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छत्तीसगढ़

महासमुद : नीति आयोग की महानिदेशक निधि छिब्बर ने पिथौरा में की आकांक्षी विकासखंड एवं संपूर्णता अभियान 2.0 की समीक्षा

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लक्ष्य प्राप्ति के साथ निरंतरता और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर दिया जोर

शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, पशुपालन एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े संकेतकों की विस्तृत समीक्षा

आंगनवाड़ी, विद्यालय एवं दुग्ध उत्पादन केंद्रों का किया स्थल निरीक्षण

आंगनवाड़ी, विद्यालय एवं दुग्ध उत्पादन केंद्रों का किया स्थल निरीक्षण

महासमुद। महानिदेशक नीति आयोग, नई दिल्ली एवं जिले की प्रभारी सचिव श्रीमती निधि छिब्बर ने आज महासमुद के आकांक्षी विकासखंड पिथौरा  प्रवास कर विभिन्न विकास योजनाओं एवं संपूर्णता अभियान 2.0 की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, कौशल विकास, महिला एवं बाल विकास, स्वच्छता तथा आधारभूत संरचना से संबंधित योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गई। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, नीति आयोग के अपर सचिव सतीश गोस्वामी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

लक्ष्य प्राप्ति के साथ निरंतरता और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर

श्रीमती छिब्बर ने कहा कि केवल संकेतकों के लक्ष्य को पूर्ण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें निरंतर चलने वाली प्रक्रिया के रूप में अपनाते हुए गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने संबंधितों को निर्देश दिए कि योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए और प्राप्त उपलब्धियों को स्थायी परिणामों में बदला जाए। जिले में दुग्ध उत्पादन एवं डेयरी उद्योग की संभावनाओं को देखते हुए पशुपालन विभाग को विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने तथा बैंक लिंकेज के माध्यम से सशक्त बनाने पर बल दिया गया। उन्होंने सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने की आवश्यकता भी रेखांकित की।

संपूर्णता अभियान 2.0 के अंतर्गत जिले की प्रमुख उपलब्धियां

बैठक में बताया गया कि 31 दिसंबर 2025 तक जिले में अधिकांश लक्ष्यों की प्राप्ति हो चुकी है। जन्म के समय जीवित शिशुओं के वजन मापन में 100 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है और कुल 12 हाजर 318 नवजात शिशुओं का वजन मापा गया है। क्षय रोग अधिसूचना दर को 81 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके अंतर्गत 1,200 अनुमानित मामलों में से 973 मामलों की पहचान की जा चुकी है। ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस का आयोजन 96.09 प्रतिशत आंगनवाड़ी केंद्रों में किया गया है। जिले के सभी 1 हजार 956 विद्यालयों में बालिकाओं के लिए क्रियाशील शौचालय उपलब्ध हैं, जिससे इस सूचकांक में 100 प्रतिशत लक्ष्य पहले ही प्राप्त कर लिया गया है। पशुपालन क्षेत्र में भी 99.61 प्रतिशत पशुओं का टीकाकरण पूर्ण किया जा चुका है और अप्रैल 2026 तक इसे 100 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

पिथौरा विकासखंड में उल्लेखनीय प्रगति

आकांक्षी विकासखंड पिथौरा में संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत 28 जनवरी से 14 अप्रैल 2026 तक विभिन्न प्रमुख सूचकांकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आईसीडीएस योजना के अंतर्गत 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को नियमित अनुपूरक पोषण प्रदान करने में 86.77 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई है, जिसमें 16 हजार 800 पात्र बच्चों में से 13 हजार 107 बच्चों को 21 दिनों से अधिक समय तक पोषण आहार दिया गया है। मार्च 2026 तक इसे 95 प्रतिशत तथा अप्रैल तक 100 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य है। आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की माप-तौल की दक्षता 99.86 प्रतिशत दर्ज की गई है। 358 संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों में से 356 में शौचालय सुविधा उपलब्ध है तथा 349 केंद्रों में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। क्षेत्र के 493 विद्यालयों में बालिकाओं के लिए पर्याप्त शौचालय उपलब्ध हैं। पशुधन स्वास्थ्य के क्षेत्र में एफएमडी (खुरपका-मुंहपका) टीकाकरण अभियान के तहत लक्षित 41 हजार 250 गोवंश पशुओं के विरुद्ध 41 हजार 324 पशुओं का टीकाकरण कर 100 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि हासिल की गई है।

आंगनवाड़ी, विद्यालय एवं दुग्ध उत्पादन केंद्रों का निरीक्षण

नीति आयोग की महानिदेशक श्रीमती छिब्बर ने लहरौद आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर बच्चों के पोषण स्तर, नियमित उपस्थिति, टीकाकरण, साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था एवं रजिस्टर संधारण की समीक्षा की। उन्होंने गर्भवती एवं धात्री माताओं को प्रदाय की जा रही पोषण एवं पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता का भी परीक्षण किया। नवीन प्राथमिक विद्यालय लहरौद में कक्षाओं का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से संवाद किया, शैक्षणिक स्तर की जानकारी ली तथा मध्यान्ह भोजन योजना, छात्र उपस्थिति एवं आधारभूत सुविधाओं का अवलोकन किया। इसके अतिरिक्त ग्राम गोड़बहाल में महिला समूहों द्वारा संचालित दुग्ध व्यवसाय का निरीक्षण कर महिलाओं को आजीविका विस्तार एवं बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

समयबद्ध लाभ वितरण एवं गुणवत्ता सुधार के निर्देश

निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने संबंधित अधिकारियों को शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने, नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों का पोषण और शिक्षा जिले की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इन क्षेत्रों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। इस अवसर पर जिला प्रशासन एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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कोरबा

