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छत्तीसगढ़

रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा बैठक संपन्न

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सड़क सुरक्षा उपायों का सबकी सहभागिता से हो बेहतर क्रियान्वयन, सड़क दुर्घटनाएं नही हो और यातायात को बेहतर बनायें – मुख्य सचिव विकासशील

छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा बैठक संपन्न

रायपुर। राज्य सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव विकासशील ने राज्य में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को परस्पर समन्वय के साथ कार्य करते हुए सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के दिए निर्देश।

मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कहा है कि सुनिश्चित करे कि 108 एम्बुलेंस समय पर दुर्घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिाकरियों को इसकी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए है। दुर्घटना में घायल व्यक्ति के समुचित उपचार हेतु ट्रामा सेंटरों को सुदृढ़ किया जावे। सड़क सुरक्षा एवं स्वप्रेरणा से सुगम यातायात प्रबंधन कार्य हेतु अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने सभी जिलों के कलेक्टरों केा सड़क दुर्घटनाओं को रोकने तथा सड़क सुरक्षा की लगातार मानिटरिंग करने और जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक करने के निर्देश दिए है।

समीक्षा बैठक के प्रारंभ में सचिव परिवहन एस. प्रकाश के प्रारंभिक विभागीय गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। संजय शर्मा अध्यक्ष अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) ने संबंधित विभागों द्वारा संपादित कार्यों तथा अद्यतन स्थिति की जानकारी प्रस्तुत चिन्हाकित 152 ब्लैक स्पॉट्स में से 102 में सुधार कार्य पूर्ण शेष 50 में सुधारात्मक उपाय शीघ्र किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। यातायात के नियमों के उल्लंघनकर्ताओं के विरूद्ध पुलिस विभाग द्वारा 8,15,954 प्रकरणों पर कार्यवाही 33,22,39,300 रूपए तथा परिवहन विभाग द्वारा राशि 38.52 करोड़ शमन शुल्क वसूल किये गए।

इस वर्ष विभिन्न जिलों में 150 सड़क सुरक्षा समितियां समीक्षा बैठक संपन्न हुई है। सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के उपचार हेतु 8 जिलों अस्पताल में सीटीस्कैन की जंाच, समस्त जिला अस्पतालों 24ग7 एक्सरे, लेबोट्री जांच,इमरजेंसी संबंधित आवश्यक दवाईयां, इन्जेक्षन उपलब्ध, समस्त जिलों के विशेषज्ञ, चिकित्सा, स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस वर्ष शाला सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण में सड़क सुरक्षा से संबंधित यातायात जागरूकता के लगभग 4,47,200 प्रशिक्षण के माध्यम से तथा 7,19,000 यूट्यूब के माध्यम से शिक्षक तथा विद्यार्थी लाभान्वित हुए है। समग्र शिक्षा द्वारा मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा संबंधी प्रषिक्षण में 1200 स्त्रोत व्यक्ति, 46,000 शिक्षक एवं 4 लाख छात्र-छात्राओं तथा राज्य साक्षरता मिशन द्वारा संपन्न वाद-विवाद प्रतियोगिता में सड़क सुरक्षा से 1,38,000 शिक्षकगण/विद्यार्थी/समुदाय लाभान्वित हुए।

यातायात जागरूकता के 15,319 कार्यक्रम, शैक्षणिक संस्थानों में संपन्न हुए। बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश के 169 नगरीय निकायों में 3,72,406 एलईडी स्ट्रीट लाईट लगाये गये, 1,02,410 अतिरिक्त लाईट्स की स्वीकृति प्रदान की गई। प्रदेश में करीब में 5388 अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। सड़क दुर्घटनाओं के प्रभावितों के धनरहित उपचार के लिये निर्दिष्ट चिकित्सालयों का आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण, घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने वाले नेक व्यक्तियों, गुड सेमेरिटन को यथाशीघ्र सम्मान राशि प्रदाय करने के निर्देश दिये गये। राज्य में सर्वाधिक सडक दुर्घटनाओ एवं इससे होने वाली मृत्यु एवं घायलों के रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़, बलौदाबाजार, सरगुजा, जगदलपुर (बस्तर) जिलों में दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा कर कार्ययोजना तैयार प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिये गये।

मुख्य सचिव द्वारा जिला कलेक्टरों की अध्यक्षता में हिट एण्ड रन प्रकरणों के प्रभावितों को राहत के लिये गठित जिला दावा निपटान समिति को प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में निराकरण तथा जी.आई. सी के अधिकारियों से संपर्क स्थापित कर दावा निपटान की प्रक्रिया में तेजी लाने, मालवाहक वाहनों में यात्री परिवहन को रोकने अन्य वैकल्पिक प्रबंध, बिना हेलमेट/सीट बेल्ट, शराब सेवन कर वाहन चलान के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाए।

