विदेश
ईरान में इजराइली हमलों के बाद काली बारिश हुई:तेल रिसाव से आग की नदी जैसे हालात, लेबनान में बच्चों-महिलाओं ने सड़कों पर रात गुजारी
तेहरान/तेल अवीव,एजेंसी। ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल हमले का रविवार को नौवां दिन है। जंग की वजह से ईरान के कई शहरों में भयंकर तबाही हुई है और 1700 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।
लोग अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगह पर शरण लेने को मजबूर हैं। वहीं, दुनियाभर में इस जंग के खिलाफ और समर्थन में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। ब्रिटेन में ईरान समर्थकों और अमेरिका समर्थकों ने शनिवार को एक ही दिन मार्च निकाला।
वहीं, दूसरी तरफ लेबनान में भी इजराइल, ईरान समर्थक ग्रुप हिजबुल्लाह के खिलाफ हमले कर रहा है। युद्ध की तबाही और डर के बीच आम नागरिकों की जिंदगी कैसे प्रभावित हो रही है, इन 23 तस्वीरों में देखिए।
ईरान के तेहरान में काली बारिश

तेहरान में काली बारिश हुई। यहां पानी काला दिखाई दे रहा था और उसमें तेल मिला हुआ था।
तेहरान में आग की नदी

ईरान की राजधानी तेहरान में तेल भंडार ठिकानों पर इजराइली हमलों के बाद फैला तेल शहर की नालियों में पहुंच गया है। इससे सड़कों के किनारे आग की नदी जैसे हालात बन गए।
लेबनान में सड़कों पर रह रहे लोग

लेबनान के बेरूत के होटल में बिलाल और उसका परिवार इजराइली हमले के बाद शरण लिए हुए है। हमले में बिलाल अपने बच्चों के साथ ठहरे हुए थे और उनके बच्चे घायल हो गए थे।

तस्वीर में होटल के बाहर जमीन पर पड़े रजाई पर खून के धब्बे दिखाई दे रहे हैं।

इजराइल के हमले के बाद लेबनान की राजधानी बेरूत में लोगों के घर तबाह हो गए हैं, इमारतें टूटी हुई नजर आ रही हैं, हर तरफ मलबा ही मलबा दिख रहा है।

लेबनान में इजराइल के हमले के बाद लोग सड़को पर रहने को मजबूर हैं।

लेबनान की राजधानी बेरूत में वॉलंटियर्स ने कम्युनिटी किचन में बेघर लोगों और रिफ्यूजी को खाना बांटा।
ईरान में मातम

जैनब साहेबी नाम की दो साल की बच्ची को कंधा देती ईरानी महिलाएं। जैनब की मौत अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के दौरान तेहरान में हुए हमले में हुई थी।

जैनब साहेबी को कंधा देते वक्त कई महिलाएं फूट फूटकर रो रहीं थीं।

जैनब साहेबी की कब्र को फूलों से सजाया गया और उस पर ईरान का झंडा रखा गया।

तेहरान में गांधी अस्पताल में हेल्थ केयर वर्कर्स ने ईरान का झंडा लगाकर प्रदर्शन किया। इस अस्पताल पर भी एयर स्ट्राइक हुई थी।

ईरान की राजधानी तेहरान में लोग रक्त दान कर रहे हैं।
इजराइल-लेबनान बॉर्डर पर तनाव

इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच बढ़ते तनाव के बीच उत्तरी इजराइल में लेबनान बॉर्डर के पास तैनात इजराइली टैंक।
मारे गए अमेरिकी सैनिकों को श्रद्धांजलि

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने शनिवार को डोवर एयरफोर्स बेस पर 6 शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
अमेरिका में प्रदर्शन

अमेरिका और इजराइल के संघर्ष के बीच, शनिवार को लॉस एंजिल्स, कैलिफोर्निया में ईरानी नेतृत्व के खिलाफ एक रैली निकाली गई।

अमेरिका में ईरानी नेतृत्व के खिलाफ एक रैली के दौरान अपनी दोस्त को पकड़े हुए महिला।
ब्रिटेन में महिलाओं का मार्च

ईरान समर्थक महिलाओं ने शनिवार को ब्रिटेन में मार्च निकाला और बमबारी रोकने की मांग की। ये महिलाएं ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई की तस्वीर पकड़े हुई थीं।

ईरान समर्थकों ने पेरिस में भी आइफिल टावर के सामने प्रदर्शन किया और जंग रोकने की मांग की।

