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छत्तीसगढ़

किसानों को जल्द मिलेगी धान खरीदी की अंतर राशि

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बिजली बिल हाफ योजना के लिए 32 करोड़ का प्रावधान, बीएसपी क्षेत्र को भी लाभ
रायपुर एलेंसी। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने बिजली बिल हाफ योजना के लिए 32 करोड़ का प्रावधान किया है। 3 हजार 487 करोड़ रुपए का तृतीय अनुपूरक बजट मंगलवार को विधानसभा में पारित हो गया। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सोमवार को विधानसभा में तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया था। कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को अंतर की राशि का भुगतान जल्द किया जाएगा।
अनुपूरक बजट पारित होने के बाद वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि मोदी की एक और गारंटी को पूरा करने के लिए तृतीय अनुपूरक अनुमान में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी कृषक उन्नति योजना के लिए 12 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। वर्तमान में धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर की गई है।
जनमन योजना के अंतर्गत 200 करोड़ का प्रावधान
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका के लिए 195 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। अनुपूरक बजट में श्रीराम लला (अयोध्या धाम) दर्शन योजना के लिए 15 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार बिजली बिल हाफ योजना के लिए 32 करोड़ 32 लाख रूपए, आयुष्मान भारत जन आरोग्य प्रधानमंत्री योजना के लिए 350 करोड़ रूपए
सिम्स में आवश्यक निर्माण कार्य के लिए 15 करोड़ रूपए, नगरीय निकायों में सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपए, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 38 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

 प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना अंतर्गत 75 करोड़ रूपए से अधिक की चतुर्थ किस्त जारी

