देश
देश में बेरोजगारी दर फरवरी में मामूली घटकर 4.9%: सरकारी सर्वेक्षण
नई दिल्ली,एजेंसी। देश में 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के लोगों के बीच कुल बेरोजगारी दर फरवरी में मासिक आधार पर मामूली घटकर 4.9 प्रतिशत रह गई। यह जनवरी में पांच प्रतिशत थी। सोमवार को जारी आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) से यह जानकारी मिली। सर्वेक्षण के अनुसार, जनवरी, 2026 में बढ़ोतरी के बाद शहरी क्षेत्रों में 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के लोगों के बीच बेरोजगारी दर फरवरी, 2026 में घटकर 6.6 प्रतिशत रह गई, जो दिसंबर, 2025 के 6.7 प्रतिशत के स्तर से भी कम है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह बेरोजगारी दर फरवरी, 2026 में 4.2 प्रतिशत पर स्थिर रही। फरवरी, 2026 में 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु की महिलाओं में कुल बेरोजगारी दर घटकर 5.1 प्रतिशत रह गई जबकि जनवरी, 2026 में यह 5.6 प्रतिशत थी। ग्रामीण तथा शहरी दोनों क्षेत्रों में गिरावट देखी गई।
शहरी महिलाओं की बेरोजगारी दर जनवरी, 2026 के 9.8 प्रतिशत से घटकर फरवरी, 2026 में 8.7 प्रतिशत रह गई, जबकि ग्रामीण महिलाओं की बेरोजगारी दर इसी अवधि में 4.3 प्रतिशत से घटकर चार प्रतिशत हो गई। पुरुषों में कुल बेरोजगारी दर 4.8 प्रतिशत पर स्थिर रही। सर्वेक्षण के अनुसार, 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के लोगों में समग्र श्रम बल सहभागिता दर (एलएफपीआर) फरवरी, 2026 में 55.9 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रही जो जनवरी 2026 के बराबर है। ग्रामीण क्षेत्रों में एलएफपीआर फरवरी, 2026 में 58.7 प्रतिशत रही जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 50.4 प्रतिशत आंकी गई जो जनवरी, 2026 के 50.3 प्रतिशत से थोड़ा अधिक है। वहीं 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु की महिलाओं में एलएफपीआर जनवरी, 2026 के 35.1 प्रतिशत से बढ़कर फरवरी, 2026 में 35.3 प्रतिशत हो गई।

ग्रामीण क्षेत्रों में महिला समग्र श्रम बल सहभागिता दर (एलएफपीआर) जनवरी, 2026 के 39.7 प्रतिशत से बढ़कर फरवरी, 2026 में 40 प्रतिशत हो गई जो ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी में सुधार दर्शाता है। वहीं शहरी महिलाओं में एलएफपीआर 25.5 प्रतिशत पर स्थिर रही। सर्वेक्षण में पाया गया कि 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग में श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) फरवरी, 2026 में ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में लगभग स्थिर रहा। श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) फरवरी, 2026 में 53.2 प्रतिशत रहा जबकि जनवरी, 2026 में यह 53.1 प्रतिशत था। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 56.3 प्रतिशत रहा। इसी तरह शहरी क्षेत्रों में श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) फरवरी, 2026 में 47 प्रतिशत रहा जबकि जनवरी, 2026 में यह 46.8 प्रतिशत था।
सर्वेक्षण के अनुसार, समूचे देश का मासिक अनुमान 3,74,879 लोगों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा किया जाने वाला आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण देश में श्रम गतिविधि, रोजगार एवं बेरोजगारी की स्थिति से जुड़े आंकड़ों का प्रमुख स्रोत है। इस सर्वेक्षण की पद्धति में जनवरी, 2025 से बदलाव किया गया है ताकि देश के लिए श्रम बल से जुड़े संकेतकों के मासिक एवं तिमाही अनुमान उपलब्ध कराए जा सकें।

