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छत्तीसगढ़

13-14 साल की लड़कियां अफीम उगाने में लगाई गई:300 में कराई जाती थी मजदूरी; झारखंड में एक्शन के बाद छत्तीसगढ़ का रुख किया

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बलरामपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के जिस त्रिपुरी पंचायत के सरनाटोली मोहल्ले में अफीम की खेती पकड़ी गई, उसका खुलासा उसी गांव की एक नाबालिग मजदूर लड़की को रांची भगाकर ले जाने से जुड़ा है।

ग्रामीणों का कहना है कि लड़की अफीम के खेत में मजदूरी करने के लिए जाती थी। कुछ और नाबालिग वहां काम करने जाते ​थे और बदले में उन्हें 300 रुपए मजदूरी दी जाती थी।

गांव के कुछ लोग खेत में काम करने के लिए नाबालिग मजदूर उपलब्ध करवाते थे। इधर, खजूरी के तुर्रीपानी में भी डेढ़ एकड़ जमीन में अफीम की खेती मिली है।

जानकारों का कहना है कि झारखंड में अफीम की खेती के खिलाफ सख्ती बढ़ने के बाद अफीम नेटवर्क छत्तीसगढ़ में पैर फैला रहा है।

बलरामपुर के सरनाटोली मोहल्ले में 3.67 एकड़ में अफीम की फसल लगी थी।

बलरामपुर के सरनाटोली मोहल्ले में 3.67 एकड़ में अफीम की फसल लगी थी।

इस पूरी अफीम की फसल को उखड़वा दिया गया है।

इस पूरी अफीम की फसल को उखड़वा दिया गया है।

खेत से करीब 350 किलो अफीम जब्त की गई है। जिसकी कीमत करीब 2 करोड़ है।

खेत से करीब 350 किलो अफीम जब्त की गई है। जिसकी कीमत करीब 2 करोड़ है।

ग्रामीणों को नहीं पता था अफीम की फसल है

मंगलवार (10 मार्च) को बलरामपुर के त्रिपुरी ग्राम पंचायत के सरनाटोली मोहल्ले में 3.67 एकड़ में अफीम की फसल मिली थी। बुधवार (11 मार्च) को मजिस्ट्रेट आशीष कुमार चंदोहे की मौजूदगी में अफीम की फसल को उखड़वाया गया और उसे जब्त किया गया।

जब्त अफीम की कीमत 2 करोड़ से ज्यादा बताई जा रही है। मौके पर भास्कर की टीम पहुंची। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने दो महीने पहले अफीम की फसल देखी थी। यदि उन्हें पता होता कि अफीम की खेती हो रही है तो पुलिस को जरूर बताते।

कम उम्र के लोगों से करवाते थे मजदूरी

ग्रामीणों ने भास्कर की टीम को बताया कि झारखंड से आए चौकीदार कुछ लोगों के संपर्क में थे और वे मजदूरों को बुलवाते थे। वे कम उम्र के लोगों से मजदूरी करवाते थे। बदले में उन्हें एक दिन के 300 रुपए मजदूरी देते थे। एक ग्रामीण ने बताया कि उसका बेटा रामपाल और नेहरू कुछ दिन खेत पर मजदूरी किए हैं।

वहीं, एक लड़की जो 13-14 साल की है, वह भी अफीम के खेत में काम करने जाती थी। एक दिन वह अचानक गायब हो गई, फिर पता चला कि वह अफीम के खेत के ही एक चौकीदार के पास है। यह मालूम हुआ कि उसे चौकीदार भगाकर रांची ले गया है। वहां आरपीएफ ने संदेह के आधार पर चौकीदार और लड़की से पूछताछ की।

चौकीदार वहां से भाग गया। लड़की ने फोन पर अपने पिता को इस बारे में बताया। पिता उसे गांव लेकर पहुंचे और पंचायत बैठी। इसमें ग्रामीणों ने अजीबोगरीब खेती की बात भी बताई। इसी बीच दुर्ग में अफीम की खेती का खुलासा हुआ तो सोशल मीडिया में लोगों ने डोडे की फोटो देखा और बात खुल गई।

अफीम की खेती डिजिटल सर्वे में अन्य अनाज के नाम पर दर्ज है

जिस जमीन पर अफीम की खेती की गई है, वह डिजिटल सर्वे में अन्य अनाज के नाम से दर्ज है। साथ ही दो मवेशियों की मौत डोडा खाने से होने की भी चर्चा है। वहीं, कुसमी के पास ही खजुरी के तुर्रीपानी में डेढ़ एकड़ जमीन में अफीम की खेती की गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक्स पर इस बारे में लिखा। हालांकि अधिकारी खेती से इनकार करते रहे।

