देश
अरावली केस: सुप्रीम कोर्ट का अपने ऑर्डर पर स्टे,पहले 100 मीटर से छोटी पहाड़ियों पर खनन को मंजूरी दी थी, अब रोक लगाई
जयपुर,एजेंसी। अरावली पर्वतमाला को लेकर उठे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने अपने ही आदेश पर सोमवार को रोक लगा दी है। 20 नवंबर को जारी आदेश में 100 मीटर से छोटी पहाड़ियों पर खनन के आदेश दिए थे, अब 21 जनवरी 2026 तक खनन पर रोक लगा दी है।
कोर्ट ने कहा है कि इस मामले की जांच के लिए एक्सपर्ट कमेटी गठित की जाए। यह कमेटी मौजूदा विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट का विश्लेषण करेगी। इसके बाद संबंधित मुद्दों पर कोर्ट को सुझाव देगी। कोर्ट ने केंद्र और अरावली के चार राज्यों (राजस्थान, गुजरात, दिल्ली और हरियाणा) को भी नोटिस जारी कर इस मुद्दे पर जवाब मांगा है।
आज (सोमवार) मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और एजी मसीह की वेकेशन बेंच ने अरावली केस की सुनवाई की। CJI सूर्यकांत ने निर्देश दिया है कि विशेषज्ञ समिति की सिफारिशें और उन पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से की गई आगे की टिप्पणियां फिलहाल स्थगित (abeyance) रहेंगी। अदालत ने साफ किया कि अगली सुनवाई तक इन सिफारिशों को लागू नहीं किया जाएगा। इन सिफारिशों में से एक में कहा गया है कि 100 मीटर से ऊंची पहाड़ियों को ही अरावली पर्वतमाला माना जाए।
सॉलिसिटर जनरल ने कहा- गलतफहमियां फैलाई जा रहीं
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि इस मामले में अदालत के आदेशों, सरकार की भूमिका और पूरी प्रक्रिया को लेकर कई तरह की गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं। इन्हीं भ्रमों को दूर करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की गई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसे अदालत ने स्वीकार भी किया था।
कोर्ट ने कहा- अदालत की टिप्पणियों का गलत अर्थ निकाला जा रहा
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि अदालत की भी यही भावना है कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट और उसके आधार पर अदालत द्वारा की गई कुछ टिप्पणियों को लेकर गलत अर्थ निकाले जा रहे हैं।
CJI ने संकेत दिया कि इन गलत धारणाओं को दूर करने के लिए स्पष्टीकरण की जरूरत पड़ सकती है, ताकि अदालत की मंशा और निष्कर्षों को लेकर कोई भ्रम न रहे।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट या अदालत के फैसले को लागू करने से पहले एक निष्पक्ष और स्वतंत्र मूल्यांकन जरूरी है, ताकि कई अहम सवालों पर स्पष्ट दिशा मिल सके।
CJI ने कहा कि अदालत पहले ही यह संकेत दे चुकी है कि इन सवालों पर गहराई से विचार आवश्यक है। इसी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने प्रस्ताव रखा है कि एक्सपट्र्स की एक हाई पावर्ड कमेटी गठित की जाए। यह कमेटी मौजूदा विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट का विश्लेषण करे और इन मुद्दों पर स्पष्ट सुझाव दे।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की वैकेशन बेंच में मामले की सुनवाई चल रही है। जमीन से 100 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाली पहाड़ियों को ही अरावली मानने की नई परिभाषा का विरोध हो रहा है। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। सीजेआई के वैकेशन कोर्ट में यह मामला पांचवें नंबर पर लिस्टेड था।
अशोक गहलोत बोले- मंत्री जनता की इच्छा क्यों नहीं समझ पा रहे
कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा- हमें बहुत खुशी है कि सर्वोच्च न्यायालय ने आज स्थगन आदेश जारी किया है। हम इसका स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि सरकार भी जनता की इच्छा को समझेगी। चारों राज्यों की जनता, और वास्तव में पूरे देश की जनता, इस आंदोलन में शामिल हुई है। सड़कों पर उतरी है। विभिन्न रूपों में विरोध प्रदर्शन किया है। यह समझ से परे है कि मंत्री (पर्यावरण मंत्री) इसे क्यों नहीं समझ पा रहे हैं।
