रायपुर,एजेंसी। शिक्षा के अधिकार कानून (RTE) के तहत निजी स्कूलों को दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने इस संबंध में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव को पत्र भेजकर प्रतिपूर्ति राशि में बड़ा इजाफा करने की मांग की है।
मांग पूरी नहीं होने पर असहयोग आंदोलन की चेतावनी भी दी है। यानी RTE के तहत प्रवेश पाने वाले स्टूडेंट्स का एडमिशन प्रभावित हो सकता है।
एसोसिएशन ने बताया कि, RTE के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि पिछले 13 वर्षों से नहीं बढ़ाई गई। जबकि इसी अवधि में विधायकों की सैलरी 255%, IAS अधिकारियों की सैलरी 136%, राज्य और केन्द्र के ग्रेड 1 कर्मचारियों की सैलरी क्रमश: 158 और 136% तक बढ़ी है।
हाईकोर्ट ने 6 महीने में निर्णय लेने के दिए थे आदेश
पूरे मामले को लेकर एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए HC बिलासपुर ने 19 सितंबर 2025 को अंतिम आदेश पारित किया था। कोर्ट ने राज्य सरकार को 6 माह के भीतर एसोसिएशन की मांगों पर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है।
प्रतिपूर्ति राशि में बढ़ोतरी की यह है मांग
एसोसिएशन ने मंत्री को भेजे पत्र में मांग की है कि, प्राथमिक कक्षाओं में प्रतिपूर्ति राशि रू.7,000 से बढ़ाकर रू.18,000 प्रति विद्यार्थी/वर्ष, माध्यमिक कक्षाओं में रू.11,500 से बढ़ाकर रू.22,000 और हाई व हायर सेकेंडरी में अधिकतम सीमा रू.15,000 से बढ़ाकर रू.25,000 किया जाए। साथ ही बढ़ी हुई राशि पिछले 3 वर्षों से एरियर सहित दिए जाने की भी मांग की गई है।
13 साल में सैलरी बढ़ी, लेकिन शिक्षा बजट जस का तस
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि, बीते 13 वर्षों में विधायकों की इन-हैंड सैलरी रू.45,000 से बढ़कर रू.1.60 लाख हो गई। आईएएस अधिकारियों की एंट्री लेवल सैलरी रू.45,000 से बढ़कर रू.1.06 लाख से अधिक हो गई।
राज्य और केंद्र सरकार के ग्रेड-1 अधिकारियों के वेतन में भी दोगुने से अधिक की वृद्धि हुई इसके बावजूद गरीब विद्यार्थियों की शिक्षा पर होने वाले खर्च के लिए दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई।
असहयोग आंदोलन की चेतावनी
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन असहयोग आंदोलन करने पर मजबूर होगी। संगठन का कहना है कि यह न केवल शिक्षा के अधिकार कानून की भावना के खिलाफ है, बल्कि हाईकोर्ट के आदेश की भी अनदेखी है।
कोरबा। आरजीआई पोर्टल से आनलाईन जन्म-मृत्यु पंजीयन हेतु 13 फरवरी को जनपद पंचायत पोंड़ी उपरोड़ा के सभाकक्ष में प्रातः 11 बजे से अपरांह 01 बजे तक तथा दोपहर 02 बजे से 04 बजे तक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। प्रशिक्षण जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय के अधिकारियों द्वारा दिया जायेगा। जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी ने बताया कि प्रातः 11 बजे से अपरांह 01 बजे तक आयोजित प्रशिक्षण में जनपद पंचायत पोंड़ीउपरोड़ा अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पोंड़ीउपरोड़ा, समस्त प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल रहेंगे और दोपहर 02 बजे से 04 बजे तक आयोजित प्रशिक्षण में जनपद पंचायत पोंड़ीउपरोड़ा अंतर्गत समस्त ग्राम पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण दिया जायेगा।
कोरबा। कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ,जिला कोरबा द्वारा जारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत विभिन्न रिक्त संविदा पदों पर पात्र इच्छुक अभ्यर्थियों से 27 फरवरी शाम 5.30 बजे तक आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के सूचना पटल पर देखा जा सकता है एवं जिला कोरबा के बेबसाईट www.korba.gov. in में उपलब्ध है जिसका अवलोकन किया जा सकता है।
रोजगार मूलक ट्रेड प्रारंभ कर प्रशिक्षण आयोजित करने के दिए निर्देश
कोरबा। भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिले के सभी मतदान केंद्रों, सभी हायर सेकेण्डरी स्कूलों, कॉलेजों, उच्च शैक्षणिक संस्थानों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब गठित की जा रही हैं। इसी कड़ी में आज 11 फरवरी को शासकीय नवीन महाविद्यालय पाली में सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह की उपस्थिति में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ई.एल.सी) का गठन किया गया। इस अवसर पर मतदाता साक्षरता क्लब (ई.एल.सी.) एवं विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर) के महत्व पर केंद्रित कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में उपस्थित ई.एल.सी. क्लब के मेंबर्स, युवा छात्र -छात्राओं को सम्बोधित करते हुए सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने मतदाता साक्षरता क्लब के गठन के उद्देश्यों के बारें में बताया। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) के महत्व के बारें में जानकारी देते हुए मज़बूत लोकतंत्र के निर्माण में युवाओं को एक मतदाता के रूप में पंजीकृत होकर अपनी जिम्मेदारी पूरी करने के लिए प्रेरित किये। सहायक जिला स्वीप नोडल अधिकारी ने नवीन मतदाता के रूप में पहली बार मतदाता बनने जा रहें सभी युवाओं को राष्ट्र के प्रति अपने कर्त्तव्य को निभाने के लिए एक मतदाता के रूप में अनिवार्य रूप से अपना नाम पंजीकृत करवाने के लिए अपील की।
इस अवसर पर डॉ. हर्ष पांडेय प्राध्यापक समाजशास्त्र एवं मतदाता साक्षरता क्लब के मेम्बर्स छात्र -छात्राओं ने भी अपने विचार प्रस्तुत किये। महाविद्यालय की छात्राओं के द्वारा आकर्षक रंगोली बनाई गई एवं हाथों में मेंहदी सजाकर मतदाता साक्षरता क्लब एवं एस.आई.आर.के महत्व को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती रीता पटेल महाविद्यालयीन स्वीप नोडल अधिकारी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण – टी.आर. कश्यप, डॉ.शेख तस्लीम अहमद, डॉ. कविता ठक्कर, संत राम खांडेकर, वर्षा लकड़ा सहित बड़ी संख्या में महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।