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इच्छामृत्यु के बाद हरीश राणा का अंतिम संस्कार:पिता हाथ जोड़कर बोले- कोई रोना मत, अंगदान से 6 को नई जिंदगी मिलेगी

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दिल्ली/गाजियाबाद,एजेंसी। इच्छामृत्यु पाने वाले गाजियाबाद के हरीश राणा का अंतिम संस्कार हो गया। दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट में बुधवार सुबह 9.40 बजे छोटे भाई आशीष ने मुखाग्नि दी। इससे पहले, हरीश का पार्थिव शरीर श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा (62) ने बेटे हरीश को आखिरी बार प्रणाम किया। पिता ने रोते हुए लोगों से हाथ जोड़कर कहा-

कोई रोना मत। बेटा शांति से जाए, इसलिए प्रार्थना कर रहा हूं। बेटा अब जहां जन्म ले, उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।

31 साल के हरीश ने कल यानी 24 मार्च को दिल्ली एम्स में अंतिम सांस ली थी। वे 13 साल से कोमा में थे। डॉक्टर्स के मुताबिक परिवार ने हरीश के फेफड़े, दोनों किडनी और कॉर्निया दान किया है। इससे 6 लोगों को नया जीवन मिलने की उम्मीद है।

हरीश को एम्स में पैसिव यूथेनेशिया दिया गया। इसका मतलब होता है कि किसी गंभीर रूप से बीमार मरीज को जिंदा रखने के लिए जो बाहरी लाइफ सपोर्ट या इलाज दिया जा रहा है, उसे रोक दिया जाए या हटा लिया जाए, ताकि मरीज की प्राकृतिक रूप से मौत हो सके।

सुप्रीम कोर्ट ने हरीश को 11 मार्च को इच्छामृत्यु की इजाजत दी थी। यह देश का पहला मामला है, जिसमें किसी को इच्छामृत्यु दी गई थी। हरीश को 14 मार्च को गाजियाबाद वाले घर से दिल्ली एम्स में शिफ्ट किया गया। 16 मार्च को हरीश की फीडिंग ट्यूब (खाने की नली) हटा दी थी।

अंतिम संस्कार से पहले हरीश के पिता ने हाथ जोड़कर लोगों से कहा कि कृपया कोई रोइए मत।

अंतिम संस्कार से पहले हरीश के पिता ने हाथ जोड़कर लोगों से कहा कि कृपया कोई रोइए मत।

श्मशान घाट में हरीश की मां निर्मला राणा (लाल सूट में) नंगे पैर खड़ी रहीं। इस दौरान वह रोए जा रही थीं।

श्मशान घाट में हरीश की मां निर्मला राणा (लाल सूट में) नंगे पैर खड़ी रहीं। इस दौरान वह रोए जा रही थीं।

आशीष राणा ने बड़े भाई हरीश को मुखाग्नि दी। अंतिम बार भाई को हाथ जोड़कर प्रणाम किया।

आशीष राणा ने बड़े भाई हरीश को मुखाग्नि दी। अंतिम बार भाई को हाथ जोड़कर प्रणाम किया।

हरीश राणा की ये तस्वीर 14 मार्च की है। ब्रह्मकुमारी लवली ने टीका लगाकर उन्हें घर से एम्स ले जाने के लिए विदाई दी थी। कहा था- ‘सबको माफ करते हुए और सबसे माफी मांगते हुए जाओ...।’

हरीश राणा की ये तस्वीर 14 मार्च की है। ब्रह्मकुमारी लवली ने टीका लगाकर उन्हें घर से एम्स ले जाने के लिए विदाई दी थी। कहा था- ‘सबको माफ करते हुए और सबसे माफी मांगते हुए जाओ…।’

हरीश हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरे, तब से बिस्तर पर थे

दिल्ली में जन्मे हरीश राणा चंडीगढ़ की पंजाब यू्निवर्सिटी से बीटेक की पढ़ाई कर रहे थे। 2013 में वह हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिर गए। इसकी वजह से उनके पूरे शरीर में लकवा मार गया और वह कोमा में चले गए। वह न कुछ बोल सकते थे और न ही महसूस कर सकते थे।