  स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने अवगत कराया कि शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा पहली से लेकर दसवीं तक के पाठ्यक्रमों मे सड़क सुरक्षा विषयक पाठों के परिमार्जन का कार्य पूर्ण हो चुका है, जिसे आगामी शिक्षा सत्र से लागू करने सहित प्रत्येक शैक्षणिक संस्थानों में रोड़ क्लब गठित कर नियमित गतिविधियों से सड़क सुरक्षा का वातावरण तैयार किया जायेगा। एस. प्रकाश सचिव परिवहन ने व्हीकल ट्रेकिंग प्लेटफार्म कमाण्ड एवं कंट्रोल सेंटर, आटोमैटेड टेस्टिंग स्टेशन ड्रायविंग ट्रेनिंग एण्ड रिसर्च संस्थान, क्षेत्रीय ड्रायविंग प्रशिक्षण केन्द्र, पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा परिवहन सुविधा केन्द्र पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा प्रदूषण जांच केन्द्र, बस संगवारी ऐप, हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेषन प्लेट, ई-ट्रैक, इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग संहित अन्य सड़क सुरक्षा प्रयासों के संबंध में जानकारी दी गई। इसी क्रम में अवगत कराया गया कि प्रदेश में दोपहर 03 बजे से लेकर रात्रि 09 बजे के मध्य शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में अत्यधिक दुर्घटनाएं हो रही है। इन दुर्घटनाओं में सर्वाधिक दोपहिया वाहन चालक/सवारों की मृत्यु की प्रमुख वजह बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना है। सड़क सुरक्षा माह का आयोजन बेहतर किया जावे। शहरों के निकास पर प्रभावी प्रवर्तन हो ताकि दुर्घटनाओं में कमी आ सकें। हेलमेट एवं सीटबेल्ट लगाने के लिए प्रेरित किया जावे।

ब्लैक स्पॉट्स में जांच समिति द्वारा दिये गये सुझाव अनुरूप समय सीमा पर आवश्यक सुधार का कार्य किया जावे। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि ब्लैक स्पॉट्स में सुधारात्मक उपाय उपरांत दुर्घटनाओं में कितनी कमी आई, इसका विश्लेषण होना चाहिए। ब्लैक स्पॉट्स तय होने के पश्चात् सुधार उपाय करने से बेहतर होगा कि, पहले से रोड़ डिजाईन सही हो, यह सुनिश्चित किया जावे। एनएचएआई एवं एनएच को समय पर स्वप्रेरणा से तत्परता के साथ कार्य संपादन करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में बसवराजू सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, डॉ. कमलप्रीत सिंह सचिव लोक निर्माण विभाग, प्रदीप गुप्ता अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यातायात, श्रीमति नेहा चंपावत सचिव गृह विभाग सहित स्वास्थ्य सेवाये, लोक निर्माण विभाग, परिवहन, जनसंपर्क, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, समस्त संभाग आयुक्त, तथा पुलिस महानिरीक्षक रेंज, सर्वाधिक सड़क दुर्घटना के जिला कलेक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षकगण सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सड़क सुरक्षा परिदृश्य संबंधी वर्चुअल समीक्षा बैठक मंत्रालय में संपन्न हुई।

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कोरबा

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।

कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार

दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।

जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री

दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।

धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की

बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।

वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।

धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी

इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

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कोरबा

श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में हनुमान जन्मोत्सव पर विविध धार्मिक आयोजन

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कोरबा। श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में भगवान श्री हनुमान के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

मंदिर समिति द्वारा दी जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल को दोपहर 2:00 बजे से अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया जाएगा, जो निरंतर चलता रहेगा।

2 अप्रैल को प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक हवन कार्यक्रम संपन्न होगा। हवन के उपरांत दोपहर 1:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।

मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें एवं कार्यक्रम को सफल बनाएं।

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कोरबा

एसईसीएल मुख्यालय के 4 कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गयी

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बिलासपुर/कोरबा। 31.03.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को 30 . 03.2026 को निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र एवं विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रम संघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

सेवानिवृत्त होने वालों में सी.डी.एन सिंह महाप्रबंधक (वित्त) वित्त विभाग, जी श्यामला राव महाप्रबंधक (मा.सं) कल्याण विभाग, राम विनय कुमार, महाप्रबंधक (उत्खनन) उत्खनन विभाग, राज, सुरक्षा उप निरीक्षक- सुरक्षा विभाग शामिल रहे।

शीर्ष प्रबंधन ने अपने उद्बोधनों में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से एसईसीएल को सफलता की नई ऊँचाइयों तक लेकर गए हैं। उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रबंधन ने सभी के उज्ज्वल भविष्य और सुखद पारिवारिक जीवन की कामना की।

सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एसईसीएल में कार्य करना गौरव का विषय रहा। उन्होंने कहा कि यहाँ के अधिकारी और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं और किसी भी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा से निभाते हैं।
कार्यक्रम का चालन एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने सफलतापूर्वक किया।

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