नई दिल्ली,एजेंसी। अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें हैं। सिलेंडर की कालाबाजारी भी हो रही है।
बिहार के कई शहरों में 1000 रुपए वाले घरेलू सिलेंडर के लिए 1800 रुपए तक वसूले जा रहे हैं। वहीं मध्य प्रदेश में 1900 का कॉमर्शियल सिलेंडर 4000 में बिक रहा है।
उधर, कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक से होटलों और रेस्टोरेंट्स ने इंडक्शन पर खाना बनाना शुरू कर दिया है। इससे बाजार में इंडक्शन की डिमांड भी बढ़ गई है।
जयपुर के जयंती बाजार, एसोसिएशन के अध्यक्ष सचिन गुप्ता ने बताया कि जयपुर में महीने के 2500 से 3000 इंडक्शन बिकते थे। इनकी डिमांड अब 50% तक बढ गई है।
गैस की कमी के कारण बेंगलुरु के राजराजेश्वरी नगर स्थित नम्माओरु कॉफी कट्टा होटल में चूल्हा जलाकर इडली पकाते हुए कर्मचारी।
गांवों में अब 45 दिन में सिलेंडर बुक कर सकेंगे
ग्रामीण इलाकों के लिए सिलेंडर बुकिंग का नियम बदल दिया है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ससंद में बताया कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को एक सिलेंडर लेने के बाद अगला सिलेंडर 45 दिन बाद ही मिलेगा। यानी दो सिलेंडरों के बीच अब कम से कम 45 दिन का अंतर रखना जरूरी होगा।
मध्य प्रदेश: ब्लैक में कॉर्मिशयल सिलेंडर 4000 में बिक रहा
अभी मध्य प्रदेश में कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1,910 रुपए है, लेकिन भोपाल के बरखेड़ा पठानी में गैस एजेंसी पर खुलेआम इसे 4 हजार में बेचा जा रहा है। सरकार ने कालाबाजारी रोकने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम को लागू किया है लेकिन कालाबाजारियों पर इसका असर नहीं पड़ा है।
बिहार: ब्लैक में 1800 रुपए में मिल रहा घरेलू गैस सिलेंडर
गैस सिलेंडर की किल्लत होने से 900 रुपए का घरेलू गैस सिलेंडर ब्लैक में 1700 से 1800 रुपए तक बेचा जा रहा है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर जिसकी सामान्य कीमत 2100 रुपए है, ब्लैक में इसके 5000 रुपए तक वसूले जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश: ब्लैक में 1600 रुपए देने पर तुरंत मिल रहा सिलेंडर
लखनऊ में दिन-दिनभर लाइन में खड़े रहने पर भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। लोगों का दावा है कि इन सबके बावजूद 950 रुपए वाला सिलेंडर 1600 रुपए देने पर तुरंत मिल रहा है। कॉमर्शियल सिलेंडर भी 3500 रुपए में आसानी से उपलब्ध है।
पंजाब: लोग सिलेंडर लेकर लाइनों में खड़े, फिर भी गैस नहीं मिल रही
पंजाब में कॉमर्शियल सिलेंडर मिलने बंद हो गए हैं, जबकि घरेलू सिलेंडरों के लिए भी बुकिंग में समस्या आ रही है। जंग से पहले जहां घरेलू सिलेंडर घरों में डिलीवर होता था, अब हालात ये हैं कि लोग एजेंसियों के सामने सिलेंडर लेकर लाइनों में खड़े हैं। फिर भी उन्हें गैस नहीं मिल रही।
जालंधर में लोग कॉमर्शियल सिलेंडर को ब्लैक में खरीदने को मजबूर हैं। यहां जो सिलेंडर पहले 1900 रुपए में मिलता था, वह अब 3500 रुपए का मिल रहा है। जबकि, सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारी बता रहे हैं कि LPG की कोई समस्या नहीं है। उनके पास गैस का भरपूर भंडारण है।
लुधियाना में सिलेंडर लेने के लिए लगी लोगों की भीड़।
राजस्थान: रेस्टोरेंट बंद कर कर्मचारियों को घर भेजा जा रहा
होटल-रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म होने से बिजनेस ठप होने लगे हैं। चित्तौड़गढ़ में रेस्टोरेंट बंद कर कर्मचारियों को घर भेज दिया है। सवाई माधोपुर में भी रेस्टोरेंट बंद होने लगे हैं।
जैसलमेर के सम में 150 रिसॉर्ट को बंद करने की तैयारी है। जयपुर में चाय की थड़ी, मिठाई की दुकानों और ढाबों पर कॉमर्शियल की जगह घरेलू सिलेंडर का उपयोग करने लगे हैं।
कोटा में गैस सिलेंडर की कमी के चलते लकड़ी और कोयले की भट्ठी की मांग बढ़ गई है। मेस और हॉस्टलों के लिए 35 से 40 किलो वजन की भट्टियां बनाई जा रही हैं।
उत्तराखंड: होटल-ढाबों के मेन्यू से 70% फूड आइटम गायब
देहरादून और हल्द्वानी में व्यावसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और ठेला संचालकों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सिलेंडर की कमी के कारण कई प्रतिष्ठानों ने अपने मेन्यू से करीब 70% फूड आइटम हटा दिए हैं, जबकि कई लोग वैकल्पिक इंतजाम में जुट गए हैं।
