Connect with us

छत्तीसगढ़

नक्सलवाद खात्मे की डेडलाइन के 17 दिन शेष:बैज ने पूछा-मार्च के बाद नक्सली घटनाओं की जिम्मेदारी किसकी होगी, भाजपा बोली-कांग्रेस नक्सलवाद पर संदेह फैलाती है

Published

on

जगदलपुर,एजेंसी। देश से नक्सलवाद खत्म करने को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तय की गई 31 मार्च 2026 की डेडलाइन को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। इस मुद्दे पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने केंद्र और राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।

जगदलपुर में प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने घोषणा की थी कि 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद खत्म कर दिया जाएगा, लेकिन अब इस तारीख के आने में महज 17 दिन ही बाकी हैं। ऐसे में सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि अगर इस डेडलाइन के बाद भी नक्सली घटनाएं होती हैं तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?

बैज ने कहा कि बस्तर में लंबे समय से नक्सलवाद और सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बीच आम आदिवासी भी प्रभावित होते रहे हैं। ऐसे में सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि 31 मार्च के बाद सुरक्षा, न्याय और आदिवासियों के अधिकारों को लेकर क्या गारंटी दी जा सकती है?

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज

PCC चीफ के सरकार से 5 सवाल

1. क्या 31 मार्च 2026 के बाद देश में कोई भी नक्सली घटना नहीं होगी? यदि होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?

2. क्या 31 मार्च के बाद किसी भी राजनीतिक कार्यकर्ता, खासकर कांग्रेस कार्यकर्ता की नक्सली हत्या नहीं करेंगे? अगर होती है तो जवाबदार कौन होगा?

3. क्या जंगल में इमली, टोरा और महुआ जैसे वनोपज संग्रह करने जाने वाले आदिवासियों को फर्जी नक्सली बताकर जेल नहीं भेजा जाएगा या फर्जी मुठभेड़ में नहीं मारा जाएगा?

4. क्या सरकार यह गारंटी देती है कि 31 मार्च के बाद इस तरह की घटनाएं पूरी तरह बंद हो जाएंगी? अगर ऐसा नहीं होता है तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी?

5. क्या बस्तर के जल, जंगल और जमीन को निजी उद्योगपतियों को नहीं बेचा जाएगा? क्या सरकार इसकी गारंटी देती है? बैज ने कहा कि नक्सलवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर केवल समयसीमा घोषित करने से समस्या खत्म नहीं होती। सरकार को जमीन पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और यह बताना चाहिए कि डेडलाइन के बाद अगर घटनाएं जारी रहती हैं तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पांडेय

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पांडेय

बैज के सवालों पर भाजपा ने किया पलटवार

दीपक बैज के इन सवालों का जवाब देते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पांडेय ने कहा कि नक्सल हिंसा को खत्म करने केंद्र और राज्य सरकार ने जो काम किए हैं, दीपक बैज ने हमेशा संदेह पैदा किया है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सिर्फ संदेह ही नहीं, बल्कि नक्सलवाद को एक कवर फायर देने की कोशिश की है। नक्सलियों के मारे जाने पर हमेशा उन्हें महुआ संग्रहण करने वाला आदिवासी बताते हैं। जबकि नक्सल संगठन के बड़े कैडर के लोगों को मारा गया है।

उन्होंने कहा, जब नक्सली सरेंडर करते हैं तो उनका कहना होता है कि पंचर बनाने वाले छोटे-छोटे लोग सरेंडर कर रहे हैं। अब इन्होंने नए सवाल पैदा कर दिए हैं। नक्सल हिंसा पूरे देश में शून्य हो गई है। बड़े कैडर्स के नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की डेडलाइन से पहले ही बड़े कैडर्स के नक्सली सोना पैसा के साथ आत्मसमर्पण करने पहुंच गए। यह सारी चीज दीपक बैज को दिखाई नहीं देती है। कांग्रेस ने ही नक्सलियों को पैदा किया है और अब जब वे समाप्त हो रहे हैं तो उसे वे कवर फायर देने की कोशिश कर रहे हैं।

Continue Reading

कोरबा

अमित जोगी का ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन संपन्न:बालको में मजदूरों के लिए प्रदर्शन, प्रबंधन ने मानी तीन मांगें

