छत्तीसगढ़
सक्ती : भारतीय अग्निवीर थल सेना भर्ती हेतु आनलाईन रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 01 अप्रैल
सक्ती। भारतीय अग्निवीर थल सेना भर्ती हेतु आनलाईन रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 01 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। जिसके अंतर्गत अग्निवीर जनरल ड्यूटी, टेक्नीकल, क्लर्क-स्टोर कीपर टेक्नीकल एवं ट्रेडमेन के पदों पर भर्ती की जाएगी। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि भर्ती रैली में सम्मिलित होने अभ्यर्थी की अनिवार्य योग्यता 8वीं, 10वीं एवं 12वीं तथा अभ्यर्थी का जन्म 01 जुलाई 2005 से 01 जुलाई 2009 के मध्य होना चाहिए। आवेदकों का ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन वेबसाईट https://joinindianarmy.nic.in/ में करना अनिवार्य है। भारतीय थल सेना में सिपाही (फर्मा) पदों पर अविवाहित पुरूष आवेदक की आयु 01 जुलाई 2002 से 01 जनवरी 2008 की मध्य होना चाहिए। ऑनलाईन कॉमन एंट्रेस एग्जाम (सीईई) 01 जून 2026 से 10 जून 2026 तक होने की संभावना हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के दूरभाष क्रमांक 0771-2965212 या जिला रोजगार कार्यालय सक्ती के दूरभाष क्रमांक +91-9424252156 में संपर्क कर सकते हैं।
कोरबा
जंगल की आग जैसा लाल … पर जंगलवासियों की जिंदगी में उजियारा भरने वाला- पलाश का फूल
कटघोरा वनमंडल ने पलाश फूलों की खरीदी कर बढ़ाया आजीविका का आधार
कोरबा। बसंत की हल्की आहट के साथ ही जब हवा में एक अलग-सी सुगंध घुलने लगती है, तब जंगलों का रंग अचानक बदल जाता है। हरियाली के बीच एक तेज, चमकदार नारंगी-लाल रंग उभरता है,यह है पलाश। जिसे लोग ढाक, टेसू या फ्लेम आफ दी फारेस्ट के नाम से जानते हैं। दूर से निहारें तो ऐसा प्रतीत होता है मानो जंगल सचमुच आग की लपटों में सिमटकर भी मुस्कुरा रहा हो। पर पलाश केवल एक सुंदर दृश्य नहीं है। यह छत्तीसगढ़ के आदिवासी जीवन की धड़कन है, रोजगार का साधन, परंपरा का हिस्सा, औषधि का स्रोत और आत्मसम्मान की पहचान।

कोरबा के जंगलों में पलाश की अपनी अलग ही छटा है। जब इसका मौसम आता है, तो ये फूल पेड़ों पर ही नहीं, जमीन पर भी बिखरकर प्रकृति की रंगोली रच देते हैं। जहां-जहां ये खिलते हैं, वहां सिर्फ सुंदरता नहीं, बल्कि संभावनाएं भी जन्म लेती हैं। अब पलाश केवल जंगल की शोभा नहीं रहा, बल्कि जंगल वासियों के जीवन में उजाला भरने वाला माध्यम बन चुका है। हर बसंत के साथ जब ये फूल खिलते हैं, तो उनके साथ ही खिलती है नई उम्मीद, नई कमाई और बेहतर भविष्य की एक नई कहानी।
कटघोरा वनमंडल के पसान, केन्दई, जटगा, एतमानगर, चैतमा और पाली क्षेत्र में पलाश के वृक्ष प्रकृति के अनमोल उपहार की तरह मौजूद हैं। मार्च-अप्रैल आते ही जब ये फूल झरने लगते हैं, तो आदिवासी परिवार सुबह-सुबह जंगल की राह पकड़ लेते हैं। हाथों में टोकरी और मन में उम्मीद लिए वे एक-एक फूल चुनते हैं-मानो अपने जीवन की छोटी-छोटी खुशियों को समेट रहे हों।

पलाश के फूल केवल रंग और सुंदरता तक सीमित नहीं हैं। इनके औषधीय गुण, प्राकृतिक होली रंग के रूप में उपयोग और बाजार में बढ़ती मांग ने इन्हें आज एक मजबूत आजीविका का साधन बना दिया है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ, रायपुर द्वारा वर्ष 2025 में इसका संग्रहण दर 11.50 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया, जिससे संग्राहकों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिलने लगा है। समय के साथ इसकी कीमत में भी निरंतर वृद्धि हुई है। वर्ष 2022-23 में जहां इसका क्रय मूल्य 900 रुपये प्रति क्विंटल था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 1150 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। संघ मुख्यालय रायपुर द्वारा इसे टेंडर के माध्यम से 1600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से विक्रय किया गया, जो इसकी बढ़ती आर्थिक उपयोगिता को दर्शाता है।
