कोरबा
नमामि हसदेव सेवा समिति ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, हसदेव नदी के दोनों किनारों पर रिवर फ्रंट निर्माण की मांग
०हसदेव नदी के दोनों ओर रिवर फ्रंट निर्माण से स्थानीय विकास और पर्यावरण संरक्षण में होगा सुधार
०रिवर फ्रंट निर्माण के लिए प्रशासन से शीघ्र कार्यवाही की अपील, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं का होगा निर्माण
०समिति द्वारा प्रस्तावित योजना : प्रदूषण नियंत्रण, सांस्कृतिक गतिविधियां और स्वच्छता सुविधाएं
कोरबा। नमामि हसदेव सेवा समिति ने कोरबा जिले की जीवनदायिनी हसदेव नदी के दोनों किनारों पर दर्री बांध से कुदुरमाल पुल तक रिवर फ्रंट निर्माण को लेकर कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। यह कदम हसदेव नदी के प्रदूषण को कम करने, इसके संरक्षण को सुनिश्चित करने और नदी के तट पर सुविधाओं के निर्माण के उद्देश्य से उठाया गया है। समिति का मानना है कि रिवर फ्रंट निर्माण से ना केवल पर्यावरणीय सुधार होगा, बल्कि स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं भी मिलेंगी।
समिति की योजना का उद्देश्य
हसदेव नदी की महत्ता को देखते हुए समिति ने दर्री बांध से कुदुरमाल पुल तक रिवर फ्रंट निर्माण का प्रस्ताव दिया है ताकि नदी के किनारों को साफ किया जा सके और प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। यह योजना नदी के संरक्षण के लिए केवल एक तकनीकी कदम नहीं है, बल्कि यह नदी के साथ जुड़ी संस्कृति और पारिस्थितिकी को बचाने का एक गंभीर प्रयास है। हसदेव नदी का पर्यावरणीय और सामाजिक महत्व बहुत बड़ा है और इसे बचाने के लिए स्थानीय और प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। समिति ने कलेक्टर से शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है ताकि रिवर फ्रंट निर्माण की प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू किया जा सके।
रिवर फ्रंट निर्माण हेतु प्रस्तावित प्रमुख कदम
पार्क और सार्वजनिक स्थानों का निर्माण:-
रिवर फ्रंट के किनारों पर पार्किंग स्थल, विश्राम स्थल, और शौचालय की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, टहलने के लिए स्थान बनाए जाएंगे, ताकि लोग प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकें। पार्किंग व्यवस्था से पर्यटकों को यात्रा में असुविधा नहीं होगी, और यह व्यवस्था यातायात समस्या को भी कम करेगी।
सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियाँ:-
रिवर फ्रंट पर सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए स्थान बनाए जाएंगे। यहाँ पर धार्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकेगा, जिससे स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और सामाजिक गतिविधियों के लिए एक मंच मिलेगा।
स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण:-
नदी के दोनों किनारों पर प्रदूषण नियंत्रण के लिए सफाई अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत नदी में जल प्रदूषण के स्रोतों को समाप्त किया जाएगा और पानी की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा। नदी के पानी में प्रदूषण से निपटने के लिए जल उपचार संयंत्र लगाने की योजना भी बनाई गई है। इसके अलावा, कचरे के निपटान के लिए भी उचित व्यवस्था की जाएगी, ताकि नदी के आसपास गंदगी न फैले।
बुनियादी सुविधाएं:-
रिवर फ्रंट पर बुनियादी सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा, जिसमें स्वच्छता, जल गुणवत्ता निगरानी और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय शामिल हैं। नदी के किनारे पर जल की गुणवत्ता की निरंतर निगरानी की जाएगी ताकि कोई भी अवैध गतिविधि और प्रदूषण का प्रयास किया जाए तो उसे रोका जा सके।
सुरक्षा इंतजाम:-
रिवर फ्रंट के आसपास सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुरक्षा उपकरण लगाए जाएंगे। यह कदम रिवर फ्रंट पर पर्यटकों की सुरक्षा और नदी के किनारे होने वाली किसी भी अवैध गतिविधि पर नजर रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।
स्वच्छ जल आपूर्ति और शौचालय व्यवस्था:-
