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भाजपा अधिवेशन में मोदी बोले- कांग्रेस देश बांटने में जुटी,कहा- कांग्रेस ने सेना पर सवाल उठाए, राफेल की राह में भी रोड़े अटकाए

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जिन्हें किसी ने नहीं पूछा, हमने उन्हें पूछा और पूजा

नई दिल्ल,एजेंसी। दिल्ली के भारत मंडपम में भाजपा का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन रविवार 18 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के साथ खत्म हो गया। पीएम ने अपने 64 मिनट के भाषण में कार्यकर्ताओं को ऊर्जा से काम करने का मंत्र दिया। वहीं, कांग्रेस समेत विपक्ष पर निशाना साधते हुए 10 साल की अपनी सरकार की उपलब्धियां भी बताईं। मोदी ने कहा कि कांग्रेस देश को बांटने में लगी है। उन्होंने सेना पर सवाल उठाए और राफेल की राह में भी रोड़े अटकाए। प्रधानमंत्री जैन संत विद्यासागर जी महाराज की बात करते हुए भावुक भी हो गए। अधिवेशन में क्क्र सरकार के 10 साल के कार्यकाल के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था पर एक श्वेत पत्र जारी किया गया। इसके अलावा राम जन्मभूमि पर रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन करते हुए भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्?डा ने श्रीराम मंदिर निर्माण पर प्रस्ताव पेश किया।

मोदी के भाषण की खास बातें…

कार्यकर्ताओं के लिए अगले 100 दिन नई उमंग नए जोश के हैं

राष्ट्रीय अधिवेशन में उपस्थित और देश के कोने-कोने से जुड़े भाजपा कार्यकर्ताओं का मैं अभिनंदन करता हूं। भाजपा का कार्यकर्ता साल के हर दिन चौबीसों घंटे देश की सेवा के लिए कुछ ना कुछ करता ही रहता है। अब अगले 100 दिन नई ऊर्जा, नई उमंग, नए उत्साह, नया विश्वास, नए जोश के साथ काम करने के हैं। आज 18 फरवरी है। देश के नए युवा जो 18 वर्ष के हुए हैं, वो 18वीं लोकसभा का चुनाव करेंगे। अगले 100 दिन हर नए वोटर, हर लाभार्थी, हर वर्ग-हर समाज, हर एक तक पहुंचना है। सबका विश्वास हासिल करना है। सबका प्रयास होगा देश की सेवा के लिए सबसे ज्यादा सीटें भी भाजपा को ही मिलें।

विद्यासागर जी का समाधि लेना व्यक्तिगत क्षति

आज मैं देशवासियों की तरफ से संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 पूज्य विद्यासागरजी महाराज को आदरपूर्वक नमन करते हुए श्रद्धांजलि देता हूं। उनके समाधिस्थ होने की सूचना मिलने के बाद अनुयायी और हम सभी शोक में हैं। मेरे लिए यह व्यक्तिगत क्षति जैसा है। बरसों तक मुझे व्यक्तिगत रूप से अनेक बार उनसे मिलने का अवसर मिला। कुछ दिन पहले मैं प्रवास कार्यक्रम को बदलकर सुबह सुबह उनके पास पहुंचा। तब पता नहीं था कि मैं दोबारा उनसे नहीं मिलूंगा। उनके दर्शन नहीं कर पाऊंगा। मेरा सौभाग्य रहा है कि पिछले 50 से भी ज्यादा वर्षों से मुझे देश की आध्यात्मिक मूर्तियों के निकट रहने और आशीर्वाद पाने का मौका मिला। वे दिगंबर परंपरा से थे। उनका जीवन कैसा होता है, हम जानते हैं। मुझसे जुड़ी शायद ही ऐसी कोई महत्वपूर्ण घटना नहीं होगी, जो उन्हें पता न हो। 24 घंटे के भीतर-भीतर एनालिसिस करके मुझे उनका संदेश आता था। इसे पता चलता है कि वे कितने जागरूक थे। उनके सिद्धांत और उनका आशीर्वाद ऐसे ही भारत भूमि को प्रेरणा देता रहेगा।

देश के सपने भी विराट होंगे और संकल्प भी विराट होंगे

पिछले 10 साल में भारत ने जो गति हासिल की है। बड़े लक्ष्यों को हासिल करने का जो हौसला पाया है, वो अभूतपूर्व है। ये मैं नहीं, पूरी दुनिया गाजे-बाजे के साथ बोल रही है। हर देशवासी को एक बड़े संकल्प के साथ जोड़ दिया है। ये संकल्प है विकसित भारत का। अब देश ना छोटे सपने देख सकता है और ना छोटे संकल्प ले सकता है। सपने भी विराट होंगे और संकल्प भी।

