कोरबा
सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी – तकनीक, प्रशिक्षण और संसाधन के साथ-साथ जागरूकता पर भी देना होगा ध्यान – हरीश दुहन
एसईसीएल मुख्यालय में वार्षिक कोयला खान सुरक्षा पखवाड़ा 2025 का उद्घाटन सम्पन्न
बिलासपुर। 01 दिसंबर से 14 दिसंबर 2025 तक आयोजित वार्षिक कोयला खान सुरक्षा पखवाड़ा 2025 का उद्घाटन दिनांक 01.12.2025 को एसईसीएल मुख्यालय प्रांगण में अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने निदेशक तकनीकी (संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (कार्मिक) बिरंची दास, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, विभिन्न विभागाध्यक्षों, अधिकारियों-कर्मचारियों, विभिन्न श्रमसंघ प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सुरक्षा ध्वज फहराकर किया गया।

मुख्य अतिथि अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने अपने उद्बोधन में कहा कि हम सभी को मिलकर शून्य दुर्घटना लक्ष्य की प्राप्ति के लिए लगातार प्रयास करते रहने होगा। हम सभी को जाने-अनजाने कोई भी ऐसा काम नहीं करना है जिससे हमारी या हमारे साथियों की जान जोखिम में पड़ जाए और सुरक्षा हम सभी की ज़िम्मेदारी इस विचारधारा के साथ हमें कार्यनिष्पादन करना होगा। खदान में शून्य दुर्घटना लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हमें हरसंभव प्रयास करना होगा और खदानों में कर्मियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना होगा।

निदेशक तकनीकी (संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार ने कहा कि सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। उन्होने सुरक्षा लक्ष्य के प्राप्ति के लिए कार्यसंस्कृति में अनुशासन और अभिवृत्ति (Attitude) पर ज़ोर दिया। सुरक्षा पखवाड़ा सुरक्षा के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता को दोहराने, हमारे कर्मियों के प्रयासों को सम्मान देने एवं सुरक्षा को लेकर नए मापदंड स्थापित करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करता है।

इस अवसर पर प्रारंभ में अतिथियों द्वारा शहीद स्मारक व खनिक प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर सुरक्षा शपथ का पठन मुख्य अतिथि द्वारा किया गया जिसे समस्त उपस्थितों ने दोहराया।

कार्यक्रम में शहीद श्रमवीरों के सम्मान में एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। मंचस्थ अतिथियों द्वारा “सुरक्षा से समृद्धि बुकलेट” जिसमें सुरक्षा मानकों का उल्लेख है का विमोचन किया गया।
कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन मनोज कुमार, महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं बचाव) द्वारा प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर कुसमुंडा क्षेत्र टीम द्वारा ’’सुरक्षा’’ विषय पर नाटक का मंचन किया गया जिसमें खदान में कार्य दौरान सुरक्षा के सभी मानकों का पालन करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने निदेशक तकनीकी (संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (कार्मिक) बिरंची दास, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन ने एसईसीएल के सभी कोयला क्षेत्रों में सुरक्षा सन्देश के प्रसार-प्रचार के लिए सुरक्षा रथ को फ्लेग आफ कर रवाना किया ।
कार्यक्रम में उद्घोषणा का दायित्व शेख जाकिर हुसैन, मुख्य प्रबंधक (पर्यावरण) द्वारा निभाया गया।