देहरादून के रेस कोर्स इलाके में गैस एजेंसी पर सिलेंडर बुकिंग करने वालों की भीड़ लग रही है।
वहीं तेल कंपनियों ने ग्रामीण इलाकों में घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग का टाइम 45 दिन का कर दिया है। यानी जिस दिन सिलेंडर डिलीवर होगा, उसके 45 दिन बाद दूसरी बुकिंग की जाएगी। हालांकि शहरी क्षेत्र में अब भी 25 दिन की बुकिंग का प्रावधान है।
जयपुर, अलवर, कोटा, भरतपुर, जोधपुर सहित कई जिलों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी लाइन लगी हुई हैं। गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने फूड डिपार्टमेंट के अधिकारी-कर्मचारियों की छुटि्टयां कैंसिल कर दी हैं।
हरियाणा: LPG स्टॉक घटा, OTP नहीं आ रहा
घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी पहले जो 1-2 दिन में हो जाती थी, अब एक हफ्ते तक इंतजार करना पड़ रहा है। हिसार, सोनीपत, फतेहाबाद, हांसी, पानीपत, कैथल, रेवाड़ी और फरीदाबाद में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लगी हैं।
तिरुपति मंदिर में गैस की सप्लाई जारी
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने बताया कि मंदिर के ‘लड्डू’ और अन्नदानम किचन में कुकिंग गैस की सप्लाई में कोई रुकावट नहीं आई है। तिरुमाला में हर दिन औसतन करीब 4 लाख लड्डू तैयार किए जाते हैं। त्योहारों के दौरान यह संख्या बढ़कर 10 लाख तक पहुंच जाती है।
अधिकारी ने बताया कि लड्डू बनाने और अन्नदानम यूनिट्स को मिलाकर रोजाना 10 टन से ज्यादा कुकिंग गैस की जरूरत पड़ती है। लड्डू बनाने और मुख्य अन्नदानम केंद्र के लिए TTD पाइप्ड गैस (PNG), जबकि बाकी अन्नदानम यूनिट्स में सिलेंडर इस्तेमाल किए जाते हैं।
फूड डिलीवरी के ऑर्डर 50 से 60% तक कम हुए
गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन’ ने कहा कि LPG की किल्लत के कारण जोमैटो और स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म्स पर फूड डिलीवरी के ऑर्डर 50 से 60% तक कम हो गए हैं। इससे डिलीवरी पार्टनर्स और इस सेक्टर से जुड़े दूसरे वर्कर्स की कमाई पर संकट खड़ा हो गया है।
यूनियन ने केंद्रीय श्रम मंत्री को पत्र लिखकर तुरंत दखल देने की मांग की है। यूनियन की मांग है कि जोमैटो, स्विगी और दूसरे प्लेटफॉर्म्स प्रभावित होने वाले हर वर्कर को तुरंत 10,000 रुपए की राहत राशि दें। वर्कर्स की ID बंद करने पर 3 महीने की रोक लगे और उन्हें रोजाना कम से कम इंसेंटिव दिया जाए।
सरकार ने तैयारियों का लेखा-जोखा पेश किया
पेट्रोलियम, विदेश, शिपिंग और सूचना-प्रसारण मंत्रालय की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया गया कि देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक है, लेकिन सप्लाई चैन पर युद्ध का साया मंडरा रहा है।
घरेलू एलपीजी उत्पादन जो कल तक 25% बढ़ा था, अब 28% तक बढ़ गया है। वहीं देश भर में लगभग 1 लाख पेट्रोल पंप चालू हैं। कहीं भी स्टॉक खत्म होने की खबर नहीं है।
रेस्टोरेंट्स और होटलों को एक महीने के लिए बायोमास, केरोसिन या कोयले के इस्तेमाल की अनुमति दी गई है ताकि एलपीजी का इस्तेमाल केवल जरूरी सेक्टर के लिए हो सके।
शहरी इलाकों में लोग 25 दिन से पहले दूसरा सिलेंडर बुक नहीं कर पाएंगे। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि स्टॉक की जमाखोरी न हो और सबको जरूरत के हिसाब से गैस मिल सके।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, शिपिंग मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने गुरुवार को दिल्ली में जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
सरकार रोजाना 50 लाख सिलेंडर बांट रही
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा, “हम अपनी जरूरत की लगभग 60% LPG बाहर से मंगवाते हैं और इसका करीब 90% हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आता है। स्थिति थोड़ी मुश्किल है, लेकिन सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।”
उन्होंने कहा, “हम हर दिन लगभग 50 लाख सिलेंडर डिलीवर करते हैं। डिस्ट्रीब्यूशन के स्तर पर फिलहाल कहीं भी किल्लत की कोई खबर नहीं है। लेकिन घबराहट की वजह से बुकिंग कई गुना बढ़ गई है। राज्य सरकारों से लाभार्थियों की लिस्ट तैयार करने को कहा है ताकि सिलेंडर की डिलीवरी प्राथमिकता के आधार पर की जा सके।”
