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अरावली केस: सुप्रीम कोर्ट का अपने ऑर्डर पर स्टे,पहले 100 मीटर से छोटी पहाड़ियों पर खनन को मंजूरी दी थी, अब रोक लगाई

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जयपुर,एजेंसी। अरावली पर्वतमाला को लेकर उठे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने अपने ही आदेश पर सोमवार को रोक लगा दी है। 20 नवंबर को जारी आदेश में 100 मीटर से छोटी पहाड़ियों पर खनन के आदेश दिए थे, अब 21 जनवरी 2026 तक खनन पर रोक लगा दी है।

कोर्ट ने कहा है कि इस मामले की जांच के लिए एक्सपर्ट कमेटी गठित की जाए। यह कमेटी मौजूदा विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट का विश्लेषण करेगी। इसके बाद संबंधित मुद्दों पर कोर्ट को सुझाव देगी। कोर्ट ने केंद्र और अरावली के चार राज्यों (राजस्थान, गुजरात, दिल्ली और हरियाणा) को भी नोटिस जारी कर इस मुद्दे पर जवाब मांगा है।

आज (सोमवार) मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और एजी मसीह की वेकेशन बेंच ने अरावली केस की सुनवाई की। CJI सूर्यकांत ने निर्देश दिया है कि विशेषज्ञ समिति की सिफारिशें और उन पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से की गई आगे की टिप्पणियां फिलहाल स्थगित (abeyance) रहेंगी। अदालत ने साफ किया कि अगली सुनवाई तक इन सिफारिशों को लागू नहीं किया जाएगा। इन सिफारिशों में से एक में कहा गया है कि 100 मीटर से ऊंची पहाड़ियों को ही अरावली पर्वतमाला माना जाए।

सॉलिसिटर जनरल ने कहा- गलतफहमियां फैलाई जा रहीं

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि इस मामले में अदालत के आदेशों, सरकार की भूमिका और पूरी प्रक्रिया को लेकर कई तरह की गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं। इन्हीं भ्रमों को दूर करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की गई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसे अदालत ने स्वीकार भी किया था।

कोर्ट ने कहा- अदालत की टिप्पणियों का गलत अर्थ निकाला जा रहा

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि अदालत की भी यही भावना है कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट और उसके आधार पर अदालत द्वारा की गई कुछ टिप्पणियों को लेकर गलत अर्थ निकाले जा रहे हैं।

CJI ने संकेत दिया कि इन गलत धारणाओं को दूर करने के लिए स्पष्टीकरण की जरूरत पड़ सकती है, ताकि अदालत की मंशा और निष्कर्षों को लेकर कोई भ्रम न रहे।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट या अदालत के फैसले को लागू करने से पहले एक निष्पक्ष और स्वतंत्र मूल्यांकन जरूरी है, ताकि कई अहम सवालों पर स्पष्ट दिशा मिल सके।

CJI ने कहा कि अदालत पहले ही यह संकेत दे चुकी है कि इन सवालों पर गहराई से विचार आवश्यक है। इसी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने प्रस्ताव रखा है कि एक्सपट्‌र्स की एक हाई पावर्ड कमेटी गठित की जाए। यह कमेटी मौजूदा विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट का विश्लेषण करे और इन मुद्दों पर स्पष्ट सुझाव दे।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत की वैकेशन बेंच में मामले की सुनवाई चल रही है। जमीन से 100 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाली पहाड़ियों को ही अरावली मानने की नई परिभाषा का विरोध हो रहा है। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। सीजेआई के वैकेशन कोर्ट में यह मामला पांचवें नंबर पर लिस्टेड था।

अशोक गहलोत बोले- मंत्री जनता की इच्छा क्यों नहीं समझ पा रहे

कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा- हमें बहुत खुशी है कि सर्वोच्च न्यायालय ने आज स्थगन आदेश जारी किया है। हम इसका स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि सरकार भी जनता की इच्छा को समझेगी। चारों राज्यों की जनता, और वास्तव में पूरे देश की जनता, इस आंदोलन में शामिल हुई है। सड़कों पर उतरी है। विभिन्न रूपों में विरोध प्रदर्शन किया है। यह समझ से परे है कि मंत्री (पर्यावरण मंत्री) इसे क्यों नहीं समझ पा रहे हैं।