रायपुर,

प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (मध्यान्ह भोजन) योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 75 करोड़ 88 लाख 58 हजार रूपए की चतुर्थ किस्त सिंगल नोडल एजेंसी के खाते में आबंटित कर दी है।
    लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जिलों को जारी चतुर्थ किस्त में से मटेरियल कास्ट के लिए 33 करोड़ 77 लाख 31 हजार रूपए, रसोईया मानदेय 40 करोड़ 75 लाख 84 हजार रूपए और एम.एम.ई. (प्रबंधन) के लिए एक करोड़ 35 लाख 43 हजार रूपए की राशि आबंटित की गई है।
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी पत्र में कहा है कि आबंटित राशि का व्यय पी.एफ.एम.एस पोर्टल से किया जाना है। जिस मद (कम्पोनेंट) में जो राशि आबंटित है, उससे अधिक का खर्च नहीं किया जाए। इस राशि को तत्काल अनिवार्य रूप से व्यय किया जाना सुनिश्चित करें।
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना अंतर्गत मटेरियल कास्ट (कुकिंग कास्ट) एवं रसोईया मानदेय में से जिला बालोद को कुकिंग कास्ट के लिए एक करोड़ 4 लाख 14 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए एक करोड़ 21 लाख 85 हजार रूपए, जिला बलौदाबाजार को कुकिंग कास्ट के लिए एक करोड़ 73 लाख 42 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए एक करोड़ 63 लाख 49 हजार रूपए, जिला बलरामपुर को कुकिंग कास्ट के लिए एक करोड़ 32 लाख 91 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए एक करोड़ 69 लाख 80 हजार रूपए, जिला बस्तर को कुकिंग कास्ट के लिए एक करोड़ 18 लाख रूपए और रसोईया मानदेय के लिए एक करोड़ 86 लाख 9 हजार रूपए, जिला बेमेतरा को कुकिंग कास्ट के लिए एक करोड़ 25 लाख 31 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए एक करोड़ 19 लाख 50 हजार रूपए, जिला बीजापुर को कुकिंग कास्ट के लिए 58 लाख 51 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए 70 लाख 4 हजार रूपए, जिला बिलासपुर को कुकिंग कास्ट के लिए 2 करोड़ 3 लाख 33 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए 2 करोड़ 3 लाख 82 हजार रूपए, जिला दंतेवाड़ा को कुकिंग कास्ट के लिए 44 लाख 98 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए 61 लाख 30 हजार रूपए, जिला धमतरी को कुकिंग कास्ट के लिए एक करोड़ 3 लाख 18 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए एक करोड़ 20 लाख 78 हजार रूपए, जिला दुर्ग को कुकिंग कास्ट के लिए एक करोड़ 33 लाख 41 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए एक करोड़ 3 लाख 55 हजार रूपए, जिला गरियाबंद को कुकिंग कास्ट के लिए 94 लाख 24 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए एक करोड़ 18 लाख 70 हजार रूपए, जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही को कुकिंग कास्ट के लिए 44 लाख 33 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए 68 लाख 69 हजार रूपए, जिला जांजगीर-चांपा को कुकिंग कास्ट के लिए एक करोड़ 8 लाख 55 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए एक करोड़ 27 लाख 48 हजार रूपए, जिला जशपुर को कुकिंग कास्ट के लिए एक करोड़ 26 लाख 12 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए एक करोड़ 71 लाख 51 हजार रूपए, जिला कवर्धा को कुकिंग कास्ट के लिए एक करोड़ 40 लाख 78 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए एक करोड़ 39 लाख 75 हजार रूपए, जिला कांकेर को कुकिंग कास्ट के लिए एक करोड़ 9 लाख 82 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए एक करोड़ 64 लाख 88 हजार रूपए, जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई को कुकिंग कास्ट के लिए 58 लाख 42 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए 66 लाख 56 हजार रूपए, जिला कोण्डागांव को कुकिंग कास्ट के लिए 96 लाख 33 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए एक करोड़ 51 लाख 76 हजार रूपए, जिला कोरबा को कुकिंग कास्ट के लिए एक करोड़ 33 लाख 35 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए एक करोड़ 89 लाख 86 हजार रूपए, जिला कोरिया को कुकिंग कास्ट के लिए 28 लाख 64 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए 39 लाख 85 हजार रूपए आबंटित किया गया है।
इसी प्रकार जिला महासमुंद को कुकिंग कास्ट के लिए एक करोड़ 47 लाख 85 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए एक करोड़ 70 लाख 80 हजार रूपए, जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर को कुकिंग कास्ट के लिए 48 लाख 67 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए 68 लाख 78 हजार रूपए, जिला मोहला-मानपुर-चौकी को कुकिंग कास्ट के लिए 46 लाख 22 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए 59 लाख 91 हजार रूपए, जिला मुंगेली को कुकिंग कास्ट के लिए एक करोड़ 17 लाख 69 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए एक करोड़ 9 लाख 79 हजार रूपए, जिला नारायणपुर को कुकिंग कास्ट के लिए 27 लाख 43 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए 41 लाख 70 हजार रूपए, जिला रायगढ़ को कुकिंग कास्ट के लिए एक करोड़ 21 लाख 46 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए एक करोड़ 84 लाख 72 हजार रूपए, जिला रायपुर को कुकिंग कास्ट के लिए 2 करोड़ 6 लाख 19 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए एक करोड़ 51 लाख 85 हजार रूपए, जिला राजनांदगांव को कुकिंग कास्ट के लिए एक करोड़ 19 लाख 63 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए एक करोड़ 23 लाख 65 हजार रूपए, जिला सक्ती को कुकिंग कास्ट के लिए 75 लाख 15 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए एक करोड़ 5 लाख दो हजार रूपए, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ को कुकिंग कास्ट के लिए 70 लाख 97 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए एक करोड़ 8 लाख 95 हजार रूपए, जिला सुकमा को कुकिंग कास्ट के लिए 48 लाख 84 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए 66 लाख 43 हजार रूपए, जिला सूरजपुर को कुकिंग कास्ट के लिए एक करोड़ 8 लाख 72 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए एक करोड़ 69 लाख 69 हजार रूपए, जिला सरगुजा को कुकिंग कास्ट के लिए एक करोड़ 72 हजार रूपए और रसोईया मानदेय के लिए एक करोड़ 55 लाख 29 हजार रूपए की राशि आबंटित की गई है।

वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 13 हजार 487 करोड़ रुपए का तृतीय अनुपूरक अनुमान विधानसभा में ध्वनिमत से पारित

मोदी जी की गारंटी पूरी करने के लिए एक और बड़ी पहल :  कृषक उन्नति योजना के लिए 12 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान

श्री रामलला (अयोध्या धाम) दर्शन योजना के लिए 15 करोड़ रुपए का प्रावधान

विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति के लोगों की कनेक्टिविटी के लिए जनमन योजना में 200 करोड़ रूपए का प्रावधान

रायपुर

छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 13 हजार 487 करोड़ रुपए का तृतीय अनुपूरक अनुमान ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सोमवार को विधानसभा में तृतीय अनुपूरक अनुमान प्रस्तुत किया था जिसे आज सदन में चर्चा के बाद ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।

अनुपूरक अनुमान पारित होने के बाद वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि हमारी सरकार लोगों के लिए समर्पित सरकार है और हमारे बजट में हर वर्ग के उत्थान और समाज के कल्याण की भावना समाहित है। मोदी जी की एक और गारंटी को पूरा करने के लिए तृतीय अनुपूरक अनुमान में राज्य सरकार की महत्वकांक्षी कृषक उन्नति योजना के लिए 12 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। मोदी जी की गारंटी में किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से खरीदने का वादा किया गया था। वर्तमान में धान की खरीदी समर्थन मूल्य पर की गई है। कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को अंतर की राशि का भुगतान जल्द किया जाएगा। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने तृतीय अनुपूरक अनुमान चर्चा पर अपनी बात रखते हुए  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को महत्वपूर्ण सुझाव देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की बड़ी महत्वाकांक्षी “जनमन योजना” के अंतर्गत हमारे विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति के लोगों की कनेक्टिविटी के लिए 200 करोड़ का प्रावधान किया गया है तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका के लिए 195 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है।  अनुपूरक अनुमान में श्री रामलला (अयोध्या धाम) दर्शन योजना के लिए 15 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार बिजली बिल हाफ योजना के लिए 32 करोड़ 32 लाख रूपए, आयुष्मान भारत जन आरोग्य प्रधानमंत्री योजना हेतु 350 करोड़ रूपए, सिम्स में आवश्यक निर्माण कार्य के लिए 15 करोड़ रूपए, नगरीय निकायों में सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपए,  प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 38 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

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छत्तीसगढ़

4 करोड़ की प्रॉपर्टी हड़पने भाई को मरवाया:रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी का गला घोंटा, रेत में दफनाई लाश, पूर्व कांग्रेस नेता समेत 15 आरोपी गिरफ्तार

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मुंगेली,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में संपत्ति हड़पने के लिए छोटे भाई ने सुपारी देकर बड़े भाई को मरवा दिया। दामोदर सिंह (62) रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी थे। उनके पास लगभग 4 करोड़ की प्रॉपटी और 30 तोला सोना था, जो वह हड़पना चाहता था। मर्डर के लिए उसने गांव के ही युवक से 10 लाख रुपए और 50 डिसमिल जमीन देने की डील की थी और साढ़े 4 लाख रुपए एडवांस भी दे भी दिए थे।

मामला लालपुर थाना क्षेत्र का है। वारदात में 15 लोग शामिल थे। 21 मार्च को दामोदर को बुलाकर गमछे से उसका गला घोंटा गया, लाश घटनास्थल से 60km दूर जंगल ले जाकर रेत में दफनाया गया, फिर मोबाइल नदी में बहा दिया था। 8 दिन बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें पूर्व कांग्रेस नेता समेत 4 नाबालिग और परिवार के ही सदस्य है।

