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कुसमुंडा

SECL कुसमुंडा क्षेत्र की प्रभावित महिलाओं का आंदोलन, तहसीलदार के ठोस आश्वासन पर अस्थायी विराम

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महिलाओं ने दी एक महीने बाद फिर आंदोलन की चेतावनी

​कोरबा/कुसमुंडा । एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र में अपनी पुश्तैनी ज़मीन कोयला खदानों को देने वाली विस्थापित महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे अनिश्चितकालीन आंदोलन को प्रबंधन और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद फिलहाल एक महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है । आंदोलन के दूसरे दिन कुसमुंडा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने भूविस्थापित महिला नेताओं गोमती केवट, सरिता इंद्रा को गिरफ्तार कर दर्री तहसील में पेश किया ।

दमनकारी कार्रवाई और आश्वासन

​आंदोलन से घबराए एसईसीएल प्रबंधन और प्रशासन ने दमनकारी कार्यवाही करते हुए महिलाओं की आवाज़ को दबाने का प्रयास किया। जिन किसानों की ज़मीन से आज देश और राज्य को रोशनी मिल रही है और सबसे ज़्यादा राजस्व प्राप्त हो रहा है, उन्हीं भूविस्थापित महिलाओं पर इस प्रकार की कार्यवाही चिंतनीय विषय है ।

​दर्री तहसील में तहसीलदार ने आंदोलनकारी महिलाओं को ठोस आश्वासन दिया, उन्होंने कहा कि एक महीने के भीतर भूविस्थापितों के रोज़गार, बसाहट, पुनर्वास और अन्य समस्याओं का निराकरण कर दिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद महिला नेताओं को मुचलके पर रिहा कर दिया गया ।

झूठा आश्वासन साबित न हो, महिलाओं की चेतावनी

​गिरफ्तार हुईं गोमती केवट, सरिता इंद्रा सहित अन्य महिलाओं ने रिहा होने के बाद स्पष्ट किया कि यह आश्वासन केवल खानापूर्ति नहीं होना चाहिए। उन्होंने तहसीलदार से साफ़ कहा कि अगर उनकी रोज़गार, पुनर्वास सहित अन्य माँगें एक महीने के भीतर पूरी नहीं हुईं और यह आश्वासन झूठा साबित हुआ तो वे एक महीने के बाद फिर से आंदोलन करने को मजबूर होंगी ।

रोज़गार के लिए संघर्ष

​भूविस्थापित महिलाओं का संघर्ष उन किसानों का दर्द बयां करता है, जिनकी ज़मीन पर कभी हल चला करती थी और आज वे अपनी ही ज़मीन एसईसीएल को समर्पित करने के बाद रोज़गार के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं ।एसईसीएल प्रबंधन द्वारा किसानों की समस्याओं को सुलझाने के बजाय प्रशासन का उपयोग कर उनकी आवाज़ को दबाने का प्रयास मानवीय व नैतिक मूल्यों के विपरीत है ।

​भूविस्थापित महिलाओं ने प्रशासन से अपील की है कि वे अपनी निर्दय व बेरहम छवि को छोड़कर जिनके त्याग पर यह क्षेत्र प्रगति कर रहा है उनके प्रति न्यायपूर्ण रवैया अपनाएँ और तत्काल उनकी समस्याओं का समाधान करें ।

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कुसमुंडा

सरस्वती शिशु मंदिर कुसमुंडा में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम, राधा-कृष्ण बनकर सजे नन्हे-मुन्ने

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श्रीकृष्ण-राधा साज-सज्जा प्रतियोगिता में बच्चों ने बिखेरी मनमोहक छटा
दही हांडी और मटका फोड़ प्रतियोगिता ने बढ़ाया उत्साह, विद्यालय परिसर में भक्ति और उल्लास का माहौल
विजेता बच्चों को पुरस्कार और सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार से किया गया सम्मानित