कांग्रेस ने वन-पर्यावरण मंत्री से इस्तीफा मांगा
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा- इस मामले का और अधिक विस्तार से अध्ययन करने की आवश्यकता है। और याद दिलाया कि प्रस्तावित पुनर्परिभाषा का भारतीय वन सर्वेक्षण, सर्वोच्च न्यायालय की केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति और स्वयं एमिकस क्यूरी ने विरोध किया था। रमेश ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की। साथ ही कहा- यह फैसला पुनर्परिभाषा के पक्ष में उनके द्वारा दिए गए सभी तर्कों को खारिज करता है।
आरपी बलवान की याचिका पर केंद्र, राज्यों को नोटिस
हरियाणा के वन विभाग के रिटायर अधिकारी आरपी बलवान ने भी पिछले सप्ताह केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की समिति की सिफारिशों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में पहले से चल रहे गोदावर्मन मामले में याचिका दाखिल की, जिस पर कोर्ट ने केंद्र, राजस्थान, हरियाणा सरकार और पर्यावरण मंत्रालय को नोटिस जारी किया था। सुप्रीम कोर्ट शीतकालीन अवकाश के बाद इस मामले में सुनवाई करेगा।
विवाद के बाद केंद्र ने अरावली रेंज में नए खनन पट्टों पर लगाई रोक
विवाद बढ़ने पर केंद्र सरकार ने अरावली में नए खनन पट्टों पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए। 24 दिसंबर (बुधवार) को केंद्रीय वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने बयान में कहा कि पूरी अरावली श्रृंखला में कोई नया खनन लीज नहीं जारी होगा।
केंद्र ने राज्य सरकारों को अरावली में किसी भी प्रकार के नए खनन पट्टे देने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए हैं। ये प्रतिबंध पूरे अरावली पर समान रूप से लागू होंगे।
केंद्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से जारी लिखित बयान के मुताबिक इस आदेश का मकसद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक फैली सतत भूवैज्ञानिक श्रृंखला के रूप में अरावली की रक्षा करना और सभी अनियमित खनन गतिविधियों को रोकना है। केंद्र के बयान के बाद पूर्व सीएम अशोक गहलोत, जयराम रमेश सहित विपक्षी नेताओं ने कहा कि इसमें कुछ भी नया नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश में यह सब है, उसी का पालन करना है।
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भागवत बोले-हम बंटे हुए हैं, इसलिए आक्रमण हो रहे हैं:भेद और स्वार्थ को तिलांजली दें, संत ने कहा-जैनों को हिंदुओं से अलग न समझें
जैसलमेर,एजेंसी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा- आक्रमण भी इसलिए चल रहे हैं क्योंकि हम सोए और बंटे हुए हैं। हम वास्तव में एक ही हैं, पंथ-संप्रदाय से अलग हैं। संस्कृति, देश, समाज के नाते हम एक हैं। ज्ञान नहीं है तो वह भेद मानता है।
आज से सद्भावना की शुरुआत कर देनी चाहिए। मेरा एक-एक मित्र कुटुम्ब होगा, उनका मेरा यहां आना-जाना, सुख-दुख, खाना-पीना सभी रहेगा। क्योंकि समय बड़ा कठिन है।
मोहन भागवत ने यह बात शुक्रवार को जैसलमेर में जैन समाज के चादर महोत्सव कार्यक्रम में कही। इससे पहले भागवत ई-रिक्शा में बैठकर सोनार दुर्ग गए। जहां पर पार्श्वनाथ जैन मंदिर में दर्शन-पूजन कर जिनभद्र सूरी ज्ञान भंडार और दादा गुरुदेव की पावन चादर के दर्शन किए।
इसके बाद वे देदांसर मेला ग्राउंड में आयोजित तीन दिवसीय चादर महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां उन्होंने सभा को संबोधित किया। भागवत ने कहा- हम सभी भेद और स्वार्थ को तिलांजली दें और देश के लिए जीने-मरने को उतारूं हो जाएं तो हमारा समाज अच्छा बनेगा। कलह और भेद खत्म हो जाएंगे तो भारत विश्वगुरु बनकर एक सुखी-सुंदर दुनिया को जन्म देगा।
जिनमणिप्रभ सूरीश्वरजी महाराज ने सभा में कहा- जैनों को हिंदुओं से अलग समझने का प्रयास कभी मत करना। हम हिंदुस्तान में रहने वालैं और यहां रहने वाले का पहला धर्म हिंदू हैं। जैन धर्म परमात्मा महावीर की शिक्षाओं को आगे बढ़ाने का उपदेश है।

