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छत्तीसगढ़

नई दिल्ली : बस्तर 2.0 की शुरुआत : मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को दिया आमंत्रण, विकास का ब्लूप्रिंट सौंपा

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बस्तर के लिए 360° प्लान-टूरिज्म, स्टार्टअप, इंफ्रा और इनोवेशन पर फोकस

पीएम का बस्तर दौरा बनेगा टर्निंग पॉइंट, बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात

मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को दिया आमंत्रण, विकास का ब्लूप्रिंट सौंपा

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के भविष्य की एक नई तस्वीर पेश की। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने न केवल नक्सलवाद के अंत के बाद प्रदेश में आई शांति के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया, बल्कि बस्तर के समग्र विकास का एक विस्तृत और दूरदर्शी ब्लूप्रिंट भी सौंपा। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री को मानसून के बाद बस्तर आने का आमंत्रण दिया, जहां उनकी मौजूदगी में कई बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को दिया आमंत्रण, विकास का ब्लूप्रिंट सौंपा

उन्होंने बताया कि बस्तर समेत पूरे राज्य में नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और अब शांति स्थापित है। शिक्षा व स्वास्थ्य सुधार के तहत नए एजुकेशन सिटी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जबकि इंद्रावती नदी पर बैराज, रेल लाइन और एयरपोर्ट विस्तार से कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ब्लूप्रिंट के जरिए बस्तर में अब विकास, रोजगार और बेहतर सुविधाओं का नया दौर शुरू होगा।

मुख्यमंत्री ने अपने विकास दस्तावेज़ में उल्लेख किया कि एक दशक पहले प्रधानमंत्री द्वारा बस्तर के लिए देखा गया शांति और विकास का सपना अब जमीन पर साकार हो रहा है। नक्सलवाद खत्म होने के बाद अब लोगों में डर नहीं, बल्कि उम्मीद और विकास की नई चमक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से बस्तर को नई दिशा और गति मिलेगी, जिससे क्षेत्र में विश्वास और उत्साह बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत विकास ब्लूप्रिंट ‘सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज’ रणनीति पर आधारित है। इसके तहत बस्तर में बुनियादी सुविधाओं को तेजी से विस्तार देने का लक्ष्य रखा गया है। सड़कों के व्यापक जाल के माध्यम से दूर-दराज के गांवों को जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधूरे कार्यों को 2027 तक पूरा करने के साथ-साथ नई 228 सड़कों और 267 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा 61 नई परियोजनाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की मांग भी की गई है।

ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की योजना है। हर घर तक बिजली पहुंचाने के कार्य तेज होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदला जाएगा। युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और 2 मल्टीपर्पज हॉल बनाए जाएंगे, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार और डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनाए जा रहे हैं।

कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में इंद्रावती नदी पर दो बड़े प्रोजेक्ट देउरगांव और मटनार में स्वीकृत किए गए हैं, जिनसे 31,840 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। यह परियोजनाएं बस्तर की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

आजीविका और आय बढ़ाने के लिए सरकार ने तीन वर्षीय योजना तैयार की है, जिसका लक्ष्य 2029 तक 85% परिवारों की मासिक आय 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करना है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना के तहत अब अधिक जिलों को जोड़ा जा रहा है, जिससे विकास का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचेगा। 10 जिलों में शुरू की गई यह योजना अब 7 जिलों और 3 नए जिलों (गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई) तक विस्तारित हो रही है।

 ‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत@2047’ के तहत स्टार्टअप नीति भी लागू की गई है, जिसमें 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य है।

पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर की पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी नेशनल पार्क, एडवेंचर टूरिज्म, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन क्षेत्र को नई पहचान दे रहे हैं। वहीं, एक लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 40 हजार को रोजगार भी मिल चुका है।

नक्सलवाद से मुक्त बस्तर के विकास के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री के सामने जो कार्ययोजना प्रस्तुत की, उसमें ‘बस्तर मुन्ने’ (अग्रणी बस्तर) कार्यक्रम एक अहम पहल है। इस कार्यक्रम के तहत हर ग्राम पंचायत में शिविर लगाए जाएंगे, जहाँ अधिकारियों की मौजूदगी में लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे दिया जाएगा, जरूरी दस्तावेज वहीं बनाए जाएंगे और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि हर व्यक्ति तक सरकार की योजनाएँ आसानी से पहुँचें और बस्तर तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़े।

