देश
फारूक अब्दुल्ला बोले- ऊपर वाले ने बचाया:हमलावर ने सिर पर कुछ इंच दूर से गोली चलाई थी, सुरक्षाकर्मी की वजह से बचे
श्रीनगर,एजेंसी। नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर बुधवार रात एक व्यक्ति ने फायरिंग कर दी। हमलावर ने सिर पर कुछ इंच दूर से गोली चलाई थी। गनीमत रही कि सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर का हाथ ऊपर कर दिया और उन्हें गोली नहीं लगी।
अधिकारियों के मुताबिक फारूक जम्मू में एक शादी समारोह में पहुंचे थे। उनके साथ राज्य के डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी भी थे। फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार को कहा-
मुझे ऊपर वाले ने बचाया है। शादी से निकलते समय मैंने कुछ आवाज सुनी, मुझे लगा कि यह पटाखा है। बाद में मुझे बताया गया कि एक आदमी ने पिस्तौल से दो गोलियां चलाईं। सुरक्षाकर्मियों ने बीच-बचाव किया, जिससे हथियार ऊपर की ओर हो गया और नुकसान होने से बच गया।
वहीं, हमलावर कमल ने पुलिस को बताया कि वह पिछले 20 सालों से फारूक अब्दुल्ला को मारना चाहता था। हमलावर को कोर्ट ने 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू में फायरिंग की घटना के बाद फारूक अब्दुल्ला से फोन पर बात की और उनका हालचाल पूछा।
फारूक अब्दुल्ला ने ये भी बताया…
- मेरे पास मेरी सिक्योरिटी की तारीफ करने के लिए शब्द नहीं हैं। लोकल पुलिस वाले, मेरे साथ रहने वाले सिक्योरिटी वाले और NSG के सदस्य शामिल थे, जो मेरी सुरक्षा के लिए मेरे सामने खड़े थे।
- मैं उस आदमी को नहीं जानता, न ही किसी ने मुझे उसके बारे में कभी कुछ बताया। जहां तक उसके मकसद की बात है मुझे कैसे पता चलता कि वह क्या हो सकता था?
- सवाल यह है कि इस शादी में कई जाने-माने लोग मौजूद थे, इसलिए पुलिस को सही सावधानी बरतनी चाहिए थी। लेकिन पुलिस का कोई इंतजाम नहीं था।
- सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि उस शादी में कई जाने-माने लोग आए थे। ऐसे इवेंट में प्रोटेक्शन होना जरूरी था, खासकर आज जिस तरह के माहौल में हम रह रहे हैं।
- इस मामले की सही जांच होनी चाहिए। अब यह गृहमंत्री पर है कि वे जांच करें और पता लगाएं कि ऐसा क्यों हुआ और इसका क्या कारण था। आजकल इस तरह की चीजें होती रहती हैं।
- हमलावर को हमेशा फायदा होता है। उसे पता होता है कि वह आपको कहां टारगेट करना चाहता है। लेकिन मैं यह नहीं कहूंगा कि सिक्योरिटी और बढ़ानी चाहिए। यह मुख्य मुद्दा नहीं है।

हमलावर कमल सिंह जमवाल को गुरुवार को मेडिकल चेकअप के लिए ले जाया गया।
हमलावर ने पहले कहा यही मकसद था, फिर बोला- गलती हो गई
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रेसिडेंट फारूक अब्दुल्ला पर हमला करने का आरोपी कमल सिंह जामवाल पर पूछताछ में कई बार बयान बदल चुका है। घटना के बाद रात में उसने दावा किया था कि पिछले 20 साल से वो फारूक अब्दुल्ला को मारना चाहता था।
आरोपी ने कहा था कि यही मेरी जिंदगी का मकसद था। लेकिन घटना के बाद अगली सुबह उसने कहा कि हमसे गलती हो गई। अब पछतावा हो रहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि ये घटना के समय थोड़ा नशे में भी था। गुरुवार को मेडिकल जांच के लिए ले जाते वक्त जामवाल ने कहा- मैंने किसी के कहने पर गोली नहीं चलाई। मैंने अपनी मर्जी से गोली चलाई है।
जांचकर्ताओं ने शुरुआती तौर पर ये माना है कि आरोपी फायरिंग करते समय कथित तौर पर शराब पी हुई थी। पुलिस सूत्रों ने कहा कि आरोपी अगले दिन पछतावे की हालत में लग रहा था और उसने ऐसे बयान दिए जो उसके पहले के दावों से उलट थे।
आरोपी ने पूछताछ के दौरान कई अलग-अलग बातें बताई हैं। इसलिए उससे अलग-अलग कई अधिकारियों ने बारी-बारी से पूछताछ की है। जिससे उसके असली वजह का पता लगाया जा सके। इसके साथ ही पुलिस उसके 20 साल पुराने बैकग्राउंड की भी जांच कर रही है। आरोपी के पड़ोसियों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ की गई है।
सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुई घटना…
घटना का सीसीटीवी भी सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कि 70 साल के हमलावर कमल सिंह जामवाल ने पीछे से आकर फारूक के सिर पर रिवॉल्वर तान दी। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत हमलावर का हाथ हटाया जिससे फायर हवा में हो गया।
हमलावर ने फारूक का पीछा किया

