छत्तीसगढ़
नई दिल्ली : बस्तर 2.0 की शुरुआत : मुख्यमंत्री साय ने पीएम मोदी को दिया आमंत्रण, विकास का ब्लूप्रिंट सौंपा
बस्तर के लिए 360° प्लान-टूरिज्म, स्टार्टअप, इंफ्रा और इनोवेशन पर फोकस
पीएम का बस्तर दौरा बनेगा टर्निंग पॉइंट, बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के भविष्य की एक नई तस्वीर पेश की। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने न केवल नक्सलवाद के अंत के बाद प्रदेश में आई शांति के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया, बल्कि बस्तर के समग्र विकास का एक विस्तृत और दूरदर्शी ब्लूप्रिंट भी सौंपा। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री को मानसून के बाद बस्तर आने का आमंत्रण दिया, जहां उनकी मौजूदगी में कई बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण प्रस्तावित है।

उन्होंने बताया कि बस्तर समेत पूरे राज्य में नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और अब शांति स्थापित है। शिक्षा व स्वास्थ्य सुधार के तहत नए एजुकेशन सिटी, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जबकि इंद्रावती नदी पर बैराज, रेल लाइन और एयरपोर्ट विस्तार से कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ब्लूप्रिंट के जरिए बस्तर में अब विकास, रोजगार और बेहतर सुविधाओं का नया दौर शुरू होगा।

मुख्यमंत्री ने अपने विकास दस्तावेज़ में उल्लेख किया कि एक दशक पहले प्रधानमंत्री द्वारा बस्तर के लिए देखा गया शांति और विकास का सपना अब जमीन पर साकार हो रहा है। नक्सलवाद खत्म होने के बाद अब लोगों में डर नहीं, बल्कि उम्मीद और विकास की नई चमक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से बस्तर को नई दिशा और गति मिलेगी, जिससे क्षेत्र में विश्वास और उत्साह बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत विकास ब्लूप्रिंट ‘सैचुरेशन, कनेक्ट, फैसिलिटेट, एम्पावर और एंगेज’ रणनीति पर आधारित है। इसके तहत बस्तर में बुनियादी सुविधाओं को तेजी से विस्तार देने का लक्ष्य रखा गया है। सड़कों के व्यापक जाल के माध्यम से दूर-दराज के गांवों को जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधूरे कार्यों को 2027 तक पूरा करने के साथ-साथ नई 228 सड़कों और 267 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा 61 नई परियोजनाओं के लिए विशेष केंद्रीय सहायता की मांग भी की गई है।
ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव की योजना है। हर घर तक बिजली पहुंचाने के कार्य तेज होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में 45 पोटा केबिन स्कूलों को स्थायी भवनों में बदला जाएगा। युवाओं के लिए 15 स्टेडियम और 2 मल्टीपर्पज हॉल बनाए जाएंगे, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार और डॉक्टरों के लिए ट्रांजिट हॉस्टल बनाए जा रहे हैं।
कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में इंद्रावती नदी पर दो बड़े प्रोजेक्ट देउरगांव और मटनार में स्वीकृत किए गए हैं, जिनसे 31,840 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। यह परियोजनाएं बस्तर की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
आजीविका और आय बढ़ाने के लिए सरकार ने तीन वर्षीय योजना तैयार की है, जिसका लक्ष्य 2029 तक 85% परिवारों की मासिक आय 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करना है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ योजना के तहत अब अधिक जिलों को जोड़ा जा रहा है, जिससे विकास का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचेगा। 10 जिलों में शुरू की गई यह योजना अब 7 जिलों और 3 नए जिलों (गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई) तक विस्तारित हो रही है।
‘अंजोर विजन 2047’ और ‘विकसित भारत@2047’ के तहत स्टार्टअप नीति भी लागू की गई है, जिसमें 2030 तक 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य है।
पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर की पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में भी तेजी से काम हो रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी नेशनल पार्क, एडवेंचर टूरिज्म, कैनोपी वॉक और ग्लास ब्रिज जैसी परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन क्षेत्र को नई पहचान दे रहे हैं। वहीं, एक लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 40 हजार को रोजगार भी मिल चुका है।
नक्सलवाद से मुक्त बस्तर के विकास के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री के सामने जो कार्ययोजना प्रस्तुत की, उसमें ‘बस्तर मुन्ने’ (अग्रणी बस्तर) कार्यक्रम एक अहम पहल है। इस कार्यक्रम के तहत हर ग्राम पंचायत में शिविर लगाए जाएंगे, जहाँ अधिकारियों की मौजूदगी में लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे दिया जाएगा, जरूरी दस्तावेज वहीं बनाए जाएंगे और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। इसका उद्देश्य है कि हर व्यक्ति तक सरकार की योजनाएँ आसानी से पहुँचें और बस्तर तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़े।
प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान जिन प्रमुख परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण की योजना है, उनमें रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन, जगदलपुर एयरपोर्ट का विस्तार, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज, जगरगुंडा और ओरछा में एजुकेशन सिटी जैसी महत्वपूर्ण पहल शामिल हैं। ये परियोजनाएं बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।
छत्तीसगढ़
कबीरधाम : जिला अस्पताल कबीरधाम बना भरोसे का केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाओं में ऐतिहासिक सुधार
कबीरधाम जिला अस्पताल बना बेहतर इलाज की पहचान
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में कबीरधाम जिला अस्पताल ने बदली अपनी तस्वीर
कबीरधाम जिला अस्पताल जिले सहित मध्यप्रदेश के डिंडोरी और मंडला जिलों के लोगों के लिए बना जीवन रेखा

कबीरधाम। कबीरधाम जिले का जिला अस्पताल अब केवल एक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र नहीं, बल्कि आम जनता के विश्वास और बेहतर चिकित्सा सेवाओं का मजबूत प्रतीक बन चुका है। बीते कुछ वर्षों में यहां स्वास्थ्य सुविधाओं में जो उल्लेखनीय सुधार हुआ है, उसने न केवल जिले के लोगों का भरोसा बढ़ाया है, बल्कि निजी अस्पतालों के सामने भी एक सशक्त विकल्प के रूप में इसे स्थापित किया है।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के सतत प्रयास, उनके मार्गदर्शन और सक्रिय पहल से अस्पताल में संसाधनों का विस्तार, नई मशीनों की उपलब्धता और व्यवस्थाओं में सुधार संभव हो पाया है। वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2025 तक लगभग हर प्रमुख स्वास्थ्य सेवा में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो अस्पताल की कार्यप्रणाली, संसाधनों और सेवाओं की गुणवत्ता में आए सकारात्मक बदलाव को दर्शाती है।
ओपीडी और आईपीडी में रिकॉर्ड वृद्धि
जनवरी 2023 से दिसंबर 2023 तक ओपीडी में मरीजों की संख्या 1,19,557 रही, वहीं जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच यह संख्या बढ़कर 1,64,712 तक पहुंच गई। यह लगभग 45 हजार से अधिक की वृद्धि है, जो इस बात का संकेत है कि लोग अब जिला अस्पताल की सेवाओं पर अधिक भरोसा जता रहे हैं।
इसी तरह आईपीडी के आंकड़ों में भी वृद्धि देखने को मिली है। वर्ष 2023 में जहां 11,742 मरीज भर्ती हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 13,253 हो गई। यह दर्शाता है कि गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए भी लोग अब निजी अस्पतालों की बजाय जिला अस्पताल को प्राथमिकता दे रहे हैं।
प्रसव सेवाओं में भी आया सुधार
महिला एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में भी जिला अस्पताल ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2023 में जहां 3,001 प्रसव हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 3,925 हो गई। इससे प्रतीत होता है कि इसमें वृद्धि से अस्पताल में मातृत्व सेवाएं अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और सुविधाजनक बनी हैं।
