कोरबा
नव पदस्थ कलेक्टर कुणाल दुदावत का प्रथम दिन:मीडिया से हुए रू-ब-रू, कहा-शासन की योजनाओं की पहुंच दूरस्थ ग्रामीणों तक सहज और सरल हो, ऐसा प्रयास करेंगे
कोरबा। 19वें कलेक्टर के रूप में कुणाल दुदावत ने आज 19 दिसम्बर 2025 को पदभार ग्रहण किया और शाम 5.00 बजे कलेक्ट्रेट के सभागार में पत्रकारों से रू-ब-रू हुए। उन्होंने कहा कि मेरी प्राथमिकता शिक्षा, स्वास्थ और पर्यटन को बढ़ावा देना होगा। केन्द्र एवं राज्य शासन की सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन हो, यह प्रशासन की प्राथमिकता में रहती है। मेरा प्रयास होगा कि योजनाएं दूरस्थ ग्रामीणों तक सहज और सरल रूप से पहुंचे और अति पिछड़ी जनजाति मुख्यधारा से जुडक़र अपना जीवन स्तर सुधार सके।
देश का पावर हाऊस है कोरबा

नवपदस्थ कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि कोरबा सिर्फ छत्तीसगढ़ का ही नहीं बल्कि पूरे देश का पावर हाऊस है और यहां विकास की अपार संभावनाएं अभी भी हैं। मेरा प्रयास होगा कि सभी विभाग पारदर्शिता के साथ काम करें और नियत समय में विकास कार्यों को पूर्ण करें। कोताही और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस पर कड़ी कार्यवाही होगी।
शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन पर फोकस
कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन विकास पर फोकस किया जाएगा। उन्होंने कहा सबसे पहले अधोसंरचना विकास पर फोकस होगा और उसके बाद आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराया जाएगा। पर्यटना में विकास की यहां असीम संभावनाएं हैं। बीजापुर की तरह कोरबा भी प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है और छत्तीसगढ़ सहित देश के अन्य हिस्सों से यहां पर्यटक पहुंचे, उन्हें आकर्षित करने के लिए इस क्षेत्र में बेहतर कार्य किए जाएंगे।


