बलरामपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के जिस त्रिपुरी पंचायत के सरनाटोली मोहल्ले में अफीम की खेती पकड़ी गई, उसका खुलासा उसी गांव की एक नाबालिग मजदूर लड़की को रांची भगाकर ले जाने से जुड़ा है।
ग्रामीणों का कहना है कि लड़की अफीम के खेत में मजदूरी करने के लिए जाती थी। कुछ और नाबालिग वहां काम करने जाते थे और बदले में उन्हें 300 रुपए मजदूरी दी जाती थी।
गांव के कुछ लोग खेत में काम करने के लिए नाबालिग मजदूर उपलब्ध करवाते थे। इधर, खजूरी के तुर्रीपानी में भी डेढ़ एकड़ जमीन में अफीम की खेती मिली है।
जानकारों का कहना है कि झारखंड में अफीम की खेती के खिलाफ सख्ती बढ़ने के बाद अफीम नेटवर्क छत्तीसगढ़ में पैर फैला रहा है।
बलरामपुर के सरनाटोली मोहल्ले में 3.67 एकड़ में अफीम की फसल लगी थी।
इस पूरी अफीम की फसल को उखड़वा दिया गया है।
खेत से करीब 350 किलो अफीम जब्त की गई है। जिसकी कीमत करीब 2 करोड़ है।
ग्रामीणों को नहीं पता था अफीम की फसल है
मंगलवार (10 मार्च) को बलरामपुर के त्रिपुरी ग्राम पंचायत के सरनाटोली मोहल्ले में 3.67 एकड़ में अफीम की फसल मिली थी। बुधवार (11 मार्च) को मजिस्ट्रेट आशीष कुमार चंदोहे की मौजूदगी में अफीम की फसल को उखड़वाया गया और उसे जब्त किया गया।
जब्त अफीम की कीमत 2 करोड़ से ज्यादा बताई जा रही है। मौके पर भास्कर की टीम पहुंची। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने दो महीने पहले अफीम की फसल देखी थी। यदि उन्हें पता होता कि अफीम की खेती हो रही है तो पुलिस को जरूर बताते।
कम उम्र के लोगों से करवाते थे मजदूरी
ग्रामीणों ने भास्कर की टीम को बताया कि झारखंड से आए चौकीदार कुछ लोगों के संपर्क में थे और वे मजदूरों को बुलवाते थे। वे कम उम्र के लोगों से मजदूरी करवाते थे। बदले में उन्हें एक दिन के 300 रुपए मजदूरी देते थे। एक ग्रामीण ने बताया कि उसका बेटा रामपाल और नेहरू कुछ दिन खेत पर मजदूरी किए हैं।
वहीं, एक लड़की जो 13-14 साल की है, वह भी अफीम के खेत में काम करने जाती थी। एक दिन वह अचानक गायब हो गई, फिर पता चला कि वह अफीम के खेत के ही एक चौकीदार के पास है। यह मालूम हुआ कि उसे चौकीदार भगाकर रांची ले गया है। वहां आरपीएफ ने संदेह के आधार पर चौकीदार और लड़की से पूछताछ की।
चौकीदार वहां से भाग गया। लड़की ने फोन पर अपने पिता को इस बारे में बताया। पिता उसे गांव लेकर पहुंचे और पंचायत बैठी। इसमें ग्रामीणों ने अजीबोगरीब खेती की बात भी बताई। इसी बीच दुर्ग में अफीम की खेती का खुलासा हुआ तो सोशल मीडिया में लोगों ने डोडे की फोटो देखा और बात खुल गई।
अफीम की खेती डिजिटल सर्वे में अन्य अनाज के नाम पर दर्ज है
जिस जमीन पर अफीम की खेती की गई है, वह डिजिटल सर्वे में अन्य अनाज के नाम से दर्ज है। साथ ही दो मवेशियों की मौत डोडा खाने से होने की भी चर्चा है। वहीं, कुसमी के पास ही खजुरी के तुर्रीपानी में डेढ़ एकड़ जमीन में अफीम की खेती की गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक्स पर इस बारे में लिखा। हालांकि अधिकारी खेती से इनकार करते रहे।
जब्त अफीम की कीमत 2 करोड़ से ज्यादा बताई जा रही है।
खेत में उतारे 100 मजदूर, 1 एक घंटे में उखाड़ दी 4 माह की फसल