कोरबा
महिला सुरक्षा और लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक
राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक ने ली रेंज की साप्ताहिक समीक्षा बैठक,एक माह में पुराने प्रकरण शून्य करने का दिया लक्ष्य
ITSSO*के तहत महिला संबंधी अपराधों में 60 दिवस के भीतर निराकरण के सख्त निर्देश
कोरबा। दिनांक 13.05.2026 को ’राम गोपाल गर्ग’ पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज द्वारा जिले के वरि. पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षकों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली गई। समीक्षा मीटिंग का आयोजन रेंज स्तरीय पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में किया गया। समीक्षा मीटिंग में रजनेश सिंह उमनि. एवं वरि. पुलिस अधीक्षक, जिला बिलासपुर, शशि मोहन सिंह, उमनि. एवं वरि. पुलिस अधीक्षक, जिला रायगढ़, भोजराम पटेल, वरि. पुलिस अधीक्षक मुंगेली, सिद्धार्थ तिवारी, पुलिस अधीक्षक, जिला कोरबा, मनोज खिलारी, पुलिस अधीक्षक, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, प्रफुल्ल ठाकुर, पुलिस अधीक्षक, जिला सक्ती, सुश्री निवेदिता पॉल, पुलिस अधीक्षक, जिला जॉजगीर-चाम्पा, श्रीमती निमीषा पाण्डेय, अति. पुलिस अधीक्षक, जिला सारंगढ़, उप पुलिस अधीक्षक, मंजूलता केरकेट्टा पु.म.नि. कार्या. बिलासपुर उपस्थित रहें।
राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज द्वारा रेंज के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली गई इस बैठक में माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ द्वारा जारी दिशा-निर्देशों अनुपालन में चर्चा की गई एवं लंबित आपराधिक प्रकरणों को विशेष अभियान चला कर निकाल करने हेतु निर्देशित किया गया।

न्यायालयीन निर्देशों का पालन और लंबित प्रकरणों की समीक्षाः-

बैठक का मुख्य केंद्र उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ द्वारा प्रकरण क्रमांक Cr.M.P.No.-3112/2024 में जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन रहा। आईजी श्री गर्ग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एक वर्ष से अधिक पुराने लंबित प्रकरणों का विशेष अभियान चलाकर निराकरण किया जाए।
बैठक के प्रमुख बिंदुः-
पुराने प्रकरणों का लक्ष्यः- पुलिस महानिरीक्षक ने पुराने लंबित प्रकरणों को आगामी 01 माह के भीतर शून्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अपराधों का वर्गीकरणः- लंबित गंभीर अपराधों जैसे लूट, डकैती, धोखाधड़ी, अपहरण और दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों की राजपत्रित अधिकारियों के माध्यम से प्रकरणवार समीक्षा कर अविलंब चालान मान0 न्यायालय में पेश करें।
फरार आरोपियों की धरपकड़ फरार आरोपियों की समीक्षा कर उनकी शीघ्र गिरफ्तारी कर चालान माननीय न्यायालय में पेश करने निर्देश दिए गए ।
ITSSO महिला सुरक्षा पुलिस की सर्वाेच्च प्राथमिकता
महिला संबंधी अपराधों के त्वरित न्याय के लिए संचालित (Investigation Tracking System for Sexual Offence) की समीक्षा करते हुए आईजी श्री गर्ग ने निम्नलिखित निर्देश दिए-
60 दिवस की समय-सीमा जो प्रकरण 60 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं, उनका शीघ्र निराकरण किया जाए ।
त्वरित विवेचना जो मामले अभी 60 दिनों की अवधि के भीतर हैं, उनमें निरंतर साक्ष्य संकलन कर समय-सीमा के अंदर ही जांच पूर्ण की जाए ।
बैठक के अंत में आईजी श्री गर्ग ने सभी अधिकारियों को बैठक में दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन करने के निर्देश दिए गए।
कोरबा
अस्पताल परिसर में बन रहा शेड, बारिश-धूप से बचेंगे मरीज
कोरबा। मेडिकल कॉलेज संबद्ध जिला अस्पताल में जल्द ही पुराने भवन से लेकर ट्रामा सेंटर और निर्माणाधीन ओपीडी रजिस्ट्रेशन रूम तक शेड बनकर तैयार हो जाएगा।
इसके बाद इलाज, जांच, ऑपरेशन समेत अन्य काम से पुराने भवन से ट्रामा सेंटर के बीच मरीजों की आवाजाही के दौरान बारिश व धूप से उन्हें परेशानी नहीं होगी। मरीजों के साथ अटेंडर को भी एक भवन से दूसरे भवन आते-जाते समय मौसम की मार नहीं झेलनी पड़ेगी। अस्पताल प्रबंधन के प्रस्ताव पर डीएमएफ से मिली स्वीकृति के बाद नगर निगम की ओर से शेड बनाया जा रहा है। मजबूती और टिकाऊपन का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। शेड के लिए लोहे के भारी पिलर खड़े किए जा चुके हैं, जिस पर जल्द ही रूफिंग की जाएगी। वर्तमान में पुराने भवन से ट्रामा सेंटर आवाजाही के लिए मरीजों व उनके परिजन को खुले आसमान के नीचे से होकर गुजरना पड़ता है।