कोरबा/कुसमुंडा। सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुसमुंडा में 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में किया गया। इस दौरान शिशु वाटिका के नन्हे-मुन्ने भैया-बहनों के लिए ‘श्री कृष्ण-राधा सजाओ प्रतियोगिता’ आयोजित की गई, जिसमें बच्चों ने राधा और भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में सजकर अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभी का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ समिति के व्यवस्थापक मनीष मिश्रा, कोषाध्यक्ष रामेश्वर सोनी, पूर्व प्राचार्य श्यामलाल चंद्रा एवं संस्था प्रमुख चिंतामणि कौशिक द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पूजन-अर्चन के साथ किया गया। दीप प्रज्वलन और पूजन के बाद विद्यालय परिसर में आयोजित जन्माष्टमी समारोह में बच्चों, आचार्यों और उपस्थित अतिथियों का उत्साह देखते ही बना।

श्रीकृष्ण-राधा सजाओ प्रतियोगिता में शिशु वाटिका के नन्हे भैया-बहनों ने आकर्षक वेशभूषा में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के बाल स्वरूप को जीवंत कर दिया। किसी बच्चे ने श्रीकृष्ण का मनमोहक रूप धारण किया तो किसी ने राधा रानी की सुंदर वेशभूषा में सभी का मन मोह लिया। बच्चों की साज-सज्जा, आत्मविश्वास और उत्साह ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
जन्माष्टमी समारोह के दौरान प्राथमिक विभाग के भैया-बहनों ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप पर आधारित नृत्य प्रस्तुति दी। ‘मैया यशोदा, यह तेरा कन्हैया’ गीत पर बच्चों ने सुंदर नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों की खूब सराहना बटोरी। नन्हे कलाकारों की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इसके साथ ही मिडिल विभाग के भैया-बहनों के लिए अंधा मटका फोड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों का जोश और उत्साह देखते ही बना। वहीं हाई स्कूल के भैया-बहनों की टीम ने पिरामिड बनाकर दही हांडी फोड़ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इस आयोजन के माध्यम से बच्चों ने टीम भावना, अनुशासन, आपसी सहयोग और एकजुट होकर लक्ष्य प्राप्त करने का संदेश प्रस्तुत किया।
विद्यालय के प्राचार्य एवं संस्था प्रमुख चिंतामणि कौशिक ने कार्यक्रम में उपस्थित भैया-बहनों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश देते हुए बच्चों को सत्य, कर्म और प्रेम के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन मानव समाज को सत्य, कर्तव्य और प्रेम का संदेश देता है तथा विद्यार्थियों को उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम में निर्णायक मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। निर्णायक मंडल में श्रीमती संगीता वर्मा, सुधा चौबे, भूमोती जंघेला, हेमलता शर्मा, खगेश्वरी चंद्रा, काकोली चौधरी, संगीता दुबे, तनु मुखर्जी, सुष्मिता दीदी, हेमेंद्र साहू, बसंत यादव, अशोक दुबे, उमाशंकर जायसवाल, अनूप सावलकर, कुमार तिवारी, सुरेश सोनी, नरेंद्र पटेल, संतोष कैवर्त, कामता चंद्रा एवं सुधीर सिन्हा उपस्थित रहे।
प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्थान प्राप्त भैया-बहनों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। वहीं प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी सुसज्जित भैया-बहनों को भी सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। पुरस्कार वितरण के दौरान बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह देखने को मिला। विद्यालय परिवार की ओर से बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इस प्रकार के आयोजन को महत्वपूर्ण बताया गया।
पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ आचार्य दीपचंद जंघेला ने किया। उनके संचालन में कार्यक्रम क्रमबद्ध एवं उत्साहपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। विद्यालय के आचार्यगण, भैया-बहनों और समिति के पदाधिकारियों की सहभागिता से जन्माष्टमी समारोह यादगार बन गया।