जब्त अफीम की कीमत 2 करोड़ से ज्यादा बताई जा रही है।

जब्त अफीम की कीमत 2 करोड़ से ज्यादा बताई जा रही है।

खेत में उतारे 100 मजदूर, 1 एक घंटे में उखाड़ दी 4 माह की फसल

पटवारी प्रीतम राम ने बताया कि डिजिटल सर्वे में यह पड़त जमीन के तौर पर दर्ज है। बाजू में गेहूं की फसल लगी है। त्रिपुरी के पंचायत सचिव शिवधारी सहित आसपास के अन्य पंचायतों के सचिवों ने 100 मजूदरों को बुधवार (11 मार्च) की सुबह 6 बजे ही अफीम की खेत के पास बुलवा लिया ​था, जिससे वहां मेले जैसा माहौल था।

रायपुर और अंबिकापुर से अधिकारियों की टीम के पहुंचने के बाद दोपहर 2 बजे अफीम की फसल को मजदूरों ने उखाड़ना शुरू किया और तीन बजे तक दो खेतों की फसल को उखाड़ दिया। बताया जा रहा कि नवंबर की शुरुआत में फसल लगाई गई थी।

ग्रामीणों ने बताया कि भाजपा नेता जिरमल राम जो कि पास के ही गांव भगचंद का रहने वाला है, उसने ही ग्रामीणों की जमीन अफीम की खेती करने के लिए झारखंड के किसी व्यक्ति को लीज पर दिलवाई थी। सरगना गांव नहीं आता था। चौकीदार पूरे समय वहां मौजूद रहते ​थे।

कलेक्टर राजेंद्र कटारा और एसपी वैभव बैंकर का कहना है कि मामले की अभी जांच चल रही है। यह प्रक्रिया में है, इसलिए अभी कुछ नहीं बता सकते। 7 लोगों को संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।

मजिस्ट्रेट आशीष कुमार चंदोहे की मौजूदगी में अफीम की फसल को उखड़वाया गया और उसे जब्त किया गया।

मजिस्ट्रेट आशीष कुमार चंदोहे की मौजूदगी में अफीम की फसल को उखड़वाया गया और उसे जब्त किया गया।

कांग्रेस की जांच टीम पहुंची

कांग्रेस की 10 सदस्यीय जांच टीम भी मौके पहुंची। कांग्रेस नेताओं में पूर्व विधायक डॉ.प्रीतम राम, पूर्व विधायक भानुप्रताप सिंह, जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिहर यादव, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हरीश मिश्रा सहित अन्य नेताओं ने भाजपा सरकार व प्रशासन पर आरोप लगाए।

नेताओं ने कहा कि पहले धान के नाम पर प्रदेश को जाना जाता था लेकिन अब अफीम की खेती के लिए छत्तीसगढ़ चर्चा में है। भाजपा राज में नशे का कारोबार चल रहा है। प्रशासन को पूरे मामले का पता था, लेकिन अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की।

इधर, कांग्रेस के दूसरे गुट के नेता भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने भाजपा सरकार पर नशे को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

राज्य के अन्य दूरस्थ वन क्षेत्रों में सिंडिकेट की होगी जांच

क्या छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती का संगठित नेटवर्क? छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में 3.67 एकड़ में अफीम की खेती मिलने से राज्य में सक्रिय किसी संगठित ड्रग नेटवर्क की आशंका गहरा गई है। दुर्ग के बाद बलरामपुर का यह मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि यहां झारखंड के विशेषज्ञों को बुलाकर खेती कराई जा रही थी।

स्थानीय स्तर पर जमीन लीज पर दिलाने और बकायदा चौकीदार तैनात करने जैसी व्यवस्था एक सुनियोजित गिरोह की ओर इशारा करती है। प्रशासन और एजेंसियां अब यह जांच रही हैं कि क्या राज्य के अन्य दूरस्थ वन क्षेत्रों में भी इसी तरह का सिंडिकेट फैला है और इसमें किन बड़े चेहरों की संलिप्तता है।

जानकारों का कहना है कि झारखंड में अफीम की खेती के खिलाफ सख्ती बढ़ने के बाद अफीम नेटवर्क छत्तीसगढ़ में पैर फैला रहा है।

जानकारों का कहना है कि झारखंड में अफीम की खेती के खिलाफ सख्ती बढ़ने के बाद अफीम नेटवर्क छत्तीसगढ़ में पैर फैला रहा है।

जनवरी में शिकायत, कार्रवाई मार्च में क्यों?