प्रशासन जनता के हित में लेगा फैसला
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि कोरबा जिले में प्रशासन जनता के हित में फैसला लेगा, चाहे एसईसीएल, एनटीपीसी, बालको सहित हर सार्वजनिक, निजी कम्पनी या निजी व्यक्ति हों, जनता के हित में ही प्रशासन फैसला लेगा और कितनी भी बड़ी कम्पनी या व्यक्ति हो, नियम विरूद्ध काम होगा, तो एक्शन भी होगा।
पर्यावरण प्रदूषण पर बोले कलेक्टर-हर हाल में एनजीटी के नियमों का पालन होगा
कोरबा जिले में रेत तस्करी, कोयला तस्करी, अवैध राखड़ परिवहन पर लगाम लगेगा और कहा कि पर्यावरण प्रदूषित करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा और एनजीटी के नियमों को हर हाल में सभी सार्वजनिक, निजी प्रतिष्ठान एवं निजी व्यक्तियों को फॉलो करना होगा और नहीं तो कड़ी कार्यवाही भी होगी।
विकास में तीनों क्षेत्रों शहर, औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्रों पर बराबर फोकस
नवपदस्थ कलेक्टर श्री दुदावत ने कहा कि शहर से लेकर जिले के अंतिम छोर तक विकास दिखेगा और औद्योगिक क्षेत्र में भी हमारा बराबर फोकस होगा।
उन्होंने कहा कि डीएमएफ को प्राथमिकता के आधार पर आबंटित किया जाएगा। ग्राम पंचायतों में डीएमएफ की राशि तब दी जाएगी, जब ग्राम सभा में विकास कार्यों, मूलभूत सुविधाओं के लिए प्रस्ताव पास होगा।
पूरे जिले में एकरूपता लाने का प्रयास
नवपदस्थ कलेक्टर ने कहा कि जिले के किसी भी कोने में रहने वाले लोगों का पूरा हक है कि उन्हें सहज और सरल जीवन मिले, सभी योजनाओं का लाभ मिले, विकास कार्यों की पूरी पहुंच उन तक हो। हम पूरे जिले में एकरूपता लाने का प्रयास करेंगे और विकास में अंतिम छोर का व्यक्ति भी लाभान्वित हो, ऐसा प्रयास होगा।
डीएमएफ में पारदर्शिता:एक माह बाद हर कार्यों की जानकारी एक क्लिक में मिलेगी
आईएएस कुणाल दुदावत ने कहा कि डीएमएफ में पूरी पारदर्शिता के साथ काम होगा। उन्होंने कहा कि शासन ने जो नई गाईड लाईन जारी की है, उसके मुताबिक काम होगा और शहर से लेकर गांव के किसी भी व्यक्ति को डीएमएफ के कार्यों की जानकारी एक क्लिक में उपलब्ध होगी। भ्रष्टाचार और कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय सीमा में काम प्रारंभ होगा और समय सीमा में ही काम को पूरा भी करना होगा। लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
आम जनता से अपील की नवपदस्थ कलेक्टर कुणाल दुदावत ने
जनता के प्रति संवेदनशील दिखे नवपदस्थ कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि प्रशासन जनता के हित के लिए प्रतिबद्ध है और कोई भी आम से लेकर खास जनता कभी भी उनसे मिल सकते हैं और ससम्मान मिल सकते हैं। हर समस्या का समाधान करने की कोशिश होगी, मांगें प्राथमिकता के आधार पर पूरी होगी। उन्होंने अपना मोबाइल नम्बर 72240-94062 भी सार्वजनिक किया। पत्रकार वार्ता में जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग, एडीएम देवेंद्र पटेल, पीआरओ कमल ज्योति सहित प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
सीईओ दिनेश नाग ने कलेक्टर का कराया संक्षिप्त परिचय
पत्रकार वार्ता में जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग भी उपस्थित थे और उन्होंने नवपदस्थ कलेक्टर कुणाल दुदावत का संक्षिप्त परिचय भी दिया। उन्होंने बताया कि कलेक्टर साहब 2017 बेच के आईएएस अधिकारी हैं और ये बीजापुर से कोरबा आएं हैं। प्रथम कलेक्टर के रूप में श्री दुदावत कोंडागांव में अपने सेवाएं दी।
नवपदस्थ कलेक्टर कुणाल दुदावत इससे पूर्व छत्तीसगढ़ राज्य के कोंडागांव एवं दंतेवाड़ा जिलों में कलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्ष 2015 में उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा के लिए हुआ, साथ ही भारतीय वन सेवा में भी उनका चयन हुआ था। आईपीएस प्रशिक्षण के दौरान ही उन्होंने यूपीएससी का तीसरा प्रयास दिया और 669वीं रैंक के साथ भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित हुए। कुणाल दुदावत ने 11 दिसंबर 2017 को आईएएस सेवा ज्वाइन की। उनकी फील्ड ट्रेनिंग बिलासपुर जिले में सहायक कलेक्टर के रूप में हुई। इसके पश्चात वे बिलासपुर जिले के कोटा अनुविभाग में एसडीएम तथा महासमुंद जिले के सरायपाली अनुविभाग में एसडीएम के रूप में पदस्थ रहे। बाद में उनकी नियुक्ति कोरिया जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर हुई। इसके बाद वे बिलासपुर नगर निगम आयुक्त एवं बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के प्रबंध संचालक के रूप में पदस्थ रहे। बिलासपुर के बाद कलेक्टर के रूप में उनकी पहली पदस्थापना कोंडागांव जिले में हुई, तत्पश्चात वे दंतेवाड़ा जिले के कलेक्टर के रूप में सेवाएं दे रहे थे। वहां से स्थानांतरित होकर अब उन्होंने कोरबा जिले के कलेक्टर के रूप में कार्यभार संभाला है। कोरबा की जनता को नवपदस्थ कलेक्टर कुणाल दुदावत से काफी अपेक्षाएं भी हैं।
आईएएस कुणाल दुदावत: जन्म, शिक्षा और परिवार