हमलावर कमल पीछे चलते हुए फारूक अब्दुल्ला के करीब आता है।
सिर पर रिवॉल्वर तानी

इसके बाद वह फारूक अब्दुल्ला के सिर के पास रिवॉल्वर लेकर जाता है और फायर करता है।
सिक्योरिटी गार्ड ने हमलावर की कोहनी पकड़कर हाथ उठाया

फायर करते ही सुरक्षाकर्मी कमल को पकड़कर जमीन पर गिरा देते हैं।
हमलावर को भीड़ ने पकड़ लिया

घटना के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मी और वहां मौजूद लोगों ने हमलावर को पकड़ लिया।
हमलावर के साथ मारपीट

कुछ लोगों ने आरोपी कमल सिंह को पकड़ने के बाद उसके साथ मारपीट भी की।
थाने में हमला करना कबूल किया

ये हमलावर कमल सिंह है। सुरक्षाकर्मी उससे पूछताछ कर हमले के कारणों का पता लगा रहे हैं।
जम्मू में नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
नेशनल कॉन्फ्रेंस के हजारों कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने बुधवार को पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर हाल ही में हुए हमले की निंदा करते हुए जम्मू में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी पार्टी के झंडे, प्लेकार्ड और बैनर लिए हुए थे और केंद्र और लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा के नेतृत्व वाले प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए।
पार्टी नेताओं ने इस घटना को केंद्र शासित प्रदेश में लोकतांत्रिक राजनीति के लिए एक गंभीर चुनौती बताया। नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक सीनियर नेता ने रैली को संबोधित करते हुए प्रदर्शनकारियों से कहा, हमारे नेता पर हमला मंजूर नहीं है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए।

जम्मू में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं ने प्रदर्शन किया।
पुलिस बोली- हमलावर के पास कई साल से लाइसेंसी हथियार
पुलिस के मुताबिक, हमलावर पिछले कई सालों से लाइसेंसी हथियार इस्तेमाल कर रहा है। फारूक अब्दुल्ला, सुरिंदर चौधरी और दूसरे बड़े नेता नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ता सुरजीत सिंह के बेटे की शादी में शामिल हुए थे। हमलावर सुरजीत सिंह का कजिन है। वह बिजनेसमैन है और उसकी पुराने शहर में कुछ दुकानें हैं।
CM उमर बोले- Z+ सिक्योरिटी में कोई करीब कैसे आया
फारूक के बेटे और जम्मू-कश्मीर के CM उमर अब्दुल्ला ने X पर लिखा कि एक आदमी लोडेड पिस्टल लेकर पॉइंट-ब्लैंक रेंज में आ गया और गोली चला दी। अल्लाह का शुक्र है कि मेरे पिता बाल-बाल बचे। सवाल उठता है कि कोई Z+ NSG प्रोटेक्टेड पूर्व CM के इतने करीब कैसे पहुंच गया।
घटना के बाद डिप्टी CM सुरिंदर चौधरी ने कहा- पुलिस से पूछना चाहिए कि रॉयल पार्क में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई। वहां लोकल पुलिस से कोई नहीं था। यह बहुत बड़ी सिक्योरिटी चूक है।