प्रशासन की कार्रवाई के दौरान सरपंच नजर नहीं आया। कुछ लोगों ने बताया कि वह कुछ समय के लिए आया था, फिर चला गया। वहीं, उसके नदारद रहने को लेकर भी चर्चा होती रही। सवाल ये है कि जब ग्रामीणों ने अफीम की फसल देखी और सरपंच ने पुलिस को फोटो भेजा था तो आखिर किस बात का इंतजार किया जा रहा था या कोई और दबाव था। ग्रामीणों के मुताबिक जब सरपंच ने जनवरी में शिकायत की थी तो कार्रवाई मार्च में क्यों की जा रही है।

इसलिए अफीम बेल्ट बन रहा बॉर्डर

छत्तीसगढ़–झारखंड सीमा के बलरामपुर, जशपुर, सरगुजा और झारखंड के गढ़वा, लातेहार, चतरा, खूंटी जिलों में अवैध अफीम खेती बार-बार पकड़ी जा रही है। 2017–18 में खूंटी में करीब 1550 एकड़ फसल नष्ट की गई। 2019–21 में भी कई इलाकों में खेती मिली। 2023 में एनसीबी ने चतरा में कार्रवाई की, जबकि 2025 में झारखंड पुलिस ने 3000 एकड़ से ज्यादा फसल नष्ट की। विशेषज्ञों के मुताबिक घने जंगल और पहाड़ी इलाकों में खेती छिपाना आसान है। नेटवर्क अब छत्तीसगढ़ तक फैल रहा है।

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कोरबा

राजस्व अनुविभाग स्तर पर 18 से 20 जून तक आयोजित होंगे 3-दिवसीय वृहद पंजीकरण शिविर

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कोरबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष के कार्यकाल के उपलक्ष्य में संपूर्ण प्रदेश में ‘‘विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के‘‘ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत केंद्र एवं राज्य सरकार की समस्त हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए प्रत्येक राजस्व अनुविभाग (सब-डिवीजन) स्तर पर 18 से 20 जून 2026 तक 3-दिवसीय वृहद पंजीकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में मुख्य रूप से पात्र नागरिकों के नए पंजीकरण, त्रुटि सुधार और समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निवारण किया जाएगा।
इसी कड़ी में कोरबा अनुविभाग अंतर्गत शिविर नगर निगम पं. जवाहर लाल नेहरू सभाकक्ष में आयोजित किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा आमजनों से शिविर का लाभ उठाने की अपील की गई है।

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कोरबा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 12 वर्ष विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के पूर्ण होने पर कोरबा में तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी का हुआ शुभारंभ

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सुश्री लखनी साहू, विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर श्रीमती संजू देवी सहित जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शनी का किया अवलोकन

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुए परिवर्तनकारी कार्यों को प्रभावी ढंग से किया गया है प्रदर्शित

सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों की झलक से रूबरू हो रहे नागरिक

कोरबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार के 12 वर्ष विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनसंपर्क विभाग द्वारा 17, 18 एवं 19 जून 2026 तक तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। यह प्रदर्शनी कोरबा शहर के घंटाघर स्थित स्मृति उद्यान के समीप आयोजित की गई है। प्रदर्शनी के माध्यम से देश में हुए ऐतिहासिक विकास कार्यों, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, आत्मनिर्भर भारत अभियान तथा विकसित भारत-2047 की संकल्पना को आकर्षक छायाचित्रों एवं जानकारीपरक सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।

फोटो प्रदर्शनी का शुभारंभ आज महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित सुश्री लखनी साहू के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, गोपाल मोदी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया, डॉ. राजीव सिंह, पार्षद नरेंद्र देवांगन, अशोक चावलानी सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

प्रदर्षनी का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा फीता काटकर किया गया। इसके पश्चात भारत माता, पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के छायाचित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया गया। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं तथा उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए परिवर्तनकारी कार्यों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया है। इसमें गरीब कल्याण, किसान हितैषी योजनाएं, महिला सशक्तिकरण, युवा विकास, बुनियादी अधोसंरचना, आत्मनिर्भर भारत तथा विकसित भारत-2047 जैसे विषयों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है, जो आमजन के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

मुख्य अतिथि सुश्री लखनी साहू ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि बीते 12 वर्ष सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित रहे हैं। इन वर्षों में देश ने विकास और प्रगति के अनेक नए आयाम स्थापित किए हैं, जिन्हें आज प्रत्येक नागरिक अपने जीवन में अनुभव कर रहा है।

कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में उनके 12 वर्ष पूर्ण होना देश के लिए गौरव का विषय है। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचा है तथा विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास कार्य संपादित हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी को इस उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