नवपदस्थ कलेक्टर कुणाल दुदावत राजस्थान राज्य के सवाई माधोपुर के रहने वाले हैं। 01 जनवरी 1992 को जन्में कुणाल दुदावत के पिता सरकारी अस्पताल में चिकित्सक थे। कुणाल के परिवार में अधिकतर लोग डॉक्टर हैं। कुणाल की स्कूली शिक्षा सवाई माधोपुर में हुई। पहली से 10वीं तक उन्हेंने हिन्दी माध्यम से एवं 11वीं, 12वीं की पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम से की। हिन्दी से अंग्रेजी माध्यम में आने के चलते उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी। भौतिकी, रसायन एवं गणित विषयों के साथ 12वीं बोर्ड का एक्जाम पास किया।
इसके बाद उन्होंने आईआईटी-जेईई निकालकर मुंबई आईआईटी में कम्प्युटर साईंस ब्रांच में एडमिशन लिया। मात्र 20 वर्ष की उम्र में ही उन्हेंने बीटेक की पढ़ाई पूरी कर डिग्री हासिल की। दुदावत के गृह क्षेत्र में केजी क्लास का कांसेप्ट नहीं था और वे सीधे क्लास 1 में प्रवेश लिया।
मल्टीनेशनल कम्पनियों में किया जॉब
कम्प्युटर साईंस में इंजीनियरिंग करने के बाद कुणाल विदेश चले गए और वे कनाडा की कम्पनी में 5 माह जॉब किया। इसके बाद वे पुन: स्वदेश लौट आए और ऑनलाईन शॉपिंग कम्पनी फ्लिपकार्ट में साफ्टवेयर डेवलपर की जॉब की। सिविल सर्विस में जाने की ललक उनमें कूट-कूट कर भरी थी और उन्होंने यूपीएससी की तैयारी प्रारंभ कर दी।
तीसरे प्रयास में हुआ आईएएस में चयन
यूपीएससी का पहला अटेम्प्ट कुणाल ने 2014 में सिर्फ 5-6 महीने की पढ़ाई के बाद दिया। दूसरे प्रयास में उनका चयन यूपीएससी 2015 से आईपीएस के लिए हुआ। इसके पूर्व उनका चयन आईएफएस के लिए भी हुआ था। आईपीएस कुणाल को एजीएमयूटी कैडर मिला था। आईपीएस की ट्रेनिंग करते ही यूपीएससी का तीसरा प्रयास कुणाल के लिए शानदार रहा और उन्होंने 669वीं रैंक के साथ आईएएस के लिए चयनित हुए।
कोरबा कुणाल दुदावत की कलेक्टर के रूप में तीसरी पोस्टिंग
कुणाल दुदावत ने 11 दिसम्बर 2017 को आईएएस की सर्विस ज्वाइन की। कलेक्टर के रूप में सबसे पहले उनकी ज्वाइनिंग कोंडागांव में हुई। दूसरी पोस्टिंग बीजापुर, दंतेवाड़ा में हुई और वे सिर्फ 7 महीने यहां अपने सेवाएं देने के बाद कोरबा कलेक्टर के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर कोरबा के 19वें कलेक्टर बने। अधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया।
कोरबा
डीएमएफ परियोजनाओं में परिणाम आधारित कार्य करें सुनिश्चितः- कलेक्टर कुणाल दुदावत
जिले में कृषि विकास को गति व कृषक हितों को सशक्त बनाने कलेक्टर ने कृषि एवं संबद्ध विभागो की ली बैठक
विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी गंभीरता व जवाबदेही के साथ काम करने हेतु किया निर्देशित
सभी शासकीय फार्म्स में धागाकरण यूनिट प्रारम्भ करने प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश
लाख पालन विकास हेतु ठोस रूपरेखा के साथ प्रस्ताव बनाने के निर्देश
पपीता व ऑयल पाम प्लांटेशन के लिए स्थान सुनिश्चित करने हेतु किया निर्देशित
जिले में द्विफसली क्षेत्र विस्तार, मिलेट, दलहन तिलहन के उत्पादन बढ़ाने हेतु किया निर्देशित