पटवारी प्रीतम राम ने बताया कि डिजिटल सर्वे में यह पड़त जमीन के तौर पर दर्ज है। बाजू में गेहूं की फसल लगी है। त्रिपुरी के पंचायत सचिव शिवधारी सहित आसपास के अन्य पंचायतों के सचिवों ने 100 मजूदरों को बुधवार (11 मार्च) की सुबह 6 बजे ही अफीम की खेत के पास बुलवा लिया था, जिससे वहां मेले जैसा माहौल था।
रायपुर और अंबिकापुर से अधिकारियों की टीम के पहुंचने के बाद दोपहर 2 बजे अफीम की फसल को मजदूरों ने उखाड़ना शुरू किया और तीन बजे तक दो खेतों की फसल को उखाड़ दिया। बताया जा रहा कि नवंबर की शुरुआत में फसल लगाई गई थी।
ग्रामीणों ने बताया कि भाजपा नेता जिरमल राम जो कि पास के ही गांव भगचंद का रहने वाला है, उसने ही ग्रामीणों की जमीन अफीम की खेती करने के लिए झारखंड के किसी व्यक्ति को लीज पर दिलवाई थी। सरगना गांव नहीं आता था। चौकीदार पूरे समय वहां मौजूद रहते थे।
कलेक्टर राजेंद्र कटारा और एसपी वैभव बैंकर का कहना है कि मामले की अभी जांच चल रही है। यह प्रक्रिया में है, इसलिए अभी कुछ नहीं बता सकते। 7 लोगों को संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
मजिस्ट्रेट आशीष कुमार चंदोहे की मौजूदगी में अफीम की फसल को उखड़वाया गया और उसे जब्त किया गया।
कांग्रेस की जांच टीम पहुंची
कांग्रेस की 10 सदस्यीय जांच टीम भी मौके पहुंची। कांग्रेस नेताओं में पूर्व विधायक डॉ.प्रीतम राम, पूर्व विधायक भानुप्रताप सिंह, जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिहर यादव, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हरीश मिश्रा सहित अन्य नेताओं ने भाजपा सरकार व प्रशासन पर आरोप लगाए।
नेताओं ने कहा कि पहले धान के नाम पर प्रदेश को जाना जाता था लेकिन अब अफीम की खेती के लिए छत्तीसगढ़ चर्चा में है। भाजपा राज में नशे का कारोबार चल रहा है। प्रशासन को पूरे मामले का पता था, लेकिन अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की।
इधर, कांग्रेस के दूसरे गुट के नेता भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने भाजपा सरकार पर नशे को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
राज्य के अन्य दूरस्थ वन क्षेत्रों में सिंडिकेट की होगी जांच
क्या छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती का संगठित नेटवर्क? छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में 3.67 एकड़ में अफीम की खेती मिलने से राज्य में सक्रिय किसी संगठित ड्रग नेटवर्क की आशंका गहरा गई है। दुर्ग के बाद बलरामपुर का यह मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि यहां झारखंड के विशेषज्ञों को बुलाकर खेती कराई जा रही थी।
स्थानीय स्तर पर जमीन लीज पर दिलाने और बकायदा चौकीदार तैनात करने जैसी व्यवस्था एक सुनियोजित गिरोह की ओर इशारा करती है। प्रशासन और एजेंसियां अब यह जांच रही हैं कि क्या राज्य के अन्य दूरस्थ वन क्षेत्रों में भी इसी तरह का सिंडिकेट फैला है और इसमें किन बड़े चेहरों की संलिप्तता है।
जानकारों का कहना है कि झारखंड में अफीम की खेती के खिलाफ सख्ती बढ़ने के बाद अफीम नेटवर्क छत्तीसगढ़ में पैर फैला रहा है।
जनवरी में शिकायत, कार्रवाई मार्च में क्यों?
