हेतु छत्तीसगढ़ संगठन के प्रांतीय चेयरमैन अशोक मोदी, प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल, बाबूलाल अग्रवाल, जयदेव सिंघल, महेन्द्र सक्सेरिया, आशीष सक्सेरिया एवं डाॅ. अनिता मोहनलाल सहित अन्य पदाधिकारी आज इंदौर के लिए रवाना हो गए।

विदित हो कि अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन दिनांक 30 एवं 31 मई 2026 को इंदौर में आयोजित है। इस अधिवेशन में संगठन के देशभर के प्रदेशाध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री, राष्ट्रीय पदाधिकारीगण एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सम्मिलित होंगे।
अधिवेशन में उपस्थित पदाधिकारीगणों के द्वारा राष्ट्रहित एवं समाजहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की जायेगी। साथ ही समाजसेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक समरसता एवं राजनीतिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे एवं संगठन की सदस्यता को बढ़ाने एवं इसको 1 करोड तक पहुॅचाने का लक्ष्य रखा जायेगा जिस पर कार्य करने पर भी विचार किया जायेगा।
उक्त कार्यक्रम राष्ट्रीय चेयरमैन प्रदीप मित्तल के सानिध्य में तथा नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण मित्तल की अध्यक्षता में संपन्न होगा।
अशोक मोदी ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के कार्यक्रम सराहनीय रहे हैं तथा सामाजिक सेवा, धार्मिक सेवा, व्यापार एवं उद्योग में छत्तीसगढ़ अग्रवाल समाज की बड़ी भूमिका रही है और राष्ट्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में जो ठोस निर्णय लिए जाएंगे, उसे छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जाएगा।
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