जैसलमेर के देदांसर मेला ग्राउंड में कार्यक्रम के मंच पर राजस्थानी साफा व मोमेंटो देकर मोहन भागवत का स्वागत किया गया।

डॉ. मोहन भागवत ने डॉ. विद्युत प्रभा द्वारा लिखित पुस्तक ‘दादा गुरुदेव’ का विमोचन किया।

जैन समुदाय के दादा गुरुदेव की स्मृति में विशेष स्मारक सिक्का जारी किया।

जैन समुदाय के दादा गुरुदेव की स्मृति में 5 रुपए का डाक टिकट जारी किया गया।

जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी, बाड़मेर की रुमादेवी भी धर्मसभा में पहुंचीं।

RSS प्रमुख मोहन भागवत ई-रिक्शा से जैसलमेर किले में पहुंचे।

सोनार किले में पार्श्वनाथ जैन मंदिर में भागवत ने दर्शन किए।
भागवत की 4 बड़ी बातें
1. झगड़े इसलिए होते हैं क्योंकि हम एकत्व को नहीं पहचानते
मोहन भागवत ने कार्यक्रम के दौरान एक कहानी सुनाई। उन्होंने कहा- ट्रेन में सीट को लेकर झगड़ा हुआ, लेकिन तंबाकू खाने की बात पर दोनों में बातचीत शुरू हुई। बातचीत में पता चला कि दोनों भाई थे, जो एक बचपन में गुम हो गया था। इसके बाद दोनों गले मिलकर रोने लगे। ये इसलिए है क्योंकि हम हमारे एकत्व को नहीं पहचानते। इसलिए झगड़े होते हैं। क्योंकि एक नहीं है तो अलग हैं। अलग हैं तो अलग-अलग स्वार्थ है।
यदि अपने लोग हैं तो आधी रोटी भी बांटकर खाएंगे। सभी एक-एक टुकड़ा खाएंगे और सभी की भूख मिट जाएगी। यदि अपने लोग नहीं हैं तो कोई किसी को नहीं देगा। अपना खाकर समाधान नहीं होगा और दूसरे के पास मिठाई है तो वह अपने पास कैसे आ जाए ये भी सोचेगा।
एकता का अनुभव करने के लिए जो जीवन है उसे पूर्ण व्यवस्थित करना और फल की इच्छा से मुक्त करना। ये कुछ भी मेरा नहीं, कुछ भी सत्य नहीं है। एक प्रवृति और दूसरा निवृति मार्ग है।

चादर महोत्सव में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में जैन मुनि पहुंचे।
2. मंच पर बैठक ऊंचा समझने लग जाएं तो बुद्धि मारी गई
भागवत ने कहा- सभी व्यवस्थाओं में अलग-अलग होता है। सभा में बोलने वाला सभी को दिखना चाहिए इसलिए वो ऊपर बैठता है। सुनने वाला नीचे बैठते है। जितने ज्यादा सुनने वाले, ऊतनी यहां ऊंचाई ज्यादा।
यदि मैं ऊंचाई पर बैठा हूं यदि मैं ये समझने लग जाऊं कि मैं आपसे ऊंचा हो गया और आप नीचे हो गए तो ये मेरी बुद्धि मारी गई है, इसलिए मैं ऐसा सोच रहा हूं। ये तो व्यवस्था का भेद है। काम होना चहिए। किसी को कहां बैठाया इसमें ऊंच-नीच नहीं होता। सब समान हैं, सभी का मूल एक है।
3. जन्म से सब मनुष्य हैं, जाति बाद में आती है
भागवत ने कहा- हमारे यहां सभी पंथ-संप्रदाय इसी बात से शुरू होते है कि एक से सब अनेक हुआ है। अनेक कैसे होता है ये उसके दर्शन है। ये अलग-अलग है उसके परस्पर विरोधी नहीं है।
सभी का उपदेश एक है। इसलिए संप्रदाय और जातियों में कोई भेद नहीं है। जन्म से सब मनुष्य है, जाति बाद में आती है। कई बच्चों को तो जाति पता नहीं होती, स्कूल में फॉर्म भरते वक्त पता चलती है। इसलिए सभी प्रकार के भेदों को छोड़कर हमें एक होना है।