डॉक्टर्स ने हरीश को क्वाड्रिप्लेजिया बीमारी से पीड़ित करार दिया था। इसमें मरीज पूरी तरह से फीडिंग ट्यूब यानी खाने-पीने की नली और वेंटिलेटर सपोर्ट पर निर्भर रहता है। इसमें रिकवरी की कोई गुंजाइश नहीं होती। 13 साल से बिस्तर पर पड़े होने की वजह से हरीश के शरीर पर बेडसोर्स यानी गहरे घाव बन गए थे। उनकी हालत लगातार खराब होती जा रही थी।

यह स्थिति हरीश के लिए बहुत दर्दनाक थी। परिवार के लिए उन्हें ऐसे देखना मानसिक रूप से बेहद कठिन हो गया था। वेंटिलेटर, दवाइयों, नर्सिंग और देखभाल पर 13 साल में इतना खर्च हो चुका था कि परिवार आर्थिक रूप से टूट चुका था।

हरीश के परिवार ने सबसे पहले 3 अप्रैल, 2024 को दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इच्छामृत्यु की इजाजत मांगी थी। हालांकि, कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद परिवार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

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सरकार बोली- देश में पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं:कीमतों में भी कोई बढ़ोतरी नहीं हुई, घबराकर जरूरत से ज्यादा खरीदने से बचें

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नई दिल्ली,एजेंसी। केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि हमारे पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। देश में किसी भी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। पेट्रोल पंपों को सप्लाई करने वाले टर्मिनलों पर भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने दिल्ली में इंटर-मिनिस्ट्रियल ब्रीफिंग के दौरान लोगों से डर और घबराहट में पेट्रोल-डीजल की खरीदारी करने से बचने की अपील की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया गया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।

सुजाता शर्मा ने कहा- पैनिक बाइंग के कारण पिछले दो दिनों में कई जगहों पर पेट्रोल पंपों और रिटेल आउटलेट्स के बाहर लंबी कतारें देखी गई हैं। हम बताना चाहते हैं कि देश में कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक है। हमारे पास सालाना करीब 26 करोड़ टन कच्चा तेल रिफाइन करने की क्षमता है।

ईरान के साथ इजराइल और अमेरिका की जंग का आज 26वां दिन है। जंग के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल और गैस सप्लाई की सप्लाई प्रभावित है। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% LNG इसी रास्ते से मंगाता है।

सरकार ने कहा- डिस्ट्रीब्यूटर के पास LPG की कोई कमी नहीं

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने आगे कहा- पिछले 25 दिनों में करीब 2.5 लाख नए PNG कनेक्शन दिए गए हैं। इसके अलावा लगभग 2.20 लाख उपभोक्ताओं ने LPG से PNG में शिफ्ट किया है। साथ ही करीब 2.5 लाख नए आवेदन या रजिस्ट्रेशन भी प्राप्त हुए हैं।

पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर पर LPG की भी कोई कमी नहीं है और ऑनलाइन बुकिंग अच्छी चल रही है। अब तक लगभग 26 राज्यों ने 22,000 टन कमर्शियल LPG का आवंटन किया है, जिसमें राज्य सरकारों और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों दोनों की आपूर्ति शामिल है।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि केरोसीन को वैकल्पिक ईंधन के रूप में केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को अतिरिक्त आवंटन दिया है और लगभग 16 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में इसके आदेश जारी किए जा चुके हैं।

सरकार बोली- 35 दिन बाद गैस बुकिंग की बात झूठ

इससे पहले पेट्रोलियम मंत्रालय ने आज सुबह बताय था कि LPG रिफिल बुकिंग के समय में बदलाव से जुड़ी खबरें और सोशल मीडिया पर चल रही जानकारी पूरी तरह गलत हैं। मंत्रालय ने कहा कि बुकिंग की मौजूदा समय-सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह पहले की तरह ही जारी रहेगी।

