Connect with us

कोरबा

कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई आयोजित

Published

on

यातायात व्यवस्था सुधारने, ब्लैक स्पॉट दुरुस्त करने कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

स्कूल कालेजों में सड़क सुरक्षा के प्रति विविध जागरूकता गतिविधियों आयोजित करने किया निर्देशित

शिविर आयोजित कर भारी व हल्की वाहन चालकों का प्राथमिकता से कराएं नेत्र परीक्षण – कलेक्टर

सड़क निर्माण की धीमी प्रगति पर ईई पीडब्ल्यूडी को दिया नोटिस
कोरबा।  जिले में सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने और यातायात व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित व सुगम बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात सुगमता तथा सड़क मरम्मत व सुधार संबंधी विषयों पर गहन समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को दुर्घटनाजन्य स्थानों पर प्रभावी सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए ।
बैठक में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, वनमण्डलाधिकारी कटघोरा कुमार निशांत, एसडीएम कटघोरा तन्मय खन्ना, डीएफओ कोरबा श्रीमती प्रेमलता यादव, सीईओ जिला पंचायत दिनेश नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल,  परिवहन अधिकारी विवेक सिन्हा  सभी एसडीएम सहित यातायात, पीडब्ल्यूडी, पीएमजीएसवाई, शिक्षा, स्वास्थ्य,  बाल्को, एसईसीएल एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।


कलेक्टर श्री दुदावत ने बैठक में जिले में चिन्हांकित ब्लैक स्पॉट व दुर्घटना जन्य क्षेत्रो की विस्तृत समीक्षा करते हुए उन पर आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए चिन्हित ब्लैक स्पॉट पर अविलंब सुधार कार्य किया जाए। साथ ही सड़कों में आवश्यक स्थानों में मरम्मत कार्य और संकेतकों की व्यवस्था प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाए।  उन्होंने इन क्षेत्रों पर ब्रेकर्स, स्पष्ट साइनेज, रेडियम पट्टियाँ, तथा पेड़ों और झाड़ियों की छटाई कर दृष्टि बाधाओं को प्राथमिकता से दूर करने निर्देश दिए। राजकीय राजमार्ग से राष्ट्रीय राजमार्ग में जुड़ने वाली सड़कों पर ब्रेकर लगाने के लिए कहा।  
कलेक्टर श्री दुदावत ने राष्ट्रीय राजमार्ग, पीडब्ल्यूडी व पीएमजीएसवाई विभाग अंतर्गत सड़क निर्माण व मरम्मत कार्यो के प्रक्रियाधीन टेंडर को जल्द पूरा कराने एवं काम शुरू कराने के निर्देश दिए साथ ही प्रगतिरत निर्माण कार्यो को समय सीमा पर पूर्ण कराने निर्देशित किया। उन्होंने राजमार्गो के तकनीकी खामियों वाले स्थलों पर सुधारात्मक उपाय लागू करने हेतु अधिकारियों को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग को निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नगरीय क्षेत्र में आवागमन की सुगम व्यवस्था हेतु सड़क पर हाई मास्ट व स्ट्रीट लाइट स्थापित करने के निर्देश भी दिए। खाद्य अधिकारी को सभी पेट्रोल पम्पों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरों की स्थापना करने का भी निर्देश प्रदान किया गया, जिससे यातायात निगरानी और सुरक्षा दोनों और सुदृढ़ हो सकें। उन्होंने जिला स्तरीय समिति का गठन कर ब्लैक स्पॉट व अन्य दुर्घटना-जन्य क्षेत्रों का  निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने निर्देशित किया। साथ ही सड़क सुरक्षा को अधिक मजबूत बनाने सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने की बात कही।
उन्होंने सार्वजनिक उपक्रमों को निर्देशित किया कि उनके क्षेत्राधिकार में आने वाली सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए साथ ही यथा स्थानों में सीसीटीवी कैमरा स्थापित करने, सड़को की मरम्मत व रख रखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।  ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त रखने नो पार्किंग क्षेत्रो में भारी वाहनों के खड़े होने पर गम्भीरता से प्रतिबंध लगाने की  बात कही।
बैठक में कलेक्टर ने सड़क सुरक्षा को लेकर आमजनों एवं विद्यार्थियों में  जागरूकता बढ़ाने हेतु स्कूल एवं कॉलेजों में प्रति सप्ताह  जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। शैक्षिक संस्थानों में एनसीसी, एनएसएस, स्काउट गाइड के सदस्यों को शामिल कर  सड़क सुरक्षा पर आधारित  रंगोली, नुक्कड़ नाटक, क्विज, निबंध आदि गतिविधियाँ नियमित रूप से आयोजित करने की बात कही। उन्होंने जिले में शिविर का आयोजन कर वाहन चालकों के नेत्र जांच कराने के निर्देश दिए।  पूरे साल नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित कर  ट्रक, बस जैसे भारी वाहन चालकों सहित हल्की वाहन चालकों, ऑटो संघ व ड्राइवर संघ के  सदस्यों एवं आमजनों का दृष्टि परीक्षण कराना सुनिश्चित करने के लिए कहा। जिससे  दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। कलेक्टर ने सभी अधिकारियो को सौंपे गए दायित्वों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
  उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा उपायों तथा ट्रैफिक नियमों के अनुपालन को लेकर अधिकारियों को और अधिक सतर्क रहना है ताकि जिले की सड़कें और अधिक सुरक्षित व दुर्घटना-रहित बन सकें।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य आयोजन

