Connect with us

छत्तीसगढ़

रायपुर कमिश्नर ने रात 10 बजे अफसरों की बैठक ली:नशा-चाकूबाजी पर सख्ती दिखाने, चालान के नाम पर परेशान ना करने की नसीहत दी

Published

on

रायपुर,एजेंसी। रायपुर कमिश्नरेट के कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने पदभार संभालते ही लॉ एंड ऑर्डर पर सख्ती दिखाई है। उन्होंने चालान के नाम पर वाहन स्वामियों को जबरिया परेशान ना करने की नसीहत अधीनस्थ अधिकारियों को दी है।

शनिवार रात 10 बजे सिविल लाइन स्थित सी-4 भवन के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने शहर की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर रखा।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर सहित सभी डिप्टी पुलिस कमिश्नर, एडिशनल डीसीपी, असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर और थाना प्रभारी मौजूद रहे।

रायपुर कमिश्नर डॉ.संजीव शुक्ला अफसरों की बैठक लेते हुए।

रायपुर कमिश्नर डॉ.संजीव शुक्ला अफसरों की बैठक लेते हुए।

बैठक में रायपुर कमिश्नरेट की वर्किंग प्रणाली बताई

बैठक की शुरुआत में पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों से परिचय लिया और रायपुर कमिश्नरेट की कार्ययोजना साझा की।

उन्होंने शहर में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने पर जोर देते हुए विजिबल पुलिसिंग, पैदल पेट्रोलिंग और रात्रि गश्त को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

डॉ. शुक्ला ने कहा कि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना तभी मजबूत होगी, जब पुलिस हर इलाके में दिखाई दे।

रायपुर कमिश्नर डॉ.संजीव शुक्ला ने अधिकारियों से परिचय लिया।

रायपुर कमिश्नर डॉ.संजीव शुक्ला ने अधिकारियों से परिचय लिया।

जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का निर्देश

कमिश्नर ने चाकूबाजी, नशाखोरी और अड्डेबाजी पर सख्त नियंत्रण के निर्देश दिए। गुंडा और निगरानी बदमाशों पर कड़ी नजर रखने के साथ असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

विशेष रूप से प्रतिबंधित नशे के कारोबार पर जीरो टॉलरेंस अपनाने और पूरे नेटवर्क को तोड़ने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाकूबाजी की छोटी से छोटी घटना पर भी कड़ी धाराओं में अपराध दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए।

रायपुर कमिश्नर डॉ.संजीव शुक्ला अफसरों की बैठक लेते हुए।

रायपुर कमिश्नर डॉ.संजीव शुक्ला अफसरों की बैठक लेते हुए।

बिना अनुमति प्रदर्शन-रैली पर रोक

रायपुर कमिश्नरी क्षेत्र में अब रैली, धरना या किसी भी सामूहिक आयोजन के लिए कमिश्नर की अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति आयोजन पर आयोजकों पर कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह से निर्धारित समय के बाद बार, कैफे और रेस्टोरेंट अनिवार्य रूप से बंद कराने का निर्देश अधीनस्थों को दिया है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

अस्तित्व की हुंकार: आधुनिक चुनौतियों के बीच निखरती नारी शक्ति

Published

on

बिलासपुर।आज का अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि सदियों की चुप्पी को तोड़कर उभरी उस बुलंद आवाज़ का प्रतीक है, जो अब रुकने वाली नहीं है। यह दिन उस संघर्ष, साहस और संकल्प का प्रतीक है, जिसने नारी को सीमाओं की परिधि से निकालकर संभावनाओं के असीम आकाश तक पहुँचा दिया है।
इक्कीसवीं सदी की महिलाओं ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर उन बेड़ियों को पिघला दिया है, जो कभी उसे कमतर आँकती थीं। आज महिलाएँ केवल घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कॉर्पोरेट, बोर्डरूम से लेकर अंतरिक्ष अभियानों तक नेतृत्व कर रही हैं। विज्ञान, प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे जटिल क्षेत्रों में भी वे अपनी मेधा और क्षमता का लोहा मनवा रही हैं।
प्रसिद्ध कवयित्री महादेवी वर्मा की पंक्तियाँ नारी की संवेदनशीलता और आंतरिक शक्ति को गहराई से व्यक्त करती है