कोरबा कार्बन फैक्ट्री में टैंक फटा:कर्मचारी बाल-बाल बचे, दमकल ने आग पर पाया काबू

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कोरबा। कोरबा के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक कार्बन फैक्ट्री में सोमवार दोपहर एक टैंक फट गया। इस घटना से मौके पर हड़कंप मच गया, हालांकि प्लांट के अंदर काम कर रहे कर्मचारी बाल-बाल बच गए। एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

यह फैक्ट्री कार्बन बनाने का काम करती है। इसमें बाहर से टैंकरों के माध्यम से तरल पदार्थ लाकर टैंकों में रखा जाता है, जहां कार्बन तैयार किया जाता है। टैंक फटने के समय फैक्ट्री में कई महिला और पुरुष कर्मचारी मौजूद थे। टैंक फटने के बाद गर्म हार्ड पीच फैक्ट्री के अंदर फैल गया, जो बेहद गर्म था और किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता था।

टैंक फटने के बाद गर्म हार्ड पीच फैक्ट्री के अंदर फैल गया

टैंक फटने के बाद गर्म हार्ड पीच फैक्ट्री के अंदर फैल गया

गर्म पीच को पानी,फायर फोम की मदद से ठंडा किया गया

फैक्ट्री कर्मचारियों ने तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी। सीएसईबी के दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और गर्म पीच को पानी तथा फायर फोम की मदद से ठंडा किया। सीएसईबी के फायरमैन धर्मेंद्र कुमार पटेल ने बताया कि फायर टीम को इंडस्ट्रियल एरिया में टैंक फटने की सूचना मिली थी, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर दो टैंकर पानी और फोम का छिड़काव कर स्थिति को नियंत्रित किया गया।

टैंक फटने से अस पास फिला मलबा और गर्म हार्ड पीच पर फोम का छिड़काव पर किया गया

टैंक फटने से अस पास फिला मलबा और गर्म हार्ड पीच पर फोम का छिड़काव पर किया गया

फैक्ट्री में औद्योगिक नियमों का उल्लंघन:स्थानीय लोग

स्थानीय लोगों का आरोप है कि फैक्ट्री में औद्योगिक नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है और संबंधित अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कहीं न कहीं लापरवाही के कारण ही यह घटना सामने आई है। फैक्ट्री के बाहर कोई बोर्ड भी नहीं लगा है, जिससे यह पता चल सके कि यहां क्या काम होता है।

इंडस्ट्रियल एरिया से निकलने वाले जहरीले केमिकल और धुएं से आसपास के लोग, खासकर पुलिस लाइन में रहने वाले परिवार, काफी परेशान हैं। इस संबंध में पर्यावरण विभाग से भी शिकायतें की जा चुकी हैं।

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कोरबा

कोरबा में निर्माणाधीन मकान की दीवार गिरी:पड़ोस के घर में सो रहे पति-पत्नी और बच्चा मलबे में दबे, हालत गंभीर

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कोरबा/कुसमुंडा। कोरबा में रविवार देर रात संतोष वर्मा के निर्माणाधीन मकान की तीसरी मंजिल की दीवार गिर गई। यह दीवार बगल में स्थित अजय धनवार के घर पर गिरी, जिससे अजय धनवार, उनकी पत्नी और उनका छोटा बच्चा मलबे में दब गए।

घटना कुसमुंडा थाना क्षेत्र के प्रेम नगर की है। हादसा तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश के दौरान हुआ। मौसम खराब होते ही निर्माणाधीन मकान की ऊपरी दीवार कमजोर होकर सीधे अजय धनवार के घर की छत पर गिर गई।

छप्पर टूटा, घर में मचा हड़कंप

इससे छप्पर टूट गया और सैकड़ों ईंटें घर के अंदर जा गिरीं। घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे तीनों लोगों को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल तीनों को तत्काल मोहल्लेवासियों की मदद से कोरबा अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घरेलू सामान को भारी नुकसान

हादसे में घर के अंदर रखा दोपहिया स्कूटर, बर्तन, बिस्तर और अन्य घरेलू सामान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। मकान के भीतर अभी भी ईंटों का मलबा पड़ा हुआ है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का ध्यान नहीं रखा गया था, जिसके कारण तेज हवा और बारिश में दीवार गिर गई।

लापरवाही के आरोप, पुलिस जांच में जुटी

लोगों ने निर्माणकर्ता की लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की है। पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। यह घटना निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का एक गंभीर मामला बनकर सामने आई है।

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कोरबा

राजस्व कार्यों में गंभीर लापरवाही और भू-अभिलेखों में हेराफेरी पर पटवारी निलंबित

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कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शासकीय कार्यों के प्रति उदासीनता और घोर लापरवाही बरतने के कारण पटवारी दीपक कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। तहसीलदार भैंसमा द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर यह पाया गया कि श्री सिंह ने अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन करने में गंभीर अनियमितताएं की हैं, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन है।  
जांच के दौरान ग्राम करूमौहा में राजस्व अभिलेखों के साथ बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की पुष्टि हुई है, जिसमें खसरा नंबर 176/1/ख/1 के वास्तविक रकबे 0.016 हेक्टेयर को नियम विरुद्ध तरीके से बढ़ाकर 1.600 हेक्टेयर दर्ज कर दिया गया था। इसी प्रकार एक अन्य मामले में खसरा नंबर 84/4 ख के रकबे को 0.710 हेक्टेयर से बढ़ाकर सीधे 71.000 हेक्टेयर कर दिया गया और बिना किसी वैध आदेश के इसे ऑनलाइन भुइयां पोर्टल पर दर्ज कर दिया गया।  
इन गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए पटवारी को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय पसान निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

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