बयान में कहा गया कि कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि PMUY कनेक्शन के लिए 45 दिन, नॉन-PMUY सिंगल सिलेंडर के लिए 25 दिन और डबल सिलेंडर के लिए 35 दिन की नई समय-सीमा तय की गई है, लेकिन ऐसा कोई बदलाव नहीं हुआ है।

होर्मुज ईरान और ओमान के बीच 167 किमी लंबा जलमार्ग

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा।

इस मार्ग के बंद होने या तनावपूर्ण होने से तेल की कीमतें तुरंत प्रभावित होती हैं, क्योंकि दुनिया का एक बड़ा हिस्सा अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस पर निर्भर है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। ईरान खुद इसी रूट से एक्सपोर्ट करता है।

LPG संकट को लेकर अब सरकार ने ये कदम उठाए

6 मार्च: घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के लिए 21 दिन का लॉक-इन पीरियड शुरू किया गया (यानी एक सिलेंडर मिलने के 21 दिन बाद ही दूसरा बुक होगा)।

9 मार्च: डिमांड बढ़ने पर शहरों में लॉक-इन पीरियड बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया।

12 मार्च: ग्रामीण इलाकों के लिए सिलेंडर बुकिंग का गैप बढ़ाकर 45 दिन किया गया।

14 मार्च: पेट्रोलियम मंत्रालय ने PNG (पाइप गैस) यूजर्स के लिए LPG सिलेंडर रखना गैर-कानूनी घोषित किया। अब PNG कनेक्शन वालों को अपना सिलेंडर सरेंडर करना होगा और वे रिफिलिंग नहीं करा पाएंगे।

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शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर चार्जशीट दाखिल होने तक रोक: इंटरव्यू देने पर रोक लगाई

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प्रयागराज,एजेंसी। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की जमानत बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंजूर कर ली। कोर्ट ने कहा कि चार्जशीट दाखिल होने तक शंकराचार्य की गिरफ्तारी नहीं होगी। यह फैसला हाईकोर्ट के जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की बेंच ने दोपहर बाद 3.45 बजे सुनाया।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को जमानत देते हुए शर्तें भी लगाई हैं। सबसे अहम शर्त यह है कि दोनों पक्ष (शंकराचार्य और आशुतोष) मीडिया में बयानबाजी नहीं करेंगे और इंटरव्यू नहीं देंगे। शंकराचार्य के विदेश जाने पर भी रोक है। इसके लिए हाईकोर्ट से अनुमति लेनी होगी। अगर जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया जाता है, तो दूसरा पक्ष जमानत कैंसिलेशन अर्जी दे सकता है।

यह फैसला सुनाने के दौरान शंकराचार्य के वकीलों ने कहा- योर ऑनर इस पर भी कहें कि कोई बच्चों को लेकर घूमने लगता है, कोई यात्रा के दौरान बयानबाजी करता है। इसे भी रोका जाए। इस पर कोर्ट ने कहा कि इसका उल्लंघन नहीं होना चाहिए।

ये तस्वीर 27 फरवरी की है, जब हाईकोर्ट ने शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। इसके बाद शंकराचार्य ने बटुकों की पूजा की थी। साथ ही लोगों ने जयकारे लगाए थे।

ये तस्वीर 27 फरवरी की है, जब हाईकोर्ट ने शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। इसके बाद शंकराचार्य ने बटुकों की पूजा की थी। साथ ही लोगों ने जयकारे लगाए थे।

90 दिन के अंदर दाखिल करनी होती है चार्जशीट

अगर आरोपी जेल में है, तो पुलिस को हर हाल में 90 दिन के अंदर चार्जशीट दाखिल करनी होती है। नहीं, तो कोर्ट जवाब मांग लेता है। लेकिन, अगर आरोपी गिरफ्तार नहीं है, तो पुलिस जांच के नाम पर कुछ वक्त ले सकती है। लेकिन, पुलिस को इसकी वजह बतानी होगी।