सरकार ने अब तक 5 जरूरी कदम उठाए
1. हाई-लेवल कमेटी बनाई: संकट को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने तीन तेल कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है, जो सप्लाई की समीक्षा करेगी।
2. एसेंशियल कमोडिटी एक्ट लागू: गैस की सप्लाई को कंट्रोल करने के लिए केंद्र सरकार ने देशभर में ‘एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955’ लागू कर दिया है।
3. 25 दिन बाद होगी LPG बुकिंग: घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। उपभोक्ता एक सिलेंडर डिलीवर होने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक कर सकेंगे।
4. OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य: गैस की जमाखोरी रोकने के लिए डिलीवरी एजेंट OTP या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का सख्ती से इस्तेमाल कर रहे हैं।
5. LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश: सरकार ने सभी ऑयल रिफाइनरीज को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया था। अब उत्पादन 28% बढ़ गया है।
नई दिल्ली, एजेंसी। चुनाव आयोग के अफसर मनीष गर्ग के कामकाज के विवाद पर अब नई जानकारी सामने आई है। RTI से खुलासा हुआ है कि दो चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन को अलग-अलग लेटर लिखकर उनके कामकाज की शिकायत की थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
RTI जवाब में बताया गया, कैबिनेट सचिवालय ने ये शिकायतें चुनाव आयोग की ओर से आधिकारिक नहीं मानीं। सचिवालय का मानना था कि इस स्तर पर कार्रवाई करना उचित नहीं होगा। इसे संवैधानिक संस्था के काम में दखल माना जा सकता है।
यह जानकारी RTI एक्टिविस्ट लोकेश के. बत्रा को दी गई। गर्ग पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव आयोग या संबंधित अधिकारियों से चर्चा किए बिना वरिष्ठ अधिकारियों के कामकाज को बदलने वाला आदेश जारी किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों आयुक्तों ने उनके आदेश को पलट दिया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 30 जुलाई को दोनों चुनाव आयुक्तों ने मनीष गर्ग के काम के बंटवारे से जुड़ा आदेश रद्द कर दिया। साथ ही, निर्देश दिया कि आयोग में किसी बदलाव पर सहमति बनने तक पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी।
गर्ग 2024 में चुनाव आयुक्त में नियुक्त हुए
मनीष गर्ग 1996 बैच के हिमाचल प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। अगस्त 2024 में केंद्र सरकार की कैबिनेट नियुक्ति समिति (एसीसी) ने उन्हें चुनाव आयोग में उप चुनाव आयुक्त बनाने की मंजूरी दी थी। उन्होंने 2 सितंबर 2024 को पद संभाला। इससे पहले वे हिमाचल प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी थे।
पहले भी विवादों में आया मनीष गर्ग का नाम
मनीष गर्ग का नाम मतदाता सूची के आईटी सिस्टम के संचालन और अधिकारियों को उसकी पहुंच मिलने से जुड़े विवाद में भी सामने आया था। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू ने ERONet सॉफ्टवेयर पर निर्वाचन अधिकारियों की पहुंच को लेकर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि कई निर्वाचन अधिकारियों को सिस्टम का पूरा एक्सेस नहीं मिल रहा था, जिससे मतदाता सूची से जुड़े उनके वैधानिक काम प्रभावित हो सकते थे।
दो चुनाव आयुक्तों ने 14 बार आपत्ति जताई थी
25 सितंबर: इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में कम-से-कम 14 बार आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्ति जताई थी। इसमें मतदाता सूची के डेटा पर नियंत्रण और अधिकारियों को जानकारी नहीं दिए जाने के मुद्दे भी शामिल थे।
26 सितंबर: चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा कि मनीष गर्ग के काम के बंटवारे संबंधी आदेश लागू नहीं किए गए थे और IT विभाग की निगरानी वास्तव में नहीं हटाई गई थी।
3 अक्टूबर: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मनीष गर्ग की भूमिका और आयोग के IT सिस्टम से जुड़े कामकाज पर सवाल उठाए थे।