डोम में महिलाओं और पुरुषों के लिए बैठने की अलग-अलग व्यवस्था की गई।
4. सद्भावना से निकलेगा हल
भागवत बोले- दुनियाभर में जो बातें चल रही है उसका उपाय हमारे पास है। हम लोगों को आपस में सद्भावना से व्यवहार करना है। विवाद को सुलझाना है तो समझौता, तर्क रास्ता नहीं होता है। उसका हल सद्भावना से निकलता है। सद्भावना से हमें पूरे समाज को तैयार करना है, बैठाना है। सभी कलह मिट जाए, हम सभी खड़े हो जाएं। हमें अपना जीवन बदलकर चलना है। आज से हम इसकी शुरुआत कर सकते हैं।
सभी ये सोचे कि जहां तक मैं घूमता हूं, जहां मेरा सर्किल है, परचित प्रदेश, उस सर्किल में जितने प्रकार के हम हिंदू माने जाते हैं। हम वास्तव में एक ही हैं, पंथ-संप्रदाय से अलग हैं। संस्कृति, देश, समाज के नाते हम एक हैं। ज्ञान नहीं है तो वह भेद मानते हैं। जितने होंगे उन सभी में मेरा एक-एक मित्र कुटुम्ब होगा, उनका मेरा यहां आना-जाना, सुख-दुख, खाना-पीना सभी रहेगा। आज से ये शुरू करना होगा। क्योंकि समय बड़ा कठिन है।
भागवत ने स्मारक सिक्का और डाक टिकट का लोकार्पण किया
कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत दादा गुरुदेव की स्मृति में स्मारक सिक्का और डाक टिकट का लोकार्पण तथा ‘दादा गुरुदेव’ पुस्तक का विमोचन किया।
इस महोत्सव में 871 साल बाद दादा गुरुदेव की पावन चादर का विधिवत अभिषेक और दर्शन हो रहे हैं, जिसे देखने देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जैसलमेर पहुंच रहे हैं।
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अजित पवार प्लेन क्रैश मामला:भतीजे रोहित का सवाल- CID ने VSR के मालिक से पूछताछ की या मेहमाननवाजी की, अभी तक FIR क्यों नहीं
पुणे,एजेंसी। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के प्लेन क्रैश मामले में अजित के भतीजे रोहित पवार ने महाराष्ट्र सीआईडी की जांच पर सवाल खड़े किए। शुक्रवार को उन्होंने X पोस्ट में लिखा, ‘CID ने विमान कंपनी VSR के मालिक सिंह से पूछताछ की या उनकी मेहमाननवाजी की है।’
सीआईडी ने एक दिन पहले वी.के सिंह से 28 जनवरी को हुए बारामती प्लेन क्रैश मामले में पूछताछ की थी। अधिकारियों ने कहा था कि सिंह से सुबह 11 बजे से शाम 7.30 बजे तक पूछताछ की गई थी। इस दौरान उनका बयान भी रिकॉर्ड किया गया था।
रोहित ने आरोप लगाते हुए लिखा- सीआईडी का ज्यादा समय सिंह से पूछताछ से ज्यादा उनकी देखभाल में बीता। रात में वीके सिंह को काले शीशे वाली पुलिस गाड़ी में मेहमान की तरह ले जाया गया। इतने बड़े हादसे के बावजूद अबतक FIR दर्ज नहीं की गई है। उल्टा मीडिया और मेरे साथ बुरा बर्ताव किया।
रोहित का आरोप- सिंह को VIP ट्रीटमेंट मिला