मैं नीर भरी दुःख की बदली,
स्पंदन में चिर निस्पंद बसी।

हालाँकि आधुनिक डिजिटल युग ने नारी के सामने नई चुनौतियाँ भी प्रस्तुत की हैं। साइबर हिंसा, मानसिक दबाव और सामाजिक अपेक्षाओं का बोझ आज की वास्तविकताएँ हैं। किंतु इन परिस्थितियों के बीच भी आधुनिक नारी टूटती नहीं, बल्कि हर चुनौती को अपनी शक्ति में बदलकर और अधिक सशक्त होकर उभरती है।
अब समय आ गया है कि समाज नारी के सशक्तिकरण की चर्चा करने के स्थान पर उसे वह अधिकार और सम्मान प्रदान करे, जिसकी वह सदैव अधिकारी रही है। जब तक समाज का दृष्टिकोण पितृसत्तात्मक सोच से मुक्त होकर वास्तविक समानता की ओर नहीं मुड़ेगा, तब तक कोई भी राष्ट्र पूर्ण प्रगति का दावा नहीं कर सकता।
नारी आज केवल सृष्टि की जननी ही नहीं, बल्कि बदलते हुए विश्व की सबसे सशक्त वास्तुकार भी है—वह समाज की दिशा निर्धारित करती है, संस्कारों की नींव रखती है और भविष्य की पीढ़ियों को आकार देती है।
अंत में मैं यही संदेश देना चाहूँगी—
हौसलों के तरकश में कोशिश का वह तीर ज़िंदा रख,
हार जाए चाहे ज़िंदगी में सब कुछ,
मगर फिर से जीतने की उम्मीद ज़िंदा रख।

लेखिका- शोभा पवार (शिक्षिका)

Continue Reading

कोरबा

ग्राम पंचायतों में रोजगार दिवस के साथ मनाया गया आवास दिवस

Published

on

प्रत्येक माह की 07 तारीख को आयोजित किए जाते हैं रोजगार दिवस एवं आवास दिवस

क्यूआर कोड स्कैन प्रणाली से दी गई योजनाओं एवं प्रावधानों की जानकारी

कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार एवं सीईओ जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग के मार्गदर्शन में जिले की ग्राम पंचायतों में शनिवार को चावल उत्सव, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत रोजगार दिवस तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास दिवस का आयोजन किया गया।

आवास दिवस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृत आवासों के निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराना, हितग्राहियों में जागरूकता बढ़ाना तथा निर्माण के दौरान आ रही समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना रहा।

जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि रोजगार दिवस एवं आवास दिवस का आयोजन प्रत्येक माह की 07 तारीख को सभी ग्राम पंचायतों में अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र हितग्राही को समय पर पक्का आवास उपलब्ध कराया जा सके।

आवास दिवस के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के आवास निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने हेतु विशेष चर्चा की गई। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत पदाधिकारियों द्वारा ग्रामीण हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण तथा विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025 के प्रावधानों की जानकारी क्यूआर कोड आधारित प्रणाली के माध्यम से दी गई। ग्रामीणों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त करने हेतु क्यूआर कोड स्कैन प्रणाली अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

मनरेगा के कार्य स्थलों पर आयोजित रोजगार दिवस के दौरान विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025 से संबंधित पम्पलेट का वितरण कर इसके प्रावधानों की जानकारी ग्रामीणों को दी गई तथा रोजगार अधिकारों पर चर्चा की गई।

इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्राम सचिव, रोजगार सहायक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

Continue Reading

कोरबा

कलेक्टर ने पीएम श्री विद्यालय करतला का किया निरीक्षण

Published

on

सर्वसुविधायुक्त, आदर्श विद्यालय बनाने के दिए निर्देश

छात्र-छात्राओं से हुए रूबरू

कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शुक्रवार को पीएम श्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय करतला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय को पीएम श्री योजना के मानकों के अनुरूप सर्वसुविधायुक्त एवं आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर श्री दुदावत ने विद्यालय के विभिन्न कक्षों, कंप्यूटर कक्ष, प्रायोगिक प्रयोगशाला, पुस्तकालय तथा खगोल प्रयोगशाला का अवलोकन करते हुए व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने विद्यालय परिसर की स्वच्छता पर असंतोष व्यक्त करते हुए तीन दिनों के भीतर समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर छात्र-छात्राओं से रूबरू हुए और उनसे उनकी पढ़ाई, विद्यालयीन सुविधाओं तथा आने वाली परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को तनावमुक्त होकर नियमित अध्ययन करने और पूरी लगन से परीक्षा की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया।

कलेक्टर ने विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया कि सभी विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर शिक्षा तथा खेल गतिविधियों की कक्षाएं नियमित रूप से संचालित की जाएं, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि विद्यालय परिसर में पड़े टूटे हुए फर्नीचर की मरम्मत कर उसे उपयोग में लाया जाए तथा जो फर्नीचर उपयोग योग्य न हो उसे नियमानुसार कबाड़ विक्रेता को विक्रय कर प्राप्त राशि का उपयोग विद्यालय हित में किया जाए।

निरीक्षण के पश्चात कलेक्टर ने विद्यालय के शिक्षकों के साथ बैठक कर शैक्षणिक गतिविधियों, अनुशासन तथा आधारभूत सुविधाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इस दौरान सीईओ जिला पंचायत दिनेश कुमार नाग, जिला शिक्षा अधिकारी टी.पी. उपाध्याय, ई-आरईएस अशोक कुमार जोगी,सीईओ जनपद पंचायत करतला वैभव कौशिक, एसडीओ एवं सब इंजीनियर सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

Continue Reading

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677