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अमेरिका ने PoK-अक्साई चिन को भारत का हिस्सा बताया:ट्रेड डील के बाद इंडियन मैप शेयर किया, सोशल मीडिया पर वायरल
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3 days agoon
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Divya Akashवॉशिंगटन डीसी,एजेंसी। भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को एक अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क घोषित किया। इस घोषणा के साथ अमेरिकी ट्रेड ऑफिस (USTR) ने इंडियन मैप शेयर किया।
इस मैप में पूरा जम्मू-कश्मीर क्षेत्र, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन (चीन के कब्जे वाला इलाका) हैं, उन्हें भारत का हिस्सा दिखाया गया है।
यह नक्शा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अमेरिका पहले के नक्शों में PoK को अलग से दिखाता था। अंतरराष्ट्रीय मंचों और पश्चिमी देशों के सरकारी नक्शों में भी विवादित हिस्सों को अलग रंग या ‘डॉटेड लाइन्स’ से दिखाया जाता है।
इस बार ट्रम्प प्रशासन ने जानबूझकर या अनजाने में एक ऐसा नक्शा शेयर किया जो भारत की सीमाओं को पूरी तरह मान्यता देता है। भारत हमेशा से जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न अंग मानता आया है।
अमेरिका ने यह इंडियन मैप शेयर किया है…

अमेरिकी ट्रेड ऑफिस (USTR) ने यह इंडियन मैप अंतरिम व्यापार समझौते के फ्रेमवर्क के ऐलान के साथ पोस्ट किया।
PoK को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से विवाद
भारत और पाकिस्तान के बीच PoK विवाद जम्मू-कश्मीर क्षेत्र से जुड़ा सबसे पुराना विवाद है। यह 1947 से चला आ रहा है और दोनों देशों के बीच युद्ध, तनाव और कूटनीतिक लड़ाई का कारण बना हुआ है।
विवाद की शुरुआत
- 1947: भारत-पाकिस्तान विभाजन- भारत के विभाजन के समय जम्मू-कश्मीर एक रियासत (प्रिंसली स्टेट) थी, जिसके महाराजा हरि सिंह हिंदू थे, लेकिन आबादी में मुस्लिम बहुमत में थे। विभाजन के नियम के अनुसार, रियासतें भारत या पाकिस्तान में शामिल हो सकती थीं या स्वतंत्र रह सकती थीं।
- 1947-48: पहला भारत-पाकिस्तान युद्ध- पाकिस्तान से आए मिलिशिया ने कश्मीर पर हमला किया। महाराजा हरि सिंह ने मदद के लिए भारत से संपर्क किया और 26 अक्टूबर 1947 को इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन (विलय पत्र) पर हस्ताक्षर किए, जिससे जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा बन गया। भारत ने सैन्य मदद भेजी।युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने क्षेत्र के पश्चिमी और उत्तरी हिस्से पर कब्जा कर लिया, जिसे अब PoK कहा जाता है। 1949 में UN की मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ और सीजफायर लाइन (बाद में लाइन ऑफ कंट्रोल – LoC) बनाई गई, जो दोनों देशों के नियंत्रण को अलग करती है।
- भारत का दावा- भारत कहता है कि पूरा जम्मू-कश्मीर (PoK सहित) उसका अभिन्न अंग है, क्योंकि महाराजा ने भारत में विलय किया था। 2019 में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। भारत PoK को अवैध कब्जा मानता है और इसे वापस लेने की बात करता है।
- पाकिस्तान का दावा- पाकिस्तान कहता है कि कश्मीर मुस्लिम बहुल क्षेत्र है, इसलिए वह पाकिस्तान का हिस्सा होना चाहिए। पाकिस्तान PoK को आजाद कश्मीर कहता है और वहां अपनी तरह की सरकार चलाता है। पाकिस्तान UN के पुराने प्रस्तावों का हवाला देता है, जिसमें कश्मीरियों को जनमत संग्रह का अधिकार देने की बात थी।
पाकिस्तानी PM बोले थे- कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा
अमेरिका ने यह मैप शेयर कर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 5 फरवरी को बयान जारी कर कहा था कि कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा।
शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीरियों के साथ मजबूती से खड़ा है और जम्मू-कश्मीर विवाद का हल कश्मीर के लोगों की इच्छा के मुताबिक होना चाहिए। शहबाज ने कहा कि जम्मू-कश्मीर विवाद का समाधान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के प्रस्तावों को लागू करने से ही हो सकता है।
उन्होंने कहा, ‘मैं पाकिस्तानी लोगों और पाकिस्तानी नेतृत्व की ओर से कश्मीर के अपने भाइयों के साथ एकजुटता दिखाने आया हूं।’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने इस क्षेत्र को पाकिस्तान की लाइफ लाइन बताया था।
शहबाज बोले- कश्मीर का मुद्दा हमारी फॉरेन पॉलिसी की नींव है
शहबाज शरीफ ने कहा कि कश्मीर का मुद्दा पाकिस्तान की फॉरेन पॉलिसी का आधार है। शहबाज ने भारत और पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए चार दिवसीय सैन्य संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने दावा किया कि इस संघर्ष के बाद कश्मीर मुद्दा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरी ताकत के साथ उठाया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारत अब प्रॉक्सी के जरिए आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। पाकिस्तान, मिलिटेंट ग्रुप बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) को भारत का समर्थन मिलने का दावा करता है, जबकि भारत ऐसे आरोपों को हमेशा खारिज करता रहा है।
1962 की जंग के बाद अक्साई चिन पर चीन का कब्जा
अक्साई चिन विवाद भारत और चीन के बीच सबसे पुराने और सबसे संवेदनशील सीमा विवादों में से एक है। यह क्षेत्र लद्दाख के पूर्वोत्तर हिस्से में स्थित एक ऊंचा, बंजर और ठंडा रेगिस्तानी इलाका है, जो लगभग 38,000 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।
अक्साई चिन तिब्बत को शिनजियांग प्रांत से जोड़ने वाला एकमात्र प्रमुख रास्ता प्रदान करता है। चीन ने यहां काराकोरम हाईवे (G219) बनाया है, जो उसकी सैन्य और व्यापारिक गतिविधियों के लिए बेहद जरूरी है। भारत इसे लद्दाख का अभिन्न हिस्सा मानता है और इस पर चीन का अवैध कब्जा मानता है।
इस क्षेत्र को जॉनसन लाइन (1865) के तहत भारत में दिखाया था, लेकिन बाद में मैकार्टनी-मैकडोनाल्ड लाइन (1899) ने इसे चीन के करीब दिखाया। 1947 में भारत के आजाद होने के बाद, जम्मू-कश्मीर के विलय के साथ भारत ने अक्साई चिन को अपना हिस्सा माना।
1950 के दशक में चीन ने चुपके से तिब्बत-शिनजियांग को जोड़ने वाली सड़क बनानी शुरू की, जिसकी जानकारी भारत को 1957-58 में मिली। भारत ने इसका विरोध किया, लेकिन चीन ने इसे अपना क्षेत्र बताया।
यह विवाद 1962 के भारत-चीन युद्ध का मुख्य कारण बना। युद्ध के बाद चीन ने लगभग 38,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर नियंत्रण बनाए रखा और लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) के रूप में वर्तमान सीमा बनाई गई। 1962 के युद्ध के बाद अक्साई चिन पर चीन का कब्जा बना रहा।
भारत-अमेरिका ने ट्रेड डील का फ्रेमवर्क जारी किया
भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को अंतरिम व्यापार समझौते (ITA ) का फ्रेमवर्क जारी किया है। इसके तहत भारतीय सामान पर अमेरिका का टैक्स 50% घटाकर 18% कर दिया गया है। रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया 25% अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है।
