विदेश
ट्रंप ने ईरान को बोला ‘Thank You’ ! कहा-आपने मेरे सम्मान में …, छिड़ गया नया विवाद
तेहरान/तेल अवीव/वाशिंगठन, एजेंसी। पाकिस्तान के साथ संभावित बातचीत से ठीक पहले डोनाल्ड ट्रम्प ने अचानक ईरान को “Thank You” कहकर सबको चौंका दिया। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने उनके कहने पर बड़ा फैसला लिया, लेकिन इस बयान ने नए विवाद को जन्म दे दिया है और इसके पीछे की सियासी रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं। ट्रंप ने दावा किया कि उनके अनुरोध पर ईरान ने 8 महिला प्रदर्शनकारियों की फांसी रोक दी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह “बहुत अच्छी खबर” है और ईरान ने उनके सम्मान में यह फैसला लिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि चार महिलाओं को तुरंत रिहा किया जाएगा और बाकी चार को सिर्फ एक महीने की सजा दी जाएगी। लेकिन ईरान ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। ईरानी न्यायपालिका से जुड़ी एजेंसी ने कहा कि ऐसी किसी फांसी की योजना थी ही नहीं। उनके मुताबिक, कुछ महिलाएं पहले ही रिहा हो चुकी हैं और बाकी मामलों में भी मौत की सजा का कोई सवाल नहीं था।

🚨Amazing! Trump just scored a major foreign policy win: Iran called off the execution of eight women protesters after his personal request.
Four released immediately. Four get one month in prison.
Trump: “I very much appreciate that Iran… respected my request as President.”… https://t.co/wA2Cv2nQ3N
— Don Keith (@RealDonKeith) April 22, 2026
ईरान ने ट्रंप पर आरोप लगाया कि वे झूठी खबरों के आधार पर फर्जी उपलब्धि दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि ट्रंप ईरान विरोधी समूहों द्वारा फैलाई गई अफवाहों में फंस गए हैं। यह मामला तब सामने आया जब ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट शेयर की, जिसमें दावा किया गया था कि 8 महिलाओं को फांसी दी जाने वाली है। इसके बाद ट्रंप ने ईरान से अपील की थी कि इन महिलाओं को नुकसान न पहुंचाया जाए। यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के लिए बेहद अहम है और यहां जारी टकराव का असर वैश्विक राजनीति और तेल बाजार पर पड़ रहा है। फिलहाल, इस मुद्दे पर न तो व्हाइट हाउस और न ही ईरान के विदेश मंत्रालय ने कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान दिया है। लेकिन यह साफ है कि ट्रंप के “Thank You” बयान ने कूटनीतिक माहौल को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।
विदेश
ट्रंप बोले- ‘Good News’: शुक्रवार हो सकती US-Iran में दूसरे दौर की वार्ता ! तेहरान ने कहा…
तेहरान/तेल अवीव/वाशिंगठन, एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच दूसरी दौर की वार्ता जल्द हो सकती है। पाकिस्तान की मध्यस्थता से बातचीत की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि यह सब सीजफायर के बीच हो रहा है और अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ शांति वार्ता को लेकर “गुड न्यूज़” है और शुक्रवार को बातचीत हो सकती है। उन्होंने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रयास आगे बढ़ रहे हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। होर्मुज में समुद्री टकराव, सीजफायर को लेकर मतभेद और लगातार सैन्य दबाव ने स्थिति को नाजुक बना दिया है।

Trump said “good news” on renewed U.S.–Iran talks could come “as soon as Friday,” adding in a message: “It’s possible!”
Source: New York Post#Iran #IranIsraelWar #Israel #Irán #Israël #pakistan #پاکستان #امن_کا_سفیر_پاکستان #pakistanontherise #Pakistán pic.twitter.com/P7AtqMCJdb
— Middle East Negotiation Desk (@Defense_OSINT_) April 22, 2026
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगले 36 से 72 घंटों में बातचीत शुरू हो सकती है। इसे संभावित कूटनीतिक प्रगति के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि अभी तक किसी आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन दूसरी ओर, ईरान ने इन दावों को खारिज कर दिया है। इस्लामी रिवेलूशनरी गार्ड कोर (Islamic Revolutionary Guard Corps) से जुड़ी एजेंसी ने कहा कि शुक्रवार तक किसी भी शांति वार्ता की कोई योजना नहीं है और ट्रंप का सीजफायर बढ़ाने का दावा भी गलत है। इस तरह एक तरफ अमेरिका बातचीत को लेकर सकारात्मक संकेत दे रहा है, वहीं ईरान साफ तौर पर इनकार कर रहा है।
US-Iran Talks: Second Round Expected Friday, Trump Signals ‘Good News’
President Also Confirms US Military on Standby for All Contingencies
Washington |
US President Donald Trump has expressed optimism over ongoing diplomatic engagement with Iran, indicating that a second round… pic.twitter.com/gN05dlAQIy
— Voice of Germany (@NewsVOG) April 22, 2026
यही विरोधाभास पूरे संकट को और उलझा रहा है। ट्रंप ने पहले सीजफायर बढ़ाने का फैसला लिया था, ताकि ईरान को बातचीत के लिए समय मिल सके। लेकिन ईरान की ओर से इस पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ है कि अमेरिका एक साथ दो रणनीतियों पर काम कर रहा है एक तरफ सैन्य दबाव बनाए रखना और दूसरी तरफ कूटनीति का रास्ता खुला रखना। इसमें पाकिस्तान और अन्य देशों की मध्यस्थता की भूमिका भी सामने आ रही है।फिलहाल स्थिति “वेट एंड वॉच” वाली बनी हुई है। अगर शुक्रवार को वार्ता होती है तो यह तनाव कम करने की दिशा में बड़ा कदम हो सकता है ।
बिज़नस
IEA की चेतावनीः दुनिया पर मंडरा रहा इतिहास का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट ! यूरोप में स्थिति बेहद गंभीर
पेरिस,एजेंसी। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के प्रमुख फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि दुनिया इस समय “इतिहास के सबसे बड़े ऊर्जा सुरक्षा संकट” का सामना कर रही है।उन्होंने बताया कि वैश्विक बाजार से अब तक करीब 13 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल की सप्लाई कम हो चुकी है। इसका मुख्य कारण Rjev से जुड़ा संघर्ष और होर्मुज़ का बंद होना है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य ( Strait of Hormuz ) दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से रोजाना लगभग 20 मिलियन बैरल तेल और पेट्रोलियम उत्पाद गुजरते थे।