महापौर श्रीमती राजपूत ने भी प्रदर्शनी की सराहना करते हुए आमजनों से प्रदर्शनी का अवलोकन कर योजनाओं की जानकारी लेने का आग्रह किया।

अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर केंद्र एवं राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश में हुए परिवर्तनकारी कार्यों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। इसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को प्रदान की गई आर्थिक सहायता, कृषि क्षेत्र में सुधार, ई-नाम प्लेटफॉर्म के माध्यम से कृषि विपणन को बढ़ावा, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, जनधन योजना, डिजिटल इंडिया अभियान, लखपति दीदी योजना तथा विकसित भारत संकल्प अभियान जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की उपलब्धियों को दर्शाया गया है। प्रदर्शनी स्थल पर स्थापित एलईडी स्क्रीन के माध्यम से शासन की योजनाओं, विकास कार्यों और जनहितकारी पहलों पर आधारित वृत्तचित्रों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

फोटो प्रदर्शनी में देश की आधारभूत संरचना को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले कार्यों को भी विशेष स्थान दिया गया है। इसमें विश्व के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे ब्रिज, समुद्र पर निर्मित अटल सेतु, राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विस्तार, वंदे भारत ट्रेनों, सेमीकंडक्टर निर्माण, डिजिटल क्रांति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में देश की सुरक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए किए गए कार्यों को भी दर्शाया गया है। स्वदेशी रक्षा उत्पादन, रक्षा निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में हुए नवाचारों की जानकारी आमजन को दी जा रही है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं तथा हितग्राहियों की प्रेरक सफलता की कहानियों को भी प्रदर्शनी में शामिल किया गया है। रंगीन छायाचित्रों, आंकड़ों, ग्राफिक्स और सूचना पटलों के माध्यम से योजनाओं के प्रभाव और उपलब्धियों को सरल एवं आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

प्रदर्शनी स्थल पर स्थापित एलईडी स्क्रीन के माध्यम से विकास परियोजनाओं और जनहितकारी योजनाओं पर आधारित वृत्तचित्रों का प्रदर्शन किया गया है। जिसने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
युवा,  बच्चे, बड़े बुजुर्ग,  महिलाएं,  सभी आयु वर्ग के लोगो ने छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की ।

जनसंपर्क विभाग द्वारा इस अवसर पर ‘जनमन’ पत्रिका, ‘सुशासन के नवीन आयाम’ सहित विभिन्न प्रचार-प्रसार सामग्री का भी निःशुल्क वितरण किया जा रहा है। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों, महिला स्व-सहायता समूहों, युवाओं, किसानों और आम नागरिकों की विशेष भागीदारी देखने को मिल रही है। जिला प्रशासन एवं जनसंपर्क विभाग ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में प्रदर्शनी का अवलोकन कर केंद्र एवं राज्य शासन की जनहितकारी योजनाओं, विकास कार्यों तथा देश की उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त करें और इस जनजागरूकता अभियान का हिस्सा बनें।

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कोरबा

राज्य सरकार की बेहतर व्यवस्था से किसानों को समय पर मिल रहे कृषि आदान सामग्री

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खाद-बीज की सहज उपलब्धता से बढ़ा किसानों का भरोसा, शीला टोप्पो ने जताई खुशी
कोरबा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप खाद, बीज एवं अन्य कृषि आदानों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसका लाभ जिले के किसानों को सहजता से मिल रहा है, जिससे उनमें उत्साह और संतोष का वातावरण है।

कोरबा जिले के देलवाड़ीह की कृषक श्रीमती शीला टोप्पो भी उन किसानों में शामिल हैं जिन्हें समय पर कृषि आदान सामग्री उपलब्ध होने से खेती की तैयारियों में बड़ी सुविधा मिली है। लगभग तीन एकड़ भूमि में धान की खेती करने वाली श्रीमती टोप्पो इन दिनों खरीफ फसल की तैयारियों में जुटी हुई हैं। उनकी कृषि भूमि भालुसटका क्षेत्र में स्थित है और वे स्वयं खेती का पूरा कार्य संभालती हैं।
खेती की तैयारियों के तहत वे जामबहार सोनपुरी सहकारी समिति पहुंचीं, जहां से उन्होंने यूरिया, सुपर फॉस्फेट एवं बीज प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि सहकारी समिति में खाद एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता होने से किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें आसानी से सभी आवश्यक सामग्री उपलब्ध हो गई।
श्रीमती टोप्पो ने कहा कि समय पर खाद-बीज उपलब्ध हो जाना किसानों के लिए बहुत बड़ी सहायता है। इससे खेती की तैयारियां सुचारू रूप से हो पाती हैं और उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलती है। उन्होंने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कृषि आदानों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

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