घटना के बाद फारूक अब्दुल्ला के घर के बाहर सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है।
फारूक अब्दुल्ला 3 बार CM रह चुके हैं
डॉं फारूक जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी के अध्यक्ष हैं। वे तीन बार जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे हैं। उनके पिता शेख अब्दुल्ला भी मुख्यमंत्री थे। फारूक के बेटे उमर अब्दुल्ला अभी राज्य के मुख्यमंत्री हैं।
फारूक ने मेडिकल की पढ़ाई की और कुछ समय तक डॉक्टर के रूप में काम किया, लेकिन बाद में वे राजनीति में आ गए और अपने पिता की पार्टी से जुड़कर सक्रिय राजनीति करने लगे।
सीएम के रूप में फारूक का पहला कार्यकाल 1982 से 1984 तक रहा। 1986 से 1990 तक वे दूसरी बार और 1996 से 2002 तक तीसरी बार मुख्यमंत्री रहे। वे लोकसभा सदस्य भी रह चुके हैं। अब्दुल्ला 2009 से 2014 तक केंद्रीय ऊर्जा मंत्री भी रह चुके हैं।
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‘फुटपाथ पर चलना नागरिकों का मौलिक अधिकार, जो वाहनों के अधिकार से कहीं ऊपर हैं’ : Supreme Court
नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने आज एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि फुटपाथ पर सुरक्षित चलने के अधिकार को नागरिकों का मौलिक अधिकार घोषित किया है। कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि किसी भी सड़क पर गाड़ियों से पहले पैदल चलने वालों का हक है। साथ ही यह भी कहा कि सुरक्षित फुटपाथ न मिलने के कारण किसी नागरिक के अधिकारों का हनन होता है, तो वह संबंधित सरकारी अधिकारियों या एजेंसियों के खिलाफ अदालत जाकर मुआवजे और कानूनी राहत की मांग कर सकता है।


कोर्ट के फैसले के पीछे का कारण
यह ऐतिहासिक फैसला एक दर्दनाक हादसे की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया है। दरअसल एक पिता अपने 5 साल के मासूम बच्चे को स्कूल छोड़ने जा रहे थे, तभी पीछे से आए एक तेज रफ्तार टैंकर ने बच्चे को कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस हादसे के लिए शुरुआत में रू.7.82 लाख का मुआवजा तय किया था। इसे दिल्ली हाईकोर्ट ने घटाकर रू.4.70 लाख कर दिया गया। दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने बदलते हुए पीड़ित पिता को कुल रू.11.45 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने इस केस को सिर्फ एक एक्सीडेंट न मानकर, देश के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए बड़ा दिशानिर्देश जारी कर दिया।

वाहनों के आविष्कार से पहले से चल रहा है इंसान
जस्टिस की पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस जगह यह दर्दनाक हादसा हुआ, वहां न तो कोई फुटपाथ था और न ही कोई पेडेस्ट्रियन क्रॉसिंग (Pedestrian Crossing)। कोर्ट ने कहा कि “ऐसे हादसे तब तक नहीं रुकेंगे जब तक हम सड़कों के इस्तेमाल के नजरिए को नहीं बदलते। इंसानी सभ्यता वाहनों के आविष्कार से बहुत पहले से पैदल चल रही है। इसलिए, ‘चलने का अधिकार’ सबसे मूल और प्राथमिक अधिकार है, जो कार या बाइक जैसे मोटर वाहनों के अधिकार से कहीं ऊपर है।”
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जियो का IPO जल्द, 27 करोड़ शेयर जारी होंगे:SEBI के पास दस्तावेज जमा, मुकेश अंबानी बोले- आकाश, ईशा और अनंत जिम्मेदारी संभालेंगे
मुंबई, एजेंसी। रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं सालाना बैठक, यानी AGM शुक्रवार, 19 जून को हुई। कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने करीब 44 लाख शेयरहोल्डर्स को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कंपनी यूरोप और अफ्रीका के मार्केट में एंट्री कर रही है। वहीं, कंपनी जियो का IPO भी लाने जा रही है।
अंबानी बताया कि 19 जून को ही SEBI के पास जियो IPO के दस्तावेज जमा कर दिए गए हैं। जियो के 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। हालांकि शेयरों की कीमत क्या रहेगी, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं दी गई है।

इसके अलावा रिलायंस फाउंडेशन मुंबई में एक बड़ी अर्बन ग्रीन सेंक्चुरी का प्रोजेक्ट ‘कोस्टल गार्डन’ के नाम से लाएगा। मुंबई में ही करीब 410 एकड़ में वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी बनाने के प्रोजेक्ट को भी महाराष्ट्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। वहीं, वंतारा यूनिवर्सिटी की शुरुआत भी की जा रही है, जहा वन्यजीव संरक्षण और जानवरों की चिकित्सा के लिए विशेषज्ञ स्तर की शिक्षा मिलेगी।