कांग्रेस ने वन-पर्यावरण मंत्री से इस्तीफा मांगा

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा- इस मामले का और अधिक विस्तार से अध्ययन करने की आवश्यकता है। और याद दिलाया कि प्रस्तावित पुनर्परिभाषा का भारतीय वन सर्वेक्षण, सर्वोच्च न्यायालय की केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति और स्वयं एमिकस क्यूरी ने विरोध किया था। रमेश ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की। साथ ही कहा- यह फैसला पुनर्परिभाषा के पक्ष में उनके द्वारा दिए गए सभी तर्कों को खारिज करता है।

आरपी बलवान की याचिका पर केंद्र, राज्यों को नोटिस

हरियाणा के वन विभाग के रिटायर अधिकारी आरपी बलवान ने भी पिछले सप्ताह केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की समिति की सिफारिशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में पहले से चल रहे गोदावर्मन मामले में याचिका दाखिल की, जिस पर कोर्ट ने केंद्र, राजस्थान, हरियाणा सरकार और पर्यावरण मंत्रालय को नोटिस जारी किया था। सुप्रीम कोर्ट शीतकालीन अवकाश के बाद इस मामले में सुनवाई करेगा।

विवाद के बाद केंद्र ने अरावली रेंज में नए खनन पट्टों पर लगाई रोक

विवाद बढ़ने पर केंद्र सरकार ने अरावली में नए खनन पट्टों पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए। 24 दिसंबर (बुधवार) को केंद्रीय वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने बयान में कहा कि पूरी अरावली श्रृंखला में कोई नया खनन लीज नहीं जारी होगा।

केंद्र ने राज्य सरकारों को अरावली में किसी भी प्रकार के नए खनन पट्टे देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। ये प्रतिबंध पूरे अरावली पर समान रूप से लागू होंगे।

केंद्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से जारी लिखित बयान के मुताबिक इस आदेश का मकसद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक फैली सतत भूवैज्ञानिक श्रृंखला के रूप में अरावली की रक्षा करना और सभी अनियमित खनन गतिविधियों को रोकना है। केंद्र के बयान के बाद पूर्व सीएम अशोक गहलोत, जयराम रमेश सहित विपक्षी नेताओं ने कहा कि इसमें कुछ भी नया नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश में यह सब है, उसी का पालन करना है।

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खेल

एशियाड में भारत को 10वां गोल्ड, ईरान को पीछे छोड़ा:तीरंदाजी में 3, शूटिंग में 1 गोल्ड, मेडल टैली में सातवें नंबर पर पहुंचा भारत

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नई दिल्ली, एजेंसी। भारत ने एशियन गेम्स के 11वें दिन 4 गोल्ड जीते। इनमें 3 गोल्ड तीरंदाजी और 1 शूटिंग में आया। इसके साथ भारत के 10 गोल्ड समेत 60 मेडल हो गए हैं। वह ईरान को पीछे छोड़कर मेडल टैली में 7वें नंबर पर पहुंच गया है।

बुधवार को पहला गोल्ड विमेंस कंपाउंड आर्चरी टीम ने जीता। इसके बाद चिकिता तनिपार्थी और साहिल जाधव की जोड़ी ने मिक्स्ड कंपाउंड आर्चरी में गोल्ड जीता। नीरू ढांडा और किनान चेनाई की जोड़ी को शूटिंग में गोल्ड मिला। दिन का चौथा गोल्ड कंपाउंड आर्चरी के पुरुष टीम इवेंट में साहिल, गणेश और कुशल ने जीता।

आर्चरी में दिन के तीनों गोल्ड भारत के नाम

  • भारत ने कंपाउंड आर्चरी के तीनों इवेंट में गोल्ड जीते। विमेंस टीम ने चीन को 238-234 से हराकर अपने खिताब का बचाव किया।
  • मिक्स्ड टीम फाइनल में चिकिता और साहिल का मुकाबला साउथ कोरिया की पार्क जंगयून और चोई योंगही से था। भारत ने शूट-ऑफ में गोल्ड अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिलिस ओलिंपिक के कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट के लिए कोटा भी हासिल किया।
  • पुरुष टीम फाइनल में साहिल, गणेश और कुशल की टीम ने चीन को 238-237 से हराया। भारत शुरुआती एंड में 58-60 से पीछे था, लेकिन इसके बाद भारतीय तीरंदाजों ने लगातार शानदार निशाने लगाए। फाइनल के बाद के 180 में भारत ने 180 अंक हासिल किए। साहिल ने अपने सभी 8 शॉट में 10 अंक बनाए, जबकि गणेश और कुशल ने भी दबाव के बीच लगातार 10 लगाए।
आर्चरी में फाइनल जीतने के बाद भारतीय टीम सेलिब्रेट करती हुई।