प्रशासन की कार्रवाई के दौरान सरपंच नजर नहीं आया। कुछ लोगों ने बताया कि वह कुछ समय के लिए आया था, फिर चला गया। वहीं, उसके नदारद रहने को लेकर भी चर्चा होती रही। सवाल ये है कि जब ग्रामीणों ने अफीम की फसल देखी और सरपंच ने पुलिस को फोटो भेजा था तो आखिर किस बात का इंतजार किया जा रहा था या कोई और दबाव था। ग्रामीणों के मुताबिक जब सरपंच ने जनवरी में शिकायत की थी तो कार्रवाई मार्च में क्यों की जा रही है।
इसलिए अफीम बेल्ट बन रहा बॉर्डर
छत्तीसगढ़–झारखंड सीमा के बलरामपुर, जशपुर, सरगुजा और झारखंड के गढ़वा, लातेहार, चतरा, खूंटी जिलों में अवैध अफीम खेती बार-बार पकड़ी जा रही है। 2017–18 में खूंटी में करीब 1550 एकड़ फसल नष्ट की गई। 2019–21 में भी कई इलाकों में खेती मिली। 2023 में एनसीबी ने चतरा में कार्रवाई की, जबकि 2025 में झारखंड पुलिस ने 3000 एकड़ से ज्यादा फसल नष्ट की। विशेषज्ञों के मुताबिक घने जंगल और पहाड़ी इलाकों में खेती छिपाना आसान है। नेटवर्क अब छत्तीसगढ़ तक फैल रहा है।
कोरबा। कोरबा पुलिस ने मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर डकैती की तीन घटनाओं का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से डकैती में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।
पुलिस के अनुसार, बीते दिनों बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र के बलगी सबस्टेशन और सूराकछार खदान, साथ ही दीपका थाना क्षेत्र की दीपका खदान में हथियारों के बल पर डकैती की वारदातें हुई थीं। बदमाशों ने कर्मचारियों से मारपीट कर नकदी और कीमती सामान लूटा था।
इन घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए बाँकीमोंगरा थाने में अपराध क्रमांक 148/2026, 131/2026 और दीपका थाने में अपराध क्रमांक 01/2026 भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किए गए। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने जांच शुरू की।
टीम ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और संदिग्धों पर निगरानी रखी। तकनीकी विश्लेषण और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में राजपाल चौहान (22), निवासी जामनीमूड़ा पाली; फिरोज मेमन (27), निवासी भिलाईबाजार, हरदीबाजार; निकेश कुमार कश्यप (21), निवासी शुक्लाखर, थाना बांकीमोंगरा; और होरीलाल केवट (24), निवासी शांतिनगर, थाना कुसमुंडा शामिल हैं। इनके साथ एक विधि से संघर्षरत बालक को भी पकड़ा गया है।
पूछताछ में आरोपियों ने तीनों डकैती की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल जब्त कर ली है। मुख्य आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। इस गिरोह के कुछ अन्य साथी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
कोरबा। कोरबा किन्नर समाज की अध्यक्ष और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता मालती किन्नर का रविवार सुबह निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं और शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान सुबह करीब 4 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
मालती किन्नर को कोरबा में किन्नर समाज की मुखर आवाज के रूप में जाना जाता था। उन्होंने समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम किया। वे त्योहारों और शुभ अवसरों पर बधाई देने के साथ-साथ जरूरतमंद परिवारों की मदद और सामाजिक जागरूकता अभियानों में भी अग्रणी रहीं।
महापौर पद का चुनाव लड़ चुकी थी
सामाजिक गतिविधियों के अलावा, मालती किन्नर राजनीति में भी सक्रिय थीं। उन्होंने कोरबा नगर निगम चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर महापौर पद का चुनाव लड़ा था। हालांकि वे चुनाव नहीं जीत पाईं, लेकिन उनके इस कदम ने किन्नर समाज को मुख्यधारा की राजनीति में पहचान दिलाई।
बाद में उन्होंने कांग्रेस पार्टी में संगठनात्मक जिम्मेदारी भी संभाली और पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लिया। उनके मिलनसार स्वभाव और संघर्षशील व्यक्तित्व के कारण समाज के सभी वर्गों में उनकी अच्छी पकड़ थी। उन्होंने कई बार प्रशासनिक स्तर पर भी किन्नर समाज की समस्याओं को उठाया।
नेताओं ने जताया शोक
मालती किन्नर के निधन की खबर से किन्नर समाज सहित सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। कांग्रेस, भाजपा सहित विभिन्न संगठनों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया। लोगों ने कहा कि उन्होंने समाज को सम्मान दिलाने और हाशिए पर खड़े लोगों को मंच प्रदान करने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
निधन की सूचना मिलने के बाद छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से किन्नर समाज के सदस्य कोरबा पहुंचे। उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