कटघोरा वनमंडल अधिकारी कुमार निशांत के अनुसार, वन धन विकास केंद्र -पसान, मोरगा, डोंगानाला, गुरसिया और मानिकपुर के माध्यम से पलाश फूलों का संग्रहण व्यवस्थित रूप से किया जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में संग्राहकों की संख्या और संग्रहण की मात्रा में उतार-चढ़ाव जरूर देखने को मिला है, लेकिन प्रयास लगातार जारी हैं। वर्ष 2022-23 में 116 संग्राहकों द्वारा 402 क्विंटल, वर्ष 2023-24 में 40 संग्राहकों द्वारा 58 क्विंटल, वर्ष 2024-25 में 107 संग्राहकों द्वारा 147 क्विंटल तथा वर्ष 2025-26 में 20 संग्राहकों द्वारा 76 क्विंटल पलाश फूल संग्रहित किए गए। वर्ष 2025-26 में संग्राहकों को कुल 87,400 रुपये का भुगतान किया गया, जो उनके जीवनयापन में महत्वपूर्ण सहारा बना।
आगामी सीजन को लेकर वनमंडल की सभी समितियां सक्रिय हो गई हैं। अधिक से अधिक ग्रामीणों को इससे जोड़ने और संग्रहण बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार की योजना बनाई जा रही है, ताकि पलाश के इन फूलों से आदिवासी परिवारों की आय में और वृद्धि हो सके।
पलाश अब केवल जंगल में खिलने वाला फूल नहीं है-यह उम्मीद का रंग है, श्रम का सम्मान है और आत्मनिर्भरता की एक सशक्त कहानी है। जब अगली बार बसंत आएगा और पलाश खिलेगा, तब वह केवल जंगल को नहीं, बल्कि कई जिंदगियों को रोशन करता नजर आएगा।
कोरबा
नीट परीक्षा के दौरान कड़ी निगरानी एवं सतर्कता रखें – कलेक्टर
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने 3 मई को आयोजित होने वाली नीट परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की। जिला समन्वय समिति की बैठक में कलेक्टर ने परीक्षा केंद्रों में की गई व्यवस्थाओं एवं अधिकारियों की ड्यूटी की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने कार्यपालिक दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की तैनाती के साथ ही फ्लाइंग स्क्वॉड की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि परीक्षा के दौरान कड़ी निगरानी एवं सतर्कता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने परीक्षार्थियों के लिए जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने परीक्षा केंद्रों के बाहर पर्याप्त पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करने, संदिग्ध गतिविधियों की रोकथाम हेतु नियमित पेट्रोलिंग कराने तथा प्रश्नपत्र को पुलिस अभिरक्षा में सुरक्षित लाने के निर्देश दिए। साथ ही परीक्षा उपरांत उत्तरपुस्तिकाओं को सुरक्षित जमा कराने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर कौशल तेंदुलकर, प्राचार्य केंद्रीय विद्यालय, पुलिस विभाग के अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।
कोरबा
सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का हो गुणवत्तापूर्ण निराकरण – कलेक्टर
खराब हैंडपंपों की त्वरित मरम्मत एवं सार्वजनिक स्थानों में प्याऊ की व्यवस्था के निर्देश
गर्मी के मद्देनजर जिले में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
लू से बचाव एवं उपचार हेतु स्वास्थ्य विभाग की टीम को तैनात रहने के निर्देश
सुशासन तिहार अवधि में शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध
समय-सीमा की बैठक
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर 1 मई से 10 जून तक प्रदेश के सभी स्थानों में आयोजित होने वाले सुशासन तिहार की तैयारियों की समीक्षा करते हुए समय-सीमा की बैठक में सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने लंबित राजस्व, पेंशन तथा राशनकार्ड से संबंधित आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने बताया कि 1 मई से 10 जून तक शहर के वार्डों तथा ग्रामीण क्षेत्रों की ग्राम पंचायतों में शिविर लगाकर आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। संबंधित जिला अधिकारी प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ निराकरण सुनिश्चित करेंगे तथा आवेदकों को इसकी जानकारी भी देंगे।