देश
चांदी की कीमतों को लेकर हैरान कर देने वाले आंकड़े, ज्वैलरी कारोबारियों की बढ़ी चिंता
मुंबई, एजेंसी। पिछले कुछ समय से सोने और चांदी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव ने ज्वैलरी कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर चांदी के दामों में आई भारी तेजी और फिर गिरावट से बाजार में अनिश्चितता का माहौल बन गया है। जनवरी 2026 में चांदी की कीमत लगभग 2.90 लाख रुपए प्रति किलो के ऑल टाइम हाई के करीब पहुंचने के बाद अचानक नीचे आ गई, जिससे कारोबारियों को बड़ा झटका लगा। कीमतें बढ़ते ही ग्राहक खरीदारी से दूरी बनाने लगते हैं, जिसका असर शादी के सीजन में भी बिक्री पर पड़ता है।

चांदी 4 लाख रुपए प्रति किलो तक जा सकती है
ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल के चेयरमैन राजेश रोकड़े का कहना है कि अगर मिडिल ईस्ट में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहा तनाव लंबा खिंचता है तो सोने-चांदी की कीमतों में और तेजी आ सकती है। उनके मुताबिक आने वाले समय में चांदी की कीमत 4 लाख रुपए प्रति किलो से ऊपर जा सकती है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर होने के कारण सरकार कीमतों पर सीधे नियंत्रण नहीं कर सकती लेकिन अगर कस्टम ड्यूटी में 2% तक कटौती की जाती है तो इससे ज्वैलरी कारोबार को राहत मिल सकती है।
कारोबारियों की समस्याओं पर हुई बैठक
राष्ट्रीय स्वर्णकार संघ की एक आपातकालीन बैठक में ज्वैलरी कारोबारियों की समस्याओं पर चर्चा की गई और इससे निपटने के लिए नई रणनीति बनाई गई। इस बैठक में बिहार के खगड़िया से सांसद राजेश वर्मा को संगठन का नया अध्यक्ष घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सहयोग कर रही है लेकिन कई राज्यों में कानून के दुरुपयोग से कारोबारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

देश
सिलेंडर की टेंशन खत्म! PNG नए गैस कनेक्शन पर मिल रही भारी छूट, पहले कनेक्शन पर 500 रुपये की गैस फ्री
नई दिल्ली,एजेंसी। देश में रसोई गैस की आपूर्ति और वितरण को लेकर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार को महत्वपूर्ण आंकड़े साझा करते हुए बताया कि पिछले कुछ दिनों से जारी ‘पैनिक बुकिंग’ (घबराहट में की जाने वाली बुकिंग) में अब गिरावट आने लगी है। आंकड़ों के मुताबिक, जहां 13 मार्च को करीब 88.8 लाख सिलेंडरों की बुकिंग हुई थी, वहीं शनिवार 14 मार्च को यह संख्या घटकर 77 लाख पर आ गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में कहीं भी गैस की किल्लत नहीं है, इसलिए उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है।
500 रुपये का पंजीकरण शुल्क पूरी तरह माफ
सरकार अब उपभोक्ताओं को पारंपरिक एलपीजी (LPG) सिलेंडर के बजाय पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) की ओर प्रोत्साहित करने के लिए आकर्षक योजनाओं की झड़ी लगा रही है। दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने घोषणा की है कि 31 मार्च तक पीएनजी कनेक्शन लेने वालों को 500 रुपये की मुफ्त गैस दी जाएगी। इसी राह पर चलते हुए महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने नए घरेलू कनेक्शन के लिए 500 रुपये का पंजीकरण शुल्क पूरी तरह माफ कर दिया है। सबसे बड़ा ऑफर कमर्शियल यानी व्यापारिक कनेक्शनों के लिए है, जहां कंपनियां 1 लाख से लेकर 5 लाख रुपये तक की भारी-भरकम सिक्योरिटी डिपॉजिट (जमानत राशि) में छूट दे रही हैं।

डिजिटल बुकिंग में उछाल और सख्त निगरानी: नियमों में भी बड़ा बदलाव
गैस वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार के प्रयासों का असर भी दिखने लगा है। सुजाता शर्मा के अनुसार, ऑनलाइन गैस बुकिंग का ग्राफ 84% से बढ़कर 87% तक पहुँच गया है। उन्होंने यह भी साफ किया कि नए संशोधनों के तहत जिन घरों में अब पीएनजी (PNG) का कनेक्शन लग चुका है, उन्हें अपना पुराना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना अनिवार्य होगा। यह कदम संसाधनों के सही वितरण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
बाजार में गैस की कालाबाजारी और अवैध जमाखोरी को रोकने के लिए सरकार ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। देशभर में डिस्ट्रीब्यूटर्स के ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है ताकि कोई भी कृत्रिम किल्लत पैदा न कर सके। वर्तमान स्थिति पर 24 घंटे नजर रखने के लिए 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष ‘कंट्रोल रूम’ स्थापित किए गए हैं। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे सिलेंडर की अनावश्यक जमाखोरी न करें और बुकिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।