मारने के बाद घटनास्थल से 60km दूर ले जाकर रेत में लाश दफनाई गई।

मारने के बाद घटनास्थल से 60km दूर ले जाकर रेत में लाश दफनाई गई।

8 दिन बाद मिली लाश पूरी तरह से सड़ चुकी थी।

8 दिन बाद मिली लाश पूरी तरह से सड़ चुकी थी।

बेटे के साथ चल रहा था जमीनी विवाद

दरअसल, दामोदर सिंह राजपूत (62) शिक्षा विभाग में लेखा अधिकारी थे। जो रिटायर के बाद मुंगेली में किराए के मकान में रह रहे थे। जांच में सामने आया कि दामोदर सिंह का अपने इकलौते बेटे संजय राजपूत के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। इसी पारिवारिक कलह का फायदा उठाकर आरोपियों ने प्रॉपटी और सोना हड़पने की साजिश रची।

पहले भी की थी मारने की कोशिश

आरोपियों ने एक फर्जी नोटरी तैयार करवाया था, जिसमें यह दर्शाया गया था कि दामोदर अपनी संपत्ति भाइयों और भतीजों को बेच रहे हैं और अपने बेटे से कोई संबंध नहीं रखना चाहते। जांच में यह भी पता चला कि 2025 में दामोदर सिंह को मारने की कोशिश एक सड़क हादसे के जरिए की गई थी।

पूजा के नाम पर बुलाया, गला घोंटकर जंगल में दफनाया

21 मार्च को प्लानिंग के तहत छोटे भाई रणजीत ने अपने भाई दामोदर को दुर्गा पूजा के बहाने झाफल बुलाया। रास्ते में मनोहरपुर के सुनसान इलाके में संजय यादव और उसके साथियों (प्रिंस, योगेश और एक नाबालिग) ने दामोदर की गाड़ी रोककर गमछे से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी।

पहली कार खराब हुई तो दूसरे से ठिकाने लगाया

आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे कार में भरा। रास्ते में कार खराब होने पर देवराज साहू की कार मंगवाई गई और शव को शिफ्ट कर कवर्धा के देक्सय जंगल में नदी के पास गड्डा खोदकर रेत में दफना दिया पुलिस को गुमराह करने के लिए मोबाइल प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) भेजकर गंगा नदी में फिंकवा दिया।

पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मामले का खुलासा किया।

पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मामले का खुलासा किया।

घर नहीं पहुंचे पर परिजनों ने तलाश शुरू की

21 मार्च को दामोदर सिंह अपने पैतृक गांव झाफल में जंवारा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे। अगले दिन परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की।

इस दौरान ग्राम मनोहरपुर राइस मिल के पास उनकी बाइक लावारिस हालत में मिली, जिसके बाद परिजनों फौरन लालपुर थाने में पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अलग-अलग टीमें गठित की गई।

जांच के दौरान, पुलिस ने मुंगेली जिले के सभी एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स और सरहदी इलाकों के CCTV खंगाले। इस दौरान एक संदिग्ध कार (CG 10 AC 8986) दामोदर सिंह राजपूत की बाइक का पीछा करते हुए दिखाई दी।

मृतक दामोदर सिंह।

मृतक दामोदर सिंह।

गांव के ही युवक को दी थी सुपारी

पुलिस ने कार मालिक देवचरण साहू से पूछताछ की तो पता चला कि ग्राम झाफल के रहने वाले संजय यादव ने किराए पर ली थी। पुलिस ने संजय यादव को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि छोटे भाई रणजीत, साला पालेश्वर सिंह और चचेरे भाई रामपाल राजपूत ने हत्या की सुपारी दी थी।

पुलिस ने आरोपियों के पास से 2 कार, बाइक, मोपेड और 96 हजार कैश जब्त किया है। सभी बालिग आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। जबकि 4 नाबालिगों को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।

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कोरबा

पत्रकारबंधुओं की कलम, सबसे बड़ी ताकत – उद्योग मंत्री

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उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में पत्रकारों की कालोनी तिलक नगर में बाउण्ड्रीवाल निर्माण कार्य का किया गया भूमिपूजन