मुकेश अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर है।
मुकेश अंबानी के संबोधन की बड़ी बातें…
जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड ने आज सुबह इसके ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस को मंजूरी दे दी है और इसे आज ही सेबी के पास फाइल किया जाएगा। आकाश अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी जियो आईपीओ की इस पूरी प्रोसेस को हेड कर रहे हैं।
जियो ने शानदार सफलता के 10 साल पूरे कर लिए हैं और यह भारत के डिजिटल व AI रिवॉल्यूशन का सबसे मुख्य जरिया बन गया है। इसके साथ ही रिलायंस रिटेल ने भी एक ट्रेलब्लेज़र के रूप में अपने 20 साल पूरे कर लिए हैं, जो भारत के ऑर्गेनाइज्ड रिटेल रिवॉल्यूशन का कैटलिस्ट बना है। इन दोनों ही बिजनेस में हम नंबर वन बने हुए हैं।
आकाश अंबानी के संबोधन की बड़ी बातें…
जियो प्लेटफॉर्म के एमडी आकाश अंबानी ने कहा है कि जियो दुनिया की लीडिंग ग्लोबल सैटेलाइट कंसर्टियम कंपनियों के साथ पार्टनरशिप कर रहा है। जियो भारत के लिए एक खुद का लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट नेटवर्क बनाने की संभावनाओं पर काम कर रहा है। कंपनी इसके लिए जरूरी ग्राउंड स्टेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है।
रिलायंस इंटेलिजेंस जामनगर में खुद का AI बैकबोन तैयार कर रहा है, जिसका 120 मेगावाट का पहला फेज 2026 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी अपने AI इन्फ्रास्ट्रक्चर को ताकत देने के लिए एनवीडिया GB300 जीपीयू का इस्तेमाल शुरू कर रही है।
जियो भारतीय भाषाओं में एआई बना रहा है, ताकि देश भर के लोगों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करना आसान और फायदेमंद हो सके। हम जो बना रहे हैं वो भारत के लिए एआई है, भारत द्वारा बनाया गया एआई है और एक दिन यह पूरी दुनिया के काम आएगा। हमारा लक्ष्य इस दशक के अंत तक एआई को हर किसी के बजट में लाना है।

जियो भारतीय भाषाओं में एआई बना रहा है, ताकि देश भर के लोगों के लिए इसका इस्तेमाल करना आसान और फायदेमंद हो सके।
रिलायंस ने ‘जियो टेलीफ्रेम’ पेश किया है, यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसे AI एजेंट्स के लिए डिज़ाइन किया गया है। वहीं जियो होम्स अगली पीढ़ी की ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी देगा, जिसमें हर घर को 5 Gbps डाउनलोड और 1 Gbps अपलोड तक की स्पीड मिलेगी।
जियो का यूजर बेस 52.4 करोड़ सब्सक्राइबर्स को पार कर गया है, जिसने भारत के सबसे बड़े टेलीकॉम ऑपरेटर के रूप में इसकी स्थिति को और मजबूत किया है। वहीं 1.3 करोड़ से ज्यादा घर जियो एयरफाइबर से जुड़ चुके हैं। चीन के बाहर किसी भी एक देश में काम करने वाले टेलीकॉम ऑपरेटर का सबसे बड़ा 5G यूजर बेस बन गया है।
AI वॉइस असिस्टेंट लॉन्च करेगा जियो
जियो ‘जियो कॉल एजेंट’ लेकर आ रहा है। यह एक AI वॉइस असिस्टेंट है जो सीधे जियो नेटवर्क में ही जुड़ा होगा, इसके लिए कोई एप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह सर्विस हर जियो यूजर के लिए उपलब्ध होगी और यह सभी भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करेगी।
यूजर्स सिर्फ “हे जियो” बोलकर इस एआई असिस्टेंट को चालू कर सकेंगे, जिसके बाद यह कॉल में शामिल होकर यूजर की मदद कर सकेगा। यह एआई एजेंट लाइव कॉल के दौरान बातचीत को लिख सकता है और कॉन्फ्रेंस कॉल में 10 अलग-अलग लोगों की आवाज पहचान सकता है।