आर्चरी में फाइनल जीतने के बाद भारतीय टीम सेलिब्रेट करती हुई।

नीरू-किनान ने शूटिंग में दिलाया गोल्ड

ट्रैप मिक्स्ड टीम फाइनल में नीरू ढांडा और किनान चेनाई ने भारत को गोल्ड दिलाया। भारत ने शुरुआत में 10 में से 6 हिट किए थे और एक समय चार टीमों में सबसे नीचे था। इसके बाद दोनों ने एक भी टारगेट मिस नहीं किया और शानदार वापसी करते हुए गोल्ड जीता। भारत ने कतर को सिर्फ एक अंक से पीछे छोड़ा। चीन ने ब्रॉन्ज जीता।

नीरू का यह इन गेम्स में दूसरा गोल्ड है। इससे एक दिन पहले उन्होंने विमेंस ट्रैप इंडिविजुअल इवेंट में गोल्ड जीता था।

हॉकी: साउथ कोरिया को 2-0 हराकर फाइनल में भारत

भारतीय महिला हॉकी टीम ने साउथ कोरिया को 2-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। भारत के लिए इशिका ने पेनल्टी कॉर्नर की वैरिएशन पर गोल किया, जबकि कप्तान सलिमा ने दूसरे हाफ में बढ़त दोगुनी की। अब भारत का गोल्ड मेडल मैच चीन से होगा। यह मुकाबला 2 अक्टूबर को खेला जाएगा।

बॉक्सिंग में 2 ब्रॉन्ज, लवलीना फाइनल में

  • बॉक्सिंग में प्रियंका घंघास को विमेंस 60 किग्रा सेमीफाइनल में चीन की यांग चेंग्यू से 4-1 से हार मिली। उन्हें ब्रॉन्ज मिला।
  • कपिल पोखरियाने पुरुषों के 90 किग्रा सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान के तुराबेक खाबिबुल्लाएव के खिलाफ 4-1 से हार के बाद ब्रॉन्ज जीता।
  • वहीं लवलीना बोरगोहेन ने विमेंस 75 किग्रा सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की नताल्या बोगदानोवा को 3-2 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
लवलीना बोरगोहेन गोल्ड मेडल के लिए चीन की बाओ जिइ से भिड़ेंगी।

लवलीना बोरगोहेन गोल्ड मेडल के लिए चीन की बाओ जिइ से भिड़ेंगी।

रेसलिंग: सुनील कुमार को ब्रॉन्ज

सुनील कुमार ने पुरुषों के ग्रीको-रोमन 87 किग्रा में ब्रॉन्ज जीता। सेमीफाइनल में जापान के ताइजो योशिदा से 11-0 की हार के बाद उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल बाउट में फिलीपींस के कैलम रॉबर्ट्स को 9-0 से हराया। यह हांगझोउ के बाद सुनील का लगातार दूसरा एशियन गेम्स ब्रॉन्ज है। वह एशियन गेम्स में ग्रीको-रोमन रेसलिंग के दो मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने।

स्क्वॉश में दोनों टीमों ने पक्के किए मेडल

भारतीय महिला स्क्वॉश टीम ने सिंगापुर को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई और मेडल पक्का किया। तन्वी खन्ना ने वाई लिन ऑ योंग को 3-1 और अनाहत सिंह ने वाई यान ऑ योंग को 3-0 से हराया।

पुरुष टीम ने कुवैत को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। वीर छत्रानी ने बादेर अलमोगरेबी को 3-1 और अभय सिंह ने अम्मार अल-तमिमी को 3-0 से हराया। अब डिफेंडिंग चैंपियन भारत का सामना मलेशिया से होगा।

टेनिस: सुमित क्वार्टरफाइनल में

सुमित नागल ने पुरुष सिंगल्स के तीसरे दौर में उज्बेकिस्तान के सर्गेई फोमिन को 6-3, 6-2 से हराकर क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई। अब उनका मुकाबला चीन के वू यीबिंग से होगा।