ब्रिटेन में इंटरनेशनल विमेंस डे मार्च के दौरान कुछ ईरानी महिलाओं ने अमेरिका के समर्थन में रैली निकाली। ये महिलाएं डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर पकड़े हुए थीं।
US-इजराइल vs ईरान की 4 तस्वीरें…
ईरान के हमले

ईरान ने दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हवाई हमला किया, जिसके बाद कई एमिरेट्स एयरलाइंस की फ्लाइट डायवर्ट हुई।

ईरान ने शनिवार को अमेरिका के हाई-वैल्यू मिसाइल डिफेंस रडार को नष्ट किया। यह जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस पर तैनात था।

ईरानी हमले के बाद AN/TPY-2 रडार की तस्वीर। यह रडार जॉर्डन में US आर्मी द्वारा ऑपरेट किए जाने वाले THAAD सिस्टम का था।
अमेरिका-इजराइल के ईरान पर हमले

50 इजराइली एयर फोर्स के फाइटर जेट्स ने शुक्रवार को तेहरान में ईरानी सरकार के लीडरशिप कंपाउंड के नीचे अली खामेनेई के अंडरग्राउंड मिलिट्री बंकर को ध्वस्त कर दिया। (सोर्स-IDF)
विदेश
हंसी के पीछे UK-US टकराव: किंग चार्ल्स से बोले ट्रम्प- मेरी मां का ‘क्रश’ थे आप, मुझे बड़ी ‘जलन’ होती थी
वाशिंगठन, एजेंसी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ब्रिटेन के राजा राजा चार्ल्स तृतीय की मुलाकात के दौरान व्हाइट हाउस में एक तरफ दोस्ताना माहौल दिखा, तो दूसरी तरफ दोनों देशों के बीच चल रहे मतभेद भी सामने आए।राजकीय दौरे पर आए किंग चार्ल्स के स्वागत में ट्रम्प ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि उनकी मां का कभी चार्ल्स पर “क्रश” था और मुझे आपसे जलन होती थी। उन्होंने अपने बचपन की याद साझा करते हुए बताया कि उनकी मां ब्रिटिश शाही परिवार की बड़ी प्रशंसक थीं और टीवी पर उनके कार्यक्रम जरूर देखती थीं। ट्रम्प ने चार्ल्स के भाषण और उनके “एलीगेंट अंदाज” की भी तारीफ की और कहा कि उनका ब्रिटिश एक्सेंट लोगों को प्रभावित करता है।

इस दौरान उन्होंने अपने परिवार और शादी को लेकर भी मजाक किया, जिससे माहौल हल्का बना रहा। हालांकि, इस दोस्ताना माहौल के पीछे दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर तनाव भी दिखा। किंग चार्ल्स ने अपने भाषण में NATO और AUKUS जैसे गठबंधनों की अहमियत पर जोर दिया, जिसे ट्रम्प पहले आलोचना कर चुके हैं। चार्ल्स ने अप्रत्यक्ष रूप से वैश्विक सहयोग, पर्यावरण संरक्षण और लोकतांत्रिक मूल्यों की बात की, जो ट्रम्प की कुछ नीतियों से अलग नजर आती हैं। खासकर जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी पर दोनों के विचारों में अंतर साफ दिखा।
इस मुलाकात के दौरान किंग चार्ल्स ने ट्रम्प को द्वितीय विश्व युद्ध की पनडुब्बी HMS Trump की ऐतिहासिक घंटी भी भेंट की, जिसे दोनों देशों के साझा इतिहास और दोस्ती का प्रतीक माना गया। वहीं, पृष्ठभूमि में मिडिल ईस्ट संकट, Strait of Hormuz में तनाव और सैन्य रणनीतियों को लेकर भी दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं। ट्रम्प पहले अपने सहयोगियों की आलोचना कर चुके हैं कि वे इस संकट में अमेरिका का पूरा साथ नहीं दे रहे। कुल मिलाकर, यह मुलाकात दिखाती है कि भले ही मंच पर हंसी-मजाक और कूटनीतिक शिष्टाचार नजर आए, लेकिन UK और US के बीच कई अहम मुद्दों पर गहरे मतभेद अब भी मौजूद हैं।
विदेश
किंग चार्ल्स ने ट्रम्प को गिफ्ट की ऐतिहासिक घंटी ! कहा-अगर कभी हमें बुलाना हो तो बस….
वाशिंगठन, एजेंसी। ब्रिटेन के राजा राजा चार्ल्स तृतीय (King Charles III) ने अपने अमेरिका दौरे के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) को एक खास और ऐतिहासिक तोहफा दिया, जिसने कूटनीति के साथ-साथ दोस्ती का भी मजबूत संदेश दिया। व्हाइट हाउस में आयोजित स्टेट डिनर के दौरान चार्ल्स ने द्वितीय विश्व युद्ध के समय की ब्रिटिश पनडुब्बी HMS Trump की असली घंटी ट्रम्प को भेंट की। इस दौरान उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा “अगर कभी हमें बुलाना हो, तो बस घंटी बजा दीजिए,” जिससे पूरे कार्यक्रम में हंसी और तालियां गूंज उठीं।