तिलक भवन में स्थापित एल.ई.डी. प्रोजेक्टर, स्मार्ट टी.व्ही., साउण्ड सिस्टम व स्क्रीन स्थापना आदि कार्यो का हुआ लोकार्पण

कोरबा। छत्तीसगढ़ के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, सार्वजनिक उपक्रम व आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज कहा कि पत्रकारबंधु एक ऐसा दर्पण होते हैं, जो समाज को सच का आईना दिखाने का कार्य करते हैं। उन्होने कहा कि निष्पक्षता एवं पारदर्शिता पत्रकारिता का मूलमंत्र है, समाचार पत्रों में जो छपता है, मीडिया में जो दिखता है, आमजन मानस उसे ही सच मानकर चलता है, अतः यह आवश्यक है कि समाचारों में निष्पक्षता, पारदर्शिता व निर्भीकता होनी ही चाहिये। उन्होने कहा कि प्रेस क्लब कोरबा एक ऊर्जावान संस्था है, जो पत्रकारिता व पत्रकारबंधुओं के हितों की रक्षा के लिये निरंतर कार्य कर रही है।

उक्त बातें आज उद्योग मंत्री देवांगन ने कोरबा के तिलक भवन स्थित प्रेस क्लब में आयोजित भूमिपूजन लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान कही। नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा वार्ड क्र. 35 खरमोरा डाईट बिल्डिंग तिलक नगर पत्रकार कालोनी के समीप एन.टी.पी.सी. के सीएसआर मद से 15 लाख रूपये की लागत से बाउण्ड्रीवाल का निर्माण कार्य कराया जाना हैं, जिसका वर्चुअल भूमिपूजन आज उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में तिलक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनके हाथों किया गया। इसी प्रकार वार्ड क्र. 24 तिलक भवन प्रेस क्लब में पार्षद पंकज देवांगन के पार्षद मद से एलईडी प्रोजेक्टर, स्मार्ट टी.व्ही., साउण्ड सिस्टम व स्क्रीन स्थापना आदि का कार्य कराया गया है, जिसका लोकार्पण भी आज उद्योग मंत्री श्री देवांगन के करकमलों से सम्पन्न हुआ। 
इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने दिये गये अपने उद्बोधन में आगे कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि जब मैं कोरबा का महापौर था, उस समय प्रेस क्लब का निर्माण किया गया, उस समय भी और आज भी नगर निगम कोरबा द्वारा प्रेस क्लब के विकास व अन्य गतिविधियों के लिये लगातार सहयोग दिया जा रहा है, विकास कार्य कराये जा रहे हैं। उन्होने आगे कहा कि डाॅ.रमन सिंह 15 वर्षो तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे, उन्होने जब राज्य की कमान संभाली तब उस समय छत्तीसगढ़ की स्थिति काफी कमजोर थी, किन्तु उन्होने अपने 15 वर्षो के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक विकास किया तथा राज्य के विकास पुरूष की छबि अर्जित की, उनके कार्यकाल में दर्जनों जनकल्याणकारी योजनायें संचालित हुई, किन्तु इन योजनाओं को बीच में बंद कर दिया गया था, अब प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में सरकार ने पुनः इन योजनाओं को प्रारंभ कराया है। उन्होने कहा कि हमारी सरकार देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ-सबका विकास की नीति पर कार्य कर रही है तथा समाज के गरीब, निर्धन, मजदूर, किसान, युवा, महिला व हर वर्ग के लिये कल्याणकारी योजनायें संचालित कर उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने का कार्य कर रही है। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने इस मौके पर पत्रकारबंधुओं को संबोधित करते हुये आगे कहा कि मुझे सदैव आप लोगों का स्नेह, आशीर्वाद व मार्गदर्शन मिलता आया है, मैं विश्वास रखता हूॅं कि आपका यह प्यार, स्नेह भविष्य में भी मुझे निरंतर प्राप्त होता रहेगा। 