सोनोग्राफी सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव
जिला अस्पताल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक सोनोग्राफी सेवाओं में हुआ सुधार है। वर्ष 2023 में जहां केवल 874 सोनोग्राफी हुई थीं, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 7,244 तक पहुंच गई। यह लगभग आठ गुना वृद्धि है, जो न केवल उपकरणों की उपलब्धता बल्कि विशेषज्ञ डॉक्टरों और तकनीशियनों की बेहतर व्यवस्था को भी दर्शाती है। यह उपलब्धि जिला अस्पताल के लिए एक मील का पत्थर साबित हुई है।
एक्स-रे , सिटी स्कैन और लैब टेस्ट में भी तेजी
एक्स-रे सेवाओं के तहत 2023 में 9,865 एक्स-रे किए गए थे, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 13,920 हो गई। इससे स्पष्ट है कि डायग्नोस्टिक सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता दोनों में सुधार हुआ है। लैब टेस्ट के आंकड़े भी प्रभावशाली हैं। वर्ष 2023 में जहां 2,10,186 जांचें की गई थीं, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 3,62,113 हो गई। यह लगभग डेढ़ गुना वृद्धि है, साथ ही साथ जुलाई 25 से अब तक 1462 लोगों का सिटी स्कैन किया गया है। यह बताती है कि अस्पताल में आधुनिक जांच सुविधाएं और तेज सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मोतियाबिंद ऑपरेशन में भी वृद्धि
नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में भी जिला अस्पताल ने अपनी पकड़ मजबूत की है। वर्ष 2023 की तुलना में 2025 में मोतियाबिंद के ऑपरेशन 216 अधिक किए गए। इससे यह स्पष्ट होता है कि नेत्र रोगियों को भी अब बेहतर और सुलभ उपचार मिल रहा है।
उप मुख्यमंत्री के सतत प्रयास से मिली बेहतर सुविधा
जिले के विधायक एवं राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रयासों, उनके मार्गदर्शन और सक्रिय पहल से अस्पताल में संसाधनों का विस्तार, नई मशीनों की उपलब्धता और व्यवस्थाओं में सुधार संभव हो पाया है। उन्होंने न केवल अस्पताल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान दिया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि मरीजों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिले। उनकी प्राथमिकता में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और सुधार हमेशा शीर्ष पर रहा है।
डॉक्टरों और कर्मचारियों की भूमिका
जिला अस्पताल के निष्ठावान डॉक्टरों और कर्मचारियों की मेहनत इस सफलता की कहानी का अहम हिस्सा है। संसाधनों का बेहतर उपयोग कर अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया है। डॉक्टरों की तत्परता, नर्सिंग स्टाफ की देखभाल और अन्य कर्मचारियों की कार्यकुशलता ने मिलकर अस्पताल की छवि को पूरी तरह बदल दिया है।
अस्पताल में बेहतर संसाधन उपलब्ध
जिला अस्पताल की बेहतर सेवाओं, आधुनिक उपकरणों और अनुभवी चिकित्सकों बेहतर संसाधन से निःशुल्क बेहतर इलाज मिलने के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए यह एक बड़ी राहत बनकर उभरा है। इससे न केवल लोगों की आर्थिक बचत हो रही है, बल्कि उन्हें अपने ही जिले में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं।
भविष्य की संभावनाएं
जिला अस्पताल कबीरधाम की यह सफलता सिर्फ आज तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए भी एक मजबूत नींव तैयार कर रही है। नई तकनीकों का उपयोग, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और मरीजों के लिए बेहतर सुविधाओं का विस्तार ये सभी कदम इस दिशा में बहुत महत्वपूर्ण हैं। जिला अस्पताल की प्रगति सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों के भरोसे, बेहतर इलाज और कर्मचारियों की मेहनत की कहानी है। ओपीडी, आईपीडी, प्रसव, सोनोग्राफी, एक्स-रे, सीटी स्कैन, लैब जांच और ऑपरेशन हर क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है। यह अस्पताल सिर्फ कबीरधाम जिले के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के डिंडोरी और मंडला जैसे सीमावर्ती इलाकों के लोगों के लिए भी जीवन रेखा बन गया है।

कोरबा