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कुसमुंडा

SECL कुसमुंडा में स्थानीय भू-विस्थापितों व मजदूरों के हकों पर कुठाराघात, 20 वर्षों से कार्यरत श्रमिकों को दरकिनार कर KNRCL कंपनी में गुपचुप बाहरी भर्ती का आरोप

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कोरबा/कुसमुंडा। SECL कुसमुंडा क्षेत्र में गोदावरी डिफाई जेवी (Godavari Defai JV) का कार्य समाप्त होने के बाद नई ठेका कंपनी KNRCL द्वारा की जा रही भर्ती प्रक्रिया में भारी अनियमितता तानाशाही और स्थानीय हितों की अनदेखी का गंभीर मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव एवं सांसद प्रतिनिधि तनवीर अहमद ने SECL कुसमुंडा क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) को पत्र लिखकर प्रबंधन व KNRCL की सांठगांठ से की जा रही गुपचुप बाहरी भर्तियों पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है ।

20 वर्षों से सेवाएं दे रहे मजदूर हुए बेरोजगार

सांसद प्रतिनिधि तनवीर अहमद ने बताया कि गोदावरी कंपनी में पिछले लगभग 20 वर्षों से लगातार अपनी निष्ठापूर्वक सेवाएं दे रहे ऑपरेटर ड्राइवर सहित सैंकड़ों स्थानीय श्रमिक कंपनी का ठेका समाप्त होते ही अचानक बेरोजगार हो गए हैं ।

प्रबंधन के वादे और आश्वासन की उड़ीं धज्जियां

उन्होंने बताया कि पूर्व में SECL कुसमुंडा के मुख्य महाप्रबंधक एवं गोदावरी कंपनी प्रबंधन के साथ हुई वार्ता में यह स्पष्ट आश्वासन दिया गया था कि नई ठेका कंपनी KNRCL में सर्वप्रथम स्थानीय भू-विस्थापितों को प्राथमिकता दी जाएगी, तत्पश्चात गोदावरी कंपनी में कार्यरत सभी पुराने व अनुभवी श्रमिकों को शत-प्रतिशत काम पर वापस लिया जाएगा ।

इस आधिकारिक आश्वासन के बाद सभी गरीब मजदूर व भू-विस्थापित शांतिपूर्ण ढंग से SECL द्वारा जारी की जाने वाली रोजगार सूची का इंतजार कर रहे थे ।

पीठ पीछे बाहरी व्यक्तियों की गुपचुप भर्ती

तनवीर अहमद ने आरोप लगाया कि SECL प्रबंधन के संरक्षण में KNRCL कंपनी द्वारा स्थानीय भू-विस्थापितों और 20 वर्षों से कार्यरत अनुभवी श्रमिकों के पेट पर लात मारते हुए चुपके-चुपके बाहरी व्यक्तियों की भर्ती की जा रही है। यह न केवल स्थानीय युवाओं के साथ छल और अन्याय है, बल्कि प्रबंधन के वादे की सीधी खिलाफत है ।

आंदोलन की चेतावनी

तनवीर अहमद ने SECL एवं KNRCL प्रबंधन को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए निम्नलिखित मांगें रखी हैं:-

  1. 100% समायोजन:- KNRCL कंपनी में स्थानीय भू-विस्थापितों के अतिरिक्त गोदावरी कंपनी के प्रतीक्षाचरत सभी 100% श्रमिकों की तत्काल नियुक्ति सुनिश्चित की जाए ।
  2. बाहरी भर्ती पर रोक:- बाहरी व्यक्तियों की गैर-कानूनी व गुपचुप भर्ती पर तुरंत पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए ।
  3. आर-पार की लड़ाई:- यदि पात्र स्थानीय श्रमिकों को तत्काल रोजगार से वंचित किया गया तो कांग्रेस पार्टी मजदूरों और भू-विस्थापितों के साथ मिलकर SECL व KNRCL प्रबंधन के खिलाफ विशाल जन-आंदोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा। जिसकी पूरी नैतिक व प्रशासनिक जिम्मेदारी SECL एवं KNRCL प्रबंधन की होगी ।

