खेल
सैंटनर बोले- वर्ल्डकप ट्रॉफी के लिए अरबों दिल तोड़ेंगे:भारत पर जीत का दबाव, अफ्रीकी बॉलर डेल स्टेन बोले- कीवी हारे तो चोकर्स टैग उनका
अहमदाबाद, एजेंसी। टी-20 वर्ल्डकप 2026 के फाइनल से पहले न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने कहा कि ट्रॉफी जीतने के लिए अगर अरबों भारतीय प्रशंसकों का दिल तोड़ना पड़े तो भी उन्हें ऐतराज नहीं होगा। उन्होंने माना कि घरेलू मैदान पर खेलने की वजह से भारत पर खिताब जीतने का दबाव ज्यादा रहेगा।
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को होने वाले फाइनल से पहले सैंटनर ने कहा कि मुकाबले में भारत के टॉप ऑर्डर के विकेट अहम होंगे। भारतीय टीम मजबूत है, लेकिन सही समय पर शुरुआती विकेट निकालना मैच का रुख बदल सकता है।
हम पूरी तैयारी के साथ उतरेंगे- सैंटनर
न्यूजीलैंड कप्तान ने कहा कि टीम फाइनल मुकाबले को लेकर उत्साहित है और खिलाड़ियों में अच्छा माहौल है। उनके मुताबिक वर्ल्ड कप फाइनल एक मैच का मुकाबला होता है, इसलिए टीम पूरी तैयारी के साथ उतरेगी।
सैंटनर ने बताया कि उन्होंने अभी पिच नहीं देखी है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि अहमदाबाद में रन ज्यादा बन सकते हैं। उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की भी तारीफ की। बुमराह इस टूर्नामेंट में अब तक 10 विकेट ले चुके हैं और उनकी यॉर्कर व बाउंसर किसी भी बल्लेबाज के लिए चुनौती हैं।
वर्ल्ड कप फाइनल का प्रेशर अलग होता है- सैंटनर
सैंटनर ने कहा कि न्यूजीलैंड की टीम पूरे टूर्नामेंट में कई बार मुश्किल हालात से गुजरी है और उन अनुभवों से टीम ने काफी सीखा है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ल्ड कप फाइनल द्विपक्षीय सीरीज से अलग होता है। उन्होंने साफ कहा कि अगर मौका मिला तो न्यूजीलैंड मेजबान टीम की उम्मीदों को तोड़ते हुए ट्रॉफी जीतने से पीछे नहीं हटेगा।

टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले से पहले मिचेल सैंटनर प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए।
टॉप ऑर्डर का विकेट लेना जरूरी
भारत की आक्रामक बल्लेबाजी को लेकर सैंटनर ने कहा कि भारतीय टीम शुरुआत से ही तेजी से रन बनाती है और अंत तक उसी अंदाज में खेलती है। ऐसे में न्यूजीलैंड के लिए शुरुआती विकेट लेना बहुत जरूरी होगा।
उन्होंने कहा कि फाइनल का महत्व अपनी जगह है, लेकिन टीम का फोकस वही रहेगा जो हर मैच में होता है। उनके मुताबिक असली फर्क मैदान पर बेहतर तरीके से योजना को लागू करने से पड़ेगा।
मुकाबला हाई स्कोरिंग हो सकता है- सैंटनर
सैंटनर ने कहा कि मुकाबला हाई स्कोरिंग हो सकता है, इसलिए गेंदबाजों के लिए रन गति को नियंत्रित करना अहम होगा। अगर विपक्षी टीम को 250 के बजाय करीब 220 रन पर रोका जाए तो मैच जीतने की संभावना बढ़ जाती है।
वरुण शानदार बॉलर- सैंटनर
भारतीय स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को लेकर सैंटनर ने कहा कि वह शानदार गेंदबाज हैं और पिच स्पिनरों के अनुकूल हुई तो असरदार साबित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार फ्लैट पिच पर गेंदबाजों को ज्यादा रन भी पड़ते हैं, लेकिन एक अच्छा मैच पूरे टूर्नामेंट की तस्वीर बदल सकता है।
उन्होंने अंत में कहा कि फाइनल में सबसे जरूरी चीज लगातार एक जैसी सोच के साथ खेलना और अपनी योजना पर टिके रहना है।
डेल स्टेन बोले- न्यूजीलैंड 3 फाइनल हारा
पूर्व साउथ अफ्रीकी तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने कहा है कि साउथ अफ्रीका को न्यूजीलैंड ने पहले सेमीफाइनल में हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। स्टेन ने कहा कि लोग अक्सर साउथ अफ्रीका को चोकर्स कहते हैं, लेकिन न्यूजीलैंड ने हमसे ज्यादा ICC इवेंट्स के फाइनल खेले हैं, लेकिन ट्रॉफी नहीं जीत पाया।
एक यूट्यूब चैनल पर एबी डिविलयर्स से बातचीत के दौरान स्टेन ने यह बात कही। स्टेन ने कहा कि वह चाहते हैं कि न्यूजीलैंड जीते, लेकिन भारत फाइनल जीतने का प्रबल दावेदार है। उन्होंने कहा कि भारत फाइनल तभी हारेगा, जब वह बहुत बड़ी गलती कर दे। न्यूजीलैंड 2019 वनडे वर्ल्ड कप, 2021 टी20 वर्ल्ड कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचा था, लेकिन तीनों बार उसे हार का सामना करना पड़ा।
कोरबा
“Hard work, discipline and consistent practice are the real keys to success” – Mithali Raj
Grand celebration of International Women’s Day 2026 at SECL Headquarters; Former Captain of the Indian Women’s Cricket Team Mithali Raj shares her mantra for success
Bilaspur/Korba. A grand programme was organised at the SECL Headquarters to celebrate International Women’s Day 2026. The event was held at the SECL Auditorium under the aegis of WIPS (Women in Public Sector) and witnessed enthusiastic participation from a large number of women officers and employees.