रोहित पवार ने कहा कि वीएसआर कंपनी के मालिक वी.के सिंह सीआईडी के सामने पेश हुए। उस व्यक्ति को सिक्योरिटी गार्ड ने घेर रखा था। सिंह को सीआईडी कार्यालय में नाश्ता कराया गया, लंच कराया गया। यहां तक कि क्रिकेट मैच भी दिखाया गया। यह दुखद है कि किसी को इस तरह का वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है।
रोहित ने लिखा कि सच को छिपाने के लिए चाहे कितने भी पर्दे डाल दिए जाएं, सच्चाई का सूरज एक दिन जरूर उगेगा। दरअसल, 28 जनवरी की सुबह महाराष्ट्र के बारामती में VSR कंपनी का लियरजेट 45 एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया था। हादसे में अजित पवार समेत 5 लोगों की डेथ हुई थी।
रोहित ने शिंदे-सुनेत्रा पवार से मुलाकात की
NCP-SCP के विधायक रोहित पवार ने अजित पवार प्लेन क्रैश मामले में राज्य के दोनों डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार (अजित पवार की पत्नी) से मुलाकात की। रोहित ने इस मामले में जांच की मांग की है। रोहित राज्य के सीएम देवेंद्र फडणवीस से भी मुलाकात कर चुके हैं।
रोहित का कहना है कि अगर VSR कंपनी एक विमान दुर्घटना में लापरवाही बरत रही है, तो वह दूसरे विमान दुर्घटना में भी लापरवाही बरत सकती है। क्या कोई यही कहना चाह रहा है कि उन्हें पता था कि अजीत पवार के विमान में लापरवाही बरती जा रही है। क्या इसके पीछे कोई साजिश थी। उनकी हत्या की योजना बनाई गई थी।
रोहित पवार ने कहा कि जय पवार और मैं भी मांग करते हैं कि वीएसआर कंपनी के सभी विमानों को रोक दिया जाए। ताकि अजीत पवार के मामले में जो हुआ, वह अन्य नेताओं के साथ न हो। हम वीएसआर के खिलाफ लड़ रहे हैं।
सीबीआई प्रस्ताव क्यों नहीं स्वीकार रही
रोहित पवार ने कहा कि अजीत पवार की दुर्घटना के पीछे साजिश होने की बात कहने के बावजूद उचित जांच नहीं की गई। कहा जाता है कि सीबीआई को प्रस्ताव भेजा गया था। सुशांत सिंह के मामले में बिहार सरकार ने प्रस्ताव भेजा और सीबीआई ने दो दिन के भीतर उसे स्वीकार कर लिया, लेकिन महाराष्ट्र के नेता की मृत्यु हो गई। इस मामले में प्रस्ताव भेजे हुए 22 दिन हो चुके हैं, लेकिन इसे अभी तक क्यों नहीं स्वीकारा गया है? लोग सवाल उठा रहे हैं।
एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए
रोहित पवार ने कहा कि अजीत पवार को न्याय दिलाने के लिए उनके खिलाफ एक साधारण एफआईआर भी दर्ज नहीं की जा रही है। 2019 में घाटकोपर में हुए विमान हादसे में किरिट सोमैया के जाने के बाद एफआईआर दर्ज की गई थी।
उस एफआईआर और इस एफआईआर में कोई फर्क नहीं है, लेकिन अगर अजीतदादा के जाने के बाद पुलिस प्रशासन उनकी एफआईआर दर्ज नहीं करता है तो हम क्या कहेंगे?
अगर सत्ता में बैठे लोगों के पास कुछ अधिकार हैं तो उन्हें कम से कम एफआईआर दर्ज कराने की अनुमति तो देनी चाहिए। अगर हम दिल्ली जाकर इस मामले में बड़े नेताओं से बात करें तो इससे निश्चित रूप से फायदा होगा।