दोनों देशों ने कहा कि इस फ्रेमवर्क को जल्द लागू किया जाएगा और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की दिशा में बातचीत आगे बढ़ेगी। भारत-अमेरिका के संयुक्त बयान के मुताबिक, यह फ्रेमवर्क 13 फरवरी 2025 को शुरू हुई भारत-अमेरिका BTA वार्ता को आगे बढ़ाएगा।
इस समझौते में आगे चलकर बाजार पहुंच, सप्लाई चेन को मजबूत करने और ट्रेड बैरियर कम करने जैसे प्रावधान शामिल होंगे। इसके तहत भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं पर सभी टैरिफ खत्म या कम करेगा। कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 27.18 लाख करोड़ रुपए) के बाजार को खोलेगा।
उनके मुताबिक MSME, किसान और मछुआरे सबसे बड़े लाभार्थी होंगे और इससे महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। इसके अलावा भारत ने अगले पांच साल में अमेरिका से 500 अरब डॉलर (45 लाख 30 हजार करोड़ रुपए) के उत्पाद खरीदने पर सहमति जताई है।
भारत को इस समझौते से मिलने वाले लाभ
- अमेरिकी टैरिफ में कमी: भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका के टैरिफ को 18 प्रतिशत तक घटाया गया है, जिससे भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी।
- चुनिंदा उत्पादों पर जीरो टैरिफ: जेनेरिक दवाएं, रत्न और हीरे और विमान पार्ट्स पर पूरी तरह टैरिफ खत्म किया जाएगा, जिससे इन क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
- 30 ट्रिलियन डॉलर के बाजार तक पहुंच: भारतीय MSME, किसान, मछुआरे, महिलाओं और युवा उद्यमियों के लिए अमेरिकी बाजार में विस्तारित प्रवेश।
- निर्यात क्षेत्रों में बढ़ावा: टेक्सटाइल, चमड़ा और फुटवियर, प्लास्टिक और रबर उत्पाद, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प और कुछ मशीनरी में नए अवसर।
- सेक्शन 232 छूट: विमान पार्ट्स पर अमेरिकी सेक्शन 232 के तहत छूट मिलेगी।
- ऑटो पार्ट्स पर टैरिफ रेट कोटा: कुछ ऑटो कंपोनेंट्स के लिए अमेरिका में विशेष पहुंच मिलेगी।
- जेनेरिक दवाओं पर बेहतर शर्तें: भारतीय जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स के लिए टैरिफ और नियामक नियमों में सुधार।
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खेल
टी-20 वर्ल्डकप में भारत-पाकिस्तान मैच होगा:श्रीलंका के राष्ट्रपति से बातचीत के बाद मानी शहबाज सरकार, 15 फरवरी को मुकाबला
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11 hours agoon
February 10, 2026By
Divya Akashनई दिल्ली,एजेंसी। टी-20 वर्ल्ड कप में 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला होगा। पाकिस्तान सरकार ने सोमवार रात अपने X अकाउंट पर पोस्ट कर इसकी पुष्टि की।
पोस्ट में बताया गया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने फोन कर भारत के खिलाफ मैच खेलने की अपील की थी। इसके अलावा बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ने भी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से मुकाबला खेलने की सिफारिश की थी।
दरअसल, बांग्लादेश को टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर किए जाने के विरोध में पाकिस्तान ने 1 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने का ऐलान किया था। हालांकि उसने टूर्नामेंट के बाकी मुकाबले खेलने पर सहमति जता दी थी।
पाकिस्तान सरकार की पोस्ट

पोस्ट की खास बातें
- पाकिस्तान पीएम शहबाज शरीफ और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायके के बीच फोन पर बातचीत हुई। श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने श्रीलंका में प्रस्तावित भारत-पाकिस्तान मैच खेलने का अनुरोध किया।