हालांकि पुरुष डबल्स में युकी भांबरी और धक्षिणेश्वर सुरेश की जोड़ी क्वार्टरफाइनल में चीनी ताइपे की हो चेनजुई-ह्सू यू-ह्सिओउ जोड़ी से 6-7 (5-7), 3-6 से हार गई।

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देश

SIR में नाम कटे तो दोबारा जुड़वाना आसान:फॉर्म-6 से 2003 वाला सवाल हटाया, माता-पिता का रिकॉर्ड नहीं खोजना होगा, बदलाव के मायने

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नई दिल्ली, एजेंसी। चुनाव आयोग ने SIR पूरा हो चुके राज्यों में फॉर्म-6 में बड़ा बदलाव किया है। अब SIR में नाम कटने के बाद दोबारा नाम जुड़वाने के लिए 2003 की वोटर लिस्ट की जानकारी नहीं देनी होगी। आवेदक को यह बताने की जरूरत नहीं होगी कि उसका, माता-पिता या दादा-दादी का नाम उस लिस्ट में था या नहीं। फॉर्म-6 से इससे जुड़ा अतिरिक्त घोषणा-पत्र हटा दिया गया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि नाम बिना जांच के जुड़ जाएगा। वोटर बनने की पात्रता की जांच पहले की तरह होगी। फॉर्म-6 की सामान्य प्रक्रिया भी जारी रहेगी। यह बदलाव फिलहाल सिर्फ उन राज्यों में लागू है, जहां SIR पूरा हो चुका है।

चुनाव आयोग के फॉर्म 6 में माता-पिता का पिछले SIR में नाम होने की डिटेल भरनी होती थी। SIR हो चुके राज्यों के लिए इस हिस्से को हटाया गया है।

चुनाव आयोग के फॉर्म 6 में माता-पिता का पिछले SIR में नाम होने की डिटेल भरनी होती थी। SIR हो चुके राज्यों के लिए इस हिस्से को हटाया गया है।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दो चुनाव आयुक्तों विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने इस पर आपत्ति जताई थी। फॉर्म 6 का इस्तेमाल वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए होता है।

5 सवाल-जवाब में जानिए नए बदलाव के मायने

1. सवाल: मेरा नाम SIR में कट गया है। अब दोबारा नाम जुड़वाने के लिए क्या 2003 की वोटर लिस्ट में माता-पिता का नाम बताना होगा?

जवाब: नहीं। जिन राज्यों में SIR पूरा हो चुका है, वहां फॉर्म-6 से SIR वाला अतिरिक्त घोषणा-पत्र हटा दिया गया है। इसलिए नाम दोबारा जुड़वाने के लिए यह बताना जरूरी नहीं होगा कि आपका या माता-पिता का नाम 2003 की वोटर लिस्ट में था या नहीं।

2. सवाल: क्या जिन लोगों के नाम SIR में कटे हैं, उनके नाम बिना जांच के वापस जुड़ जाएंगे?

जवाब: नहीं। घोषणा-पत्र हटने का मतलब जांच खत्म होना नहीं है। Form 6 की सामान्य प्रक्रिया और मतदाता बनने की पात्रता की जांच पहले की तरह रहेगी।

3. सवाल: जो पहली बार वोटर बनने जा रहे हैं, उन्हें इसका क्या फायदा होगा?

जवाब: उन्हें भी फॉर्म-6 भरते समय अपने माता-पिता या दादा-दादी का 2003 की वोटर लिस्ट से जुड़ा विवरण देने की अतिरिक्त घोषणा नहीं करनी होगी। इससे पहली बार नाम जुड़वाने की प्रक्रिया आसान होगी।

4. सवाल: फिर 2003 की वोटर लिस्ट की जानकारी की जरूरत ही नहीं रहेगी?

जवाब: ऐसा नहीं है। पुरानी वोटर लिस्ट SIR की प्रक्रिया में रिकॉर्ड की जांच और मिलान के लिए इस्तेमाल हो सकती है। बस फॉर्म-6 में उससे जुड़ा अतिरिक्त घोषणा-पत्र देना जरूरी नहीं रहेगा।

5. सवाल: आखिर इस बदलाव का सीधा फायदा किसे होगा?

