देश
दिल्ली में 4 मंजिला बिल्डिंग में आग, 9 मौतें:इनमें 3 लड़कियां, दमकल ने 10 लोगों का रेक्स्यू किया, दो ने छलांग लगाकर जान बचाई
नई दिल्ली,एजेंसी। दिल्ली के पालम स्थित साध नगर में एक रिहायशी 4 मंजिला बिल्डिंग में बुधवार सुबह करीब 7 बजे भीषण आग लग गई। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 3 नाबालिग लड़कियां शामिल हैं। 2 लोगों ने जान बचाने के लिए बिल्डिंग से छलांग लगा दी।
दोनों को गंभीर चोटें आई हैं। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के कर्मियों ने 10 लोगों का रेक्स्यू किया है। इनमें 3 लोग घायल हैं। करीब 30 फायर ब्रिगेड मौके पर मौजूद हैं। आग पर काबू पा लिया गया है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी और तेजी से फैल गई। इमारत में उस समय 10-15 लोग मौजूद थे। इनमें कुछ शव बरामद किए जा चुके हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

अधिकारियों के अनुसार इमारत अंदर से बुरी तरह डैमेज हो चुकी है।

सीढ़ियों के जरिए फायर ब्रिगेड टीम रेस्क्यू ऑपरेशन करने में जुटी है।

आस-पास की बिल्डिंग्स को भी खाली करा लिया गया है।

बचावकर्मियों ने बिल्डिंग के अंदर से मृतकों के शव प्लास्टिक में लपेटकर बाहर निकाले।

कुल्हाड़ी से बिल्डिंग के हिस्से तोड़कर पानी के पाइप अंदर डाले गए।

जिस जगह आग लगी, वह पालम मेट्रो स्टेशन के पास है। दूर तक लोगों ने धुआं उठता हुआ देखा।
दो घायलों का इलाज IGI अस्पताल में चल रहा
न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, बिल्डिंग के बेसमेंट, ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर कपड़े और कॉस्मेटिक सामान के स्टोरेज के लिए किया जा रहा था। सेकेंड और थर्ड फ्लोर पर लोग रहते थे। चौथे फ्लोर पर एक टिन शेड बना हुआ था। आग की लपटें वहां तक पहुंच गई थीं।
घटना में मारे गए 8 लोगों के शव मणिपाल अस्पताल और एक महिला का शव IGI अस्पताल लाया गया था। घायलों में दो का इलाज IGI अस्पताल में चल रहा है, जबकि एक व्यक्ति को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मृतकों में प्रवेश (33), कमल (39), आशु (35), लाडो (70), हिमांशी (22), दीपिका (28) और तीन नाबालिग लड़कियां (15, 6 और 3 साल) शामिल हैं। अनिल (32) और 2 साल की एक बच्ची IGI अस्पताल में भर्ती हैं। सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सचिन (29) लगभग 25% झुलस चुके हैं।
अधिकारी बोले- नीचे लपटें और ऊपर घना धुआं था
दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारी एस. के. दुआ ने बताया कि आग सुबह करीब 7 बजे लगी थी। जब हमारी पहली टीम मौके पर पहुंची, तो नीचे आग की लपटें और ऊपर घना धुआं था। हमारे पहुंचने से पहले दो लोग इमारत से कूद गए थे, जिन्हें लोगों ने अस्पताल पहुंचाया।
अधिकारी के मुताबिक, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितने लोग घायल हैं। आग पर अब पूरी तरह काबू पा लिया गया है, हालांकि कूलिंग ऑपरेशन जारी है। इसके बाद बिल्डिंग में एक बार फिर सर्च और रेस्क्यू किया जाएगा।
वहीं, NDRF के डिप्टी इंस्पेक्टर विक्की रांगा ने कहा बताया कि वे 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गए थे। तब तक दिल्ली फायर सर्विस और अन्य एजेंसियां आग बुझाने में लगी थीं। बिल्डिंग अंदर से काफी क्षतिग्रस्त हो गई है, ऐसे में रेस्क्यू ऑपरेशन करना बड़ी चुनौती है। एहतियात के तौर पर आसपास की इमारतों को भी खाली करा लिया गया है।
PM ने मृतकों के परिजनों को रू. 2 लाख मुआवजे का ऐलान किया
पालम आग हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताते हुए मुआवजे का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से रू.2 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जबकि घायलों को रू.50 हजार दिए जाएंगे।
इस बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी घटना पर दुख जताया और पार्टी कार्यकर्ताओं से पीड़ितों की मदद करने की अपील की।
चंडीगढ़ में मोबाइल मार्केट में लगी आग, इलाका खाली कराया

