Connect with us

बिज़नस

Bill Gates का बड़ा फैसला, दान किए 8 अरब डॉलर, जानें किसे सौंप दी इतनी बड़ी रकम?

Published

on

वाशिंगठन, एजेंसी। माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने अपनी पूर्व पत्नी मेलिंडा फ्रेंच गेट्स की चैरिटी संस्था को करीब 8 अरब डॉलर (लगभग 66 हजार करोड़ रुपए) का दान दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह दान दोनों के तलाक के करीब तीन साल बाद किया गया है और हाल के वर्षों के सबसे बड़े परोपकारी योगदानों में से एक माना जा रहा है।

यह रकम 2024 के अंत में मेलिंडा द्वारा संचालित ‘पिवोटल फिलैंथ्रोपीज फाउंडेशन’ को दी गई। फाउंडेशन की हालिया टैक्स फाइलिंग में इस दान का खुलासा हुआ है। फाउंडेशन के प्रवक्ता ने बताया कि यह भुगतान बिल और मेलिंडा गेट्स के बीच हुए 12.5 अरब डॉलर के वित्तीय समझौते का हिस्सा था, जिसे अब पूरी तरह पूरा कर लिया गया है।

साल 2024 में पिवोटल फिलैंथ्रोपीज फाउंडेशन ने शिक्षा, महिलाओं के अधिकार और सामाजिक विकास से जुड़े कार्यों के लिए 875 मिलियन डॉलर खर्च किए थे। मेलिंडा ने मई 2024 में औपचारिक रूप से बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन से अलग होने का फैसला किया था। दोनों का तलाक वर्ष 2021 में हुआ था, जबकि 2022 के अंत में मेलिंडा ने अपनी स्वतंत्र चैरिटी संस्था की शुरुआत की थी।

क्यों टूटा था गेट्स दंपति का रिश्ता?

बिल और मेलिंडा गेट्स के अलगाव की वजह बिल गेट्स और माइक्रोसॉफ्ट की एक महिला कर्मचारी के साथ कथित अफेयर को माना जाता है। साल 2019 में महिला कर्मचारी ने माइक्रोसॉफ्ट बोर्ड को पत्र लिखकर इस रिश्ते का खुलासा किया था। जांच के बाद बोर्ड ने इस रिश्ते को अनुचित बताया।

इस पूरे विवाद के दौरान मार्च 2020 में बिल गेट्स ने माइक्रोसॉफ्ट के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा था कि वह अपने परोपकारी कार्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।

ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के अनुसार, बिल गेट्स की मौजूदा नेटवर्थ 118 अरब डॉलर है और वह दुनिया के अमीरों की सूची में 16वें स्थान पर हैं। वहीं मेलिंडा फ्रेंच गेट्स की नेटवर्थ 17.6 अरब डॉलर आंकी गई है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

सरकार ने 17 बैंकों को बुलियन इंपोर्ट की मंजूरी, तीन साल तक सोना-चांदी आयात की अनुमति

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। भारत सरकार ने 17 बैंकों को 1 अप्रैल से तीन साल के लिए बुलियन इंपोर्ट करने की इजाजत दी है। जारी एक आदेश में, कॉमर्स मिनिस्ट्री के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने 15 बैंकों को, जिनमें स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) जैसे पब्लिक सेक्टर के लेंडर, HDFC बैंक जैसे प्राइवेट लेंडर और इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ़ चाइना जैसे विदेशी लेंडर शामिल हैं। 

किन बैंकों को मिली अनुमति
1 अप्रैल से 31 मार्च, 2029 तक सोना और चांदी दोनों इंपोर्ट करने की इजाजत दी है। इसके अलावा दो बैंकों – यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया और रूस के Sber बैंक – को सिर्फ़ सोना इंपोर्ट करने की इजाज़त दी गई है। पिछले साल, ऑथो-3 की लिस्ट, हालांकि मंजूरी बढ़े हुए बैंकों के लिए थी, अप्रैल 2025-26 को ही जारी की गई थी। जारी की गई लिस्ट बड़ी है, जिसमें ड्यूश बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक को सोना और चांदी दोनों इंपोर्ट करने की इजाजत है। पिछले साल, इंडियन ओवरसीज बैंक को सिर्फ सोना इंपोर्ट करने की इजाजत थी। इस बीच, सिर्फ सोना इंपोर्ट करने वाली लिस्ट में बैंक का जुड़ना भी नया है। 