Published

on

कोरबा। कोरबा में जनता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी का ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन कुछ ही घंटों में संपन्न हो गया। यह आंदोलन बालको में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के अधिकारों के लिए किया गया था। अमित जोगी ने दावा किया कि यह सफल रहा, क्योंकि प्रबंधन ने उनकी तीन प्रमुख मांगें मान ली हैं।

बालको परसाभाटा स्थित गेट के सामने अमित जोगी ने एक टेंट लगाकर प्रदर्शन शुरू किया। उन्होंने वहां मौजूद मजदूरों की समस्याओं को उठाया और उनके साथ गेट की ओर बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस बल ने उन्हें रोका, जिससे कुछ देर तक हल्की धक्का-मुक्की चलती रही।

अमित जोगी ने कहा, ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन सफल

मीडिया से बात करते हुए अमित जोगी ने बताया कि उन्होंने अपने पिता अजीत जोगी द्वारा 2004 में बालको में किए गए आंदोलन की तर्ज पर ही मजदूरों के हक में यह संघर्ष किया है।

जोगी ने पुष्टि की कि उनका ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन सफल रहा है। उन्होंने बताया कि बालको प्रबंधन ने उनकी तीन मांगों को स्वीकार कर लिया है।

आंदोलन में शामिल होने से मजदूरों को रोका गया

अमित जोगी ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल होने से मजदूरों को रोका गया था। उन्होंने दावा किया कि प्रबंधन ने आदेश जारी किए थे कि जो भी इस आंदोलन में शामिल होगा, उसे काम और सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा। जोगी ने कहा कि ऐसी स्थिति में वह खुद बालको की यूनिफॉर्म पहनकर आंदोलन करेंगे।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

PTJNMC की बड़ी उपलब्धि; DM कार्डियोलॉजी की दो-सीट मंजूर:NMC अप्रूवल पर स्वास्थ्य मंत्री ने दी बधाई, स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के स्टाइपेंड का मुद्दा भी गर्माया

Published

on

रायपुर,एजेंसी। राजधानी स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर को बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि मिली है। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए मेडिकल कॉलेज में डीएम-कार्डियोलॉजी (सुपर स्पेशियलिटी) की दो पीजी सीटों को मंजूरी प्रदान की है।

हालांकि इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन ने डीएम यानी डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन करने वाले डॉक्टरों के स्टाइपेंड और कैडर व्यवस्था को लेकर सवाल भी खड़े किए हैं।

विशेषज्ञ समिति की समीक्षा के बाद मिली अनुमति

मेडिकल कॉलेज ने आवेदन पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति हेल्थ साइंसेज और आयुष विश्वविद्यालय, रायपुर के माध्यम से प्रस्तुत किया था। इसके बाद एनएमसी के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड ने कॉलेज की स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट (SAF) और मूल्यांकनकर्ताओं की रिपोर्ट का परीक्षण किया।

विशेषज्ञों की समीक्षा के बाद न्यूनतम मानकों के आधार पर डीएम-कार्डियोलॉजी की दो सीटों को मंजूरी दी गई।

हृदय रोग विशेषज्ञों की संख्या बढ़ने की उम्मीद

सुपर स्पेशियलिटी कोर्स शुरू होने से प्रदेश में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इससे गंभीर हृदय रोगों के इलाज के लिए मरीजों को राज्य के बाहर जाने की जरूरत कम हो सकती है। साथ ही उन्नत हृदय चिकित्सा सेवाओं और शोध गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस उपलब्धि पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन, चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई दी है।

स्टाइपेंड और कैडर को लेकर उठे सवाल

डीएम-कार्डियोलॉजी की सीटों की मंजूरी के साथ ही छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन का कहना है कि छत्तीसगढ़ में अभी तक डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन (DM), सर्जिकल सुपर स्पेशियलिटी (MCh) और डॉक्टरेट ऑफ नेशनल बोर्ड (DrNB) के डॉक्टरों के लिए अलग कैडर या अलग स्टाइपेंड संरचना तय नहीं की गई है।