उच्च अधिकारियों को भेजी गई प्रतिलिपि

मामले की गंभीरता को देखते हुए, इस ज्ञापन की प्रतिलिपि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, कोरबा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत, जिलाध्यक्ष मनोज चौहान (ग्रामीण) , कलेक्टर कोरबा एवं SDM कटघोरा को प्रेषित कर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है ।

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कुसमुंडा

कोयला मजदूर पंचायत (HMS) की कुसमुंडा क्षेत्रीय समिति का पुनर्गठन, वसन्त कुमार बने अध्यक्ष एवं मिलन पाण्डेय बने महामंत्री

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कोरबा/कुसमुंडा। हिन्द खदान मजदूर फेडरेशन से संबद्ध श्रमिक संगठन कोयला मजदूर पंचायत (HMS) ने एस.ई.सी.एल. (SECL) कुसमुंडा क्षेत्र की अपनी नई क्षेत्रीय समिति का पुनर्गठन कर दिया है। संगठन के महामंत्री विनय सिंह द्वारा इस संबंध में औपचारिक पत्र महाप्रबंधक (खनन) एस.ई.सी.एल. कुसमुंडा क्षेत्र सहित प्रशासनिक एवं श्रम अधिकारियों को प्रेषित कर दिया गया है ।

औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 की धारा 33.4 औद्योगिक विवाद सेन्ट्रल रूल्स 1957 की धारा 61.1 तथा आई.आर. कोड सेन्ट्रल रूल 2026 की धारा 39.1 के तहत गठित इस समिति के सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों को संरक्षित कर्मचारी (Protected Workman) की श्रेणी में माना जाएगा ।

नवगठित क्षेत्रीय समिति के प्रमुख पदाधिकारी

अध्यक्ष बसन्त कुमार, कार्यवाहक अध्यक्ष जनार्दन यादव, उपाध्यक्ष विनोद कुमार यादव, नारायण प्रसाद चन्द्रा, इमामुद्दीन अंसारी, राजदेव सिंह, सुशील कुमार साहू, कौशिक नवरंगे, महामंत्री मिलन पाण्डेय, उपमहामंत्री राजू राजभर, अशोक कुमार, सचिव मनोज कुमार सिंह, चंपालाल बंजारे, जगजीत सिंह, भगवत, हरपाल सिंह, राज बहादुर थापा, सह सचिव करण कुमार, दीपक पटेल, भुपेन्द्र कुमार, कमल कुमार यादव, अनिकेत कुमार, रामायण यादव, संगठन सचिव बालबीर सिंह, सरफराज अहमद, नवल किशोर सिंह, सूर्यप्रकाश बंजारे, विरेन्द्र यादव, जय किशन, कार्यालय सचिव सुनील साहू, सजल मलिक, कोषाध्यक्ष हरि शंकर जायसवाल ।

इनके अलावा संगठन में 30 से अधिक वरिष्ठ एवं निष्ठावान कार्यकर्ताओं को कार्यकारिणी सदस्य के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है ।

श्रमिक हितों और संगठन की मजबूती पर जोर

पुनर्गठन की घोषणा करते हुए केंद्रीय महामंत्री विनय सिंह एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष रेशमलाल यादव ने नवगठित कार्यकारिणी को बधाई दी उन्होंने विश्वास जताया कि नई टीम कुसमुंडा खदान क्षेत्र में कार्यरत कोयला श्रमिकों के अधिकारों सुरक्षा वेतन-भत्तों और कल्याणकारी सुविधाओं के लिए पूरी निष्ठा और मजबूती के साथ संघर्ष करेगी ।

पत्र की प्रतिलिपि अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक SECL बिलासपुर निदेशक (HR) उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) कलेक्टर कोरबा एवं पुलिस अधीक्षक कोरबा को आवश्यक कार्यवाही व सूचनार्थ प्रेषित कर दी गई है ।

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