बारिश के मौसम से पहले ही काम हो जाएगा पूरा ^मेडिकल कॉलेज अस्पताल के संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. गोपाल कंवर के मुताबिक अस्पताल को सुव्यवस्थित करने और मरीजों को बेहतर सुविधा देने लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत मरीजों व उनके परिजन को मौसम की मार से बचाने के लिए परिसर में नए रजिस्ट्रेशन कक्ष से लेकर अन्य भवन के बीच शेड निर्माण किया जा रहा है। आगामी बारिश से पहले इसे पूर्ण कर लिया जाए।
कोरबा
रील बनाने नदी में कूदा युवक, डूबकर मौत:3 मिनट तक पानी में हाथ-पैर मारता रहा, कोरबा में दोस्त शूट करते रहे वीडियो
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में सोशल मीडिया के लिए रील बनाने का शौक एक युवक की मौत का कारण बन गया। अहिरन नदी में छलांग लगाने के बाद युवक करीब 3 मिनट तक पानी में हाथ-पैर मारता रहा, लेकिन किनारे खड़े दोस्त उसे डूबता देख बचाने के बजाय मस्ती समझकर वीडियो शूट करते रहे। इस दर्दनाक हादसे का लाइव वीडियो भी सामने आया है।

मंगलवार से लापता निखिल सिंह (25) का शव 48 घंटे बाद बुधवार देर शाम नदी से बरामद किया गया। यह घटना कुसमुंडा थाना क्षेत्र की है।

तैरते-तैरते युवक डूब रहा था, दोस्त वीडियो बना रहे थे।

क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, SECL कुसमुंडा में पदस्थ डंपर ऑपरेटर का बेटा निखिल सिंह (25) मंगलवार दोपहर अपने तीन दोस्तों के साथ अहिरन नदी में नहाने गया था। नहाते समय उसने रील बनाने के लिए नदी में ऊंचाई से छलांग लगाई। उसके दोस्तों ने मोबाइल से इसका वीडियो बनाना शुरू कर दिया।
सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि, छलांग लगाने के बाद निखिल करीब 3 मिनट तक पानी में हाथ-पैर मारता रहा। उसके दोस्तों को लगा कि वह तैर रहा है और मस्ती कर रहा है, इसलिए किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। जब निखिल पानी में पूरी तरह डूब गया, तब दोस्तों को सच्चाई का पता चला।

SECL कुसमुंडा से गुजरती है अहिरन नदी।
दो दिनों तक चला सर्च ऑपरेशन
हादसे के बाद घबराए दोस्तों ने पुलिस और परिजनों को सूचना दी। पुलिस और गोताखोरों की टीम ने मंगलवार दोपहर से ही सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
बुधवार को खराब मौसम के कारण रेस्क्यू रोकना पड़ा, लेकिन कुछ ही देर बाद निखिल का शव पानी की सतह पर आ गया। पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई के बाद गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम करवाया।

बिलासपुर से आई एनडीआरएफ (NDRF) टीम को बचाव कार्य में चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
संसाधनों की कमी से जूझती रही रेस्क्यू टीम
बचाव कार्य के दौरान बिलासपुर से आई एनडीआरएफ (NDRF) की टीम को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। टीम के पास ऑक्सीजन सिलेंडर और वॉटरप्रूफ कैमरे जैसे जरूरी उपकरणों की कमी थी, जिसके कारण रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित हुआ। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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