इसी वजह से कई जगहों पर सुपर स्पेशियलिटी कोर्स कर रहे डॉक्टरों को भी डॉक्टर ऑफ मेडिसिन या मास्टर ऑफ सर्जरी पीजी रेजिडेंट के बराबर ही स्टाइपेंड मिल रहा है, जबकि DM कोर्स MD के बाद किया जाने वाला उच्च स्तर का विशेषज्ञता कोर्स है।

कई बार भेजे जा चुके हैं प्रस्ताव

डॉक्टरों और संस्थानों की ओर से इस मुद्दे पर कई बार सरकार को पत्र लिखकर DM/MCh/DrNB के लिए अलग कैडर और बेहतर वेतन संरचना तय करने की मांग की जा चुकी है। लेकिन अभी तक इस पर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है।

नए DM छात्रों के सामने भी चुनौती

अब जब रायपुर मेडिकल कॉलेज में DM-कार्डियोलाॅजी की पढ़ाई शुरू होने जा रही है, तो यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर स्टाइपेंड और कैडर की स्थिति स्पष्ट नहीं होगी तो दूसरे राज्यों के डॉक्टर यहां सुपर स्पेशियलिटी पढ़ाई के लिए कितने आकर्षित होंगे।

Continue Reading

कोरबा

नम: सामूहिक विवाह:पं.धीरेंद्र शास्त्री के सानिध्य में 108 दिव्यांग व निर्धन कन्याएं बंधेंगी परिणय सूत्र में

Published

on

01 अप्रैल को ढपढप (बांकीमोंगरा) में होगा आयोजन
108 कन्याओं के नए जीवन में प्रवेश कराने हमें मिल रहा अवसर, यह सौभाग्य की बात-सर्वमंगला मंदिर प्रबंधक एव व्यवथापक
कोरबा। माँ सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर दुरपा कोरबा में 2024 में नम: सामूहिक विवाह के सफल आयोजन के बाद इस वर्ष नम: सामूहिक विवाह को बड़ा विस्तार दिया जा रहा है। 01 अप्रैल 2026 को ढपढप (बांकीमोंगरा) में विश्व विख्यात कथा वाचक एवं बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के सानिध्य में एवं अपना आश्रम सेवा समिति के आयोजकत्व में यह पुण्य कर्म सम्पन्न होगा। इस पुण्यधरा पर 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह होगा और वे नवदाम्पत्य जीवन में प्रवेश करेंगी।
नम: सामूहिक विवाह के प्रभारी, माँ सर्वमंगला देवी मंदिर के प्रबंधक/ व्यवस्थापक ने बताया कि अब तक 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं का पंजीयन हो चुका है। यह हमारा सौभाग्य है कि ईश्वरीय कृपा से यह पुण्यकर्म इस बार ग्राम ढपढप (बांकीमोंगरा) में सम्पन्न होगा और नवदम्पत्तियों को शुभ आशीर्वाद देने के लिए विश्व प्रसिद्ध कथा वाचक एवं सनातन धर्म के प्रचारक पंडित धीरेंद्र शास्त्री (पीठाधीश्वर-बागेश्वर धाम) सहित कई लब्ध प्रतिष्ठित एवं विद्वान आचार्यों के साथ प्रदेश के कई राजनीतिक प्रतिभाएं, समाजसेवक अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
ज्ञातव्य हो कि अपना आश्रम सेवा समिति द्वारा ग्राम ढपढप में 27 मार्च से 01 अप्रैल तक श्री हनुमंत कथा का दिव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अपना सानिध्य प्रदान करने बागेश्वर धाम से पंडित धीरेंद्र शास्त्री पधार रहे हैं। 06 दिवसीय इस दिव्य आयोजन के अंतिम दिन 01 अप्रैल को नम: सामूहिक विवाह का आयोजन होगा, जिसमें 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याएं अपने मन पसंद जीवन साथियों के साथ नव दाम्पत्य जीवन प्रारंभ करेंगी। यह हमारा सौभाग्य है कि इस बार नम: सामूहिक विवाह का विस्तार हो रहा है और 108 कन्याओं का सामूहिक विवाह हो रहा है। पंजीयन अभी जारी है और कन्याओं की संख्या बढ़ सकती है।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677