- श्रीलंका के राष्ट्रपति ने कहा कि आतंकवाद के मुश्किल दौर में पाकिस्तान ने श्रीलंकाई क्रिकेट का पूरा समर्थन किया था। उसी भावना से पाकिस्तान से सहयोग की अपील करते हैं।
- प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने श्रीलंकाई राष्ट्रपति की भावनाओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों से चर्चा के बाद अंतिम फैसला श्रीलंका को बता दिया जाएगा। श्रीलंका मुश्किल समय में पाकिस्तान के साथ मजबूती से खड़ा रहा। हाल ही में श्रीलंका टीम ने पाकिस्तान दौरा रद्द न कर अहम सहयोग दिखाया।
- PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी ने पीएम को भारत-पाकिस्तान मैच पर हुई हालिया बैठकों की जानकारी दी। इन बैठकों में ICC और BCB के प्रतिनिधि भी शामिल थे।
- पाकिस्तान सरकार ने BCB के औपचारिक अनुरोध और श्रीलंका, यूएई सहित अन्य देशों के समर्थन पर विचार किया।
- सभी पक्षों से चर्चाओं और मित्र देशों के अनुरोधों को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने फैसला लिया। पाकिस्तान टीम 15 फरवरी 2026 को ICC मेंस टी-20 वर्ल्ड कप मैच खेलेगी।
PAK मीडिया का दावा- शर्तें मानी गईं
पाकिस्तान की मीडिया का दावा है कि PCB की शर्तें ICC ने मान ली गई हैं, लेकिन इंडिया टुडे की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ICC ने पाकिस्तान की तीनों मांगे खारिज कर दी हैं। ICC ने इस पर कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन उनकी ओर से जारी विज्ञप्ति में यह कहा गया है कि बांग्लादेश पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा। उन्हें भविष्य में एक ईवेंट भी दिया जाएगा।
पाकिस्तान ने ICC के सामने 3 शर्तें रखी थीं
बैठक में ICC की ओर से CEO संजोग गुप्ता वर्चुअल तरीके से जुड़े। भारत से खेलने के मुद्दे पर पाकिस्तान ने तीन शर्तें रखीं। पहली, ICC की कुल कमाई में पाकिस्तान का हिस्सा बढ़ाया जाए। दूसरी, भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज बहाल कराई जाए। तीसरी, मैदान पर हैंडशेक प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू किया जाए।
दरअसल, एशिया कप के दौरान पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय टीम ने पाकिस्तान खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया था। फिलहाल ICC रेवेन्यू मॉडल में पाकिस्तान चौथा सबसे बड़ा हिस्सेदार बोर्ड है। उसे कुल कमाई का करीब 5.75 फीसदी हिस्सा मिलता है। इससे ऊपर ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और भारत के बोर्ड हैं।
हमें रेवेन्यू में भारी नुकसान होगा- SLC
7 फरवरी को श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से इस मैच पर दोबारा विचार करने की अपील की थी। इसके बाद श्रीलंका क्रिकेट ने PCB को मेल लिखा। इसमें कहा गया है कि भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होने से श्रीलंका क्रिकेट को आर्थिक नुकसान होगा और टूर्नामेंट की इमेज को भी नुकसान होगा।
मेल पर श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने PCB से कहा कहा, हम भारत के साथ मिलकर इस टूर्नामेंट को होस्ट कर रहे हैं। अगर भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होता है तो हमें रेवेन्यू में भारी नुकसान होगा।
पाकिस्तान सरकार ने कहा था- वर्ल्डकप खेलेंगे, लेकिन भारत से नहीं