देश
सोना ₹2,685 गिरकर ₹1.56 लाख पर आया:चांदी दो दिन में ₹20 हजार सस्ती होकर ₹2.48 लाख पर आई, ईरान जंग का असर
नई दिल्ली,एजेंसी। सोने-चांदी में आज लगातार दूसरे कारोबारी दिन गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,685 रुपए गिरकर 1.56 लाख रुपए पर आ गया है। इससे पहले 13 मार्च को सोना 1.58 लाख रुपए प्रति 10g था।
वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 11,777 रुपए घटकर 2.48 लाख रुपए पर आ गई है। इससे पहले शुक्रवार को इसकी कीमत 2.60 लाख रुपए किलो थी। अमेरिका-ईरान जंग के कारण सोना दो कारोबारी दिन में 4,589 और चांदी 19,590 सस्ती हुई है। इससे पहले 12 मार्च को सोना 1.60 लाख और चांदी 2.68 लाख पर थी।
अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें
- ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: सोना एक शहर से दूसरे शहर ले जाने में ईंधन और भारी सुरक्षा का खर्च आता है। आयात केंद्रों से दूरी बढ़ने पर ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ जाती है, जिससे स्थानीय दाम बढ़ जाते हैं।
- खरीदारी की मात्रा : दक्षिण भारत जैसे इलाकों में खपत ज्यादा (करीब 40%) होने के कारण ज्वेलर्स भारी मात्रा में सोना खरीदते हैं। इससे मिलने वाली छूट का फायदा ग्राहकों को कम दाम के रूप में मिलता है।
- लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: हर राज्य और शहर के अपने ज्वेलरी एसोसिएशन (जैसे तमिलनाडु में मद्रास ज्वेलर्स एसोसिएशन) होते हैं। ये संगठन स्थानीय मांग और सप्लाई के आधार पर अपने इलाके के लिए सोने का रेट तय करते हैं।
- पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स ने अपना स्टॉक किस रेट पर खरीदा है, यह भी मायने रखता है। जिन ज्वेलर्स के पास पुराने और सस्ते रेट पर खरीदा हुआ स्टॉक होता है, वे ग्राहकों से कम कीमत वसूल सकते हैं।
ऑल टाइम हाई से 1.33 लाख रुपए गिरी चांदी
इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 20,407 रुपए सस्ता हो चुका है।
वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 46 दिन में चांदी 1.37 लाख रुपए सस्ती हो गई है।
कीमतें गिरने की 3 बड़ी वजहें
- ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम: अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व की ओर ब्याज दरों में जल्द कटौती की संभावना कम कर दी है। माना जा रहा है कि मार्च की मीटिंग में दरें नहीं घटेंगी।
- कैश पर बढ़ा भरोसा: अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग से मार्केट में अनिश्चितता बढ़ गई है और निवेशक सोने के बजाय नकद हाथ में रखना पसंद कर रहे हैं। इससे सोने की मांग पर असर पड़ा है।
- महंगा तेल और शेयर बाजार की गिरावट: मिडिल ईस्ट जंग की वजह से तेल की कीमतें भी बढ़ रही हैं, जिससे दुनियाभर के शेयर बाजारों में बिकवाली हो रही है। इसका असर कमोडिटी मार्केट पर भी हो रहा है।
एक्सपर्ट व्यू- अभी सोने-चांदी में निवेश से बचें
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक लोग शेयर बाजार में हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए सोने-चांदी में मुनाफा वसूली कर रहे हैं। इससे सोने-चांदी के दामों में गिरावट है।

अजय केडिया अनुसार आगे भी ये गिरावट जारी रह सकती है। इसके चलते सोना 1.50 लाख और चांदी 2.50 लाख रुपए तक आ सकती है। ऐसे में निवेशकों को अभी सोने-चांदी में निवेश से बचना चाहिए।
ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान
1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।
2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

-
कोरबा2 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
Uncategorized6 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा2 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा2 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
