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कोरबा

प्रदेश की नई औद्योगिक नीति 2024-29 बनेगी, कृषि उत्पादों, वनोपजों, खनिज सम्पदा एवं रोजगारमूलक उद्योगों की स्थापना पर होगा जोर

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वाणिज्य एवं उद्योग तथा श्रम विभाग के लिए 773 करोड़ 28 लाख 42 हजार रूपए की अनुदान मांगें सर्वसम्मति से पारित

नये औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए 60 करोड़, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों हेतु पृथक औद्योगिक पार्क के लिए नये बजट में 50 करोड़ का प्रावधान

कोरबा में बनेगा एल्यूमिनियम पार्क, इन्वेस्ट इंडिया की तर्ज पर आयोजित होगा इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ सम्मेलन

प्रवासी श्रमिकों की सहायता के लिए पांच राज्यों में बनाए जाएंगे ”मोर चिन्हारी भवन”

शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना का होगा विस्तार, 9 जिलों में 24 नये केन्द्र खुलेंगे

कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा बिलासपुर में स्थापित किया जाएगा 100 बिस्तरों का अस्पताल

श्रमिक परिवारों के बच्चों को उत्कृष्ट निजी स्कूलों में पढ़ाने तथा स्वरोजगार हेतु श्रमिकों द्वारा लिए गए ऋण के ब्याज पर अनुदान की योजना जल्द होगी शुरू

