रायपुर,एजेंसी। राज्यसरकार रायपुर, दुर्ग, भिलाई और नवा रायपुर अटल नगर को मिलाकर स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत रायपुर से दुर्ग तक मेट्रो रेल सेवा शुरू करने की योजना बनाई जा रही है।
मेट्रो परियोजना के सर्वे और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए सरकार ने 5 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है। विधानसभा में राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण विधेयक-2025 के पारित होने के बाद SCR परियोजना को गति मिली है।
सरकारइसे राज्य के विकास का नया ग्रोथ इंजन मान रही है। SCR के अंतर्गत आने वाले शहरों में योजनाबद्ध शहरी विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
बतादें कि एक साल पहले तत्कालीन रायपुर महापौर एजाज ढेबर ने रायपुर-दुर्ग-भिलाई में व चलाने की योजना बताई थी। मॉस्को में MoU हुआ, जिस पर भाजपा सरकार ने सवाल उठाया। रायपुर पश्चिम विधायक और पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने कहा कि महापौर की रूस यात्रा व्यक्तिगत थी और सरकार से कोई अनुमति नहीं ली गई, इसलिए MoU कैसे हुआ, यह जनता के साथ छलावा है।
रायपुर से दुर्ग तक मेट्रो रेल सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। (फाइल फोटो)
अरुण साव बोले- छत्तीसगढ़ में भी शुरू होगा मेट्रो युग
डिप्टी सीएम अरुण साव ने मीडियाकर्मियों से चर्चा में कहा कि, छत्तीसगढ़ में मेट्रो परियोजना अभी शुरुआती स्तर पर है। मेट्रो के मामले में भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है। आने वाले समय में देशभर में मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार होगा।
उन्होंने कहा कि, आवाजाही की बेहतर सुविधा और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ भी इसी दिशा में आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर SCR की अवधारणा को अमल में लाया गया है।
इसका उद्देश्य रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में ट्रांसपोर्ट, इन्फ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और नागरिक सुविधाओं को नई ऊंचाई देना है। मेट्रो रेल सेवा शुरू होने से न केवल सड़क यातायात का दबाव कम होगा, बल्कि लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प भी मिलेगा।
डिप्टी सीएम अरुण साव।
2031 तक 50 लाख से अधिक आबादी का अनुमान
सरकार के आकलन के अनुसार, 2031 तक राजधानी क्षेत्र की आबादी 50 लाख से अधिक हो सकती है। बढ़ती आबादी और तेजी से हो रहे शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन किया जाएगा, जो दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद जैसे बड़े शहरी क्षेत्रों की तर्ज पर काम करेगा।
एससीआर कार्यालय की स्थापना, सर्वे और डीपीआर निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। (फाइल फोटो)
पांच करोड़ से बनेगा डीपीआर
साल 2024-25 के बजट में एससीआर कार्यालय की स्थापना, सर्वे और डीपीआर निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्राधिकरण के तहत एक कार्यकारी समिति बनाई जाएगी। जिसके अध्यक्ष सीईओ होंगे।
इसमें नगर एवं ग्राम निवेश, नगरीय प्रशासन, पर्यावरण, वित्त विभाग के अधिकारी और एससीआर क्षेत्र के जिलों के कलेक्टर सदस्य होंगे।
एससीआर के विकास के लिए अलग से राजधानी क्षेत्र विकास निधि बनाई जाएगी। प्राधिकरण को अवसंरचना परियोजनाओं के लिए विशेष उपकर लगाने का अधिकार भी होगा। यह हर साल बजट तैयार करेगा और राज्य सरकार को प्रगति रिपोर्ट सौंपेगा।
एससीआर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे।
सीएम विष्णु देव साय होंगे अध्यक्ष
एससीआर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे। इसमें मंत्री, मुख्य सचिव, विभागीय सचिव, विधायक और निर्वाचित जनप्रतिनिधि शामिल रहेंगे। भूमि उपयोग और पर्यावरण के अनुकूल योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करना इसकी प्रमुख जिम्मेदारी होगी। सरकार को उम्मीद है कि यह परियोजना राजधानी क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
कोरबा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विकासखंड कटघोरा अंतर्गत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरीकला में विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं से संबंधित प्राप्त गंभीर शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथयपरक जांच कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राचार्य को हटाने बच्चों ने विधायक पटेल और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन के काफिले का कर दिया था घेराव
गठित जांच समिति में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा, तहसीलदार कटघोरा, सहायक लेखा अधिकारी तथा कनिष्ठ लेखा अधिकारी (कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, कोरबा) को सदस्य बनाया गया है। समिति विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं, विद्यार्थियों को प्रदत्त सुविधाओं तथा शिकायतों से जुड़े सभी बिंदुओं की विस्तृत जांच करेगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के हितों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों की निष्पक्ष जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सहायक आयुक्त की कार्यशैली पर भी सवाल!
एकलव्य आवासीय विद्यालय में बच्चों ने कुछ दिन पूर्व पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन सहायक आयुक्त को निरीक्षण करने का समय ही नहीं मिला। महीनों से बच्चों को दूषित भोजन दिया जा रहा, लेकिन सहायक आयुक्त को कुछ पता ही नहीं।
कोरबा। कोरबा जिले में एक जून से 28 जुलाई तक कुल 528.2 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। अधीक्षक भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार उक्त अवधि में जिले की तहसील कोरबा में 546.1 मिलीमीटर, अजगरबहार 372.8, भैंसमा, 478.4, करतला 471.1, बरपाली 567.5, कटघोरा 540.9 दीपका 572.5, दर्री 661.3, पाली 581.4, हरदीबाजार 429.4, पोंड़ी-उपरोड़ा 577.6, और पसान तहसील में 539.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
खनिज विभाग कोरबा की लगातार कार्यवाही से खनिज माफियाओं में मचा हड़कंप
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश तथा उप संचालक, खनि प्रशासन के मार्गदर्शन में जिले में अवैध उत्खनन परिवहन व भण्डारण पर प्रतिबंध लगाने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत गठित खनिज उड़़नदस्ता दलों द्वारा जिले के कई स्थानों पर छापा मारकर सघन जांच की गई। जिस दौरान सीतामढ़ी में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 2 ट्रेक्टर, बरमपुर में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 1 टीपर, राताखार में गिट्टी का अवैध परिवहन कर रहे 2 हाइवा व रेत का अवैध परिवहन कर रहे 1 टीपर, कुसमुंडा में ईंट का अवैध परिवहन कर रहे 2 ट्रेक्टर तथा कटघोरा में रेत का अवैध परिवहन कर रहे 1 ट्रेक्टर सहित कुल 9 वाहनों पर कार्यवाही करते हुए जब्त कर सिटी कोतवाली थाना, सर्वमंगला पुलिस चौकी, कुसमुंडा थाना, दर्री थाना व खनिज जांच चौकी, कटघोरा की अभिरक्षा में सुरक्षार्थ रखा गया है।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भण्डारण पर प्रतिबंध सुनिश्चित करना, अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना, प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा शासकीय राजस्व की हानि को रोकना है। नियमों का उल्लघंन करने, अवैध उत्खनन एवं परिवहन तथा भण्डारण में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध खान और खनिज ( विकास और विनियमन) अधिनियम 1957, छत्तीसगढ़़ गौण खनिज नियम 2015 और अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण के विरुद्ध सघन अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।