सिर्फ सोना इंपोर्ट करने वाले बैंकों की लिस्ट
कन्फ्यूजन दूर करते हुए DGFT ने कहा कि SBI, HDFC बैंक और इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना जैसे विदेशी बैंकों समेत 15 बैंकों को 1 अप्रैल से तीन साल के लिए सोना और चांदी इंपोर्ट करने की इजाजत दी गई है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और रूस के बैंक को सिर्फ सोना इंपोर्ट करने की इजाजत दी गई है।

आयात और मांग में बढ़ोतरी
एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज़ की चीफ इकोनॉमिस्ट माधवी अरोड़ा ने कहा कि बुलियन इंपोर्ट करने के योग्य बैंकों ने “सोने के इंपोर्ट को असरदार तरीके से रोक दिया है। रॉयटर्स ने पहले बताया था कि जारी न करने की वजह से अप्रूव्ड बैंकों की लिस्ट में से 5 टन से ज़्यादा सोना और लगभग 8 टन चांदी बिना कस्टम्स क्लीयरेंस के अटक गई थी। भारत सोने का दूसरा सबसे बड़ा इंपोर्टर है और 2025-26 में $72 बिलियन का सोना लाया, जो 2024-25 के मुकाबले 24% ज़्यादा है। पिछले फिस्कल में चांदी का इंपोर्ट $12 बिलियन था, जो पिछले साल के इंपोर्ट किए गए $4.8 बिलियन से दोगुना से भी ज़्यादा है।

कीमतों पर असर
सोने और चांदी की कीमतों में तेज़ी की वजह से भारतीयों ने 2025-26 के दूसरे हाफ़ में एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) जैसे तरीकों से भारी मात्रा में सोना और चांदी खरीदा।
DGFT द्वारा 2 अप्रैल को ऑथराइज़ेशन लिस्ट जारी करने में देरी के बाद सोने, चांदी और प्लैटिनम प्रोडक्ट्स का क्लासिफिकेशन ‘फ्री’ से बदलकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कर दिया गया, जिसमें स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZs) और एक्सपोर्ट ओरिएंटेड यूनिट्स के अलावा दूसरे इंपोर्टर्स को सरकार से लाइसेंस लेना होगा। 

घरेलू और ग्लोबल सोने की कीमतों के बीच अंतर 
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) में इंडिया रिसर्च हेड कविता चाको ने कहा कि भारत सोने का दूसरा सबसे बड़ा इंपोर्टर है और 2025-26 में $72 बिलियन का पीला मेटल लाया, जो 2024-25 से 24% ज़्यादा है। अप्रैल के पहले दो हफ़्तों में घरेलू और ग्लोबल सोने की कीमतों के बीच का अंतर कम होकर $8 प्रति औंसत रह गया। अप्रैल के पहले दो हफ़्तों में घरेलू और ग्लोबल सोने की कीमतों के बीच का अंतर कम होकर $8 प्रति औंस (oz) रह गया, जबकि मार्च में यह “लगातार $46/oz की छूट” पर ट्रेड हो रहा था।

चाको ने कहा यह कमी प्लैटिनम एलॉय (जिसमें वज़न के हिसाब से 1% से ज़्यादा सोना होता है) के इंपोर्ट पर रोक के बाद सप्लाई की सख्त शर्तों और सोने, चांदी और प्लैटिनम ज्वेलरी के इंपोर्ट पर ज़्यादा पाबंदियों की वजह से हुई है। इसके अलावा, कई रिपोर्ट्स से पता चलता है कि ऑपरेशनल दिक्कतों, खासकर नॉमिनेटेड बैंकों के बुलियन कंसाइनमेंट के कस्टम क्लियरेंस में देरी से सप्लाई और मुश्किल हो गई। 

Continue Reading

देश

मिडिल ईस्ट में मची हलचल, जानें आज पेट्रोल-डीजल के भाव बढ़े या घटे? देखें Latest List

Published

on

मुंबई, एजेंसी। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से भारत में कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंताएं गहरी हो गई हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि देश की सरकारी तेल कंपनियों ने आज 19 अप्रैल, रविवार को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है लेकिन प्राइवेट कंपनियों और प्रीमियम फ्यूल के दाम आसमान छू रहे हैं।

भारत में कच्चे तेल की आवक होगी प्रभावित 

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी के कारण ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Hormuz Strait) को फिर से बंद कर दिया गया है। इस रास्ते से भारतीय जहाजों की आवाजाही भी रुक गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह रास्ता लंबे समय तक बंद रहा तो भारत में कच्चे तेल की आवक प्रभावित होगी जिससे आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं और सप्लाई का संकट खड़ा हो सकता है।

