कोरबा
सौंदर्यीकरण:तेलीबांधा तालाब की तर्ज पर प्रदेश के सभी निगमों में एक-एक तालाब को बनाएंगे स्मार्ट
रायपुर,एजेंसी। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा तालाब की तर्ज पर प्रदेश के सभी 14 नगर निगमों के एक-एक तालाब काे स्मार्ट बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। नगरीय प्रशासन विभाग ने इन तालाबों को आरपीएफ यानी रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल के तहत पीपीपी मॉडल पर स्मार्ट झील बनाने के लिए निकायों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
बताया गया है कि इस योजना के तहत चयनित निजी एजेंसियों को तालाबों की डी-सिल्टिंग, सफाई, गंदे पानी की आवक रोकने, जल उपचार, सौंदर्यीकरण और 10 से 15 साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। तालाबों में एरेशन सिस्टम, बायो-रिमेडिएशन तकनीक, वॉकिंग ट्रैक, लाइटिंग, फाउंटेन और ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएंगी।
सरकार इस पूरी परियोजना को पीपीपी मॉडल पर लागू करेगी, ताकि निजी निवेश और आधुनिक तकनीक के जरिए शहरी जलस्रोतों का स्थायी समाधान निकाला जा सके। योजना का मकसद तालाबों को सिर्फ जलस्रोत नहीं बल्कि पर्यावरण, पर्यटन और शहर की पहचान के रूप में विकसित करना है।
इसलिए जरूरी है यह योजना
प्रदेश के अधिकांश शहरी तालाबों में सीवेज, अतिक्रमण और गाद की समस्या है। सरकार का मानना है कि यदि इन्हें तेलीबांधा मॉडल पर विकसित किया जाए तो यह भू-जल रिचार्ज, जल संरक्षण और शहरी पर्यावरण सुधार में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
ऐसे होगा निजी कंपनियों का चयन
आरपीएफ में उन कंपनियों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके पास वॉटर ट्रीटमेंट, अर्बन लेक रिवाइवल और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स का अनुभव होगा। कंपनियों को तकनीकी योग्यता, वित्तीय क्षमता और पिछले प्रोजेक्ट्स के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।
नगर निगमों को ये होगा लाभ
छत्तीसगढ़ के सभी नगर निगमों में एक-एक तालाब के कायाकल्प से सिर्फ सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि शहरों की अर्थव्यवस्था, जलसंकट और पर्यावरण पर सीधा असर पड़ेगा।
बिलासपुर
- अरपा नदी के आसपास और पुराने तालाबों का कायाकल्प होने से
- गर्मियों में जल संकट घटेगा
- शहर को नया वॉटरफ्रंट लुक मिलेगा
- स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स को मजबूती मिलेगी।
दुर्ग-भिलाई
- यहाँ तालाबों में सबसे ज्यादा औद्योगिक प्रदूषण है
- कायाकल्प से जहरीले पानी का उपचार होगा
- नागरिकों को साफ जल स्रोत मिलेगा
- आसपास के इलाकों की जमीन की कीमत बढ़ेगी।
कोरबा
सीएसआर और निजी निवेश भी आएगा।
कोयला और पावर प्लांट से प्रभावित जलस्रोतों के लिए यह योजना गेमचेंजर होगी।
तालाबों से प्रदूषण हटेगा।
हरियाली बढ़ेगी।
कोरबा
पेट्रोल पंप पर नियमों की अनदेखी, कलेक्टर ने चेताया:टैंकर से सीधे डीजल भरने पर होगी कड़ी कार्रवाई, बड़े हादसे का खतरा
कोरबा। कोरबा जिले में एक पेट्रोल पंप पर टैंकर से सीधे डीजल भरने का गंभीर मामला सामने आया है। यह प्रशासनिक नियमों का खुला उल्लंघन है और इससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

नियमों के अनुसार अनुसार, पेट्रोल पंप पर टैंकर से सीधे डीजल वितरण प्रतिबंधित है। पेट्रोलियम अधिनियम 2002 के तहत, डीजल की आपूर्ति केवल अधिकृत डिपो या निर्धारित प्रक्रिया से ही की जा सकती है ताकि आगजनी जैसी आपात स्थितियों से बचा जा सके। इसके बावजूद, पंप कर्मचारियों द्वारा टैंकर को सीधे नोजल से जोड़कर ईंधन भरा जा रहा था, जिसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं।