इस तोहफे का मकसद सिर्फ सम्मान देना नहीं था, बल्कि यह दोनों देशों के साझा सैन्य इतिहास और सहयोग को दर्शाने वाला प्रतीक भी था। चार्ल्स ने अपने भाषण में NATO और AUKUS जैसे गठबंधनों का जिक्र करते हुए कहा कि आज की जटिल दुनिया में UK और US की साझेदारी पहले से ज्यादा जरूरी है। इसके अलावा, बंद कमरे में हुई मुलाकात के दौरान चार्ल्स ने ट्रम्प को व्हाइट हाउस के प्रसिद्ध Resolute Desk के 1879 के डिजाइन की फ्रेम की हुई कॉपी भी दी। यह डेस्क ब्रिटिश जहाज HMS Resolute की लकड़ी से बना था और दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का प्रतीक माना जाता है।
वहीं, महारानी कैमिला ने अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प को एक खास डिजाइनर ब्रोच भेंट किया। बदले में ट्रम्प ने चार्ल्स को 1785 में John Adams द्वारा लिखे गए एक ऐतिहासिक पत्र की कॉपी दी, जो ब्रिटेन-अमेरिका के शुरुआती कूटनीतिक संबंधों को दर्शाता है। मेलानिया ट्रम्प ने महारानी कैमिला को खास सिल्वर चम्मचों का सेट और व्हाइट हाउस का शहद भेंट किया, जो परंपरा और प्राकृतिक जीवनशैली के प्रति सम्मान का प्रतीक माना गया। यह पूरा गिफ्ट एक्सचेंज केवल औपचारिकता नहीं था, बल्कि 250 साल पुराने UK-US रिश्तों, साझा इतिहास और भविष्य की साझेदारी को मजबूत करने का एक कूटनीतिक संदेश भी था।
बिज़नस
टेक वॉर तेज: चीन का Meta को बड़ा झटका, 2 अरब डॉलर AI डील पर लगाई रोक
वाशिंगठन/बीजिंग, एजेंसी। चीन ने एक बड़े फैसले में अमेरिकी टेक कंपनी Meta की 2 अरब डॉलर की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डील को रोक दिया है। यह डील AI स्टार्टअप Manus के अधिग्रहण से जुड़ी थी, जिसे अब राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के चलते रद्द कर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के प्रमुख आर्थिक नियामक NDRC ने 2021 में लागू विदेशी निवेश सुरक्षा नियमों के तहत इस सौदे को वापस लेने का आदेश दिया। यह फैसला दिखाता है कि चीन अब अपनी तकनीक, डेटा और टैलेंट को विदेश जाने से रोकने के लिए और सख्त रुख अपना रहा है।

हालांकि Manus ने बाद में अपना बेस विदेश में शिफ्ट कर लिया था और उसे अमेरिकी निवेश भी मिला था, लेकिन चीनी अधिकारियों ने माना कि कंपनी के तकनीकी संसाधन, डेटा और रिसर्च अभी भी चीन से जुड़े हुए हैं। इसी वजह से इस डील को संवेदनशील माना गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस फैसले के तहत अब Meta और Manus के बीच हुए निवेश, शेयर ट्रांसफर और बौद्धिक संपत्ति (Intellectual Property) को वापस करना होगा। AI जैसे सेक्टर में यह प्रक्रिया काफी जटिल मानी जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सिर्फ एक डील तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा संकेत है कि चीन अब AI जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में विदेशी कंपनियों, खासकर अमेरिकी कंपनियों, को लेकर ज्यादा सतर्क हो गया है। इस फैसले का असर वैश्विक निवेशकों पर भी पड़ सकता है। अब क्रॉस-बॉर्डर टेक डील्स में जोखिम बढ़ेगा और कंपनियां भविष्य में अपने ऑपरेशन, डेटा और रिसर्च को अलग-अलग रखने की कोशिश कर सकती हैं, ताकि ऐसे नियमों से बचा जा सके। कुल मिलाकर, यह मामला दिखाता है कि दुनिया में टेक्नोलॉजी और डेटा को लेकर प्रतिस्पर्धा और तनाव लगातार बढ़ रहा है, और AI इस संघर्ष का सबसे अहम केंद्र बन चुका है।
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