एसईसीएल में बाबा साहेब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर की 135 वीं जयंती मनाई गई
बिलासपुर/कोरबा। आज दिनांक 14 अप्रैल 2026 को एसईसीएल मुख्यालय में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135 वीं जयंती अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन के मुख्य आतिथ्य, निदेशक तकनीकी (संचालन) एन. फ्रेंकलिन जयकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक(वित्त) डी. सुनील कुमार, निदेशक (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र के विशिष्ट आतिथ्य, विभिन्न विभागाध्यक्षों, विभिन्न श्रमसंघ प्रतिनिधियों, एससी/एसटी एसोसिएशन, सिस्टा के पदाधिकारियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, महिलाओं, बच्चों की उपस्थिति में मनाई गई। इस अवसर कार्यक्रम के प्रारम्भ में मुख्य अतिथि एवम विशिष्ट अतिथियों के करकमलों से बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर पुर्ननिर्मित स्थल का लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने अपने संबोधन में कहा आज राष्ट्र के लिए विशेष दिन है, हम सब बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के संकल्पों, विचारों पर चलें और राष्ट्र-निर्माण, समाज-निर्माण में अपना योगदान देते रहें । एसईसीएल भी उनके विचारों के अनुरूप महिलाओं व वंचित वर्गों के लिए महिला सशक्तिकरण, मेघावी छात्रों के लिए नीट परीक्षा की तैयारी में सहयोग, स्मार्ट क्लासेस, प्रोजेक्ट धरा शक्ति के माध्यम से और भी अधिक महिला सशक्तिकरण की दिशा में कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में उन्होंने डॉ. भीमराव अम्बेडकर पुर्ननिर्मित मनभावन स्थल के लिए भी उपस्थितों को बधाई दिया।

इस अवसर पर श्रम संघ प्रतिनिधि कृष्णा सूर्यवंशी, सुदेश डागोर, एम.पी. जांगडे, डी.पी. दिनकर (मासंवि), संजय साहू, अजय सिंह, राहुल दास, सूरज बघेल ने अपने सम्बोधन में भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के जीवन पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम के आयोजन पर प्रबंधन को धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने गौतम बुद्ध एवं बाबा साहेब के चित्र के समीप दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया उपरांत गौतम बुद्ध एवं बाबा साहेब के चित्र पर मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों ने माल्यार्पण किया तत्पश्चात बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की स्थापित प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया उपरांत विभागाध्यक्षों, श्रमसंघ पदाधिकारियों, एससी/एसटी एसोसिएशन, सिस्टा के पदाधिकारियों, अधिकारियों, कर्मचारियों ने बारी-बारी से प्रतिमा पर माल्यार्पण किया ।
कार्यक्रम में दिशा खोब्रागडे, निशा ठावरे एवम उनकी टीम द्वारा बुद्ध वंदना की गयी। कार्यक्रम में उद्घोषणा का दायित्व प्रबंधक (राजभाषा) श्रीमती सविता निर्मलकर ने निभाया।

छत्तीसगढ़
रायगढ़ जिला भाजपा कार्यालय में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई अंबेडकर जयंती
“संविधान निर्माता को नमन” भाजपा ने कहा- ‘पंचतीर्थ’ और ‘संविधान दिवस’ बाबा साहेब को मोदी सरकार का वास्तविक सम्मान
रायगढ़ । जिला भाजपा कार्यालय में आज संविधान निर्माता, ‘भारत रत्न’ बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद राजा देवेंद्र प्रताप सिंह, महापौर जीवर्धन चौहान और वरिष्ठ भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने डॉ भीमराव अंबेडकर साहेब के सामाजिक न्याय, समानता और राष्ट्र निर्माण के विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद राजा देवेंद्र प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा बाबा अंबेडकर साहेब केवल एक संविधान निर्माता नहीं, बल्कि एक युगदृष्टा थे। उनके विचार और उनके द्वारा दिखाया गया मार्ग हमें सदैव ‘राष्ट्र प्रथम’ की सेवा करने की प्रेरणा देता रहता है। उन्होंने जिस समरस समाज की कल्पना की थी, उसे साकार करना ही हम सबका पुनीत कर्तव्य है। बाबा साहेब ने हमें वह संवैधानिक शक्ति दी है जिससे आज भारत विश्व पटल पर एक मजबूत लोकतंत्र के रूप में खड़ा है। उनके द्वारा स्थापित समानता के मूल्य ही हमारे संगठन की कार्यप्रणाली का मूल आधार हैं।