क्या होती है चार्जशीट

चार्जशीट वह रिपोर्ट होती है जो पुलिस जांच पूरी होने के बाद कोर्ट में देती है। इसमें बताया जाता है कि आरोपी ने क्या किया? उसके खिलाफ कौन-कौन से सबूत हैं? किन कानूनों के तहत केस बनेगा? इसके बाद कोर्ट तय करता है कि केस चलेगा या नहीं। आसान शब्दों में कहें, तो चार्जशीट का सीधा का मतलब है कि पुलिस ने अपना काम खत्म कर लिया। अब फैसला कोर्ट को करना है।

27 फरवरी को रिजर्व हुआ था फैसला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न केस में 27 फरवरी को शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। तब जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा था कि फैसला आने तक शंकराचार्य की गिरफ्तारी नहीं होगी। शंकराचार्य पुलिस की जांच में सहयोग करेंगे।

कोर्ट में शंकराचार्य का पक्ष वकील पीएन मिश्रा ने रखा था, जबकि राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल पेश हुए थे। शिकायकर्ता आशुतोष महाराज की वकील रीना सिंह ने भी दलीलें रखी थीं। शंकराचार्य ने बटुकों के यौन उत्पीड़न मामले में 24 फरवरी को अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई थी।

दरअसल, तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने 8 फरवरी को जिला कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जज (रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट) विनोद कुमार चौरसिया के आदेश के बाद झूंसी थाने की पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बटुकों से कुकर्म की 21 फरवरी को FIR दर्ज की थी।

कोर्ट के फैसले के बाद शंकराचार्य ने काशी में कहा था- सच को सामने लाने के लिए नार्को टेस्ट सहित जो भी हो, वो होना चाहिए। झूठ की उम्र लंबी नहीं होती। सभी प्रमाण पेश किए जाएंगे। फैसला पक्ष में न आने पर उच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) का रुख करेंगे।

27 फरवरी को शंकराचार्य को जमानत मिलने के बाद उनके काशी स्थित मठ में लोगों ने फैसले का स्वागत किया था।

27 फरवरी को शंकराचार्य को जमानत मिलने के बाद उनके काशी स्थित मठ में लोगों ने फैसले का स्वागत किया था।

26 फरवरी को शंकराचार्य के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में बच्चों की मेडिकल रिपोर्ट आई थी। पुलिस सूत्रों का दावा है कि बच्चों के साथ कुकर्म की पुष्टि हुई है। इधर, एक पीड़ित बटुक पहली बार मीडिया के सामने आया था। एक चैनल को दिए इंटरव्यू में उसने दावा किया था- मैं अध्ययन के लिए गया था, तभी मेरा शोषण किया गया।

प्रयागराज माघ मेले में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ था। इसके 8 दिन बाद 24 जनवरी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी। इसमें माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों से यौन शोषण के आरोप लगाए थे।

पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। 13 फरवरी को 2 बच्चों को कोर्ट में पेश किया था। 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज हुए थे। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई थी।

FIR में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात आरोपी बनाए गए थे। 24 फरवरी को शंकराचार्य ने प्रयागराज एडिशनल कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया था। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद पर FIR होने के बाद पुलिस ने अब तक क्या-कुछ किया