रायपुर/कोरबा। वाणिज्य एवं उद्योग तथा श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के विभागों से संबंधित 773 करोड़ 28 लाख 42 हजार रूपए की अनुदान मांगें आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में चर्चा के बाद सर्वसम्मति से पारित कर दी गई। इनमें वाणिज्य एवं उद्योग विभाग से संबंधित व्यय के लिए 530 करोड़ 29 लाख 69 हजार रूपए तथा श्रम विभाग के लिए 242 करोड़ 98 लाख 73 हजार रूपए की राशि शामिल है। अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान औद्योगिक नीति 31 अक्टूबर 2024 तक प्रचलन में है। राज्य की आवश्यकता के अनुरूप इसकी समीक्षा कर नई औद्योगिक नीति 2024-2029 जारी की जाएगी। नई नीति में राज्य में उपलब्ध कृषि उत्पादों, वनोपजों, खनिज सम्पदा एवं रोजगारमूलक उद्योगों की स्थापना को दृष्टिगत रखते हुए नये उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति के लिए सभी हितधारकों के साथ बात करके तथा अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन कर एक श्रेष्ठ नीति बनाएंगे, ताकि औद्योगिक विकास में तेजी आए और प्रदेश में रोजगार के नये अवसर सृजित हो सके। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री देवांगन ने सदन में बताया कि नये औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए 60 करोड़ रूपए, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को प्रोत्साहित करने पृथक औद्योगिक पार्क की स्थापना के लिए 50 करोड़ रूपए, लागत पूंजी अनुदान के लिए 200 करोड़ रूपए एवं ब्याज अनुदान के लिए 50 करोड़ रूपए का प्रावधान नए बजट में किया गया है। उन्होंने बताया कि युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ उद्यम क्रांति योजना प्रारंभ की जाएगी। साथ ही प्रदेश में आर्थिक और अत्याधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर से युक्त कोरबा-बिलासपुर इंडस्ट्रियल कोरिडोर के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट के क्षेत्रों में शासकीय भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इसके लिए प्रारंभिक कार्ययोजना तैयार करने के लिए 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। श्री देवांगन ने सदन में अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि कोरबा जिले में एल्यूमिनियम पार्क की बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करने के लिए आगामी बजट में आरंभिक तौर पर 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। वन संसाधनों से परिपूर्ण बस्तर और सरगुजा संभाग में लघु वनोपज आधारित प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना एवं छत्तीसगढ़ खाद्य प्रसंस्करण मिशन योजना के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण सहायता अनुदान के लिए 13 करोड़ रूपए की राशि प्रावधानित है। उन्होंने बताया कि युवाओं में स्टार्ट-अप, इनोवेशन एवं रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में सेंट्रल इन्स्टूमेंटेशन फैसिलिटी का उन्नयन किया जाएगा। इसके लिए 2 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने सदन में कहा कि राज्य में औद्योगिक अधोसंरचना के विकास हेतु सड़क, पानी, बिजली इत्यादि के संधारण एवं नवीन परियोजनाओं के साथ ही नवा रायपुर में आईटी आधारित ”प्लग एवं प्ले” मॉडल का विकास किया जाएगा। इसके लिए अधोसंरचना विकास उन्नयन कार्य अंतर्गत 35 करोड़ रूपए प्रावधानित है। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए इन्वेस्ट इंडिया की तर्ज पर इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसके आयोजन के लिए प्रारंभिक तौर पर 5 करोड़ रूपए की राशि का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ स्टार्ट-अप हब और नॉलेज प्रोसेस आउटसोर्सिंग इकाईयां स्थापित करने एवं राज्य में एक समृद्ध नवाचार पारिस्थितिक तंत्र तैयार करने के लिए छत्तीसगढ़ स्टार्ट-अप समिट का भी आयोजन किया जाएगा। श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने श्रम विभाग से जुड़ी अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में बताया कि छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मण्डल के तहत अधिसूचित 56 प्रवर्ग के 17 लाख 54 हजार पंजीकृत असंगठित श्रमिकों के लिए विभिन्न योजनाओं हेतु आगामी बजट में 123 करोड़ 98 लाख रूपए से अधिक की राशि का प्रावधान किया गया है। अटल श्रम सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत असंगठित श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक स्थान में प्राप्त हो सके, इसके लिए शासन द्वारा श्रमेव जयते वेबपोर्टल बनाया जा रहा है। इसके लिए बजट में 2 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों के लिए वर्ष 2024-25 के बजट में 505 करोड़ रूपए से अधिक की राशि का व्यय प्रस्तावित है। औद्योगिक क्षेत्र के संगठित श्रमिकों के लिए छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मण्डल द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के लिए 6 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। श्री देवांगन ने सदन में बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में श्रमिकों के लिए संचालित शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना का विस्तार किया जाएगा। इस योजना के तहत श्रमिकों को मात्र 5 रूपए में गरम भोजन, दाल, चावल, सब्जी, अचार प्रदान किया जाता है। वर्तमान में इस योजना के तहत सात जिलों रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, रायगढ़, महासमुन्द और सूरजपुर में 21 केन्द्र संचालित हो रहे हैं। इन केन्द्रों के माध्यम से प्रतिदिन करीब 3200 श्रमिकों को गरम भोजन मिल रहा है। अगले वित्तीय वर्ष में इस योजना के अंतर्गत 9 जिलों में 24 नये केन्द्र खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि नये बजट में श्रम कानूनों के क्रियान्वयन के लिए 32 करोड़ रूपए और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के लिए 6 करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान किया गया है। साथ ही कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं के अंतर्गत श्रमिकों के लिए 61 करोड़ रूपए प्रावधानित है। श्री देवांगन ने बताया कि कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं के अंतर्गत प्रदेश के 10 जिलों में 42 औषधालय संचालित है। श्रमिक बाहुल्य क्षेत्रों तिल्दा, उरला, लारा और खरसिया में नये औषधालय खोलने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उन्होंने बताया कि पंजीकृत श्रमिकों को अंत: रोगी तथा विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा रायपुर और कोरबा में 100-100 बिस्तरों का चिकित्सालय बनाया गया है। भिलाई और रायगढ़ में 100-100 बिस्तरों के चिकित्सालय का काम प्रगति पर है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा बिलासपुर में भी 100 बिस्तरों के अस्पताल के निर्माण की मंजूरी दी गई है। श्रम मंत्री श्री देवांगन ने सदन में बताया कि दूसरे राज्यों में प्रवास करने वाले छत्तीसगढ़ के श्रमिकों के सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए वहां ”मोर चिन्हारी भवन” की स्थापना की जाएगी। इसके पहले चरण में पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, गुजरात और महाराष्ट्र में जहां राज्य के श्रमिक अधिक संख्या में प्रवास करते हैं, मोर चिन्हारी भवन बनाए जाएंगे। इसके माध्यम से प्रवासी श्रमिकों को समय-समय पर सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। उन्होंने सदन में बताया कि पंजीकृत श्रमिक परिवारों के बच्चों को उत्कृष्ट निजी शालाओं में नि:शुल्क पढ़ाने के लिए शीघ्र नई योजना प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने बताया कि पंजीकृत श्रमिकों के द्वारा आर्थिक गतिविधि के लिए बैंक से लिए गए ऋण पर लगने वाले ब्याज में अनुदान देने की भी योजना जल्दी शुरू की जाएगी। इससे श्रमिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे और वे स्वयं मालिक बनने की दिशा में अग्रसर हो सकेंगे। वाणिज्य एवं उद्योग तथा श्रम विभाग से संबंधित अनुदान मांगों की चर्चा में विधायक राघवेन्द्र सिंह, अनुज शर्मा, राम कुमार यादव,रिकेश सेन, श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल और पुन्नू लाल मोहले ने भाग लिया।

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कोरबा

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे:मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी, पंडाल में झूपने लगे महिलाएं-पुरुष

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कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में 583 लोगों की ‘घर वापसी’ हुई। इनमें एक मुस्लिम परिवार भी शामिल है, जिन्होंने सनातन धर्म अपनाया है। वहीं, दरबार में महिलाएं और पुरुष झूमते नजर आए।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्मांतरण कराने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि, जब तक जिएंगे, हिंदुओं को न कटने देंगे, न बंटने देंगे और न मिटने देंगे। उन्होंने यह भी बताया कि लालच में आकर जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर दूसरा मजहब अपनाया था, उनमें से सैकड़ों लोग अब ‘घर वापसी’ कर रहे हैं।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