जिन्हें किसी ने नहीं पूछा, हमने उन्हें पूछा और पूजा

10 साल में जो हासिल किया, वो पड़ाव मात्र है। मंजिल तक पहुंचने का नया विश्वास है। अभी हमें देश के लिए, कोटि-कोटि भारतीयों का जीवन बदलने के लिए बहुत कुछ हासिल करने का संकल्प लेना है। बहुत से निर्णय अभी बाकी हैं। आज भाजपा युवा शक्ति, नारी शक्ति, गरीब और किसान की शक्ति को विकसित भारत के निर्माण की शक्ति बना रही है। पहले लोगों को लगता था कि सरकारें बदलती हैं, व्यवस्था नहीं बदलती। हमने सच्चे अर्थों में हर व्यवस्था को पुरानी सोच-पुरानी अप्रोच से बाहर निकाला। जिन्हें किसी ने नहीं पूछा, हमने उन्हें पूछा और पूजा है।

पहले की सरकारों ने महिलाओं की नहीं सोची

आदिवासियों के लिए पीएम जनधन योजना लाए। पीएम विश्वकर्मा योजना लाए। रेहड़ी पर काम करने वाले लाखों साथियों के लिए किसी ने नहीं सोचा, हमने उनके लिए योजना बनाई। पहले की सरकारों ने महिलाओं के जीवन में आने वाली परेशानियों की चिंता नहीं की। हमारे यहां बेटियों को गर्भ में मार डालने की विराट समस्या थी। हमने उनके लिए सामाजिक चेतना, कड़े कानून का सहारा लिया। पहली बार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का जन आंदोलन चला। हमने पोषण अभियान चलाया, ताकि गर्भवतियों को मदद मिले। मातृ वंदन योजना के तहत सवा तीन करोड़ बहनों को मदद मिली। सुरक्षित मातृत्व अभियान के लिए 5 करोड़ गर्भवती महिलाओं का हेल्थ चेकअप कराया। माता और शिशु के खतरों को कम करने के लिए प्रयास किए। हमने रेप में फांसी की सजा सुनिश्चित की।

पहला प्रधानमंत्री हूं, जिसने शौचालय के बारे में सोचा

पहला प्रधानमंत्री हूं, जिसने शौचालय के बारे में सोचा। महिलाओं के खिलाफ अपशब्द बोलने वालों के लिए कानून लाए। 3 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के नाम घर रजिस्टर्ड कराकर उन्हें घर की मालकिन बनाया। 12 करोड़ महिलाओं के लिए शौचालय बनाया। 1 रुपए में सुविधा सैनिटरी पैड दिए। बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए, बेटी को नौकरी करने में आसानी हो, इसके लिए कदम उठाए। एक करोड़ लखपति बहनें बनाई। प्रेग्नेंसी लीव को 26 हफ्ते का कर दिया। हमने सैन्य स्कूलों के दरवाजे बेटियों के लिए खोल दिए। आने वाले समय में उनके लिए अवसर ही अवसर हैं।

जो काम सदियों से लटके थे, उनका समाधान करने का साहस दिखाया

जो काम सदियों से लटके थे, हमने उनका समाधान करने का साहस दिखाया। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कर 5 सदियों का इंतजार खत्म किया। 500 साल बाद गुजरात में स्वर्ण पताका फहरी, 7 दशक बाद देश को 370 से मुक्ति मिली, 6 दशक बाद राजपथ कर्तव्य पथ बना, 4 दशक बाद वन रैंक-वन पेंशन मिली, 3 दशक बाद लोकसभा-विधानसभा में महिलाओं को आरक्षण मिला। हमने तीन तलाक का कानून बनाया, नई संसद बनाई।

तीसरे टर्म में भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनाएंगे

विपक्ष के हमारे दल भले ही योजनाओं को पूरा करना ना जानते हों, लेकिन झूठे वादे करने में इनका कोई जवाब नहीं। एक वादा करने से ये सारे राजनीतिक दल घबराते हैं। हमारा वादा विकसित भारत का है। इन लोगों ने स्वीकार कर लिया है, ये लोग भारत को विकसित नहीं बना सकते। सिर्फ भाजपा पार्टी है और एनडीए गठबंधन है, जिसने ये सपना देखा। 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए हम काम करेंगे। हमने तीसरे टर्म में भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक ताकत बनाने का संकल्प लिया है। ये मोदी की गारंटी है।