जवाब: दोनों तरह के वोटर्स को, जिनका नाम SIR में कट गया है और जो पहली बार वोटर बन रहे हैं। दोनों के लिए फॉर्म-6 की प्रक्रिया से एक अतिरिक्त घोषणा हट गई है। खासकर नए वोटर्स के लिए यह आसान होगा, क्योंकि उन्हें पुराने वोटर रिकॉर्ड में माता-पिता या दादा-दादी का नाम खोजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

रिपोर्ट- दो चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई थी

  • द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने फॉर्म 6 में SIR से जुड़ी जानकारी जोड़ने पर आपत्ति जताई थी।
  • उनका कहना था कि नियमों में बदलाव किए बिना वैधानिक फॉर्म 6 में नया हिस्सा जोड़ दिया गया।
  • विवेक जोशी ने कहा कि फॉर्म 6 नियमों के तहत तय फॉर्म है, इसलिए इसमें बदलाव के लिए पहले नियमों में संशोधन जरूरी है।
  • वहीं, सुखबीर सिंह संधू ने ऑनलाइन फॉर्म 6 में जोड़े गए हिस्से को “अनधिकृत और अवैध” बताते हुए उसे हटाने की बात कही थी।

10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा हुआ SIR

SIR के पहले और दूसरे फेज में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के बाद बिहार, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम विधानसभा चुनाव में भाजपा जीती है। केरल में कांग्रेस गठबंधन और तमिलनाडु में TVK ने जीत हासिल की है। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) हुआ। यहां भी भाजपा सरकार की वापसी हुई।

तीसरा फेज: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों में SIR

चुनाव आयोग ने 14 मई को हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा की थी। यह SIR का तीसरा फेज है।

पूरी प्रक्रिया 30 मई से 23 दिसंबर तक चलेगी। इस दौरान 36.73 करोड़ वोटरों का वेरिफिकेशन हो रहा है। जिन राज्यों में SIR होगा, उनमें पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। अन्य 13 राज्यों में 2028 और 2029 में चुनाव होंगे।

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देश

शाह बोले- दिल्ली शराब घोटाले वाले नशामुक्ति नहीं कर सकते:AAP ने पंजाब को चिट्‌टे में धकेला, 31 दिसंबर 2029 से पहले हम नशामुक्त कर देंगे

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जालंधर, एजेंसी। गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को जालंधर में कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब को चिट्‌टे (नशे) में धकेल दिया है। 2027 का चुनाव भाजपा नशामुक्त पंजाब के नाम पर लड़ेगी।

मैं पंजाब के युवाओं को वादा करके जाता हूं कि भाजपा को वोट करें। हम 31 दिसंबर 2029 से पहले पंजाब को नशा मुक्त कर देंगे। उन्होंने रैली में कहा-

भगवंत मान ने नशे के व्यापार को और बढ़ाया है। नशे में गुरु का अपमान करने वाला नशामुक्ति नहीं कर सकता। जो दिल्ली में शराब बेचने के घोटाले में पकड़े गए हों, वे पंजाब को नशामुक्त कैसे करेंगे?

शाह की रैली से पहले बम की धमकी भी मिली थी। कैंब्रिज स्कूल को भेजे ई-मेल में दावा किया गया कि रैली के स्टेज के नीचे IED रखा गया है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की जांच में वहां कुछ नहीं मिला।

रैली को संबोधित करते वक्त अमित शाह को 4 बार खांसी आई। इसके बाद उनके सुरक्षाकर्मी ने डायस पर पानी का गिलास रखा।

रैली को संबोधित करते वक्त अमित शाह को 4 बार खांसी आई। इसके बाद उनके सुरक्षाकर्मी ने डायस पर पानी का गिलास रखा।

शाह की रैली में भीड़ जुटाकर BJP ने नशे के मुद्दे पर 2027 का चुनाव लड़ने का ऐलान किया।

शाह की रैली में भीड़ जुटाकर BJP ने नशे के मुद्दे पर 2027 का चुनाव लड़ने का ऐलान किया।