पाकिस्तान ने 1 फरवरी को घोषणा की कि वह टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेगा, लेकिन भारत के खिलाफ मैच का बॉयकॉट करेगा। पाकिस्तान सरकार ने यह फैसला इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के बांग्लादेश को टूर्नामेंट से हटाने के बाद लिया। बांग्लादेश सरकार ने भारत में खेलने को लेकर सुरक्षा चिंता जताई थी।
सरकार ने X पर एक पोस्ट में कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की सरकार, पाकिस्तान क्रिकेट टीम को ICC वर्ल्ड T20 2026 में हिस्सा लेने की मंजूरी देती है। हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ होने वाले मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी।

भारतीय टीम तय समय पर श्रीलंका जाएगी
टी-20 वर्ल्ड कप को लेकर BCCI सूत्रों ने साफ किया है कि भारतीय टीम तय कार्यक्रम के अनुसार ही श्रीलंका दौरे पर जाएगी। टीम 15 फरवरी से पहले श्रीलंका पहुंचेगी और ICC के सभी प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करेगी। हालांकि, मैच को लेकर अंतिम फैसला मैदान पर मौजूद मैच रेफरी द्वारा ही लिया जाएगा।

देश
भारत-PAK मैच, दिल्ली–मुंबई से कोलंबो फ्लाइट 5 गुना महंगी हुई:₹1.45 लाख तक खर्च करने होंगे, होटल का किराया ₹1.13 लाख तक पहुंचा
Published
11 hours agoon
February 10, 2026By
Divya Akashनई दिल्ली,एजेंसी। भारत और पाकिस्तान के बीच टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2026 का मैच 15 फरवरी को श्रीलंका के कोलंबो में शाम 7 बजे से खेला जाएगा। अगर आप इस मैच को देखने के लिए 14 और 15 फरवरी को फ्लाइट से कोलंबो जाना चाहते हैं, तो आपको 5 गुना तक किराया चुकाना पड़ेगा।
मेकमायट्रिप की वेबसाइट पर मंगलवार (10 फरवरी) को 14 और 15 फरवरी को दिल्ली-मुंबई से कोलंबो फ्लाइट का किराया एक पैसेंजर के लिए रू.1.45 लाख तक दिखा रहा है। आम दिनों में कोलंबो की डायरेक्ट फ्लाइट का किराया 30 हजार रुपए के आस-पास तक रहता है। वहीं कोलंबो में बड़े होटलों का किराया भी रू.1.14 लाख तक पहुंच गया है।
दिल्ली से कोलंबो फ्लाइट को 4 घंटे लगते हैं
दिल्ली से कोलंबो जाने में डायरेक्ट फ्लाइट से करीब 4 घंटे लगते हैं। मैच से एक दिन पहले 14 फरवरी को एअर इंडिया की नॉनस्टॉप फ्लाइट का किराया रू.90 हजार से रू.1.09 लाख तक है। वहीं श्रीलंकन एयरलाइंस का किराया रू.65 हजार से ₹1.45 लाख तक दिखा रहा है।
मैच के दिन रविवार (15 फरवरी) को शाम 7 बजे से पहले एअर इंडिया की नॉनस्टॉप फ्लाइट का किराया रू.1.09 लाख है। वहीं श्रीलंकन एयरलाइंस का किराया रू.66 हजार दिखा रहा है।

मुंबई से कोलंबो फ्लाइट को 3 घंटे लगते हैं
वहीं मुंबई से कोलंबो तक पहुंचने में डायरेक्ट फ्लाइट को करीब 3 घंटे लगते हैं। 14 फरवरी को एअर इंडिया की नॉनस्टॉप फ्लाइट का किराया रू.90 हजार तक है। वहीं श्रीलंकन एयरलाइंस का किराया रू.56 हजार तक दिखा रहा है।
15 फरवरी को शाम 7 बजे से पहले एअर इंडिया की नॉनस्टॉप फ्लाइट का किराया रू.28 हजार है। वहीं श्रीलंकन एयरलाइंस का किराया रू.66 हजार दिखा रहा है।
होटल का किराया रू.1.14 लाख तक पहुंचा
वहीं अगर आप 14 फरवरी और 15 फरवरी को कोलंबो में 3 स्टार, 4 स्टार या 5 स्टार जैसे बड़े होटलों में 2 लोगों के लिए रूम बुक करते हैं, तो एक नाइट का किराया रू.1.14 लाख तक है। आम दिनों में कोलंबो में बड़े होटलों का किराया रू.40 हजार तक रहता है। हालांकि, छोटे होटलों और गेस्ट हाउस में 2 से 3 हजार रुपए तक में भी रूम मिल जाएगा।
श्रीलंका की टूरिज्म इंडस्ट्री को सपोर्ट मिलेगा