11 से 10 नंबर पर आने में उनका दम भर गया

हम अर्थव्यवस्था 5वें पायदान पर ले आए भारत को वन बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में 60 साल लगे। 2014 के बाद टू ट्रिलियन मार्क भी बहुत बड़ा रहा था। 10 साल में हमने अर्थव्यवस्था में 2 ट्रिलियन डॉलर और जोड़ दिए। एक के लिए 60 साल और 10 साल में दो और जोड़ दिए। 11 से 10 नंबर पर आने में उनका दम भर गया, हम 5 पर ले आए। आज इन्फ्रा बजट 11 लाख करोड़ को पार कर चुका है। इसी वजह से गरीबों के करोड़ों घर बन रहे, घर-घर पानी पहुंच रहा है, मेडिकल कॉलेज, अस्पताल, गांव तक सड़कें बन रही हैं। जब टॉप 3 में पहुंचेंगे, तब आप कल्पना कर सकते हैं कि विकास के लिए हमारे पास कितनी ज्यादा पूंजी होगी। भारत के टॉप 3 इकोनॉमी में आने का मतलब है कि हर परिवार की आय बढ़ेगी।

दुनिया का हर देश, हर शक्ति जानती है, आएगा तो मोदी ही

आज हर महाद्वीप में भारत का सम्मान और ताकत बढ़ रही है। हर देश संबंध बनाने पर जोर दे रहा है। इन सबके बीच वो देश हमारी सरकार से बातचीत के लिए आते हैं। चुनाव बाकी है, लेकिन मेरे पास जुलाई, अगस्त, सितंबर के निमंत्रण दे रहे हैं। दुनिया के बाकी देश भी भाजपा की वापसी को लेकर आश्वस्त हैं। दुनिया का हर देश, हर शक्ति जानती है, आएगा तो मोदी ही। कांग्रेस से देश को बचाना, बच्चों को, युवाओं को बचाना भाजपा के हर कार्यकर्ता का दायित्व है।

सेना की हर उपलब्धि पर कांग्रेस ने सवाल उठाए

कांग्रेस अस्थिरता की जननी है, परिवारवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की जननी है। 70 के दशक में जब देश में गुस्सा बढ़ा तो उसने अस्थिरता का सहारा लिया। हर सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया। आज भी साजिशें कर रहे हैं। जो गठबंधन बनाया, उसका भी यही काम है। ये कभी भाषा तो कभी क्षेत्र के आधार पर देश को बांटने में लगे रहे। सबसे बड़ा पाप ये रहा कि देश की सेनाओं का मनोबल तोडऩे में भी पीछे नहीं रहे। सुरक्षा और सामरिक शक्ति को कम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सेना ने उपलब्धि हासिल की तो कांग्रेस ने हर बार सवाल उठाया। उन लोगों ने पूरी कोशिश की कि देश को राफेल ना मिल पाए। कहा कि ॥्ररु को खत्म किया जा रहा है। फोटो तक खिंचवा ली थी। सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाए और सबूत मांगे।

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विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में वृद्धि फरवरी में चार महीने के उच्चतम स्तर पर

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नई दिल्ली,एजेंसी। देश की विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में वृद्धि फरवरी में चार महीने के उच्चतम स्तर 56.9 पर पहुंच गई। सोमवार को जारी मासिक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई। घरेलू मांग में मजबूत सुधार के कारण यह बढ़ोतरी हुई, हालांकि नए निर्यात ऑर्डर की वृद्धि में कमी देखी गई। मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) जनवरी के 55.4 से बढ़कर फरवरी में चार महीने के उच्चतम स्तर 56.9 पर पहुंच गया। पीएमआई की भाषा में 50 से ऊपर का अंक विस्तार जबकि 50 से नीचे का अंक संकुचन दर्शाता है। एचएसबीसी की मुख्य अर्थशास्त्री (भारत) प्रांजुल भंडारी ने कहा, ”फरवरी महीने में भारत के विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में पहले से ज्यादा तेजी देखने को मिली। मजबूत घरेलू ऑर्डर की वजह से उत्पादन लगातार दूसरे महीने भी तेज गति से बढ़ा।” 