जियो AI वॉइस असिस्टेंट सीधे जियो नेटवर्क में ही जुड़ा होगा। इसके लिए कोई एप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
यह कॉल समरी, वर्क लिस्ट और रिमाइंडर भी तैयार कर सकता है, जिसे कॉल खत्म होने के बाद शेयर किया जा सकेगा। यह एआई असिस्टेंट लाइव कॉल के दौरान ही कई काम कर सकता है, जैसे खाना ऑर्डर करना, कैब बुक करना, टेबल रिजर्व करना और मीटिंग शेड्यूल करना।
आकाश अंबानी का कहना है कि जियो कॉल एजेंट को वॉइस कॉल के अंदर मिलने वाले एक पर्सनल एआई कॉन्शिएर्ज (मददगार) के रूप में तैयार किया गया है। उम्मीद है कि इसे इस साल के आखिर तक जियो के 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स के लिए लॉन्च कर दिया जाएगा।
रिटेल बिजनेस पर रिलायंस की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी…
ईशा अंबानी ने कहा कि हमारे रजिस्टर्ड कस्टमर्स की संख्या 11% सालाना बढ़त के साथ 38.7 करोड़ पहुंच गई है। हमने 1.93 अरब ट्रांजैक्शन पूरे किए, जो पिछले साल के मुकाबले 39% ज्यादा हैं। स्मार्ट बाजार नेटवर्क ने 1000 स्टोर्स का आंकड़ा पार कर लिया है।
ईशा अंबानी के मुताबिक, होम और पर्सनल केयर सेगमेंट इंडस्ट्री के मुकाबले 5 गुना रफ्तार से बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2026 बेहतरीन काम और बड़ी रफ्तार वाला साल रहा। सालाना 11.8% की बढ़त के साथ रेवेन्यू 3,70,026 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।
ईशा अंबानी ने बताया कि जियोमार्ट 3,100 से ज्यादा स्टोर्स के साथ भारत का सबसे बड़ा क्विक कॉमर्स नेटवर्क बन गया है, जो 5,100 से ज्यादा पिन कोड वाले 1,200 से अधिक शहरों में अपनी सर्विस दे रहा है। वहीं जियोपॉलिटिकल दिक्कतों की वजह से कच्चे माल और पैकेजिंग की लागत बढ़ गई है। ग्लोबल सप्लाई चेन पर भी बुरा असर पड़ा है।

ईशा अंबानी ने वित्त वर्ष 2026 को बेहतरीन काम और बड़ी रफ्तार वाला साल बताया।
अनंत अंबानी बोले- पश्चिम एशिया संकट का उत्पादन क्षमता पर असर नहीं
रिलायंस के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बीच, बेहतर लॉजिस्टिक्स और सोर्सिंग की वजह से मार्च में रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता को बनाए रखने में मदद मिली। इस संकट के कारण जब एलएनजी की सप्लाई में दिक्कत आई, तब रिलायंस ने घरेलू गैस को जरूरी सेक्टरों की तरफ डाइवर्ट किया। अनंत अंबानी के मुताबिक, एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन (E&P) के क्षेत्र में नए मौकों की तलाश भी लगातार जारी है।
अनंत अंबानी ने कहा कि कच्चे तेल और प्रोडक्ट मार्केट में उतार-चढ़ाव के बावजूद, अलग-अलग जगहों से सोर्सिंग करने की वजह से रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता लगभग पूरी बनी रही। पश्चिम एशिया संकट के बीच, बेहतर लॉजिस्टिक्स और सोर्सिंग की वजह से मार्च में रिफाइनरी थ्रूपुट को बनाए रखने में मदद मिली।
देश
अद्वित ज्वेल्स का IPO 23 जून को, मूल्य दायरा 130-138 रुपए प्रति शेयर
नई दिल्ली, एजेंसी। आभूषण क्षेत्र की कंपनी अद्वित ज्वेल्स लिमिटेड का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) 23 जून को खुलेगा। कंपनी ने इस आईपीओ के लिए 130 से 138 रुपए प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। यह आईपीओ पूरी तरह 1.19 करोड़ नए शेयरों के निर्गम पर आधारित है। इसके जरिये 165.15 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य है। जयपुर की कंपनी के अनुसार, यह आईपीओ 23 जून को खुलकर 25 जून को बंद होगा।

अद्वित ज्वेल्स लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक नितिन गिलारा ने कहा, ”अपने बी2बी (कंपनियों के बीच) कारोबार को प्रभावित किए बिना, हम अगले तीन वर्षों में देश भर में 30 खुदरा शोरूम खोलकर सीधे उपभोक्ताओं से जुड़े अपने व्यवसाय का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं।”
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