कोरबा। जिले में कृषि विकास को गति देने व कृषक हितों को सशक्त बनाने हेतु कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति, आगामी वर्ष की रणनीति और डीएमएफ से स्वीकृत कार्यों की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की। कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ काम करने हेतु निर्देशित किया, जिससे योजनाओं का प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित हो और निर्धारित लक्ष्यों में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की जा सके और किसानों को वास्तविक लाभ प्राप्त हो।


कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कृषि अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से किसानों के उत्पादन में सुधार सुनिश्चित करने एवं उनकी आय में बढ़ोत्तरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जिले में द्विफसली क्षेत्र के विस्तार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। किसानों को खरीफ मौसम में फसल विविधीकरण और रबी के फसलों का क्षेत्र विस्तार सुनिश्चित करने निर्देशित किया। जिले में मक्का, रागी, कोदो जैसे मिलेट एवं दलहन- तिलहन फसलों के उत्पादन को भी बढ़ावा देने की बात कही।
कलेक्टर ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत शत-प्रतिशत किसानों को लाभान्वित करने एवं ई-केवाईसी, आधार सीडिंग, लैंड सीडिंग एवं एग्रीस्टेक पंजीकरण के निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति हेतु जमीनी स्तर पर एसएडीओ और आरईओ की जवाबदेही तय करने एवं आने वाले दिनों में कैम्प लगाकर लक्ष्य हासिल करने निर्देश दिए। उन्होंने नए एफपीओ गठन में वृद्धि लाने की बात कही। उन्होंने खरीफ सीजन के लिए अग्रिम खाद एवं बीज के उठाव में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी शासकीय रोपणियों की स्थिति और रोपित पौधों की अद्यतन जानकारी ली तथा उनसे होने वाली आय में वृद्धि के उपायों पर जोर दिया। उन्होंने ऑयल पाम के पौधारोपण के लिए प्रस्ताव तैयार कर स्थान चिन्हांकन करने, जिले के एक ब्लॉक में वृहद स्तर पर पपीता प्लांटेशन विकसित करने, मधुमक्खी पालन के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने तथा मसाला फसलों के क्षेत्र विस्तार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कृत्रिम गर्भाधान के निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पशु नस्ल सुधार के लिए पशुपालकों को जागरूक एवं प्रेरित करने की बात कही। कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं के तहत बैकयार्ड कुक्कुट, नर बकरा एवं सुकरत्रयी वितरण की प्रगति की जानकारी लेते हुए पशु टीकाकरण में प्रगति लाने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल यूनिट के माध्यम से सेवाओं का विस्तार और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के लिए कहा। मत्स्य संपदा विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिले में संचालित हैचरी की स्थिति, स्पान उत्पादन एवं निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्पान उत्पादन में वृद्धि कर लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने मत्स्य पालकों को अधिक से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने हेतु निर्देशित किया। इससे उन्हें आर्थिक सशक्तिकरण में मदद मिलेगी। साथ ही विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोगों को मछली पालन के लिए प्रेरित कर उनकी आय वृद्धि के अवसर सृजित करने के निर्देश भी दिए।
रेशम विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने नर्सरियों की स्थिति एवं संचालित कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने टसर एवं मलबरी रेशम उत्पादन की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसके क्षेत्र विस्तार के लिए सर्वे कर उपयुक्त स्थानों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सभी शासकीय फार्म्स में धागाकरण यूनिट प्रारंभ करने हेतु प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया, साथ ही कार्यरत स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाने के लिए ठोस पहल करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने जिले में लाख उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस पहल करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए, ताकि इस क्षेत्र में आय सृजन के नए अवसर विकसित किए जा सकें।
कलेक्टर ने कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों को जिले में कृषि विकास की संभावनाओं पर गंभीरता व व्यक्तिगत रुचि के साथ कार्य करने तथा नवाचारों और वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से किसानों को लाभान्वित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं हेतु निर्देशित किया।
कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विभागीय योजनाओं की लक्ष्यपूर्ति के लिए पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए ठोस और परिणाममुखी कार्ययोजना तैयार करने तथा परंपरागत योजनाओं के लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति हेतु अभी से तैयारी शुरू कर आवश्यक प्रकरण तैयार करने को कहा।