सर्वेक्षण में कहा गया, “समिति के सदस्यों के अनुसार, काम करने की दक्षता में सुधार, बाजार में मजबूत मांग, नए ऑर्डर में बढ़ोतरी और तकनीक में निवेश की वजह से उत्पादन में कुल मिलाकर अच्छी बढ़त दर्ज की गई।” एक क्षेत्र जहां वृद्धि में कुछ कमी आई, वह नए निर्यात ऑर्डर रहे। हालांकि, जिन कंपनियों की विदेशों में बिक्री बढ़ी, उन्होंने एशिया, यूरोप, पश्चिम एशिया और अमेरिका से ऑर्डर मिलने की बात कही। भंडारी ने कहा, “नए निर्यात ऑर्डर में वृद्धि ने 2025 के मध्य में शुरू हुई धीमी गति को जारी रखा, जिससे विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन कुछ हद तक सीमित हो गया।” 

कुल नए ऑर्डर में लगातार तेज बढ़ोतरी होने के कारण भारत के विनिर्माताओं ने उत्पादन बढ़ाने और भंडारण करने के लिए अतिरिक्त कच्चे माल की खरीद की। काम का दबाव बढ़ने पर कंपनियों ने कच्चे माल की खरीद तेज की, अपना भंडार बढ़ाया और अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति भी की। आने वाले एक वर्ष के लिए उत्पादन को लेकर कंपनियों का रुख सकारात्मक बना हुआ है। लगभग 16 प्रतिशत कंपनियों ने उत्पादन बढ़ने का अनुमान जताया है, जबकि एक प्रतिशत से भी कम कंपनियों को गिरावट की आशंका है।  

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Gold Bangle Cost: 18 कैरेट vs 14 कैरेट: 2 तोले के सोने के कड़े बनवाने में कितना आएगा खर्चा

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मुंबई, एजेंसी। अगर आप अपनी कलाई की शोभा बढ़ाने के लिए सोने के कड़े (Bangles) बनवाने की सोच रहे हैं, तो केवल डिजाइन देखना काफी नहीं है, बल्कि सोने के ‘गणित’ को समझना भी बेहद जरूरी है। भारतीय बाजार में सोने की आसमान छूती कीमतों के बीच 14 कैरेट और 18 कैरेट के विकल्पों ने ग्राहकों को उलझन में डाल दिया है। एक तरफ जहाँ शुद्धता का मोह है, वहीं दूसरी तरफ मजबूती और बजट की बात है। अगर आप दो तोले यानी लगभग 20 ग्राम वजन के कड़े बनवाने का मन बना चुके हैं, तो खरीदारी से पहले यह जान लें कि आपकी जेब पर कितना असर पड़ने वाला है और कौन सा विकल्प आपके लिए सबसे सटीक साबित होगा।

18 कैरेट सोने का लग्जरी और प्रीमियम अनुभव
18 कैरेट सोना उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो शुद्धता और चमक से समझौता नहीं करना चाहते। इसमें 75% शुद्ध सोना होता है, जो इसे एक प्रीमियम लुक और बेहतरीन रीसेल वैल्यू देता है। वर्तमान मार्केट रेट के हिसाब से देखें तो 18 कैरेट सोने की कीमत ₹12,981 प्रति ग्राम के करीब है। इस आधार पर यदि आप दो तोले के कड़े बनवाते हैं, तो मेकिंग चार्ज और 3% जीएसटी को मिलाकर इसकी कुल लागत ₹3,50,000 से ₹3,70,000 के बीच बैठने वाली है। हालांकि यह 14 कैरेट के मुकाबले थोड़ा महंगा जरूर है, लेकिन इसकी प्राकृतिक पीली चमक और लंबे समय तक बनी रहने वाली वैल्यू इसे निवेश के लिहाज से भी खास बनाती है।

14 कैरेट सोना: मजबूती और बजट का बेजोड़ संगम
जो लोग रोजाना पहनने के लिए मजबूत गहने चाहते हैं, उनके लिए 14 कैरेट सोना एक स्मार्ट चॉइस है। इसमें शुद्ध सोने की मात्रा 58.3% होती है, जिसकी वजह से यह काफी कठोर और टिकाऊ होता है। रोजमर्रा के काम के दौरान इसमें खरोंच आने या इसके मुड़ने का डर बहुत कम रहता है। कीमत के मोर्चे पर भी यह काफी राहत भरा है क्योंकि फिलहाल इसका रेट ₹9,843 प्रति ग्राम चल रहा है। दो तोले के कड़ों के लिए आपको लगभग ₹2,60,000 से ₹2,80,000 तक खर्च करने होंगे। कम कीमत में शानदार ज्वेलरी का शौक पूरा करने वालों के लिए यह एक किफायती और व्यावहारिक रास्ता है।