चंडीगढ़ में आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
इंदौर और दिल्ली में आग की तबाही के बाद चंडीगढ़ के सेक्टर 22 स्थित मोबाइल मार्केट में बुधवार दोपहर भीषण आग लग गई। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने के प्रयास लगातार जारी हैं। फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

देश
रिकॉर्ड लो पर लुढ़की भारतीय करेंसी, डॉलर के मुकाबले अब इतने पर आया रुपया
मुंबई, एजेंसी। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और विदेशी पूंजी की लगातार निकासी के बीच रुपया बुधवार को 25 पैसे टूटकर अबतक के सबसे निचले स्तर 92.65 प्रति डॉलर पर बंद हुआ विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष तेज होने से वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने भी निवेशकों की धारणा पर दबाव डाला।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 92.42 पर खुला और कारोबार के दौरान 92.46-92.47 के दायरे में रहने के बाद टूटकर 92.58 प्रति डॉलर पर आ गया। इससे पहले मंगलवार को यह 92.47 के स्तर को छूने के बाद 92.40 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.05 प्रतिशत बढ़कर 99.62 पर रहा। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.19 प्रतिशत टूटकर 103.2 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
देश
Gold News: 1,61,390 से गिरकर 1,37,000 रुपए पर आएगा सोना, एक्सपर्ट्स ने दिए बड़े संकेत
मुंबई, एजेंसी। वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध और तनाव के बीच आमतौर पर निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं लेकिन इस बार हालात कुछ अलग नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रहती है, तो सोने की कीमतों पर दबाव बन सकता है।
फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 5,000 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि भारत में इसकी कीमत लगभग 1,61,390 रुपए प्रति 10 ग्राम है। एक्सपर्ट के मुताबिक सोना 4,200 डॉलर तक गिर सकता है, ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि घरेलू बाजार में इसका असर कितना होगा।
भारत में कितना गिर सकता है सोना?
यदि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में करीब 16 प्रतिशत की गिरावट आती है और अन्य कारक स्थिर रहते हैं, तो भारत में सोने की कीमत भी इसी अनुपात में गिर सकती है। इस हिसाब से 1,61,390 रुपए प्रति 10 ग्राम से घटकर यह लगभग 1,35,000 से 1,37,000 रुपए के दायरे में आ सकता है। हालांकि, अंतिम कीमत पर डॉलर-रुपया विनिमय दर, टैक्स और मांग का भी असर होगा।
सोने पर दबाव के प्रमुख कारण
बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने पर निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिलता है, जिससे वे सोने से पैसा निकालकर बॉन्ड में निवेश करने लगते हैं।

तेल की बढ़ती कीमतें: मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है, जिससे ब्याज दरें ऊंची बनी रह सकती हैं।
मजबूत डॉलर: डॉलर मजबूत होने पर अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे मांग घटती है।
जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता: युद्ध की दिशा और अवधि भी सोने की चाल को प्रभावित करती है। कई बार निवेशक नकदी जुटाने के लिए सोना भी बेचते हैं।
शेयर बाजार का दबाव: बाजार में गिरावट के दौरान बड़े निवेशक नुकसान की भरपाई के लिए सोना बेच सकते हैं, जिससे कीमतों पर असर पड़ता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि सोना हमेशा एक दिशा में नहीं चलता। यह कभी डर के माहौल में तेजी दिखाता है तो कभी ब्याज दरों और आर्थिक संकेतों के चलते गिरावट में आ जाता है।
हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए गिरावट अक्सर खरीद का अवसर बन सकती है। ऐसे में बाजार की चाल को समझकर ही निवेश का निर्णय लेना बेहतर माना जाता है।