नदी के किनारे पर स्वच्छ जल आपूर्ति की व्यवस्था की जाएगी ताकि यहाँ आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को ताजे और साफ पानी की सुविधा मिले। इसके अलावा, शौचालयों की पर्याप्त संख्या सुनिश्चित की जाएगी ताकि पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
पार्किंग और यातायात सुविधा:-
रिवर फ्रंट के पास पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे ताकि पर्यटकों और स्थानीय लोगों को पार्किंग की समस्या का सामना न करना पड़े। साथ ही, रिवर फ्रंट तक जाने वाली सडक़ों का सुधार किया जाएगा और यातायात को व्यवस्थित करने के लिए उपाय किए जाएंगे।
प्रशासनिक कार्यवाही:-
रिवर फ्रंट के निर्माण के लिए प्रशासनिक स्तर पर ठोस कदम उठाए जाएंगे। इसमें सडक़, जल आपूर्ति, सफाई, और सुरक्षा व्यवस्थाओं के लिए योजना बनाई जाएगी। प्रशासन को इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना होगा ताकि नदी के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम जल्द उठाए जा सकें।
बाल सुरक्षा:-
रिवर फ्रंट पर बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए विशेष बाउंड्री बनाई जाएगी ताकि बच्चों को नदी के किनारे जाने से रोका जा सके और सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा, बच्चों के खेलने के लिए खेल मैदान और अन्य मनोरंजन सुविधाएं भी बनाई जाएंगी।
समिति की अपील:-
नमामी हसदेव सेवा समिति ने कलेक्टर से निवेदन किया है कि इस महत्वपूर्ण योजना को शीघ्रता से कार्यान्वित किया जाए। समिति का कहना है कि रिवर फ्रंट के निर्माण से न केवल नदी के संरक्षण में मदद मिलेगी, बल्कि स्थानीय समुदाय की जीवनशैली में भी सुधार होगा। यह परियोजना कोरबा जिले के पर्यावरणीय और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रतिनिधि मंडल में संरक्षक- श्रेष्ठ सिंह ठाकुर, अध्यक्ष- चन्द्र किशोर श्रीवास्तव, कार्यकारी अध्यक्ष- रणधीर पाण्डेय, उपाध्यक्ष- शैलेश पाण्डेय, संयुक्त सचिव- विजय कुमार राठौर, आचार्य प्रमुख- रवि शंकर मिश्रा, श्री हनुमान चालीसा पाठ प्रमुख- अखिलेश भारती और श्री हनुमान चालीसा पाठ सह प्रमुख- मनीष मैत्री शामिल थे।
नदी संरक्षण के लिए दीर्घकालिक प्रयास
समिति का यह भी कहना है कि रिवर फ्रंट निर्माण केवल एक शुरुआत है। इसके बाद भी नदी के संरक्षण के लिए निरंतर निगरानी और उपाय किए जाने चाहिए। नदी के आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण को पूरी तरह से खत्म करने के लिए प्रशासन को लगातार कार्य करना होगा। समिति का मानना है कि इस योजना को कार्यान्वित करने से हसदेव नदी का पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा और आने वाली पीढिय़ों के लिए यह नदी एक स्थायी संसाधन बन सकेगी।
कोरबा
डीएमएफ परियोजनाओं में परिणाम आधारित कार्य करें सुनिश्चितः- कलेक्टर कुणाल दुदावत
जिले में कृषि विकास को गति व कृषक हितों को सशक्त बनाने कलेक्टर ने कृषि एवं संबद्ध विभागो की ली बैठक
विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी गंभीरता व जवाबदेही के साथ काम करने हेतु किया निर्देशित
सभी शासकीय फार्म्स में धागाकरण यूनिट प्रारम्भ करने प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश
लाख पालन विकास हेतु ठोस रूपरेखा के साथ प्रस्ताव बनाने के निर्देश
पपीता व ऑयल पाम प्लांटेशन के लिए स्थान सुनिश्चित करने हेतु किया निर्देशित
जिले में द्विफसली क्षेत्र विस्तार, मिलेट, दलहन तिलहन के उत्पादन बढ़ाने हेतु किया निर्देशित

कोरबा। जिले में कृषि विकास को गति देने व कृषक हितों को सशक्त बनाने हेतु कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आज कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति, आगामी वर्ष की रणनीति और डीएमएफ से स्वीकृत कार्यों की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की। कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ काम करने हेतु निर्देशित किया, जिससे योजनाओं का प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित हो और निर्धारित लक्ष्यों में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की जा सके और किसानों को वास्तविक लाभ प्राप्त हो।


कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कृषि अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से किसानों के उत्पादन में सुधार सुनिश्चित करने एवं उनकी आय में बढ़ोत्तरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जिले में द्विफसली क्षेत्र के विस्तार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। किसानों को खरीफ मौसम में फसल विविधीकरण और रबी के फसलों का क्षेत्र विस्तार सुनिश्चित करने निर्देशित किया। जिले में मक्का, रागी, कोदो जैसे मिलेट एवं दलहन- तिलहन फसलों के उत्पादन को भी बढ़ावा देने की बात कही।
कलेक्टर ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत शत-प्रतिशत किसानों को लाभान्वित करने एवं ई-केवाईसी, आधार सीडिंग, लैंड सीडिंग एवं एग्रीस्टेक पंजीकरण के निर्धारित लक्ष्यों को पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति हेतु जमीनी स्तर पर एसएडीओ और आरईओ की जवाबदेही तय करने एवं आने वाले दिनों में कैम्प लगाकर लक्ष्य हासिल करने निर्देश दिए। उन्होंने नए एफपीओ गठन में वृद्धि लाने की बात कही। उन्होंने खरीफ सीजन के लिए अग्रिम खाद एवं बीज के उठाव में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी शासकीय रोपणियों की स्थिति और रोपित पौधों की अद्यतन जानकारी ली तथा उनसे होने वाली आय में वृद्धि के उपायों पर जोर दिया। उन्होंने ऑयल पाम के पौधारोपण के लिए प्रस्ताव तैयार कर स्थान चिन्हांकन करने, जिले के एक ब्लॉक में वृहद स्तर पर पपीता प्लांटेशन विकसित करने, मधुमक्खी पालन के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने तथा मसाला फसलों के क्षेत्र विस्तार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कृत्रिम गर्भाधान के निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पशु नस्ल सुधार के लिए पशुपालकों को जागरूक एवं प्रेरित करने की बात कही। कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं के तहत बैकयार्ड कुक्कुट, नर बकरा एवं सुकरत्रयी वितरण की प्रगति की जानकारी लेते हुए पशु टीकाकरण में प्रगति लाने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल यूनिट के माध्यम से सेवाओं का विस्तार और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के लिए कहा। मत्स्य संपदा विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिले में संचालित हैचरी की स्थिति, स्पान उत्पादन एवं निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्पान उत्पादन में वृद्धि कर लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने मत्स्य पालकों को अधिक से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने हेतु निर्देशित किया। इससे उन्हें आर्थिक सशक्तिकरण में मदद मिलेगी। साथ ही विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोगों को मछली पालन के लिए प्रेरित कर उनकी आय वृद्धि के अवसर सृजित करने के निर्देश भी दिए।
रेशम विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने नर्सरियों की स्थिति एवं संचालित कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने टसर एवं मलबरी रेशम उत्पादन की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसके क्षेत्र विस्तार के लिए सर्वे कर उपयुक्त स्थानों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सभी शासकीय फार्म्स में धागाकरण यूनिट प्रारंभ करने हेतु प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया, साथ ही कार्यरत स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाने के लिए ठोस पहल करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने जिले में लाख उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस पहल करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसके लिए सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए, ताकि इस क्षेत्र में आय सृजन के नए अवसर विकसित किए जा सकें।
कलेक्टर ने कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों को जिले में कृषि विकास की संभावनाओं पर गंभीरता व व्यक्तिगत रुचि के साथ कार्य करने तथा नवाचारों और वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से किसानों को लाभान्वित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं हेतु निर्देशित किया।
कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विभागीय योजनाओं की लक्ष्यपूर्ति के लिए पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए ठोस और परिणाममुखी कार्ययोजना तैयार करने तथा परंपरागत योजनाओं के लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति हेतु अभी से तैयारी शुरू कर आवश्यक प्रकरण तैयार करने को कहा।

कलेक्टर श्री दुदावत ने डीएमएफ अंतर्गत आउटपुट एवं आउटकम आधारित कार्यों के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने, फील्ड स्तर पर वास्तविक आवश्यकताओं का आकलन करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे। साथ ही उन्होंने डीएमएफ से स्वीकृत एवं अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने तथा पूर्ण हो चुके कार्यों का तत्काल पूर्णता प्रमाण पत्र प्रेषित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी विभाग, रेशम, नोडल कोआपरेटिव बैंक, कृषि विज्ञान केंद्र सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

कोरबा
केंद्रीय विद्यालय संगठन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश की प्रक्रिया 20 मार्च से
कोरबा। केंद्रीय विद्यालय संगठन (मुख्यालय), नई दिल्ली द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा-1, बालवाटिका और अन्य उच्च कक्षाओं में प्रवेश हेतु आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। कक्षा-1 और बालवाटिका-1, 2 एवं 3 (चयनित विद्यालयों में) के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 20 मार्च 2026 को प्रातः 10ः00 बजे से प्रारंभ होगी और 02 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगी। इच्छुक अभिभावक आधिकारिक पोर्टल https://admission.kvs.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश से संबंधित विस्तृत जानकारी संगठन की वेबसाइट https://kvsangathan.nic.in पर उपलब्ध है।
केंद्रीय विद्यालय क्रमांक दो एनटीपीसी के प्राचार्य सुनील कुमार साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा-1, बालवाटिका और अन्य उच्च कक्षाओं में प्रवेश हेतु आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। प्रवेष के लिए आयु की गणना 31 मार्च 2026 के आधार पर की जाएगी। कक्षा-1 में प्रवेश के लिए बच्चे की न्यूनतम आयु 06 वर्ष होनी अनिवार्य है। इसी प्रकार, बालवाटिका-1 के लिए आयु 3 से 4 वर्ष, बालवाटिका-2 के लिए 4 से 5 वर्ष और बालवाटिका-3 के लिए 5 से 6 वर्ष के बीच होनी चाहिए। सीटों का आरक्षण केवीएस के प्रवेश दिशा-निर्देशों 2026-27 के अनुसार सुनिश्चित किया जाएगा।
कक्षा-2 और उससे ऊपर की कक्षाओं (कक्षा-XI को छोड़कर) तथा बालवाटिका-2 व 3 (जहाँ ऑनलाइन माध्यम उपलब्ध नहीं है) के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया रिक्तियां होने की स्थिति में ही संचालित की जाएगी। इसके लिए ऑफलाइन मोड में आवेदन 02 अप्रैल 2026 प्रातः 10ः00 बजे से 08 अप्रैल 2026 सायं 4ः00 बजे तक किया जा सकेगा। विधिवत भरे हुए फॉर्म संबंधित केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य कार्यालय में जमा करने होंगे। इन कक्षाओं के लिए पंजीकरण प्रपत्रों और अन्य विवरणों की जानकारी संबंधित विद्यालयों की वेबसाइटों पर भी उपलब्ध कराई जाएगी।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि आवेदन पत्र में कोई भी गलत या भ्रामक जानकारी पाई जाती है, तो प्रवेश प्रक्रिया के दौरान या उसके पश्चात भी प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा। अभिभावकों को निर्देशित किया गया है कि वे प्राचार्य या प्रवेश प्रभारी से केवल विद्यालय द्वारा बुलाए जाने पर ही निर्धारित समय अंतराल में संपर्क करें।

कोरबा
सामान्य सभा की बैठक 20 मार्च को
कोरबा। जिला पंचायत कोरबा की सामान्य सभा की बैठक 20 मार्च को प्रातः 11 बजे जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित किया गया है।
बैठक में वनमंडल, लोक निर्माण, महिला एवं बाल विकास, कृषि विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तथा जिला पंचायत के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट का अनुमोदन सहित अन्य विषयों पर चर्चा/समीक्षा होगी।

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