मेकिंग चार्ज और अन्य खर्चों का बारीकी से हिसाब
सोने के गहनों की अंतिम कीमत केवल सोने के भाव पर तय नहीं होती, बल्कि इसमें मेकिंग चार्ज और टैक्स का बड़ा हाथ होता है। ज्वेलर्स आमतौर पर डिजाइन की जटिलता के आधार पर सोने की मूल कीमत का 8% से 25% तक मेकिंग चार्ज वसूलते हैं। अगर आंकड़ों में बात करें तो 18 कैरेट के लिए यह ₹600 से ₹900 प्रति ग्राम और 14 कैरेट के लिए ₹500 से ₹800 प्रति ग्राम तक जा सकता है। दो तोले के कड़ों पर केवल मेकिंग चार्ज ही ₹14,000 से ₹21,000 तक जुड़ सकता है। इसके अलावा, पूरे बिल पर सरकार को 3% जीएसटी देना अनिवार्य है। साथ ही कुछ ज्वेलर्स मैन्युफैक्चरिंग के दौरान होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए 1% से 3% तक वेस्टेज चार्ज भी जोड़ते हैं, इसलिए खरीदारी से पहले इन सभी छिपे हुए खर्चों पर ज्वेलर से खुलकर बात करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

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Gold Market में अचानक सन्नाटा, रुक गई सोने-चांदी की सप्लाई? अटके शिपमेंट

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मुंबई, एजेंसी। वैश्विक गोल्ड मार्केट में 2 मार्च 2026 की सुबह अचानक हलचल मच गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और ईरान-अमेरिका/इजराइल टकराव की खबरों ने सप्लाई चेन को झटका दिया। कुछ ही घंटों में दुबई से लेकर एशियाई रिटेल बाजारों तक सोने और चांदी की आवाजाही प्रभावित होने लगी, जिससे बुलियन बाजार में बेचैनी बढ़ गई। एयरस्पेस प्रतिबंध और अटकी फिजिकल शिपमेंट के कारण ट्रेडर्स और आयातक अनिश्चितता में हैं, जबकि कीमतों में तेजी ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।

गोल्ड शिपमेंट अटकी

दुनिया के प्रमुख गोल्ड ट्रेडिंग हब्स में गिने जाने वाले Dubai में कई फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं और एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण फिजिकल गोल्ड शिपमेंट अटक गई। रोजाना हजारों किलो सोने की आवाजाही देखने वाला यह शहर अचानक सुस्त पड़ गया। भारत के लिए यह स्थिति खास तौर पर अहम है, क्योंकि देश में आयात होने वाले सोने का लगभग 50-60% हिस्सा दुबई रूट से आता है। लंबा व्यवधान बाजार में सप्लाई टाइट कर सकता है।

इस बीच ध्यान Strait of Hormuz पर टिक गया, जो वैश्विक व्यापार का अहम समुद्री मार्ग है। बढ़ते तनाव के कारण शिपिंग मूवमेंट धीमा पड़ा और कुछ कार्गो जहाजों को रोकना पड़ा। तेल के साथ-साथ सोने जैसी कीमती धातुओं की लॉजिस्टिक्स भी दबाव में आ गईं। सप्लाई चेन के बाधित होने की आशंका से बाजार में बेचैनी बढ़ी।

खाड़ी क्षेत्र के देशों—United Arab Emirates, Saudi Arabia, Kuwait और Bahrain—में सुरक्षा अलर्ट के चलते एयरस्पेस बंद होने की खबरों ने हालात और जटिल कर दिए। गोल्ड और रफ डायमंड्स के कई कार्गो अटक गए, जिससे अंतरराष्ट्रीय ट्रेड चैनल अस्थायी रूप से ठहर गए।

कई गोल्ड शॉप्स में रोकी बिक्री

भारत में इसका असर तेजी से दिखा। पुणे समेत कई सर्राफा बाजारों में बुलियन डीलर्स ने सीमित बिक्री शुरू कर दी या अस्थायी रूप से सौदे रोक दिए। स्टॉक घटने लगा और नई खेप कब पहुंचेगी, इस पर स्पष्टता नहीं थी। खरीदार बढ़ती कीमतों से चौंक गए, जबकि व्यापारी सप्लाई की अनिश्चितता से चिंतित दिखे। इसी तरह Buriram (थाईलैंड) में भी कई गोल्ड शॉप्स ने एहतियातन बिक्री रोक दी और डिस्प्ले खाली कर दिए।

कुल मिलाकर, क्षेत्रीय तनाव का असर अब सीधे वैश्विक गोल्ड सप्लाई नेटवर्क पर दिखने लगा है, जिससे आने वाले दिनों में कीमतों और उपलब्धता—दोनों पर दबाव बना रह सकता है।

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