मालती किन्नर के निधन से कोरबा ने एक जुझारू सामाजिक कार्यकर्ता खो दिया है। किन्नर समाज के सदस्यों का कहना है कि उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी, लेकिन उनके द्वारा शुरू किए गए सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत के साथ कर्मचारियों ने लिया राष्ट्रसेवा का संकल्प
कोरबा। अपनी सामाजिक, धार्मिक एवं राष्ट्रीय परंपराओं को निरंतर निभाने वाले कृष्णा ग्रुप द्वारा देश का 80वाँ स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 2026 को पूरे उत्साह, उमंग एवं राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर कृष्णा ग्रुप के चेयरमैन अशोक मोदी, मैनेजिंग डायरेक्टर संजय मोदी, डायरेक्टर राजा मोदी, चैतन्य मोदी, नरेंद्र मोदी, अयन मोदी, श्रीमती प्रीति मोदी, श्रीमती शिखा मोदी, श्रीमती अंकिता मोदी एवं वेदान्त मोदी सहित कृष्णा ग्रुप मैनेजमेंट तथा कोरबा में संचालित विभिन्न डीलरशिप के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
समारोह का शुभारंभ प्रातः 11 बजे ध्वजारोहण के साथ हुआ। ध्वजारोहण के पश्चात सामूहिक रूप से राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत का गायन किया गया। इसके बाद भारत माता की पूजा-अर्चना कर संघ प्रार्थना की गई तथा राष्ट्र और समाज के प्रति प्रत्येक नागरिक के कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
छोटे-छोटे अनुशासन भी राष्ट्रसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम — अशोक मोदी
समारोह को संबोधित करते हुए कृष्णा ग्रुप के चेयरमैन अशोक मोदी ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का इतिहास अत्यंत गौरवशाली होने के साथ-साथ अनेक संघर्षों से भी भरा हुआ है। विदेशी आक्रमणों और लंबे समय तक चले विदेशी शासन ने देश की सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक व्यवस्था को प्रभावित किया। इसके पश्चात अंग्रेजी शासन की ईस्ट इंडिया कंपनी व्यापार के माध्यम से भारत में आई और धीरे-धीरे अपनी सत्ता स्थापित करते हुए पूरे देश को गुलामी की ओर धकेल दिया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने “फूट डालो और राज करो” की नीति के माध्यम से भारतीयों को आपस में बांटने का प्रयास किया।
श्री मोदी ने कहा कि आज भी देश में विदेशी कंपनियों के बढ़ते प्रभाव को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में चिंता एवं विरोध देखने को मिलता है। उन्होंने जेसीबी इंडिया जैसी विदेशी कंपनियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका प्रभाव भारतीय एवं स्वदेशी उद्योगों के लिए कई बार गंभीर प्रतिस्पर्धात्मक चुनौतियां उत्पन्न करता है। ऐसे में आवश्यकता है कि सरकार विदेशी कंपनियों की व्यावसायिक गतिविधियों पर उचित नियंत्रण एवं प्रभावी नियमन सुनिश्चित करे, ताकि भारतीय एवं स्वदेशी उद्योगों को समान अवसर मिल सके और देश की कंपनियां मजबूती के साथ आगे बढ़ सकें।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का निर्माण केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक, व्यापारी, उद्योगपति और युवा के सामूहिक प्रयास से संभव है। हमें स्वदेशी उत्पादों, भारतीय उद्यमों और देश में निर्मित वस्तुओं को प्राथमिकता देने के साथ-साथ अपनी तकनीकी एवं औद्योगिक क्षमता को मजबूत करना होगा।
श्री मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता हमें अनेक वीरों के त्याग, तपस्या और बलिदान के बाद प्राप्त हुई है, इसलिए इसकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
श्री मोदी ने कहा कि देश की सेवा केवल सीमा पर जाकर या कोई बड़ा कार्य करके ही नहीं की जाती, बल्कि हम अपने दैनिक जीवन के छोटे-छोटे कार्यों से भी राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। ईमानदारी से अपना कार्य करना, समय पर कार्यस्थल पर उपस्थित होना, निर्धारित कार्य को पूरी जिम्मेदारी से पूरा करना, कार्य के समय मोबाइल पर अनावश्यक समय न गंवाना, स्वच्छता बनाए रखना, प्लास्टिक एवं कचरा इधर-उधर न फेंकना, पार्किंग एवं यातायात नियमों का पालन करना तथा सरकार द्वारा निर्धारित कर, जीएसटी, आरटीओ, इंश्योरेंस, बैंकिंग एवं अन्य सभी नियमों का पूरी ईमानदारी से पालन करना भी राष्ट्रसेवा का ही हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने व्यवहार में शालीनता, ईमानदारी, अनुशासन और जिम्मेदारी को अपनाए तथा देश की उन्नति के बारे में चिंतन करे, तो भारत को और अधिक शक्तिशाली, समृद्ध एवं विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता।
