छत्तीसगढ़
कभी नहीं मनाया त्योहार..सरेंडर के बाद नक्सलियों ने उड़ाए गुलाल:कांकेर-महासमुंद में जश्न के साथ नाचे, अबूझमाड़ के कुतुल में 75 साल बाद पहली होली
कांकेर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के जंगलों में रहकर जो नक्सली कभी कोई त्योहार पर्व नहीं मनाते थे। वो सरेडंर करने के बाद अब होली पर एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर खुशी मनाते नजर आए। कांकेर जिले के भानुप्रतापुर स्थित मुल्ला चौगेल पुनर्वास केंद्र में सरेंडर नक्सलियों ने जमकर होली खेली।
वहीं, नारायणपुर में अबूझमाड़ के जंगलों में जहां कभी खून बहता था, वहां अब रंग-अबीर उड़ाते हुए एक-दूसरे को गले लगाया और नई जिंदगी की शुरुआत का जश्न मनाया। इसके साथ ही उन्होंने पुलिसकर्मियों को भी रंग लगाया।
महासमुंद में 2 दिन पहले सरेंडर किए BBM के 15 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने जमकर होली खेली। इसके साथ ही जो इलाका नक्सल मुक्त हो गया है। वहां के ग्रामीणों और बच्चों ने भी बिना किसी डर के त्योहार मनाया। अबूझमाड़ के कुतुल एरिया में आजादी के बाद पहली बार होली खेली गई।

भानुप्रतापुर- मुल्ला चौगेल पुनर्वास केंद्र में रंग, गुलाल और ढोल की थाप के बीच सरेंडर नक्सली अपनों के साथ खुशियां बांटते नजर आए।

महासमुंद- 2 दिन पहले हथियार डालने वाले बीबीएम डिवीजन के 15 सरेंडर नक्सलियों ने अपने जीवन में पहली बार होली मनाया।

सेलिब्रेशन के दौरान आत्मसमर्पण नक्सलियों ने जमकर डांस किया।

अबूझमाड़ का कुतुल एरिया जिसे नक्सलियों की राजधानी कहा जाता था। वहां आजादी के बाद पहली बार होली मनाई गई है।
कांकेर पुनर्वास केंद्र में हैं 40 सरेंडर नक्सली
कांकेर जिले के भानुप्रतापुर मुल्ला चौगेल पुनर्वास केंद्र में टोटल 40 सरेंडर नक्सली रह रहे हैं। इन्हें यहां कौशल प्रशिक्षण (सिलाई, ड्राइविंग, मैकेनिक कार्य) दिया जा रहा है, ताकि वे नई जिंदगी शुरू कर सकें। बुधवार (4 मार्च) को यहां सरेंडर नक्सलियों ने पहली बार होली मनाया।
प्रशासनिक अधिकारी को भी दीं शुभकामनाएं
इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारी भी पुनर्वास केंद्र पहुंचे और मुख्यधारा में लौटे युवाओं को होली की शुभकामनाएं दीं। अधिकारियों ने कहा कि शासन की पुनर्वास नीति का उद्देश्य भटके हुए युवाओं को समाज में सम्मानपूर्वक पुनर्स्थापित करना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर सामान्य जीवन जी सकें।

नई जिंदगी की शुरुआत का जश्न मनाते सरेंडर नक्सली।
आजादी के बाद इस गांव में पहली होली
नक्सल प्रभावित जिला नारायणपुर का अधिकांश हिस्सा नक्सल मुक्त हो गया है। यहां के ग्रामीण अब बिना किसी डर के रह रहे हैं। इसी क्रम में अबूझमाड़ के कुतुल एरिया जिसे नक्सलियों की राजधानी कहा जाता था। वहां आजादी के बाद पहली बार होली मनाई गई है।
सुरक्षा बलों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों के बाद इस साल यहां पहली बार ग्रामीणों और बच्चों ने खुले दिल से होली का पर्व मनाया। यहां पहली बार डर और दहशत को भुलाकर लोग होली के रंग में रंगे दिखाई दिए।

कुतुल एरिया में इस साल यहां पहली बार ग्रामीणों और बच्चों ने खुले दिल से होली का पर्व मनाया।
महासमुंद में 2 दिन पहले सरेंडर किए नक्सलियों की होली
महासमुंद जिले में 2 दिन पहले बीबीएम डिवीजन के 15 नक्सलियों ने हथियार डाला था। उन्होंने 4 मार्च को पुनर्वास केंद्र में जमकर होली खेली। इसका वीडियो खुद गृहमंत्री विजय शर्मा ने अपने सोशल मीडिया में शेयर किया है। उन्होंने लिखा कि सरेंडर नक्सलियों के चेहरों की मुस्कान बताती है कि पुनर्वास सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि नए जीवन की शुरुआत है।

सरेंडर नक्सलियों के होला का ये वीडियो गृहमंत्री विजय शर्मा ने शेयर किया है।

2 दिन पहले महासमुंद में 73 लाख के इनामी 15 नक्सलियों ने सरेंडर किया था।
कोरबा
सड़क दुर्घटना रोकने बालको प्रबंधन और ट्रांसपोर्ट्स की पुलिस ने ली बैठक
कोरबा। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने पुलिस प्रशासन ने सजग कोरबा, सतर्क कोरबा अभियान के तहत जरूरी कवायद शुरू कर दी है।