लेकिन अब यहां “डबल नाकेबंदी” जैसी स्थिति बन गई है, जहां न तो ईरान और न ही United States जहाजों को आसानी से गुजरने दे रहे हैं।इसका सीधा असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। IEA के अनुसार महंगाई बढ़ सकती है, आर्थिक विकास धीमा पड़ सकता है, कई देशों में ऊर्जा की कमी हो सकती है। यूरोप में स्थिति और गंभीर है। वहां जेट फ्यूल की भारी कमी हो गई है, क्योंकि पहले करीब 75% सप्लाई मध्य-पूर्व से आती थी, जो अब लगभग बंद हो चुकी है। ऐसे में फ्लाइट्स कम करनी पड़ सकती हैं। Fatih Birol ने कहा कि इस संकट के कारण दुनिया में ऊर्जा के नए स्रोतों की ओर तेजी से बदलाव होगा।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कुछ देशों में कोयले का उपयोग भी फिर बढ़ सकता है, खासकर एशिया के बड़े देशों में।स्थिति को संभालने के लिए IEA ने 400 मिलियन बैरल तेल अपने इमरजेंसी भंडार से जारी करने का फैसला किया है। लेकिन बिरोल ने साफ कहा कि यह सिर्फ अस्थायी राहत है, स्थायी समाधान नहीं।उन्होंने जोर देकर कहा कि असली समाधान सिर्फ होर्मुज को फिर से खोलना है।
बिज़नस
यूरोप में ऊर्जा संकट पर राहत: यूक्रेन रूट खुला, रूसी तेल सप्लाई फिर शुरू
ब्रातिस्लावा/मॉस्को,एजेंसी। यूरोप के ऊर्जा संकट के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। ड्रुज्बा पाइपलाइन के जरिए रूस का तेल एक बार फिर यूक्रेन के रास्ते स्लोवाकिया पहुंचने लगा है। इसे यूरोपीय संघ की अहम कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है, जिससे न सिर्फ सप्लाई बहाल हुई है बल्कि क्षेत्रीय तनाव कम होने के संकेत भी मिले हैं। स्लोवाकिया की वित्त मंत्री डेनिसा साकोवा ने बृहस्पतिवार को कहा कि यूक्रेन से होकर गुजर रही ड्रुज्बा पाइपलाइन के जरिए स्लोवाकिया को रूसी तेल की आपूर्ति फिर से शुरू हो गई है। इस घटनाक्रम से युद्धग्रस्त यूक्रेन के लिए बड़े वित्तीय सहायता पैकेज का रास्ता खुलने की उम्मीद है। स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको ने इसे “अच्छी खबर” बताया। उन्होंने कहा, “यूक्रेन और यूरोपीय संघ के बीच गहरा संबंध स्थापित होने की उम्मीद है।”

उन्होंने इस मुद्दे के समाधान में शामिल यूरोपीय आयोग और हंगरी समेत सभी पक्षों का धन्यवाद किया। हंगरी और स्लोवाकिया का यूक्रेन के साथ विवाद तब से चल रहा था, जब जनवरी में पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने के बाद इस मार्ग से रूसी तेल की आपूर्ति रुक गई थी। यूक्रेन के अधिकारियों ने पाइपलाइन को हुए नुकसान के लिए रूसी ड्रोन हमलों को जिम्मेदार ठहराया। हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बान (हाल ही में उन्हें एक चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है) ने यूक्रेन पर पाइपलाइन की मरम्मत में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया था जिसे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने खारिज कर दिया था। फिको ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्हें अब भी नहीं लगता कि पाइपलाइन को कोई नुकसान हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि पाइपलाइन और तेल का इस्तेमाल “मौजूदा भू-राजनीतिक संघर्ष” में किया गया।
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