Padma Shri and Arjuna Awardee Ms. Mithali Raj, former Captain of the Indian Women’s Cricket Team and one of the most celebrated cricketers in the country, attended the programme as the keynote speaker.

The programme was graced by SECL Chairman-cum-Managing Director Shri Harish Duhan as the Chief Guest and First Lady of SECL and President of Shraddha Mahila Mandal, Smt. Shashi Duhan.
Also present on the occasion were Director (Technical/Operations) Shri N. Franklin Jayakumar, Director (Human Resources) Shri Biranchi Das, Director (Finance) Shri D. Sunil Kumar and Chief Vigilance Officer Shri Himanshu Jain. Among the distinguished guests were the Vice Presidents of Shraddha Mahila Mandal — Smt. Anita Franklin, Smt. Ipsita Das, Smt. Haseena Kumar, Smt. Vinita Jain and Smt. Shubhashree Mahapatra. Heads of departments and a large number of women officers and employees from various departments also attended the programme.

A special highlight of the event was a Fireside Chat with Ms. Mithali Raj, moderated by Director (Human Resources) Shri Biranchi Das, where she shared insights from her illustrious career and personal journey.
Sharing her experiences, Mithali Raj said that women’s cricket has come a long way and today it is receiving recognition and respect comparable to men’s cricket. She noted that when she began her career, the circumstances were very different and it was not easy for women to carve a space for themselves in the sport.
She emphasised that during those early years, it was essential to remain mentally strong, constantly push one’s limits and face every challenge with determination. She also highlighted the importance of discipline, hard work and regular training in achieving success.
Addressing the youth, especially young women, Mithali Raj encouraged them to remain committed to their dreams. She advised them to practice with dedication, nurture resilience and fighting spirit, and never give up in the face of challenges. “If you are dedicated to your goals and strive every day to improve yourself, success will surely follow,” she said.
Extending his greetings on the occasion of International Women’s Day, SECL CMD Shri Harish Duhan said that new opportunities are opening up for women and the time has come for them to step forward and take on leadership roles. He noted that the contribution of women in SECL is steadily increasing and the organisation is undertaking several initiatives to promote women’s empowerment.
He highlighted initiatives such as Coal India’s first fully women-operated dispensary, the women-operated Central Store Unit, and SECL’s CSR initiative ‘Sushrut’, which is helping young students pursue their dream of becoming doctors.
Shri Duhan further announced that, building upon the success of these initiatives, SECL will soon launch ‘Project Dharashakti’. The project aims to provide skill training and suitable work opportunities to women being recruited in SECL as landowners or dependents. A dedicated team is being constituted for the implementation of this initiative. He added that if SECL aspires to become the number-one company in the country, it will not be possible without the active contribution of Nari Shakti.
Another highlight of the programme was the release of a special supplement on SECL’s women empowerment initiatives, published in collaboration with The Times of India, which will be distributed with the newspaper tomorrow.
During the event, women officers and employees were also felicitated for their achievements and for winning various competitions. The programme concluded with vibrant cultural performances that added enthusiasm and energy to the celebration.