कलेक्टर श्री दुदावत ने डीएमएफ अंतर्गत आउटपुट एवं आउटकम आधारित कार्यों के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने, फील्ड स्तर पर वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे। साथ ही उन्होंने डीएमएफ से स्वीकृत एवं अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा पूर्ण हो चुके कार्यों का तत्काल पूर्णता प्रमाण पत्र प्रेषित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी विभाग, रेशम, नोडल कोआपरेटिव बैंक, कृषि विज्ञान केंद्र सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

कोरबा
केंद्रीय विद्यालय संगठन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश की प्रक्रिया 20 मार्च से
कोरबा। केंद्रीय विद्यालय संगठन (मुख्यालय), नई दिल्ली द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा-1, बालवाटिका और अन्य उच्च कक्षाओं में प्रवेश हेतु आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। कक्षा-1 और बालवाटिका-1, 2 एवं 3 (चयनित विद्यालयों में) के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 20 मार्च 2026 को प्रातः 10ः00 बजे से प्रारंभ होगी और 02 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगी। इच्छुक अभिभावक आधिकारिक पोर्टल https://admission.kvs.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश से संबंधित विस्तृत जानकारी संगठन की वेबसाइट https://kvsangathan.nic.in पर उपलब्ध है।
केंद्रीय विद्यालय क्रमांक दो एनटीपीसी के प्राचार्य सुनील कुमार साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा-1, बालवाटिका और अन्य उच्च कक्षाओं में प्रवेश हेतु आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। प्रवेष के लिए आयु की गणना 31 मार्च 2026 के आधार पर की जाएगी। कक्षा-1 में प्रवेश के लिए बच्चे की न्यूनतम आयु 06 वर्ष होनी अनिवार्य है। इसी प्रकार, बालवाटिका-1 के लिए आयु 3 से 4 वर्ष, बालवाटिका-2 के लिए 4 से 5 वर्ष और बालवाटिका-3 के लिए 5 से 6 वर्ष के बीच होनी चाहिए। सीटों का आरक्षण केवीएस के प्रवेश दिशा-निर्देशों 2026-27 के अनुसार सुनिश्चित किया जाएगा।
कक्षा-2 और उससे ऊपर की कक्षाओं (कक्षा-XI को छोड़कर) तथा बालवाटिका-2 व 3 (जहाँ ऑनलाइन माध्यम उपलब्ध नहीं है) के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया रिक्तियां होने की स्थिति में ही संचालित की जाएगी। इसके लिए ऑफलाइन मोड में आवेदन 02 अप्रैल 2026 प्रातः 10ः00 बजे से 08 अप्रैल 2026 सायं 4ः00 बजे तक किया जा सकेगा। विधिवत भरे हुए फॉर्म संबंधित केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य कार्यालय में जमा करने होंगे। इन कक्षाओं के लिए पंजीकरण प्रपत्रों और अन्य विवरणों की जानकारी संबंधित विद्यालयों की वेबसाइटों पर भी उपलब्ध कराई जाएगी।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि आवेदन पत्र में कोई भी गलत या भ्रामक जानकारी पाई जाती है, तो प्रवेश प्रक्रिया के दौरान या उसके पश्चात भी प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा। अभिभावकों को निर्देशित किया गया है कि वे प्राचार्य या प्रवेश प्रभारी से केवल विद्यालय द्वारा बुलाए जाने पर ही निर्धारित समय अंतराल में संपर्क करें।

कोरबा
सामान्य सभा की बैठक 20 मार्च को
कोरबा। जिला पंचायत कोरबा की सामान्य सभा की बैठक 20 मार्च को प्रातः 11 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित किया गया है।
बैठक में वनमंडल, लोक निर्माण, महिला एवं बाल विकास, कृषि विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा जिला पंचायत के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट का अनुमोदन सहित अन्य विषयों पर चर्चा/समीक्षा होगी।

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