गर्मी के बढ़ते प्रकोप को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने शिविर स्थलों में पर्याप्त पेयजल, ओआरएस पैकेट, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों एवं एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिविर स्थलों पर छाया, पंखे तथा कूलर की व्यवस्था करने को भी कहा।
समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर श्री दुदावत ने विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने टीएल में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। पीएमओ, मुख्यमंत्री जनदर्शन और कलेक्टर जनदर्शन के महत्वपूर्ण प्रकरणों की भी समीक्षा कर निराकरण में तेजी लाने कहा।
खाद एवं बीज भंडारण तथा वितरण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने ग्राम स्तर पर कोटवारों द्वारा मुनादी करने तथा एग्रीस्टेक पोर्टल पर धान खरीदी हेतु किसानों का पंजीयन 31 मई से पूर्व अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने लक्ष्य निर्धारित कर मिशन मोड में कार्य करने तथा आवश्यकतानुसार पटवारियों की ड्यूटी लगाने को कहा।

बैठक में ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सर्वेक्षण कार्य में तेजी लाने तथा महत्वपूर्ण व्यक्तियों, पुराने जमीदारों, मंदिरों, वैद्यराजों, गुनियाओं एवं प्रभावशाली व्यक्तियों से संपर्क कर पांडुलिपियों की जानकारी जुटाने व पोर्टल में अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन योगदानकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र, शॉल एवं श्रीफल देकर सम्मानित करने को कहा।
गर्मी के मौसम को देखते हुए कलेक्टर ने पूरे जिले में पेयजल आपूर्ति बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने खराब हैंडपंपों की त्वरित मरम्मत तथा शिकायत मिलते ही तत्काल सुधार सुनिश्चित करने को कहा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में नदी एवं ढोढ़ी का पानी पीने की नौबत न आए। उन्होंने आवश्यक स्थानों में पानी टंकी की स्थापना, नए बोर खनन तथा आवश्यकता पड़ने पर टैंकर के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक के दूरस्थ ग्रामों में पाइपलाइन सुधार कर नियमित पानी आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा।

कलेक्टर ने सार्वजनिक स्थानोंकृग्राम पंचायतों, बैंकों, भीड़भाड़ वाले स्थानों, बस स्टैंड, बाजार और कलेक्ट्रेट परिसरकृमें प्याऊ की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम पंचायतों एवं अन्य कार्यालयों के आसपास मिट्टी के घड़े एवं पानी पीने हेतु ग्लास उपलब्ध कराने को कहा।
लू से बचाव एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने लू से बचाव संबंधी एडवाइजरी जारी कर आम नागरिकों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए।
विद्युत विभाग के अधिकारियों को कलेक्टर ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि खराब ट्रांसफार्मर की शिकायत मिलते ही संबंधित ग्राम का ट्रांसफार्मर जाँचकर तत्काल बदला जाए तथा बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। विद्युत संबंधी समस्त शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर श्री दुदावत ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए इंस्टॉलेशन की संख्या में वृद्धि करने के निर्देश दिए। आरबीसी 6-4 तथा स्वेच्छानुदान अंतर्गत प्रदेय राशि समय पर हितग्राहियों को वितरित करने को कहा।
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत युवाओं के चयन, महत्वपूर्ण ट्रेड में प्रशिक्षण एवं आवेदन प्राप्त कर काउंसिलिंग आयोजित करने हेतु लाइवलीहुड कॉलेज प्राचार्य तथा जनपद सीईओ को आवश्यक निर्देश दिए।
कलेक्टर ने ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा 2.0 अंतर्गत उपलब्ध सेवाओं को पूर्णतः ऑनलाइन मोड में लेकर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में डीएफओ कटघोरा कुमार निशांत, निगमायुक्त आशुतोष पांडेय, जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल सहित सभी अधिकारी उपस्थित रहे।
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