Published

on

220 मातृशक्तियों की सहभागिता, नन्हे भैया-बहनों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया पारिवारिक संस्कारों का संदेश
कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर सीएसईबी, कोरबा पूर्व में मातृ संगोष्ठी एवं शिशु नगरी का भव्य, सुव्यवस्थित एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य राजकुमार देवांगन रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में दीपक सोनी (कोरबा विभाग समन्वयक) एवं संजय कुमार देवांगन (प्रधानाचार्य, पूर्व माध्यमिक) उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत विद्यालय परिवार द्वारा पारंपरिक रीति से किया गया।


अपने संबोधन में अतिथियों ने मातृशक्ति की भूमिका को बाल संस्कार एवं राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रारंभिक शिक्षा में माता का योगदान सबसे निर्णायक होता है। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे भैया-बहनों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बच्चों ने आकर्षक नृत्य, गीत एवं लघु प्रस्तुतियों के माध्यम से पारिवारिक वातावरण, नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं संस्कारों का संदेश दिया। बच्चों की सहज एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित माताओं एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।


कार्यक्रम में कुल 220 मातृशक्तियों की गरिमामयी सहभागिता रही, जिससे मातृसंगोष्ठी अत्यंत सफल रही। माताओं ने विद्यालय की शिक्षण पद्धति, संस्कार आधारित शिक्षा एवं गतिविधियों की सराहना की। शिशु नगरी कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय की 12 शैक्षिक व्यवस्थाओं एवं सहयोगी संस्थाओं की जीवंत प्रदर्शनी लगाई गई। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास, कौशल निर्माण, संस्कार शिक्षा एवं व्यवहारिक ज्ञान को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया। अभिभावक बंधुओं के सहयोग से आनंद मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्राथमिक विभाग के भैया-बहनों ने विभिन्न खेलों, गतिविधियों एवं मनोरंजन कार्यक्रमों में भाग लेकर भरपूर आनंद उठाया। आनंद मेला बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।


कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधानाचार्य पंकज तिवारी ने सभी अतिथियों, मातृशक्तियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से विद्यालय एवं परिवार के बीच सहयोग और विश्वास और अधिक मजबूत होता है। उप-प्रधानाचार्य श्रीमती सीमा त्रिपाठी सहित समस्त आचार्य परिवार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

Continue Reading

कोरबा

बॉयोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन कर संजय सुमन ने कमाए साल में 3.20 लाख

Published

on

कोरबा। विकासखंड करतला के ग्राम बड़मार निवासी संजय सुमन ने मछली पालन को अपना मुख्य व्यवसाय बनाकर सफलता की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत नवीन बॉयोफ्लॉक तकनीक अपनाकर उन्होंने कम भूमि में अधिक उत्पादन कर उल्लेखनीय आय अर्जित की है।
संजय सुमन ने अपनी 25 डिसमिल भूमि पर बॉयोफ्लॉक तालाब का निर्माण कराया। इस तकनीक में तालाब में लाइनर बिछाकर पानी भरा जाता है और तेजी से बढ़ने वाली उन्नत प्रजाति की मछलियों का पालन किया जाता है। इसकी विशेषता है कि वर्ष में दो बार उत्पादन लेकर अधिक आय प्राप्त की जा सकती है।
सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत उन्हें 8.40 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। पिछले वर्ष संजय सुमन ने बॉयोफ्लॉक तालाब से 6 मैट्रिक टन मछली उत्पादन किया, जिसे बेचकर 07 लाख 20 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। उत्पादन लागत निकालने के बाद उन्हें 03 लाख 20 हजार रुपये का शुद्ध लाभ हुआ।
सफलता से उत्साहित संजय सुमन इस वर्ष अपने कार्य का विस्तार कर उत्पादन एवं आय को दुगुना करने की योजना बना रहे हैं। बॉयोफ्लॉक तकनीक की खासियत यह है कि कम भूमि में अधिक उत्पादन संभव होता है, जिससे किसानों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि होती है।
संजय सुमन की यह कहानी क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।

Continue Reading

कोरबा

सुशासन सरकार की नीतियों से किसान हुआ आत्मनिर्भर और निश्चिंत

Published

on

सुगम व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य, किसानों की आर्थिक ढाल

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन आधारित नीतियों का सकारात्मक प्रभाव अब प्रदेश के खेतों तक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। शासन की पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था और सर्वाधिक समर्थन मूल्य से छोटे एवं बड़े सभी किसानों को समान रूप से उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे किसानों का जीवन स्तर सुदृढ़ हो रहा है।
कोरबा जिले के ग्राम कल्दामार निवासी कृषक अरुण कुमार इसकी मिसाल हैं, उन्होंने उपार्जन केंद्र भैंसमा में इस वर्ष 190 क्विंटल धान का विक्रय बिना किसी असुविधा के किया। गत वर्ष भी उन्होंने लगभग 350 क्विंटल धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया था। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती टिकैतिन बाई के नाम से टोकन कटवा कर धान विक्रय की प्रक्रिया पूर्ण की।
कृषक कुमार का कहना है कि शासन की पहल से उपार्जन केंद्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध हैं। उच्च समर्थन मूल्य मिलने से अब किसानों को अगली फसल के लिए आर्थिक चिंता नहीं रहती और उन्हें उधार लेने की मजबूरी से भी मुक्ति मिली है। खेत से लेकर धान विक्रय तक की पूरी प्रक्रिया आज किसानों के लिए सहज, सुरक्षित और तनावमुक्त हो गई है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाया है और वे अब समृद्धि की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। किसानों के हित में संचालित योजनाओं और प्रभावी नीतियों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

Continue Reading
Advertisement

Trending