श्रीलंका की टूरिज्म इंडस्ट्री इस समय संकट से गुजर रही है। श्रीलंका के सेंट्रल बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीलंका में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बाद भी कमाई में कमी आई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जनवरी 2026 में श्रीलंका आने वाले पर्यटकों से होने वाली कमाई में सालाना आधार पर करीब 5.6% की गिरावट आई है।
श्रीलंका को जनवरी 2025 में टूरिज्म से 400 मिलियन डॉलर यानी 3,622 करोड़ रुपए की कमाई हुई थी। वहीं जनवरी 2026 में यह कमाई गिरकर 378 मिलियन डॉलर यानी 3,423 करोड़ रुपए रह गई। ऐसे में श्रीलंका को उम्मीद है कि भारत-पाकिस्तान मैच के कारण काफी संख्या में लोग श्रीलंका पहुंचेंगे और वहां की टूरिज्म इंडस्ट्री को सपोर्ट मिलेगा।

देश
चांदी आज ₹3,759 बढ़ी, कीमत ₹2.57 लाख प्रति किलो:दो दिन में ₹12,495 महंगी; सोना ₹824 बढ़कर ₹1.56 लाख पर पहुंचा
Published
11 hours agoon
February 10, 2026By
Divya Akashनई दिल्ली,एजेंसी। चांदी-सोने के दाम में आज 10 फरवरी को लगातार दूसरे दिन तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, आज 10 फरवरी को एक किलो चांदी की कीमत 3,759 रुपए बढ़कर 2,57,424 रुपए किलो पर पहुंच गई है। सोमवार को इसका भाव 2,53,665 रुपए किलो था। इससे पहले शुक्रवार को चांदी की कीमत 2,44,929 रुपए किलो थी।
वहीं, आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 824 रुपए बढ़कर 1,55,700 रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले सोमवार को ये 1,54,876 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। सर्राफा बाजार में 29 जनवरी को सोने ने 1,76,121 रुपए और चांदी ने 3,85,933 रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था।
IBJA की सोने की कीमतों में 3% GST, मेकिंग चार्ज, ज्वेलर्स मार्जिन शामिल नहीं होता। इसलिए शहरों के रेट्स इससे अलग होते हैं। इन रेट्स का इस्तेमाल RBI सोवरेन गोल्ड बॉन्ड के रेट तय करने के लिए करता है। कई बैंक गोल्ड लोन के रेट तय करने के लिए इसे इस्तेमाल करते हैं।
41 दिन में सोना रू.22,505 और चांदी रू.1,49,568 महंगी हुई
इस साल अब तक सोने की कीमत 22,505 रुपए बढ़ चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,33,195 रुपए का था, जो अब 1,55,700 रुपए हो गया है।
वहीं, चांदी 27,004 रुपए महंगी हो गई है। 31 दिसंबर 2025 को एक किलो चांदी की कीमत 2,30,420 रुपए थी, जो अब 2,57,424 रुपए प्रति किलो पहुंच गई है।
सस्ते दामों पर खरीदारी कर रहे लोग
पिछले तीन कारोबारी सत्रों में सोने-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट आई थी। इस दौरान सोना करीब 15% तक सस्ता हो गया था।अब कीमतें स्थिर होते ही निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी शुरू कर दी है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि अभी सोने-चांदी में एकमुश्त पैसा लगाने से बचना चाहिए। इसकी जगह धीरे-धीरे निवेश करना ज्यादा फायदेमंद होगा।
2025 में सोना 75% और चांदी 167% महंगी हुई
2025 में सोना 57 हजार रुपए (75%) बढ़ा है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो 31 दिसंबर 2025 को 1,33,195 रुपए हो गया।
चांदी इस दौरान 1.44 लाख रुपए (167%) बढ़ी। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी 86,017 रुपए की थी, जो साल के आखिरी दिन 2,30,420 रुपए प्रति किलो हो गई।
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान
1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।
2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।


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