इसके तहत बुधवार को एएसपी लखन पटले ने बालको थाना में बालको प्रबंधन और ट्रांसपोर्टरों की संयुक्त बैठक ली। इस दौरान उनके साथ सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी और थाना प्रभारी युवराज तिवारी भी मौजूद रहे। एएसपी पटले ने बैठक में सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क पर भारी वाहनों के कारण होने वाली रात्रि दुर्घटनाओं को रोकने अब सुरक्षा मानकों में कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने सभी ट्रांसपोर्टरों को निर्देशित किया कि सभी भारी वाहनों के पीछे रेडियम पट्टी (रिफ्लेक्टिव टेप) लगाना अनिवार्य है, ताकि रात के अंधेरे में वाहन दूर से दिखाई दे सकें। आने वाले दिनों में विशेष अभियान चलाकर वाहनों की चेकिंग की जाएगी। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों और मालिकों पर भारी जुर्माना ठोका जाएगा।
कोरबा
कोरबा के SECL कुसमुंडा खदान में चलती डम्फर में आग:शॉर्ट सर्किट से लगी, ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान
कोरबा। कोरबा में एसईसीएल कुसमुंडा परियोजना के गोदावरी फेंस में बुधवार देर रात एक चलती 100 टन क्षमता वाली डम्फर में आग लग गई। कोयला परिवहन कर रही इस डम्फर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। पीछे चल रही दूसरी गाड़ी के ड्राइवर की सतर्कता से डम्फर ड्राइवर ने कूदकर अपनी जान बचाई।

यह घटना बुधवार रात करीब 11:30 बजे कुसमुंडा खदान के गोदावरी फेंस एरिया में हुई। एसईसीएल की 100 टन डम्फर कोयला लेकर जा रही थी, तभी अचानक उसके इंजन से धुआं उठने लगा।

डम्फर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी।
कुछ ही सेकण्ड्स में आग की लपटें दिखी
पीछे चल रहे दूसरे डम्फर के ड्राइवर ने आग देखकर हॉर्न बजाकर आगे वाले ड्राइवर को सतर्क किया। कुछ ही सेकंड में आग की लपटें निकलने लगीं।
दमकल आते तक गाड़ी का एक हिस्सा जल कर खाक
बताए जाने पर डम्फर ड्राइवर ने तुरंत गाड़ी को साइड में खड़ा किया और कूदकर बाहर निकल आया। इसके तुरंत बाद पूरी डम्फर आग की चपेट में आ गई। खदान में काम कर रहे कर्मचारियों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
दमकल के पहुंचने तक डम्फर का एक बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो चुका था। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया।

दूसरी गाड़ी के ड्राइवर की सतर्कता से डम्फर ड्राइवर ने कूदकर अपनी जान बचाई।

दमकल के पहुंचने तक डम्फर का एक बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो चुका था।
खदान में पहले भी हुई है इसी घटनाएं
कुसमुंडा खदान में डम्फर में आग लगने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार शॉर्ट सर्किट और तकनीकी खराबी के कारण एसईसीएल के भारी वाहनों में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। खदान कर्मियों का आरोप है कि वाहनों का नियमित रखरखाव न होने और पुराने डम्फरों के इस्तेमाल से ऐसे हादसे हो रहे हैं।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही एसईसीएल कुसमुंडा प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट होने की बात कही है । मामले की विस्तृत तकनीकी जांच कराई जा रही है।
कोरबा
शराब के लिए पैसे न देने पर बेटे ने ईंट से हमला कर पिता को मौत के घाट उतारा
कोरबा। कोरबा उरगा थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद के चलते अपने पिता की हत्या करने वाले नाबालिग (17) के विरुद्ध पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। आरोपी नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के सामने प्रस्तुत किया गया है। पुलिस ने घटना में उपयोग ईंट भी बरामद कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, उरगा थाना क्षेत्र के एक गांव में 46 वर्षीय व्यक्ति का अपने नाबालिग बेटे से घरेलू बातों और पैसों को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में आकर नाबालिग ने अपने पिता के सिर और चेहरे पर ईंट से हमला कर दिया। इस हमले में पिता को गंभीर चोटें आईं।

पुलिस ने घटना में उपयोग ईंट भी बरामद कर लिया है, जिस से नाबालिग ने अपने पिता को मार डाला।
इलाज के दौरान घायल पिता की मौत हो गई
घटना के बाद परिजनों ने घायल को तुरंत जिला हॉस्पिटल कोरबा पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया। बिलासपुर में इलाज के दौरान 7 अप्रैल को घायल पिता की मौत हो गई। मर्ग डायरी प्राप्त होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।
पुलिस की कार्रवाई
मौत की पुष्टि होते ही, थाना उरगा में 28 अप्रैल को अपराध क्रमांक 257/2026, धारा 103 बीएनएस के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने नाबालिग से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
बेटा शराब पीने का आदी था
बताया जा रहा है कि नाबालिग बेटा शराब पीने का आदी था। घटना वाले दिन उसने शराब के लिए पैसे मांगे थे और पैसे न मिलने पर उसने पिता पर हमला कर दिया था। मृतक की उम्र लगभग 46 साल बताई जा रही है, जबकि नाबालिग की उम्र करीब 17 साल है।

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