प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान जिन प्रमुख परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की योजना है, उनमें रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट का विस्तार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज, जगरगुंडा और ओरछा में एजुकेशन सिटी जैसी महत्वपूर्ण पहल शामिल हैं। ये परियोजनाएं बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।

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कोरबा

बसिबार पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोपों का विस्फोट,उपसरपंच समेत पंचों ने खोला मोर्चा, SDM पाली को सौंपा शिकायत पत्र, वित्तीय अनियमितता से लेकर राशन वितरण तक कई गंभीर आरोप

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कोरबा/पाली। ग्राम पंचायत बसिबार में विकास कार्यों और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को लेकर विवाद गहरा गया है। उपसरपंच देवेंद्र कुमार सहित पंचायत के कई पंचों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पाली को लिखित शिकायत सौंपकर सरपंच एवं सचिव पर शासकीय राशि के दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितता तथा पंचायत संचालन में मनमानी के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

नाली निर्माण में दोहरी स्वीकृति और राशि आहरण का आरोप
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जिस नाली निर्माण कार्य के लिए पूर्व में लगभग 1.20 लाख रुपये स्वीकृत एवं आहरित किए जा चुके थे और जिसकी नींव खुदाई भी हो चुकी थी, उसी कार्य को पुनः 15वें वित्त आयोग मद से स्वीकृत कर लगभग 2 लाख रुपये की राशि निकाली गई। पंचों ने इसे शासकीय धन के दुरुपयोग का मामला बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
PDS भवन और राशन वितरण पर सवाल
शिकायत पत्र में PDS भवन निर्माण में गुणवत्ता संबंधी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि हितग्राहियों को प्रति राशन कार्ड एक-एक किलो चावल कम वितरित किया गया, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।
पंचायत संचालन में हस्तक्षेप और फर्जी प्रस्ताव का आरोप
पंचों का आरोप है कि सरपंच पति सुरभवन सिंह पंचायत कार्यों में हस्तक्षेप करते हुए सचिव पर दबाव बनाकर प्रस्ताव पारित कराते हैं। शिकायत में फर्जी प्रस्तावों के आधार पर राशि आहरण किए जाने का भी उल्लेख किया गया है। पंचों ने जांच पूर्ण होने तक सरपंच एवं सचिव के वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाने की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं में उपसरपंच देवेंद्र कुमार, गीता बाई कंवर, अंजली आर्मो, भगवती कंवर, पार्वती यादव, नंदनी देवी, सूर्यभवन कंवर, संतोषी बाई गांडा, कविता कंवर, अहिल्या बाई, अजय कुमार और संजय कुमार शामिल हैं।

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कोरबा

बरमपुर में बसे विस्थापित परिवार के बेदखली आदेश पर रोक लगाने की मांग की किसान सभा ने

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दर्री तहसीलदार को ज्ञापन सौंप कर बसावट की मांग की प्रभावितों ने

कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्र अंतर्गत बरमपुर के आजाद नगर में 46 वर्षों से अधिक समय से जरहाजेल से विस्थापित परिवार जिनकी जमीन एसईसीएल द्वारा अधिग्रहण के बाद बसाया गया था, उन्हें सड़क चौड़ीकरण के नाम से पुनः बेदखल करने का आदेश जारी किया गया है, जिससे वहां निवासरत विस्थापित परिवार मानसिक रूप से प्रताड़ित और भयभीत है।

किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा के नेतृत्व में बेदखली आदेश से प्रभावित जरहाजेल के विस्थापितों ने दर्री तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए बेदखली से पहले बसावट की व्यवस्था की मांग की है।
किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने कहा कि जरहाजेल से विस्थापित परिवार को बरमपुर के आजाद नगर के पास बसाया गया था, अब उन्हें सड़क चौड़ीकरण के नाम से पुनः दुबारा 46 वर्षो के बाद बेदखल करने का आदेश से एसईसीएल और जिला प्रशासन का अमानवीय चेहरा सामने आया है, जिसका किसान सभा विरोध करती है।
किसान सभा ने बेदखली आदेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए किसी को भी हटाने से पूर्व उन्हें बसावट की सुविधा एवं बने हुए मकानों का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। इस संबंध मे जिला प्रशासन को भी पत्र लिखकर आवश्यक पहल करने की मांग की है।

जरहाजेल के विस्थापित किसान इंद्रप्रकाश कैवर्त और घासीराम कैवर्त ने बताया कि जरहाजेल गांव का अधिग्रहण एसईसीएल द्वारा किया गया आज भी जरहाजेल के विस्थापित किसान रोजगार और बसावट से वंचित हैं और एक बार 1980 में हमें अपने पूर्वजों के जमीन से देश के विकाश के नाम पर विस्थापित किया गया और 46 साल के बाद बिना बसावट की व्यवस्था किए बगैर सड़क चौड़ीकरण के नाम पर बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है जिसका हम विरोध करते है।

किसान सभा ने कहा कि जबरन बेदखल करने की कोशिश की गई तो किसान सभा सड़को पर उतर कर विरोध भी करेगी।
ज्ञापन सौंपने में प्रमुख रूप से रेशम लाल यादव, दामोदर श्याम, घासीराम, इंद्रप्रकाश, शिवप्रसाद, अनूप कुमार, राजू कैवर्त, सुशील कुमार, गौतम यादव के साथ बड़ी संख्या में प्रभावित किसान उपस्थित थे

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कोरबा

कोरबा : महापौर रहते 15 साल पहले जोगियाडेरा में जिस सड़क को लखन ने बनवाई, अब वे ही उसे संवार रहे

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’स्लम बाहुल्य वार्ड स्थित जोगियाडेरा पीपरापारा बस्ती में होगें 90 लाख रू. से सड़क डामरीकरण कार्य’

’उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कार्य हेतु किया भूमिपूजन, तत्काल कार्य प्रारंभ कर पूरी गुणवत्ता के साथ कार्य करते हुये नियत समय में कार्य पूरा करने के दिये निर्देश’

 ’स्लम बाहुल्य वार्ड स्थित जोगियाडेरा पीपरापारा बस्ती में होगें  90 लाख रू. से सड़क डामरीकरण कार्य’
 ’स्लम बाहुल्य वार्ड स्थित जोगियाडेरा पीपरापारा बस्ती में होगें  90 लाख रू. से सड़क डामरीकरण कार्य’

कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा के स्लम बाहुल्य वार्ड क्र. 18 स्थित जोगियाडेरा व पीपरापारा बस्ती में 90 लाख रूपये की लागत से डामरीकरण का कार्य आज प्रारंभ किया गया, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने उक्त कार्य का भूमिपूजन किया तथा तत्काल कार्य प्रारंभ कर कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान के देने के साथ ही समयसीमा में कार्य को पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। इस मौके पर वार्ड पार्षद नरेन्द्र देवांगन, पार्षद चन्द्रलोक सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। 

   जोगियाडेरा वह बस्ती है, जो पहले भी उपेक्षित था और अब भी उपेक्षित रहा, लेकिन लखन लाल देवांगन ने इस उपेक्षित स्लम बस्ती की सुध ली। 15 साल पहले जब वे महापौर थे तो उन्होंने उपेक्षित जोगियाडेरा में विकास की रोशनी बिखेरी और 15 साल बाद मंत्री के रूप में संवार रहे हैं।

नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा निगम क्षेत्र में किये जा रहे लगातार विकास कार्याे की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में निगम के वार्ड क्र. 18 स्थित जोगियाडेरा व पीपरापारा बस्ती में 90 लाख रूपये की लागत से सड़क डामरीकरण कार्य होने जा रहा है, जिसका भूमिपूजन आज प्रदेश के उद्योग,  सार्वजनिक उपक्रम, आबकारी व श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के द्वारा किया गया, उन्होने कार्य हेतु विधिवत पूजा अर्चना की, भूमिपूजन पट्टिका का अनावरण किया तथा कार्य प्रारंभ किये जाने के निर्देश अधिकारियों व निर्माण एजेंसियों को दिये। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि कार्य के दौरान गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखें तथा नियत समय पर कार्य पूरा करायें। 