बारामती प्लेन हादसे की एक तस्वीर, जिसमें प्लेन के मलबे के पास शव दिख रहा था।
1 मार्च: दावा-अजित का प्लेन क्रैश लैंडिंग से पहले पेड़ों से टकराया
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने बारामती प्लेन क्रैश पर 22 पेज की प्राइमरी रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 28 जनवरी को मुंबई से बारामती जा रहे लियरजेट 45 XR एयरक्राफ्ट ने कम विजिबिलिटी के बावजूद रनवे पर लैंडिंग की।
रिपोर्ट के मुताबिक एयरक्राफ्ट पहले दायीं ओर मुड़ा, पेड़ों से टकराया और फिर जमीन पर गिर गया। इसके बाद उसमें आग लग गई। इस हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार और 4 और लोगों की मौत हो गई थी।
AAIB ने क्रैश साइट के पास के गांव में लगे CCTV फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि हादसे से पहले प्लेन दायीं ओर मुड़ा, पेड़ों और फिर जमीन से टकराया। इससे उसमें आग लग गई और पूरा कॉकपिट, केबिन जल गया।
पोस्ट-फ्लाइट चेक में कोई गड़बड़ी नहीं मिली थी
AAIB की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 27 जनवरी को प्लेन एक उड़ान पूरी करके मुंबई लौटा था। पोस्ट-फ्लाइट चेक के बाद टेक्नीशियन को उसमें कोई गड़बड़ी नहीं मिली।
दरअसल, 26 जनवरी को VSR वेंचर्स के एयरक्राफ्ट VT-SSK ने मुंबई-सूरत-मुंबई सेक्टर के लिए एक चार्टर फ्लाइट ऑपरेट की थी। यह 27 जनवरी की रात 12.20 बजे मुंबई वापस आई।
अगले दिन यानि 28 जनवरी को इसी एयरक्राफ्ट को सुबह करीब 8.09 बजे टेक ऑफ क्लियरेंस दिया गया था।पुणे ATC के बाद, प्लेन सुबह 8.19 बजे बारामती टावर के संपर्क में आया। बाद में, कंट्रोलर ने पायलटों को बताया कि विजिबिलिटी 3 किलोमीटर थी।
हालांकि, एयरक्राफ्ट ने अप्रोच जारी रखा और बाद में गो-अराउंड किया। दूसरे अप्रोच के दौरान एयरक्राफ्ट ने फील्ड इन साइट की रिपोर्ट दी। बाद में बारामती टावर ने रनवे 11 के लिए लैंडिंग क्लियरेंस दिया।
बारामती टावर ने हवाओं के शांत होने की भी जानकारी दी। रनवे 11 के बाईं ओर क्रैश लैंड करने से पहले क्रू मेंबर को “ओह शिट… ओह शिट…” कहते हुए सुना गया था।
रिपोर्ट में 2 और दावे…
- बारामती एयरपोर्ट पर अकेले रनवे की री-कारपेटिंग मार्च 2016 में की गई थी और रनवे की मार्किंग फीकी पड़ रही थी, साथ ही रनवे की सतह पर ढीली बजरी भी थी।
- 61 साल के पायलट इन कमांड (PIC) को 28 जनवरी की फ्लाइट से पहले 34 घंटे का रेस्ट पीरियड मिला था, जबकि 25 साल के पायलट को 9 दिन और 15 घंटे का रेस्ट पीरियड मिला था।
लियरजेट 45 वीएसआर वेंचर्स का जेट है, मुख्यालय दिल्ली में
VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली स्थित एक नॉन-शेड्यूल्ड एयर ऑपरेटर कंपनी है। यह कंपनी प्राइवेट जेट चार्टर्ड, मेडिकल इवेक्युएशन (एयर एम्बुलेंस) और एविएशन कंसल्टेंसी का काम करती है। जिस लियरजेट 45XR विमान का बारामती में एक्सीडेंट हुआ, उसे 1990 के दशक में ‘सुपर-लाइट’ बिजनेस कैटेगरी के तहत बनाया गया था। इसे लग्जरी और तेज रफ्तार कॉर्पोरेट उड़ानों के लिए जाना जाता है।
देश
असम में वायुसेना का सुखोई फाइटर जेट क्रैश:दोनों पायलट की मौत, इनमें एक ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा थे, जोरहाट से 60 किमी दूर हादसा
नई दिल्ली,एजेंसी। असम के कार्बी आंगलोंग इलाके में ट्रेनिंग के दौरान रडार से गायब हुआ भारतीय वायु सेना का सुखोई Su‑30MKI फाइटर जेट क्रैश हो गया है। हादसे में दोनों पायलट स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर की भी मौत हो गई है। पूर्वेश ऑपरेशन सिंदूर का भी हिस्सा थे।
वायु सेना ने गुरुवार देर रात 1 बजकर 9 मिनट पर क्रैश की पुष्टि की थी। शुक्रवार सुबह 9.14 पर एक और X पोस्ट में दोनों पायलट की मौत की जानकारी दी। विमान ने जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरी थी और शाम करीब 7:42 बजे रडार संपर्क टूट गया था।
जब ये हादसा हुआ तब फाइटर जेट नियमित उड़ान पर था। वायु सेना के मुताबिक रडार से संपर्क समाप्त होने के बाद वायु सेना ने तुरंत अलर्ट जारी करते हुए घटना की जांच के लिए IAF टीम को असम रवाना किया। फिलहाल विमान की सटीक स्थिति और संपर्क टूटने की वजह का पता लगाया जा रहा है।