कोरबा
मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास ही सफलता की असली कुंजी हैं – मिताली राज
एसईसीएल मुख्यालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 का भव्य आयोजन, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान मिताली राज ने साझा किए सफलता के मंत्र
बिलासपुर/कोरबा। एसईसीएल मुख्यालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विप्स (वीमेन इन पब्लिक सेक्टर) के तत्वावधान में एसईसीएल ऑडिटोरियम में सम्पन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में महिला अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित तथा भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान और प्रसिद्ध क्रिकेटर सुश्री मिताली राज मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुईं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसईसीएल अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन तथा एसईसीएल परिवार की प्रथम महिला एवं श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्षा श्रीमती शशि दुहन उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर एसईसीएल के निदेशक (तकनीकी/संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन श्रद्धा महिला मंडल की सम्मानित उपाध्यक्षगण श्रीमती अनीता फ्रैंकलिन, श्रीमती इप्सिता दास, श्रीमती हसीना कुमार, श्रीमती विनीता जैन तथा श्रीमती शुभश्री महापात्र विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इसके अलावा विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में महिला अधिकारी-कर्मचारी कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस अवसर पर आयोजित फायरसाइड चैट में पद्मश्री, अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित एवं भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान मिताली राज ने अपने अनुभव साझा किए। इस संवाद का संचालन एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने किया।

अपने प्रेरक विचार रखते हुए मिताली राज ने कहा कि आज महिला क्रिकेट ने लंबा सफर तय किया है और अब यह पुरुष क्रिकेट के समान पहचान और सम्मान प्राप्त कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी, तब परिस्थितियाँ बिल्कुल अलग थीं और महिलाओं के लिए अपने लिए जगह बनाना आसान नहीं था।
उन्होंने बताया कि उस दौर में आगे बढ़ने के लिए मानसिक रूप से मजबूत रहना, अपनी सीमाओं को लगातार आगे बढ़ाना और हर चुनौती का डटकर सामना करना बेहद जरूरी था। सफलता के लिए अनुशासन, कड़ी मेहनत और नियमित प्रशिक्षण की भूमिका को भी उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।
मिताली राज ने युवाओं, विशेषकर महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि वे अपने सपनों को पाने के लिए हमेशा तैयार रहें, पूरी निष्ठा से अभ्यास करें, अपने भीतर जज़्बा और संघर्ष की भावना बनाए रखें तथा किसी भी परिस्थिति में हार न मानें। “अगर आप अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित हैं और हर दिन खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं, तो सफलता निश्चित रूप से आपके कदम चूमेगी।”
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए अपने संबोधन में मुख्य अतिथि एसईसीएल सीएमडी हरीश दुहन ने कहा कि आज महिलाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खुल रहे हैं और अब समय है कि महिलाएँ आगे आकर नेतृत्व की भूमिका निभाएँ। उन्होंने कहा कि एसईसीएल में नारीशक्ति का योगदान निरंतर बढ़ रहा है और संगठन महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए कई पहल कर रहा है।
उन्होंने कहा कि चाहे कोल इंडिया की पहली पूर्णतः महिला संचालित डिस्पेंसरी हो, महिला संचालित सेंट्रल स्टोर यूनिट की स्थापना हो या फिर सीएसआर के माध्यम से एसईसीएल के सुश्रुत योजना के तहत युवाओं को डॉक्टर बनने का अवसर प्रदान करना—एसईसीएल महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
श्री दुहन ने बताया कि इन पहलों की सफलता को देखते हुए एसईसीएल इस वर्ष ‘प्रोजेक्ट धराशक्ति’ शुरू करने जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य भू-स्वामियों और आश्रितों के रूप में एसईसीएल में भर्ती हो रही महिलाओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें स्किल ट्रेनिंग और उनकी योग्यता के अनुरूप कामकाज के अवसर उपलब्ध कराना है जिसके लिए हम एक अलग टीम गठित कर रहे हैं। उन्होने कहा की अगर हमें एसईसीएल को देश की नंबर-वन कंपनी बनाना है तो नारीशक्ति के योगदान के बिना यह संभव नहीं है।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण टाइम्स ऑफ इंडिया समाचार समूह के सहयोग से प्रकाशित एसईसीएल की महिला सशक्तिकरण पहलों पर आधारित एक विशेष परिशिष्ट का विमोचन रहा, जो कल टाइम्स ऑफ इंडिया समाचार पत्र के साथ वितरित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं और उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए महिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया।
कोरबा
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 08 मार्च को खेलो इंडिया अस्मिता लीग एवं जिला स्तरीय महिला खेल का आयोजन
कोरबा। सांचालनालय, खेल एवं युवा कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग कोरबा द्वारा जिला में 08 मार्च 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर खेलो इंडिया अस्मिता लीग के तहत खेल 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, दौड़ प्रतियोगिता आयु वर्ग अण्डर 13, 13 से 18 वर्ष एवं 18 वर्ष से उपर के प्रतिभागियों के लिये एवं मनोरंजनात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य के बालिका/महिलाओं को खेलों के प्रति उत्साहित एवं बढ़ावा देने के उददेश्य से 01 दिवसीय जिला स्तरीय महिला खेल प्रतियोगिता का आयोजन विद्युत गृह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 01, कोरबा में किया जायेगा। महिला खेल प्रतियोगिता अंतर्गत खेल कबडडी, खो-खो, रस्साकसी एवं व्हॉलीबॉल को शामिल किया गया है। प्रतियोगिता पूर्णतः निःशुल्क है। संबंधित खेल 08 मार्च 2026 को प्रातः 10ः00 बजे से आयोजित किया जायेगा। आयोजन में बालिका/महिला प्रतिभागी निर्धारित प्रपत्र में विद्युत गृह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 01, कोरबा में 08 मार्च 2026 को अपना पंजीयन कराकर प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं।
जिला खेल अधिकारी ने जिले के समस्त बालिका/महिला खिलाड़ियों से आग्रह किया है कि आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में पंजीयन कराकर भाग ले सकती हैं।
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