21 अक्टूबर: RTI से मिली जानकारी के मुताबिक दोनों आयुक्तों के पत्र कैबिनेट सचिवालय पहुंचे थे और आगे संबंधित अधिकारियों को भेजे गए। पत्रों में क्या था, यह सामने नहीं आया था।
मुंबई, एजेंसी। अमिताभ बच्चन और पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ को शुक्रवार को जान से मारने की धमकी दी गई है। मुंबई की मेयर रितु तावड़े को यह धमकी भरा ई-मेल भेजा गया।
इसमें अमिताभ बच्चन के बंगले ‘जलसा’ को बम से उड़ाने की बात लिखी गई। कहा गया कि 31 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच कभी भी बंगले को निशाना बनाया जा सकता है। हमला 1984 के ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ का बदला होगा।
इसी मेल में गायक दिलजीत दोसांझ को भी आत्मघाती हमले में मारने की धमकी दी गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। यह मेल तब आया है, जब 5 दिन पहले रविवार को एक्टर टाइगर श्रॉफ पर मुंबई में फायरिंग की गई। इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली थी।
ई-मेल में खालिस्तान समर्थक नारे लिखे
मुंबई मेयर को भेजे गए मेल में खालिस्तान समर्थक नारे लिखे गए हैं। इसमें 1984 के सिख-विरोधी दंगों का भी जिक्र है। मेल में कहा गया कि दिलजीत ने अमिताभ बच्चन के पैर छूए थे इसलिए उस पर हमला किया जाएगा। मेल में लिखा है कि 27 नवंबर को दिलजीत को महालक्ष्मी रेस कोर्स में आत्मघाती हमले में मारना है। धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद मुंबई पुलिस, पुलिस की डॉग स्क्वॉड और बम स्क्वॉड की टीमें बीएमसी मुख्यालय पहुंचीं। मेयर और डिप्टी मेयर कार्यालय सहित विभिन्न चैंबर्स की भी तलाशी ली। मुंबई पुलिस और साइबर सेल ईमेल की जांच में जुटे हैं।
बीएमसी में मेयर के ऑफिस की जांच करती हुईं जांच टीमें ।
रविवार को टाइगर श्रॉफ पर हुई थी फायरिंग
शूटर्स ने टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाकर 5 राउंड फायरिंग की थी।
मुंबई में 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना हुई। टाइगर फुटबॉल खेलने के बाद जुहू इलाके से निकल रहे थे, तभी उनकी कार पर गोलियां चलाई गईं। इस घटना में टाइगर को गोली नहीं लगी, लेकिन उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए थे।
इस मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें हरियाणा के 7 आरोपी, उत्तर प्रदेश की दो महिलाएं और बिहार का एक युवक शामिल है।
मुंबई के कई स्कूलों को भी मिले धमकी भरे मेल
इसके साथ ही मुंबई के दादर स्थित कई प्रमुख स्कूलों को भी धमकी भरे ईमेल मिले हैं। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह दादर के करीब 4 स्कूलों को ये ईमेल मिले। सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस ने तुरंत स्कूलों की तलाशी ली।
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। हालांकि, इन धमकी भरे ईमेल के कारण कुछ समय के लिए स्कूल परिसर में तनाव का माहौल रहा। पुलिस फिलहाल ईमेल भेजने वालों की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है।
सीवान, एजेंसी। बिहार के सीवान में पटाखा बनाने के दौरान हुए ब्लास्ट में पति-पत्नी और उनकी बेटी समेत 7 की मौत हो गई।
जामो थाना क्षेत्र के अलमापुर गांव के एक मकान में पटाखे बनाए जा रहे थे। इसी दौरान अचानक धमाके होने लगे। इस धमाके में पूरा मकान उड़ गया। लोगों के शव सड़क पर बिखर गए।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब डेढ़ घंटे तक रुक-रुककर धमाके होते रहे।
धमाके के बाद क्षतिग्रस्त मकान।
दमकल की गाड़ियां की मदद से आग बुझाने की कोशिश
घटना की सूचना मिलने के बाद सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता, महाराजगंज एसडीपीओ अमन और बड़हरिया, जामो, गोरेयाकोठी समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची है। अधिकारी घटनास्थल की जायजा ले रहे हैं।
एसडीपीओ ने बताया कि दमकल की गाड़ियां की मदद से आग बुझाने की कोशिश की जा रही है। आग पर काबू पाने के बाद मामले की जांच की जाएगी।
एसपी भारत सोनी ने बताया कि अब तक शवों की पहचान नहीं हो सकी है। जिस मकान में पटाखे बनाए जा रहे थे, वह घनी आबादी वाले इलाके में है।
हादसे की तस्वीरें
धमाके के बाद मकान के बाहर बिखरे शव।
धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद DM और SP मौके पर पहुंचे।