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कोरबा

तुमान में धूमधाम से निकली भव्य कलश यात्रा, श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का हुआ शुभारंभ

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कोरबा/तुमान। ग्राम तुमान की पावन धरा पर शुक्रवार को श्री वैष्णव निकुंज निवास में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस अवसर पर पूरे गांव में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। सुबह से ही श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह नजर आया और बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, युवा एवं बच्चे इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए।
कथा के शुभारंभ अवसर पर निकाली गई कलश यात्रा में सैकड़ों महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर भजन-कीर्तन करते हुए शामिल हुईं। कलश यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए पूरे ग्राम का भ्रमण करती हुई तालाब तक पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ पवित्र जल का संग्रह किया गया। इसके पश्चात महिलाएं सिर पर जल से भरे कलश लेकर भक्ति गीतों और जयकारों के साथ पुनः श्री वैष्णव निकुंज निवास पहुंचीं।
आयोजन स्थल पर पहुंचने के बाद विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में विधिवत पूजन-अर्चन कर देवताओं की स्थापना की गई। इस दौरान यज्ञाचार्य अखिलेश महाराज, सोन लोहर्शी की गरिमामयी उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन, यज्ञ एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। पूरे वातावरण में मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन की मधुर ध्वनियां गूंजती रहीं, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
इसके पश्चात कथावाचक पंडित बलराम प्रसाद पाण्डेय द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण के महात्म्य का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए कथा का श्रवण कराया गया। उन्होंने अपने प्रवचन में श्रीमद्भागवत कथा के महत्व, भक्ति के मार्ग और जीवन में धर्म, संस्कार तथा सत्कर्मों के महत्व पर प्रकाश डाला। महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह मानव जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक मार्ग है। कथा श्रवण से मन को शांति मिलती है और व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।
कथा के प्रथम दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण की महिमा, उनके अवतार का उद्देश्य तथा भक्तों के प्रति उनकी करुणा का भावपूर्ण वर्णन किया गया। महाराज की मधुर वाणी और सरल शैली से उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर होकर कथा का रसपान करते रहे।
पूरे आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन, जयकारों और धार्मिक उत्साह से गांव का वातावरण भक्तिरस में डूबा हुआ नजर आया। गांव के लोगों ने इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह और श्रद्धा दिखाई। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा कलश यात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत भी किया गया।
इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्था की गई है।
श्री वैष्णव निकुंज निवास में आयोजित यह श्रीमद्भागवत महापुराण कथा 6 मार्च से 13 मार्च तक चलेगी। कथा के दौरान प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से 11 बजे तक पूजन, हवन, संकीर्तन, तुलसी परिक्रमा एवं आरती का आयोजन किया जाएगा, वहीं दोपहर 3 बजे से पूज्य महाराज जी द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कराया जाएगा।
इस भव्य धार्मिक आयोजन के आयोजक बलराम वैष्णव एवं संजू वैष्णव (तुमान) ने समस्त क्षेत्रवासियों से सपरिवार उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया है। सात दिनों तक चलने वाला यह आध्यात्मिक महोत्सव पूरे क्षेत्र को भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर रहा है।

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गोत्र विवाद में सामाजिक बहिष्कार, 5 लाख की मांग:कोरबा में दंपती से समाज में शामिल करने मांगी मोटी रकम,कोर्ट ने FIR के दिए आदेश

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कोरबा। कोरबा में गोत्र के नाम पर एक दंपती का सामाजिक बहिष्कार करने और उन्हें समाज में दोबारा शामिल करने के एवज में 5 लाख रुपये की मांग करने के मामले में न्यायालय ने चार कथित सामाजिक ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस अब मामले की जांच करेगी।

जानकारी के अनुसार, रायपुर निवासी एक युवक अगस्त 2022 से कोरबा जिले के पीढ़ीभर क्षेत्र में एक निजी ठेका कंपनी में कार्यरत है। युवक ने 26 अगस्त 2022 को रायपुर निवासी एक युवती से विवाह किया था। विवाह की जानकारी समाज के लोगों को मिलने के बाद कथित तौर पर दोनों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया।

गोत्र को लेकर खड़ा हुआ विवाद

पीड़ित दंपती का कहना है कि युवक का गोत्र कश्यप और उसकी पत्नी का लिमोता गोत्र है। बावजूद इसके समाज के कुछ पदाधिकारियों ने दोनों को एक ही गोत्र का बताते हुए विवाह पर आपत्ति जताई और परिवार को समाज से अलग कर दिया।

समाज में शामिल करने के लिए मांगे लाखों रुपये

शिकायत के अनुसार, शुरुआत में समाज के पदाधिकारियों ने दंपती को दोबारा समाज में शामिल करने के लिए 2 लाख रुपये की मांग की। बाद में यह रकम बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई।