उद्योग मंत्री विकास हेतु लगातार कर रहे फंड की व्यवस्था-महापौर

इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन कोरबा के सभी 67 वार्डो में विकास कार्य कराये जाने हेतु लगातार धनराशि की व्यवस्था करा रहे हैं, उनके प्रयासों से विगत 02 वर्षो के दौरान विभिन्न मदों के अंतर्गत 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्यो व परियोजनाओं की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। उन्होेने पत्रकारबंधुओं को संबोधित करते हुये कहा कि आप स्वयं देख रहें है कि विगत 02 वर्ष से कोरबा शहर व निगम क्षेत्र के सभी वार्डो में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं, इस दौरान अनेक क्षेत्रों में निगम ने महत्वपूर्ण उपलब्धियाॅं भी अर्जित की हैं, जिससे आप सब भलीभांति परिचित हैं, आप सबका स्नेह, मार्गदर्शन व सुझाव शहर के विकास के लिये अनवरत रूप से प्राप्त होता रहेगा, यह मैं विश्वास रखती हूॅं।

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छत्तीसगढ़

बीजापुर में 14 करोड़ का नक्सली डंप मिला:डेडलाइन के आखिरी दिन 34 नक्सलियों का सरेंडर, 7 किलो सोना, 3 करोड़ कैश बरामद

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बीजापुर/दंतेवाड़ा/सुकमा/कांकेर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में नक्सली खात्मे के डेडलाइन (31 मार्च) के आखिरी दिन 14 करोड़ का नक्सली डंप बरामद हुआ है। इसके साथ ही 4 जिलों में 34 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। बीजापुर में 25 नक्सलियों ने पुलिस को हथियार सौंपे। इनसे मिले इनपुट के बाद यहीं 14 करोड़ का डंप मिला। जिसमें 3 करोड़ कैश और 7 किलो गोल्ड शामिल है।

वहीं, दंतेवाड़ा में 5, सुकमा में 2 और कांकेर में 2 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया हैं। पुलिस ने दावा किया है कि, दंतेवाड़ा में अब एक भी नक्सली नहीं बचे हैं। जिले में सक्रिय अंतिम 5 नक्सलियों ने हथियार डाल दिए हैं। इन पर 9 लाख रुपए का इनाम घोषित था। वहीं, कांकेर में 14 नक्सली अब भी एक्टिव है।

नक्सलियों के कब्जे से 3 करोड़ कैश और 7 किलो सोना बरामद।

नक्सलियों के कब्जे से 3 करोड़ कैश और 7 किलो सोना बरामद।

बीजापुर में मिले 14 करोड़ के नक्सली डंप को अब तक का सबसे बड़ा डंप माना जा रहा है। इसमें गोल्ड और कैश शामिल है।

बीजापुर में मिले 14 करोड़ के नक्सली डंप को अब तक का सबसे बड़ा डंप माना जा रहा है। इसमें गोल्ड और कैश शामिल है।

दंतेवाड़ा, सुकमा और कांकेर में नक्सलियों ने किया सरेंडर।

दंतेवाड़ा, सुकमा और कांकेर में नक्सलियों ने किया सरेंडर।

सुकमा में 2 महिला नक्सलियों ने डाले हथियार।

सुकमा में 2 महिला नक्सलियों ने डाले हथियार।

बीजापुर में 25 नक्सलियों का सरेंडर

बीजापुर में 25 नक्सलियों ने 93 हथियार के साथ सरेंडर किया है। इन पर 1.47 करोड़ का इनाम था। इनके कब्जे से मिली 14 करोड़ की डंप सामाग्री में 2.90 करोड़ कैश और 11.16 करोड़ का 7 किलो सोना शामिल है। नक्सल विरोधी अभियान के तहत अब तक सबसे बड़ा डंप इसे माना जा रहा है।