सुरक्षा मानकों से कोई समझौता स्वीकार नहीं:कलेक्टर
मामले की जानकारी मिलते ही कलेक्टर कुणाल दुदावत ने संज्ञान लिया। उन्होंने जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों की बैठक बुलाई और स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ने बताया कि टैंकर से सीधे डीजल भरने से स्थैतिक विद्युत उत्पन्न होने का खतरा रहता है, जिससे आग लगने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
दोबारा लापरवाही पाई गई, तो उसका लाइसेंस रद्द
कलेक्टर ने अधिकारियों को सभी पेट्रोल पंपों का निरीक्षण करने और नियम उल्लंघन करने वाले संचालकों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी पंप पर दोबारा ऐसी लापरवाही पाई गई, तो उसका लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस पंप पर पहले भी कई बार टैंकर से ही डीजल भरते देखा गया है।
डीजल,पेट्रोल,गैस,आवश्यक वस्तुओं की निगरानी के लिए टीम बनाई
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने यह भी बताया कि जिले में डीजल, पेट्रोल, गैस और आवश्यक वस्तुओं की निगरानी के लिए एक टीम बनाई गई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिले में इन सभी वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण है। फरवरी से अब तक प्रतिदिन डीजल की खपत 270 किलो लीटर से बढ़कर लगभग 293 किलो लीटर हो गई है, और आपूर्ति भी जारी है। कलेक्टर ने लोगों से किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की।
कोरबा
पुलिस की पहल: सर्वमंगला चौक पर खोला प्याऊ
कोरबा। वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए कोरबा पुलिस द्वारा आमजन की सुविधा के लिए सर्वमंगला चौक पर पुलिस प्याऊ खोला गया है। जहां राहगीरों को राहत दिलाने के लिए मटके में शीतल पेयजल की व्यवस्था की गई है तो बेजुबान जानवरों के लिए कोटना (पानी की टंकी) रखी गई है। जिससे पशु-पक्षी भी गर्मी में अपनी प्यास बुझा सके।

बुधवार को कुसमुंडा टीआई मृत्युंजय पांडेय व सर्वमंगला चौकी प्रभारी विभव तिवारी के मौजूदगी में पुलिस प्याऊ का उद्घाटन किया गया। इस दौरान पानी पीने पहुंचे राहगीरों को एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत निशुल्क पौधे का वितरण किया गया। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने पुलिस की इस नेक पहल की सराहना की। गर्मी के सीजन में हर साल सर्वमंगला चौक पर पुलिस द्वारा राहगीरों को राहत दिलाने के लिए प्याऊ का संचालन किया जाता है।
कोरबा
कोरबा में 24 घंटे में तीन की मौत:सड़क हादसों में चार घायल, तेज रफ्तार बनी वजह,आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
कोरबा। कोरबा में पिछले 24 घंटों के दौरान हुए अलग-अलग सड़क हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। ये घटनाएं मंगलवार और बुधवार को हुईं।
पहली घटना मंगलवार को हुई। बालको नगर के एल्युमिनियम सिटी निवासी बहरुराम रात्रे अपनी पत्नी के साथ दुपहिया वाहन से गोढ़ी गांव में एक दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। कचंदा नाला के पास एक भारी वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।

दुर्घटना में घायल को हॉस्पिटल ले जाने के लिए एम्बुलेंस मौके पर पहुंची।
पहली घटना में पति-पत्नी की मौत हो गई
इस भीषण टक्कर में बहरुराम रात्रे की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पत्नी को गंभीर चोटें आईं, जिनकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर भारी वाहनों की गति को नियंत्रित करने और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

हाइवा एक्टिवा की भिड़ंत में 1 मौत
दूसरी घटना बुधवार सुबह कटघोरा मुख्य मार्ग पर बगदेवा मोड़ के बाईपास के पास हुई। एक तेज रफ्तार हाइवा ने एक्टिवा सवार दो लोगों को टक्कर मार दी। हादसे में एक्टिवा सवार व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथ सवार महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। वे दोनों एक्टिवा पर सवार होकर बाकी मोगरा जा रहे थे।
ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
इस हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया। बाईपास के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। उचित मुआवजे और कार्रवाई के आश्वासन के बाद जाम समाप्त हुआ।
कार अनियंत्रित होकर गहरे नाले में गिरी
बुधवार को तीसरी बड़ी घटना कोरबा-छुरी मार्ग पर सामने आई। यहां एक अर्टिगा कार तेज रफ्तार ट्रेलर से बचने की कोशिश में अनियंत्रित होकर गहरे नाले में जा गिरी।
-
कोरबा2 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
Uncategorized7 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा2 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा2 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