  • 21 फरवरी. एडीजे रेप एंड पाक्सो स्पेशल कोर्ट ने झूंसी थाने की पुलिस को केस दर्ज करने का आदेश दिया। रात 11.37 बजे झूंसी थाने में FIR लिखी गई। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी और दो-तीन अज्ञात आरोपी बने।
  • 22 फरवरी. झूंसी थाना प्रभारी महेश मिश्र के साथ 8 पुलिसकर्मी याचिकाकर्ता आशुतोष महाराज को लेकर माघ मेला पहुंचे। जहां शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का शिविर लगा था, वहां का नक्शा तैयार किया। बटुकों ने यहीं पर यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी। पुलिस ने त्रिवेणी मार्ग पर लगे CCTV फुटेज भी कब्जे में लिए।
  • 23 फरवरी. झूंसी थाना प्रभारी महेश मिश्र वाराणसी पहुंचे। वाराणसी पुलिस अधिकारियों को प्रयागराज में दर्ज केस की पूरी जानकारी दी। साथ ही आरोपियों (शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद) के वाराणसी में रहने के बारे में बताकर निगरानी रखने को कहा गया।
  • 23 फरवरी. पुलिस ने हरदोई में बटुक के परिवार से बातचीत की। उनके बयान दर्ज किए। घर के आसपास रहने वालों से भी सवाल-जवाब हुए।
  • 24 फरवरी. रिपोर्ट दर्ज कराने वाले महंत आशुतोष ब्रह्मचारी का कैमरे पर बयान दर्ज हुआ। उनके पास मौजूद साक्ष्य दस्तावेज, सीडी, पेन ड्राइव पुलिस ने अपने कब्जे में लिए।
  • 25 फरवरी. नाबालिग बटुकों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। बयान दर्ज किए गए। मजिस्ट्रेट के सामने बटुकों ने आपबीती सुनाई। दोनों नाबालिग लड़कों को पुलिस तेज बहादुर स्प्रू अस्पताल (बेली अस्पताल ) ले गई। दो डॉक्टरों के पैनल ने मेडिकल जांच की गई।
  • 26 फरवरी. सरकारी अस्पताल में हुई मेडिकल जांच की रिपोर्ट बंद लिफाफा में जांच अधिकारी को सौंपी गई। आशुतोष का दावा है कि मेडिकल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है।
  • 27 फरवरी. पुलिस साक्ष्यों के साथ बयानों की प्रति और मेडिकल रिपोर्ट को कोर्ट में पेश कर सकती है।

आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज का जन्म शामली के कांधला कस्बे के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनके पिता राजेंद्र पांडे दिल्ली रोड पर चलने वाली प्राइवेट बसों में कंडक्टर थे।

आशुतोष महाराज कांधला के प्राचीन शाकुंभरी सिद्धपीठ मंदिर की कमेटी से जुड़े। वर्तमान में वह इसके प्रबंधक भी हैं। इन्हीं के परिवार के चाचा प्रदीप पांडे मंदिर में पुजारी हैं। 2022 में उन्होंने जगतगुरु रामभद्राचार्य से दीक्षा ली थी। इसके बाद से वह संन्यासी जीवन जी रहे हैं।

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घर के पास PNG पाइपलाइन, तो कनेक्शन लेना ही होगा:कंपनी 3 महीने का नोटिस देगी, कनेक्शन नहीं लिया तो LPG सप्लाई बंद होगी

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नई दिल्ली,एजेंसी। अगर आपके घर के पास गैस पाइपलाइन आ गई है और आपने PNG कनेक्शन नहीं लिया है, तो अगले 3 महीने में आपके घर आने वाला LPG सिलेंडर बंद कर दिया जाएगा। मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध और गैस की किल्लत को देखते हुए केंद्र सरकार ने ‘नेचुरल गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026’ लागू किया है।

इसके तहत अब पाइप वाली गैस (PNG) का कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। हालांकि, इसके लिए पहले नोटिस दिया जाएगा। सूचना मिलने के बाद भी अगर कोई कनेक्शन नहीं लेता, तो 90 दिन बाद उसकी LPG सप्लाई रोक दी जाएगी। साथ ही सोसाइटियों को 3 दिन में पाइपलाइन की मंजूरी भी देनी होगी।

सरकार के गजट नोटिफिकेशन के 7वें पॉइंट में PNG कनेक्शन के लिए बनाए गए नियम बताए गए हैं।

सरकार के गजट नोटिफिकेशन के 7वें पॉइंट में PNG कनेक्शन के लिए बनाए गए नियम बताए गए हैं।

नए नियम की बड़ी बातें

1. सोसाइटी को 3 दिन के अंदर मंजूरी देनी होगी

कई बार हाउसिंग सोसायटियों या RWA (रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) के विरोध की वजह से पाइपलाइन का काम रुक जाता था। अब ऐसा नहीं होगा।