दंपती ने आर्थिक स्थिति कमजोर होने का हवाला देते हुए 11-11 हजार रुपये देने का प्रस्ताव रखा, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया। आरोप है कि बाद में समाज में पुनः शामिल करने के नाम पर 5 लाख रुपये की मांग रखी गई।

3 लाख देने के बाद भी नहीं मिला समाज में स्थान

पीड़ित ने न्यायालय में दायर याचिका में बताया कि सामाजिक बहिष्कार और दबाव से परेशान होकर उन्होंने किसी तरह 3 लाख रुपये की व्यवस्था कर संबंधित लोगों को दे दिए। इसके बावजूद उन्हें समाज में शामिल नहीं किया गया और शेष 2 लाख रुपये की मांग जारी रखी गई।

कोर्ट के आदेश पर दर्ज होगी एफआईआर

मामले में अधिवक्ता प्रिंस अग्रवाल ने बताया कि न्यायालय ने प्रथम दृष्टया तथ्यों को गंभीर मानते हुए चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।

कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने कहा कि न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस के लिए एफआईआर दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच करना अनिवार्य है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला गोत्र और सामाजिक परंपराओं के नाम पर कथित सामाजिक बहिष्कार तथा आर्थिक वसूली जैसे गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में है। अब पुलिस जांच से पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) 2026 का आयोजन

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कोरबा। न्याय को सरल एवं सुलभ तरीके से घर-घर तक पहंचाने तथा आपसी सहभाविता और सहमति से न्याय की भावना को मूर्त रूप देने के लिए भारत के सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा समाधान समारोह 2026 का आयोजन 21 अप्रैल 2026 से आरम्भ किया गया है। जिसकी परिणति 21, 22 तथा 23 अगस्त 2026 को विशेष लोक अदालत के आयोजन के साथ होगी। जिसमें सर्वाेच्च न्यायालय में लंबित मामले शामिल किया जायेगा। विशेष लोक अदालत पूर्व सुलह बैठकों का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तालुका विधिक सेवा समिति स्थित मध्यस्थता केन्द्र में किया जा रहा है इस सुलह वार्ता का आयोजन 21 अप्रैल 2026 को समाधान समारोह के आरम्भ के साथ शुरू किया गया है। इस समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत) के आयोजन का उद्देश्य सर्वाेच्च न्यायालय में लंबित उपयुक्त मामलों का सुलह एवं आपसी सहमति से निष्पादन करना है। जिसमें अधिक से अधिक संख्या में संबंधित पक्षकारों/अधिवक्तागणों को सम्मिलित होने हेतु आमंत्रित कर समाधान समारोह में आपसी सहमति एवं वार्ता से समाधान तलाशने का प्रयास किया जा रहा है। इन सुलह-बैठकों का आयोजन प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा के निर्देशन में गठित न्यायाधीशों की कमेटी (प्रशिक्षित मध्यस्थ) द्वारा पक्षकारों  को सुलह-प्रयास हेतु बैठकों/वार्ताओं में व्यक्तिगत रूप से अथवा विडियों कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से शामिल कर आपसी सुलह/वार्ता से प्रयास किया जा रहा है। श्रीमती गरिमा शर्मा, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, ममता भोजवानी, द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश एवं सुनिल कुमार नन्दे, तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कोरबा द्वारा प्रकरणों में आज प्री-सिटिंग हेतु उपस्थित पक्षकारों के मध्य आपसी सुलह-वार्ता का प्रयास किया गया है तथा सुलह हेतु पक्षकारों को सुझाव दिया गया है जिससे आपसी सहमति के आधार पर प्रकरणों का निराकरण राजीनामा के आधार पर सुनिश्चित किया जा सकें।

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22 से 26 जून तक आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा में कोरबा जिले की होगी सहभागिता

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कोरबा। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व अटूट आस्था के 1000 वर्ष पूर्ण होने पर दिनांक 22 जून से 26 जून तक सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा रायपुर से सोमनाथ गुजरात तक आयोजित की जा रही हैं।
सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा में कोरबा जिले से 20 विशिष्टजन 22 जून को सुबह 7 बजे रायपुर से विशेष ट्रेन से सोमनाथ गुजरात के लिए रवाना होंगे।
इस सम्बन्ध में नोडल अधिकारी सतीश प्रकाश सिंह ने बताया कि कोरबा जिले से 20 विशिष्टजनों का दल जिले के धार्मिक, ऐतिहासिक, पुरातत्विक शिवालय के पावन भूमि के माटी कलश एवं पावन नदी के जल कलश के साथ पांच दिवसीय सांस्कृतिक यात्रा के लिए 21 जून को रायपुर रवाना होंगे।
जहां से 22 जून की सुबह विशेष ट्रेन से सोमनाथ गुजरात के लिए रवाना होंगे। कोरबा जिले के दल में शामिल सभी सहभागी 22 से 26 जून तक सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा पूर्ण कर 27 जून को कोरबा वापस आएंगे।

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