रैली में शाह की बड़ी बातें

  • जवानों के लिए: आजादी से पहले का समय हो या बाद का, जब भी देश की सुरक्षा की बात आती है, पंजाब का जवान सबसे पहले अपनी जान देने के लिए तैयार रहता है। आज भी जब सेना में जो बोले सो निहाल… का नारा लगता है, तो पाकिस्तानी सेना उल्टे पांव भाग जाती है।
  • किसानों के लिए: देश में जब भी खाने-पीने की किल्लत या जरूरत पड़ी, पंजाब के किसानों ने कड़ी मेहनत कर हमेशा देश के अन्न भंडार को भरने का काम किया है। पंजाब सरकार ने किसानों को 26 फसलों पर MSP देने का वादा किया गया था, लेकिन सरकार उसे पूरा करने में विफल रही। इसके विपरीत, पड़ोसी राज्य हरियाणा ने अपने किसानों को फसलों पर MSP दे दी है। सरकार बनी तो किसानों के मुद्दे का परमानेंट हल करेंगे।
  • युवाओं के लिए: जब कुश्ती खेलने वाला देश का होनहार युवा नशे के कारण असमय मौत का शिकार होता है, तो बहुत दुख होता है। पंजाब के युवाओं से वादा है कि राज्य के सुनहरे भविष्य के लिए BJP को वोट दें, उन्हें नशे के इस दलदल से निकाल लेंगे। उन्हें रोजगार के उचित मौके देंगे।
  • नशामुक्ति के लिए: भाजपा नशामुक्त पंजाब वादे को पूरा करेंगी। मैं खुद उन पीड़ित माताओं से मिलकर आया हूं, जिन्होंने नशे के कारण अपने बेटों को खो दिया। एक मां अपनी गोद में अपने 2 मृत बच्चों की तस्वीर लेकर पंजाब को बचाने की गुहार लगा रही थी।
  • पंजाब सरकार के लिए: पिछले 3 सालों में पंजाब सरकार ने एंटी-ड्रग्स की एक भी बैठक नहीं की। जालंधर में NCB का दफ्तर खोलने के केंद्र के प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया। आज पंजाब में महिलाओं की सुरक्षा एक बहुत गंभीर मुद्दा बन चुकी है, जिसे भाजपा सरकार आने पर प्राथमिकता से सुधारा जाएगा।
अमित शाह ने जालंधर के श्री देवी तलाब मंदिर में जोत जलाकर माथा टेका।

अमित शाह ने जालंधर के श्री देवी तलाब मंदिर में जोत जलाकर माथा टेका।

शाह ने पंजाब सरकार पर घोटालों के आरोप लगाए

  • मोगा विज्ञापन घोटाला: मोगा में विज्ञापन आवंटन में घपला हुआ है। पंजाब सरकार जनता के पैसे का दुरुपयोग कर रही है और सालाना 785 करोड़ रुपए सिर्फ अपने प्रचार और विज्ञापनों पर खर्च कर रही है।
  • बरनाला भूमि घोटाला: बरनाला भूमि घोटाले में सरकार की नीयत ठीक नहीं है। इसकी जांच होनी चाहिए।
  • पंजीरी घोटाला: बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण के लिए बांटी जाने वाली पंजीरी में हुए कथित घोटाले का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि राज्य में हर महीने अवैध उगाही का खेल चल रहा है।
  • खनन आय में गिरावट का आरोप: शाह ने CM भगवंत मान का नाम लेकर पूछा कि सरकार ने राज्य में अवैध खनन को रोककर इनकम बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन इसके विपरीत माइनिंग से होने वाली आय पहले से भी और कम हो गई है।
श्री देवी तालाब मंदिर में माथा टेकने के बाद गृह मंत्री अमित शाह और पंजाब भाजपा प्रधान केवल सिंह ढिल्लों ने पंजाब के मशहूर हॉटेलियर गौतम कपूर से मुलाकात की। वे होटल व्यापारी के घर करीब 40 मिनट तक रुके। इस दौरान उन्होंने वहां लंच भी किया। इसके बाद शाह रैली के लिए लिए रवाना हुए।

श्री देवी तालाब मंदिर में माथा टेकने के बाद गृह मंत्री अमित शाह और पंजाब भाजपा प्रधान केवल सिंह ढिल्लों ने पंजाब के मशहूर हॉटेलियर गौतम कपूर से मुलाकात की। वे होटल व्यापारी के घर करीब 40 मिनट तक रुके। इस दौरान उन्होंने वहां लंच भी किया। इसके बाद शाह रैली के लिए लिए रवाना हुए।

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