सुकमा में 2 महिला नक्सलियों ने डाले हथियार

सुकमा में 2 महिला नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इन पर 8-8 लाख का इनाम था। वे माओवादी कैडर के रैंक कंपनी के सदस्य है, सुकमा के ही रहने वाली है। सरेंडर के बाद इनसे मिले इनपुट के बाद हथियारों और 10 लाख कैश का बड़ा डंप भी मिला है।

  1. जनिला उर्फ मड़कम हिंडमे (30), इनाम – 8 लाख
  2. सोनी उर्फ माड़वी कोसी (24) इनाम – 8 लाख
सुकमा में सरेंडर करने वाली महिला नक्सली अपने साथ 10 लाख कैश और भारी मात्रा में हथियार लाई थी।

सुकमा में सरेंडर करने वाली महिला नक्सली अपने साथ 10 लाख कैश और भारी मात्रा में हथियार लाई थी।

कांकेर में 14 नक्सली सक्रिय

कांकेर जिले में पिछले 6 दिन में 11 नक्सली मुख्यधारा में लौट चुके हैं। जिले में अभी भी करीब 14 नक्सली सक्रिय हैं। इनमें डीवीसीएम स्तर के चंदर और रूपी शामिल है।

पुलिस आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से जानकारी जुटाकर अब इलाके में छिपे बाकी नक्सलियों से संपर्क शुरू कर रही है। पुलिस उन्हें समझाकर मुख्यधारा में लाने की कोशिश कर रही है।

  1. पीपीसीएम (PPCM) शंकर
  2. पीएम (PM) हिड़मा डोडी
बस्तर पुलिस का दावा है कि अब दंतेवाड़ा जिला भी नक्सल मुक्त हो चुका है।

बस्तर पुलिस का दावा है कि अब दंतेवाड़ा जिला भी नक्सल मुक्त हो चुका है।

पुलिस का दावा- दंतेवाड़ा नक्सलवाद मुक्त

दंतेवाड़ा पुलिस लाइन कारली में मंगलवार (31 मार्च) को “पूना मारगेम-पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान के तहत सरेंडर कार्यक्रम हुआ। इसमें दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े 5 नक्सली मुख्यधारा में लौटे हैं। इनमें 4 महिला कैडर शामिल हैं।

पुलिस ने अलग-अलग ऑपरेशन के दौरान इंसास, SLR, कार्बाइन, लॉन्चर समेत कई हथियार भी बरामद किए हैं। एसपी गौरव राय ने दावा किया है कि अब दंतेवाड़ा जिला भी नक्सल मुक्त हो चुका है। यहां की आबो हवाओं में अब हिंसा नहीं बल्कि अमन, चैन और शांति महसूस की जा सकती है।

अमित शाह बोले- बस्तर से नक्सलवाद लगभग खत्म

लोकसभा में सोमवार को नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया कि बस्तर से नक्सलवाद लगभग पूरी तरह खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि बस्तर के हर एक गांव में स्कूल खोलने के लिए अभियान चलाया गया।

हर गांव में राशन की दुकान, हर तहसील और पंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) स्थापित किए गए हैं। लोगों को आधार कार्ड और राशन कार्ड जारी किए गए हैं। उन्हें पांच किलोग्राम अनाज मिल रहा है।

शाह का दावा 31 मार्च की डेडलाइन और ‘नक्सल-मुक्त भारत’

नक्सलवाद पर संसद में चर्चा उस समय हुई, जब केंद्र सरकार द्वारा तय 31 मार्च 2026 की डेडलाइन खत्म होने में एक दिन बाकी था। गृह मंत्री अमित शाह ने अपने करीब डेढ़ घंटे के भाषण में कहा कि सरकार ने जो लक्ष्य तय किया था, उसे हासिल कर लिया गया है।

उन्होंने कहा कि अब पूरे विश्वास के साथ कहा जा सकता है कि देश से नक्सलवाद खत्म हो गया है। शाह के मुताबिक, नक्सली हिंसा में भारी गिरावट आई है और देश के अधिकांश हिस्सों में इसका प्रभाव समाप्त हो चुका है।

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