  • अगर कोई कंपनी पाइपलाइन के लिए रास्ता मांगती है, तो सोसाइटी को 3 दिन के अंदर मंजूरी देनी होगी।
  • अगर सोसाइटी ने मना किया या देरी की, तो वहां रहने वाले सभी घरों की LPG सप्लाई पर रोक लगाई जाएगी।

2. छोटे इलाकों को 10 दिन में मंजूरी मिलेगी

पाइपलाइन बिछाने के लिए अब सरकारी विभागों को फाइलों को अटकाने की इजाजत नहीं है।

  • छोटे नेटवर्क के लिए 10 दिन और बड़ी लाइनों के लिए 60 दिन में मंजूरी देना अनिवार्य है।
  • अगर विभाग तय समय में जवाब नहीं देता, तो उसे ‘डीम्ड क्लियरेंस’ यानी ‘ऑटोमैटिक मंजूरी’ मान लिया जाएगा और काम शुरू कर दिया जाएगा।

3. पाइपलाइन के लिए जमीन मालिक को दोगुना मुआवजा

अगर पाइपलाइन किसी की निजी जमीन से गुजर रही है, तो अब मुआवजे को लेकर सालों तक केस नहीं चलेंगे। सरकार ने इसके लिए एक फिक्स फॉर्मूला बना दिया है:

  • जमीन के कमर्शियल सर्किल रेट का 30% हिस्सा मालिक को मुआवजे के तौर पर दिया जाएगा।
  • जमीन मालिक अगर आवेदन मिलने के 24 घंटे में मंजूरी दे देता है, तो उसे दोगुना यानी 60% मुआवजा मिलेगा।
  • अगर जमीन मालिक मंजूरी नहीं देता है, तो ‘डेजिग्नेटेड अथॉरिटी’ (कलेक्टर या अन्य अधिकारी) फैसला लेंगे।

4. क्या यह आपकी सुरक्षा और बचत के लिए है?

सरकार ने नया आदेश ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ के तहत जारी किया है, ताकि युद्ध जैसे हालात में भी आपको रसोई गैस की कमी न पड़े।

  • फायदा: आपको सिलेंडर बुकिंग या खत्म होने की टेंशन नहीं रहेगी।
  • नुकसान: जो लोग अपनी मर्जी से सिलेंडर इस्तेमाल करना चाहते हैं, उनके पास अब विकल्प सीमित हो जाएंगे।

PNG कनेक्शन वालों को नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर

सरकार ने 14 मार्च को ही PNG कनेक्शन को लेकर नए नियम जारी किए थे। इसके तहत अगर आपके घर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन है, तो अब आपको अपना LPG सिलेंडर को सरेंडर करना होगा। नए आदेश के मुताबिक, PNG यूजर्स को न तो नया LPG कनेक्शन मिलेगा और न ही पुराना सिलेंडर रिफिल होगा। सरकार इससे पहले LPG सिलेंडर की सप्लाई को लेकर 4 बार नए नियम जारी कर चुकी है।

यूजर्स के लिए बड़े सवाल

सवाल: क्या मुझे अभी सिलेंडर लौटाना होगा?

जवाब: नहीं, अभी नहीं। आपके इलाके में पाइपलाइन एक्टिव होने और आपको नोटिस मिलने के बाद 3 महीने की उल्टी गिनती शुरू होगी।

सवाल: क्या PNG, सिलेंडर से सस्ती है?

जवाब: आमतौर पर PNG का बिल इस्तेमाल के हिसाब से आता है और यह LPG के मुकाबले सस्ती और सुरक्षित मानी जाती है।

सवाल: अगर मेरे घर तक पाइपलाइन तकनीकी रूप से संभव न हो तो?

जवाब: ऐसी स्थिति में आपकी LPG सप्लाई बंद नहीं की जाएगी। यह नियम सिर्फ उन घरों के लिए है जहां पाइपलाइन पहुंचना संभव है।

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