धीरेंद्र शास्त्री बोले-जब तक जिएंगे, हिंदुओं को कटने-बंटने-मिटने नहीं देंगे।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

मुस्लिम परिवार समेत 583 लोगों की घर वापसी।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया।

कथा के चौथे दिन लगा दिव्य दरबार

दरअसल, कोरबा के ढपढप में 5 दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन किया गया है। आज चौथे दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दिव्य दरबार में जनसैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन 2 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे।

दावा है कि दरबार में भूत-प्रेत बाधा से पीड़ित लोगों का विशेष इलाज किया गया। पर्चा लिखकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे। कुछ लोग जमीन पर लोटते और झूमते हुए दिखाई दिए।

जरूरतमंदों को दो रुपए – धीरेंद्र शास्त्री

दरबार के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक गरीब बुजुर्ग की मदद के लिए यजमानों और जनप्रतिनिधियों से आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि, लोग नाचने वाली स्त्रियों पर तो पैसे लुटाते हैं, लेकिन जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।

मंत्रोच्चार शुरू करते ही, दरबार में मौजूद कई महिला-पुरुष असामान्य व्यवहार करने लगे।

धीरेंद्र शास्त्री ने बुजुर्ग की आर्थिक मदद की

बुजुर्ग ने धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि, वो पाली मुनगाडीह का रहने वाला है। अपने घर से पैदल सुबह निकला था। इस दरबार में शामिल हो गया। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिस पर धीरेंद्र शास्त्री ने तत्काल 50 हजार दिए।

वहीं, सामने बैठे वीआईपी लोगों को आर्थिक मदद करने को कहा। जिसके बाद कुल 1 लाख 20 हजार रुपए बुजुर्ग को दिए गए। इसके बाद उन्होंने अपने टीम के वाहन से सुरक्षित घर तक छोड़ने को कहा।

धीरेंद्र शास्त्री बोले- हालेलुया वालों की ठठरी मारी जाएगी

इससे पहले कोरबा में ही बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर कहा था कि, यहां आसपास हालेलुया वाले भी रहते हैं, उनकी भी ठठरी मारी जाएगी। अब यह खेल नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग राह भटक गए हैं, उनकी घर वापसी कराई जाएगी। इसके अलावा उन्होंने खुद को छत्तीसगढ़ का भांचा बताया।

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कोरबा

श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में हनुमान जन्मोत्सव पर विविध धार्मिक आयोजन

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कोरबा। श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर, आर.पी. नगर फेज-2 में भगवान श्री हनुमान के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

मंदिर समिति द्वारा दी जानकारी के अनुसार 1 अप्रैल को दोपहर 2:00 बजे से अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया जाएगा, जो निरंतर चलता रहेगा।

2 अप्रैल को प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात दोपहर 12:00 बजे से 1:30 बजे तक हवन कार्यक्रम संपन्न होगा। हवन के उपरांत दोपहर 1:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है।

मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें एवं कार्यक्रम को सफल बनाएं।

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कोरबा

एसईसीएल मुख्यालय के 4 कर्मियों को सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गयी

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बिलासपुर/कोरबा। 31.03.2026 को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को 30 . 03.2026 को निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र एवं विभिन्न विभागाध्यक्षों, श्रम संघ प्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में मुख्यालय बिलासपुर स्थित सीएमडी कक्ष में शाल, श्रीफल, पुष्पहार से सम्मानित कर समस्त भुगतान का चेक प्रदान कर भावभीनी विदाई दी गयी।

सेवानिवृत्त होने वालों में सी.डी.एन सिंह महाप्रबंधक (वित्त) वित्त विभाग, जी श्यामला राव महाप्रबंधक (मा.सं) कल्याण विभाग, राम विनय कुमार, महाप्रबंधक (उत्खनन) उत्खनन विभाग, राज, सुरक्षा उप निरीक्षक- सुरक्षा विभाग शामिल रहे।

शीर्ष प्रबंधन ने अपने उद्बोधनों में कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारी अपनी कार्यकुशलता और समर्पण से एसईसीएल को सफलता की नई ऊँचाइयों तक लेकर गए हैं। उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। प्रबंधन ने सभी के उज्ज्वल भविष्य और सुखद पारिवारिक जीवन की कामना की।

सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी कम्पनी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि एसईसीएल में कार्य करना गौरव का विषय रहा। उन्होंने कहा कि यहाँ के अधिकारी और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं और किसी भी जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा से निभाते हैं।
कार्यक्रम का चालन एवं सेवानिवृत्त कर्मियों का परिचय प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने सफलतापूर्वक किया।

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