प्राइवेट-प्रीमियम पेट्रोल के दाम ने तोड़े रिकॉर्ड

जहां सरकारी दरें स्थिर हैं वहीं प्राइवेट कंपनियां और प्रीमियम ग्रेड पेट्रोल के दाम काफी अधिक हैं:

शेल इंडिया (Shell): 1 अप्रैल को हुई भारी बढ़ोतरी के बाद आज शेल का पेट्रोल रू.119.85 और डीजल रू.123 प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं, ‘पावर पेट्रोल’ रू.129.85 और प्रीमियम डीजल रू.133 तक पहुंच गया है।

इंडियन ऑयल (IOCL) XP100: हाई-स्पीड XP100 पेट्रोल का रेट रू.160 प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर है।

नायरा (Nayara): मार्च में कीमतों में बढ़ोतरी के बाद यहां भी रेट ऊंचे बने हुए हैं।

PunjabKesari

सरकारी तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने साल 2022 के बाद से कीमतों में कोई बड़ा उछाल नहीं आने दिया है। इसके विपरीत, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की अस्थिरता का सीधा असर प्राइवेट कंपनियों के रेट्स पर दिख रहा है जहां पेट्रोल सरकारी रेट से रू.20-25 तक महंगा मिल रहा है।

Continue Reading

देश

Gold Demand in India: भारत में सोने की मांग मजबूत, आयात रिकॉर्ड स्तर पर, चांदी में भी जबदरस्त उछाल

Published

on

मुंबई, एजेंसी। देश में सोने का आयात वित्त वर्ष 2025-26 में 24 प्रतिशत बढ़कर अब तक के उच्चतम स्तर 71.98 अरब डॉलर पहुंच गया है। यह वृद्धि मुख्य रूप से कीमती धातु की ऊंची कीमतों के कारण हुई है। वाणिज्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी। वित्त वर्ष 2024-25 में सोने का आयात 58 अरब डॉलर रहा था, जबकि 2023-24 में यह 45.54 अरब डॉलर और 2022-23 में 35 अरब डॉलर था।

वित्त वर्ष 2025-26 में मात्रा के हिसाब से सोने का आयात 4.76 प्रतिशत घटकर 721.03 टन रहा, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 757.09 टन था। इसी तरह, चांदी का आयात बीते वित्त वर्ष में लगभग 150 प्रतिशत बढ़कर 12 अरब डॉलर हो गया। मात्रा के लिहाज से यह 42 प्रतिशत बढ़कर 7,334.96 टन रहा। इन कीमती धातुओं के आयात में वृद्धि से देश का व्यापार घाटा वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 333.2 अरब डॉलर पहुंच गया। 

आयात मूल्य बढ़ा

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण आयात मूल्य बढ़ा है, जबकि मात्रा में गिरावट आई है। मंत्रालय ने बताया कि सोने के आयात की कीमत वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 99,825.38 डॉलर प्रति किलोग्राम हो गई, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 76,617.48 डॉलर प्रति किलोग्राम थी। इसी दौरान आयात मात्रा 757.09 टन से घटकर 721.03 टन रह गई। 

स्विट्जरलैंड सबसे बड़ा सप्लायर

मंत्रालय के अनुसार स्विट्जरलैंड सोने के आयात का सबसे बड़ा स्रोत रहा, जिसकी हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (16 प्रतिशत से अधिक) और दक्षिण अफ्रीका (लगभग 10 प्रतिशत) का स्थान है। सोना देश के कुल आयात का पांच प्रतिशत से अधिक हिस्सा है। भारत दुनिया में चीन के बाद सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है और इसका उपयोग मुख्य रूप से आभूषण उद्योग में होता है। 

आंकड़ों के अनुसार, स्विट्जरलैंड से आयात 11.36 प्रतिशत बढ़कर 24.27 अरब डॉलर हो गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अनुसार, चालू खाता घाटा (सीएडी) दिसंबर तिमाही में बढ़कर 13.2 अरब डॉलर (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) हो गया, जबकि पिछले वर्ष 2024-25 की इसी अवधि में यह 11.3 अरब डॉलर था। हालांकि, चालू खाता घाटा अप्रैल-दिसंबर 2025 में घटकर 30.1 अरब डॉलर (जीडीपी का एक प्रतिशत) रहा, जबकि एक वर्ष पहले इसी अवधि में यह 36.6 अरब डॉलर (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) था। 

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677