अशोक मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत ने विकास के अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय गति प्राप्त की है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना के साथ देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व की प्रमुख आर्थिक शक्तियों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। हमारा लक्ष्य भारत को पुनः “सोने की चिड़िया” के रूप में विश्व के सामने स्थापित करना होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत सदैव विश्व शांति का पक्षधर रहा है और हमारी संस्कृति पूरे विश्व को “वसुधैव कुटुम्बकम्” का संदेश देती है। आने वाले समय में भारत मानवता, शांति, सद्भाव और संस्कारों के माध्यम से विश्व का मार्गदर्शन करे तथा पूरे विश्व में रामराज्य जैसी आदर्श व्यवस्था की स्थापना की दिशा में आगे बढ़े, यही हमारी कल्पना और संकल्प होना चाहिए।
विदेशों में प्रशिक्षण लेकर लौटते हैं, लेकिन भारत जैसा अपनापन कहीं नहीं — राजा मोदी
कृष्णा ग्रुप के डायरेक्टर राजा मोदी ने कहा कि कंपनी के कार्यों के सिलसिले में उन्हें पिछले कई वर्षों से विदेशों में जाने का अवसर मिलता रहा है। विदेशों में प्रशिक्षण लेने और नई तकनीक एवं कार्यप्रणाली सीखने के बावजूद भारत जैसा अपनापन, प्यार, सम्मान और आत्मीयता कहीं और अनुभव नहीं होती।
उन्होंने कहा कि भारत जैसा महान देश पूरे विश्व में दूसरा नहीं है। हमें अपने देश की विशेषताओं को समझते हुए अपने-अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए और देश के भविष्य के बारे में निरंतर चिंतन करना चाहिए।
एआई एवं नई तकनीक अपनाकर भारत के विकास में दें योगदान — वेदान्त मोदी
कृष्णा ग्रुप के डायरेक्टर वेदान्त मोदी ने कहा कि भारत में व्यवसाय एवं विकास की असीम संभावनाएं मौजूद हैं। आज दुनिया तेजी से तकनीकी परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में हमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक और नई कार्यप्रणालियों को अपनाकर अपने व्यवसाय को आधुनिक बनाना चाहिए तथा देश की आर्थिक प्रगति में अपना योगदान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवा नई तकनीक, नवाचार, मेहनत और राष्ट्रहित की भावना को साथ लेकर आगे बढ़ें तो भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता।
प्रतिदिन राष्ट्रगान एवं धार्मिक-सामाजिक सेवा कृष्णा ग्रुप की विशेष पहचान
समारोह में कृष्णा ग्रुप की विभिन्न डीलरशिप के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कृष्णा ग्रुप की राष्ट्रभक्ति, सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कृष्णा ग्रुप के सभी शोरूम एवं वर्कशॉप में प्रतिदिन राष्ट्रगान किया जाना अपने आप में राष्ट्रप्रेम एवं राष्ट्रभक्ति का प्रेरणादायी उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि व्यावसायिक संस्था होने के बावजूद कृष्णा ग्रुप द्वारा सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों को भी निरंतर महत्व दिया जाता है। प्रत्येक सप्ताह हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया जाता है। वहीं श्री सप्तदेव मंदिर के माध्यम से नियमित रूप से धार्मिक एवं सेवा कार्य संचालित किए जाते हैं। जरूरतमंदों के लिए कंबल वितरण, छाता वितरण, शरबत वितरण, भोग-भंडारा, प्रसाद वितरण सहित अनेक सेवा गतिविधियां समय-समय पर की जाती हैं।
नशामुक्ति का दिलाया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से उपस्थित शेखर जी, ब्रह्माकुमारी बहन मधुबाला एवं सृष्टि बहन द्वारा उपस्थित सभी लोगों को नशामुक्ति का संकल्प कराया गया। उन्होंने स्वस्थ एवं संस्कारवान समाज के निर्माण के लिए नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले 16 कर्मचारियों का सम्मान
स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर कृष्णा ग्रुप की विभिन्न डीलरशिप में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 16 कर्मचारियों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर उनके कार्य, अनुशासन, समर्पण एवं संस्था के प्रति उनकी निष्ठा की सराहना की गई तथा अन्य कर्मचारियों को भी उनसे प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर कृष्णा ग्रुप की ओर से सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही सभी से राष्ट्रहित, समाजहित एवं संस्था की प्रगति के लिए निरंतर ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया।
कृष्णा ग्रुप ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यह संकल्प दोहराया कि व्यवसाय के साथ-साथ राष्ट्रसेवा, समाजसेवा, धार्मिक परंपराओं, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, अनुशासन एवं मानव सेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।