’मेरे महापौर कार्यकाल में बनी थी सड़क, आज हो रहा उसका जीर्णाेद्धार’

 इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि जोगियाडेरा पीपरापारा बस्ती की यह सड़क मेरे महापौर कार्यकाल में बनाई गई थी, मुझे खुशी है कि आज 20-22 वर्ष बाद इस सड़क का जीर्णाेद्धार व डामरीकरण का कार्य मेरे द्वारा प्रारंभ कराया जा रहा है, मैं इसके लिये बस्तीवासियों को बधाई देता हॅूं तथा उन्हें विश्वास दिलाता हूॅं कि उनकी सभी समस्याओं का समाधान अनिवार्य रूप से किया जायेगा। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन अपने उद्बोधन में आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में राज्य का तेजी से विकास हो रहा है, हमारी सरकार खोखले वायदें नहीं करती तथा हमारे द्वारा जो भी वायदें किये जाते हैं, वह अवश्य पूरे होते हैं, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण हमारे छत्तीसगढ़ की वर्तमान सरकार द्वारा किये जा रहे कार्य हैं। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में हमारी सरकार ने अल्प समय में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सभी गारंटियों केा पूरा कर अपनी वचनबद्धता प्रदर्शित की है। उन्होने कहा कि डॉ.रमन सिंह 15 वर्षाे तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे, प्रदेश में विकास की गंगा बहाई तथा विकास पुरूष के रूप में छबि अर्जित की, अब पुनः मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के द्वारा प्रदेश में विकास की गंगा बहाई जा रही है, राज्य के नागरिकों के दुख-दर्द दूर किये जा रहे हैं, उनकी समस्याओं का त्वरित निदान हो रहा है। 

हमने बनाया है-हम ही संवारेंगे 

वार्ड पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने इस मौके पर कहा कि हमारी सरकार का मानना है कि हमने छत्तीसगढ़ को बनाया है और हम इसे संवारेंगे, और यह नारा केवल कागज तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में राज्य को संवारने, संजाने के प्रमाण प्रत्यक्ष रूप से दिखाई दे  रहे हैं। उन्होने कहा कि उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन जब कोरबा नगर निगम के महापौर थे, तब मेरे वार्ड की इन सड़कों का निर्माण किया गया था, अत्यंत शुभ दिन है कि आज इतने बर्षाे बाद उन्हीं के हाथों इस सड़क का जीर्णाेद्धार व सड़क डामरीकरण का कार्य कराया जा रहा है, उन्होने कहा कि पूर्व में ऐसा भी समय था जब इसी वार्ड में 04 लाख रूपये का कार्य कराने के लिये एक वार्ड पार्षद के रूप में 08 माह तक संघर्ष करना पड़ा था, किन्तु आज सभी वार्डाे में करोड़ो के विकास कार्य बड़ी सहजता के साथ संपादित हो रहे हैं। 
    भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान वार्ड पार्षद नरेन्द्र देवांगन व पार्षद चन्द्रलोक सिंह के साथ ही नारायण सिंह ठाकुर, प्यारेलाल साहू, एच.के.डेनियल, शिव चौहान, दीनू यादव, आशीष द्विवेदी, कृष्णा द्विवेदी, जोन कमिश्नर अखिलेश शुक्ला, देवेन्द्र स्वर्णकार, चंदन मजूमदार, अनिल यादव, अजय महंत, समीर महंत, रामकुमारी मानसर, रामप्रसाद सिदार, बीना डेनियल, संतोष पटेल, सुनीता राव, पुष्पा श्रीवास, प्यारेलाल साहू, पावर दास महंत, बली यादव, ईश्वरी महंत, मूलचंद पटेल, चिंतामणी साहू, जोहन पटेल आदि के साथ काफी संख्या में बस्तीवासी उपस्थित थे।

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