स्क्वाड्रन लीडर अनुज। फाइल फोटो।

फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर। फाइल फोटो।

10 दिन पहले घर आए थे फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश
नागपुर के न्यू सुबेदार लेआउट में रहने वाले फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरागकर के पिता रविंद्र दुरागकर ने बताया कि उनका बेटा देश सेवा के लिए पूरी तरह समर्पित अधिकारी था। यूनिट के ग्रुप कैप्टन ने फोन कर उन्हें हादसे की जानकारी दी।
रविंद्र ने बताया कि तेजपुर में रनवे से जुड़े काम के कारण पूर्वेश की पोस्टिंग फिलहाल जोरहाट में थी। वे अक्सर अपने काम के बारे में परिवार से बात करते थे और हमेशा अपने कर्तव्य को पूरी ईमानदारी से निभाने की कोशिश करते थे।
पूर्वेश के पड़ोसी ने बताया कि अपने माता-पिता और अमेरिका में रहने वाली बहन को पीछे छोड़ गए हैं। पूर्वेश और उनकी बहन करीब 10 दिन पहले परिवार के एक कार्यक्रम के लिए घर आए थे।
मल्टीरोल फाइटर जेट है सुखोई
सुखोई Su‑30MKI भारतीय वायुसेना के सबसे उन्नत और ताकतवर लड़ाकू विमानों में से एक माना जाता है। यह दो इंजन वाला मल्टीरोल फाइटर जेट है, जिसका इस्तेमाल वायु रक्षा, लंबी दूरी की स्ट्राइक और निगरानी जैसे महत्वपूर्ण मिशनों में किया जाता है।
भारत में SU-30MKI 12 सालों में 8 बार क्रैश 1. 4 जून 2024- नासिक, महाराष्ट्र
भारतीय वायुसेना का SU-30MKI जेट ट्रेनिंग उड़ान पर था। उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी आने पर विमान नासिक के पास खेत में गिर गया। दोनों पायलटों ने समय रहते इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गए।

2. 28 जनवरी 2023- मध्य प्रदेश-
ग्वालियर से ट्रेनिंग मिशन पर उड़े दो लड़ाकू विमान SU-30MKI और Mirage-2000 हवा में टकरा गए। SU-30 के दोनों पायलट सुरक्षित निकल आए, लेकिन मिराज-2000 के पायलट की मौत हो गई।

3. 8 अगस्त 2019- तेजपुर, असम
तेजपुर एयरबेस से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान में तकनीकी समस्या आ गई। पायलटों ने विमान से इजेक्ट कर लिया। दोनों सुरक्षित बच गए।

4. 27 जून 2018- नासिक, महाराष्ट्र
हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के टेस्ट पायलट SU-30MKI की टेस्ट उड़ान कर रहे थे। इसी दौरान विमान क्रैश हो गया। दोनों पायलट समय पर बाहर निकल गए और सुरक्षित रहे।

5. 23 मई 2017- अरुणाचल प्रदेश सीमा क्षेत्र
तेजपुर एयरबेस से उड़ान भरने के बाद SU-30MKI से संपर्क टूट गया। बाद में अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाके में विमान का मलबा मिला। इस हादसे में दोनों पायलटों की मौत हो गई।

6. 15 मार्च 2017- बाड़मेर, राजस्थान
ट्रेनिंग मिशन के दौरान विमान क्रैश हो गया। दोनों पायलट सुरक्षित बाहर निकल आए। हादसे में जमीन पर मौजूद तीन लोग घायल हो गए।

7. 14 अक्टूबर 2014- पुणे, महाराष्ट्र
पुणे के पास ट्रेनिंग उड़ान के दौरान SU-30MKI दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दोनों पायलटों ने समय रहते विमान छोड़ दिया और सुरक्षित रहे।

8. 19 मई 2015- तेजपुर, असम
विमान ने तेजपुर एयरबेस से उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ ही देर बाद तकनीकी खराबी आ गई। पायलटों ने इजेक्ट कर लिया और सुरक्षित बच गए।
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