देश
देवगौड़ा पर खड़गे बोले- मोहब्बत हमसे, शादी मोदीजी से:आठवले से कहा- मोदी का गुणगान कम करें, कांग्रेस अध्यक्ष की बातों पर PM खूब हंसे
नई दिल्ली,एजेंसी। राज्यसभा में बुधवार को अप्रैल से जुलाई के बीच राज्यसभा से रिटायर हो रहे 59 सांसदों को विदाई दी गई। इनमें पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा, शरद पवार, सभापति हरिवंश, आरपीआई नेता रामदास आठवले शामिल हैं। हालांकि पवार और आठवले राज्यसभा के लिए फिर चुन लिए गए हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा के बारे में कहा, ‘मैं सबसे पहले देवगौड़ाजी का उल्लेख करना चाहूंगा। मुझे पता नहीं कि उन्हें क्या हुआ, मोहब्बत हमारे साथ की, लेकिन शादी मोदीजी के साथ की।’ इस पर पीएम को हंसी आ गई।
इस दौरान पीएम मोदी ने संसद को एक ओपन यूनिवर्सिटी बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति में कभी पूर्ण विराम नहीं होता। भविष्य आपका इंतजार कर रहा है। आपका अनुभव हमारे राष्ट्रीय जीवन का स्थायी हिस्सा बना रहेगा।
हरिवंश ने कहा- मैं हर किसी के शब्दों से खुद को जोड़ता हूं
उपसभापति हरिवंश ने कहा कि सभापति जी आपने बोलने का मौका दिया। पीएम और सभापति जी आपने जो मेरे लिए शब्द कहे, वह मेरे जीवन का अमिट स्मृति है। मैं हर किसी के शब्दों से खुद को जोड़ता हूं।
आपके आने के बाद लगातार यह प्रयास रहा कि कैसे यह संसद चले। इस सदन के सदस्य जेपी नड्डा का मर्यादित आचरण याद रहेगा। खड़गे जी के साथ बैठने का अवसर, हर पल सजग रहना.. उनका अनुभव इससे बहुत कुछ सीखने मिला। किरेन रिजिजू का हिंदी में प्रेम से बात रखना बहुत अच्छा लगता है।
खड़गे ने आठवले पर कहा- मोदीजी का गुणगान कम करें
खड़गे ने कहा, शरद पवार दोबारा इस सदन में आएंगे। रामदास आठवले साहब अपनी कविता के रूप में ही हमेशा ही मोदी जी का गुणगान करते हैं। उन्हें दूसरी कविता ही नहीं आती। मुझे उम्मीद है कि वे अगले कार्यकाल में अपनी कविता में मोदी का जिक्र कम करेंगे। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह को पूरा देश जानता है। एमपी के सीएम रहे। राज्यसभा में कई समितियों मे रहे। उसकी रिपोर्ट्स भी दीं। मनु सिंघवी ने संसदीय वाद-विवाद को गरिमा दी।
खड़गे ने देवगौड़ाजी पर कहा- आपने मुहूर्त हमारे साथ देखा, शादी मोदीजी के साथ की
खड़गे ने कहा- मैं सबसे पहले देवगौड़ाजी का उल्लेख करना चाहूंगा। मुझे पता नहीं कि क्या हुआ उनको क्या हुआ मुहूर्त हमारे साथ देखा, लेकिन शादी मोदीजी के साथ की। शरद पवार दोबारा इस सदन में आएंगे। रामदास आठवले साहब अपनी कविता के रूप में ही हमेशा ही मोदी जी का गुणगान करते हैं। उन्हें दूसरी कविता ही नहीं आती। दिग्विजय सिंह को पूरा देश जानता है। एमपी के सीएम रहे। राज्यसभा में कई समितियों मे रहे। उसकी रिपोर्ट्स भी दीं। मनु सिंघवी ने संसदीय वाद-विवाद को गरिमा दी।
खड़गे ने कहा- यहां बोली गई हर बात सीखने लायक है
खड़गे ने कहा, ‘मैं खुद अपने संसदीय जीवन में पहली बार इस सदन का सदस्य बना हूं। 2022 से नेता प्रतिपक्ष बना हूं। जल्द ही मेरा कार्यकाल पूरा होने वाला है। जो मेरा अनुभव है वह सबसे अलग है। यहां जो बातें बोली जाती हैं वह सीखने लायक हैं। 39 साल असेंबली में था। उसके बाद यहां आया। मेरा 55वां साल चल रहा है। अपने पूरे संसदीय जीवन में नियमित रूप से सदन में मौजूद रहने और चर्चाओं में भाग लेने की कोशिश करता हूं, क्योंकि हमको कुछ अनुभव मिलता है। अलग राज्यो के लोग विचार धारा के लोग अलग अनुभव यहां बताए जाते हैं। मेरा बहुत खट्टा-मीठा अनुभव रहा है। इस सदन को सार्थक बनाने के लिए कई प्रयास करने होंगे ताकि समाज को बेहतर संदेश दिया जा सके।

मोदी ने कहा- संकट के समय काम हरिवंशजी के जिम्मे आता है
पीएम मोदी ने कहा, हमारे उपसभापति हरिवंशजी को लंबे समय तक इस सदन में जिम्मेदारी निभाने का मौका मिला। मृदुभाषी हैं। संकट के समय काम उनके ही जिम्मे आता है कि आप संभाल लेना जरा। उनको एक लंबा अनुभव होता है। सबको भली भांति जान लेते हैं। लेकिन उनका भी योगदान है। मैंने देखा है कि सदन का समय नहीं होता तो कहीं न कहीं वे देश के यूथ से मिलना जुलना करते रहे हैं। वे काम के धनी तो हैं ही कर्म कठोर के नाते भारत के हर कोने में जाकर काम किया है। कभी हम सुनते थे कि सदन में हास्य विनोद का अवसर मिलता रहता है। मीडिया की दुनिया ऐसी है कि हर कोई कॉन्शियस रहता है। मुझे पूरा भरोसा है कि वे आगे भी ऐसा व्यंग्य विनोद करते रहेंगे। हर 2 साल के बाद एक बड़ा समूह सदन से जाता है। लेकिन जो नया समूह आता है, उनको 4 साल से मौजूद साथियों से सीखने का मौका मिलता है। इसलिए यहां की जो विरासत है वो कंटीन्यू सदस्यों को मिलती रहती है।
पीएम ने कहा- जीवन में बड़ा फैसला लेना होता है
पीएम ने कहा,’मुझे पक्का विश्वास है जो नए सांसद आएंगे उनको भी यह अनुभव और विरासत मिलेगी। जीवन में या सामाजिक जीवन में कोई बड़ा फैसला लेना होता है। परिवार के लोग कहते हैं कि उनसे एक बार पूछ लो। उनका क्या कहना है। कोई बीमार है तो कहते हैं कि एक और डॉक्टर से पूछ लो। मैं मानता हूं कि संसदीय प्रणाली में सेकंड ओपिनियन की बहुत बड़ी भूमिका है। यह सेकंड ओपिनियन सारी बहस को नया आयाम देती है। हमारी निर्णय प्रक्रिया को समृद्ध करती है। जो सदन में बैठते हैं।
पीएम मोदी ने कहा- ये सदन अपने आप में बड़ी ओपन यूनिवर्सिटी
पीएम मोदी ने कहा कि ये उनके जीवन की सबसे बड़ी स्मृति रहेगी। ये सदन अपने आप में बड़ी ओपन यूनिवर्सिटी है। हमारी यहां शिक्षा-दीक्षा होती है। ये 6 साल जो यहां रहने का मौका मिलता है। वह राष्ट्र जीवन के साथ अपने जीवन को गढ़ने का भी मौका है। उनको यह भरोसा होता है कि चलो यहां नहीं तो उस सदन से कुछ तो हासिल होगा। जो सांसद विदाई ले रहे हैं आने वाले दिनों में तो ये मौका नहीं मिलेगा, इनमें कुछ ऐसे हैं जिनको नए और पुरानी संसद में बैठने का अवसर मिला है। ऐसे कई सांसद अब विदा हो रहे हैं। यह सेकंड ओपिनियन सारी बहस को नया आयाम देती है। हमारी निर्णय प्रक्रिया को समृद्ध करती है। जो सदन में बैठते हैं।

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