उन्होंने कहा भाजपा का हर संकल्प बाबा साहेब के अंत्योदय के सपने से जुड़ा है।उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि भारतीय जनता पार्टी का हर संकल्प बाबा साहेब के ‘अंत्योदय’ के सपने से जुड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाएं सीधे तौर पर बाबा साहेब के सामाजिक न्याय के मिशन को आगे बढ़ा रही हैं।

महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा की बाबा साहेब ने ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ का जो मंत्र दिया, वह आज भी प्रासंगिक है। नगर विकास से लेकर समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान तक उनके संवैधानिक मूल्य हमारे मार्गदर्शक हैं। हम बाबा साहेब के बताए न्याय और समानता के पथ पर चलने हेतु प्रतिबद्ध हैं।
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति कार्यसमिति सदस्य श्रीकांत सोमावार ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर साहेब ने समाज के वंचित और शोषित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।प्रदेश स्थाई आमंत्रित सदस्य सुभाष पाण्डेय ने संविधान निर्माण के संदर्भ में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के अतुलनीय योगदान पर विस्तार से चर्चा की। सुभाष पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब केवल संविधान के निर्माता ही नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के ‘शिल्पकार’ थे। संविधान निर्माण के दौरान बाबा साहेब का सबसे बड़ा योगदान समाज के वंचित, शोषित और दलित वर्गों को मुख्यधारा में लाना था। उन्होंने सुनिश्चित किया कि संविधान के माध्यम से छुआछूत जैसी कुरीतियों का अंत हो और हर नागरिक को सम्मान के साथ जीने का कानूनी अधिकार मिले। बाबा साहेब ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक उत्तरदायित्व के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाया। उनके द्वारा दिए गए ‘मौलिक अधिकार’ आज हर भारतीय की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने कहा की डॉ. भीमराव अंबेडकर ने कठिन परिस्थितियों और विरोध के बावजूद एक ऐसा संविधान देश को दिया, जो आज भी भारत की एकता और अखंडता का आधार है। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र को वह ढांचा प्रदान किया जिसमें समाज के अंतिम व्यक्ति को भी सत्ता में समान भागीदारी और न्याय की गारंटी मिलती है। उनका योगदान केवल शब्दों में नहीं, बल्कि हर भारतीय के संवैधानिक अधिकारों में जीवित है।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं अनुसूचित जाति मोर्चा जिला अध्यक्ष डॉ वाय. के.शिन्दे ने अपने संबोधन में भारतीय संविधान के शिल्पकार बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति पार्टी की गहरी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जहाँ कांग्रेस के शासनकाल में बाबा साहेब को लगातार उपेक्षा और राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ा, वहीं भाजपा ने उनके विचारों को धरातल पर उतारकर उन्हें वास्तविक सम्मान दिया है।
उन्होंने विशेष रूप से 1951 के हिंदू कोड बिल का उल्लेख करते हुए कहा कि जब कांग्रेस ने इस प्रगतिशील बिल का समर्थन करने से इनकार कर दिया, तो बाबा साहेब ने महिलाओं के अधिकारों और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए देश के पहले कानून मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। यह इस्तीफा कांग्रेस की रूढ़िवादी और भेदभावपूर्ण मानसिकता के खिलाफ बाबा साहेब के कड़े विरोध का ऐतिहासिक प्रतीक है। डॉ शिंदे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने न केवल बाबा साहेब के विचारों को अपनाया है, बल्कि उन्हें देश की मुख्यधारा की राजनीति का केंद्र बनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाबा साहेब के जीवन से जुड़े पांच महत्वपूर्ण स्थानों को ‘पंचतीर्थ’ के रूप में विकसित करना इस बात का प्रमाण है कि भाजपा उनके प्रति कितनी गंभीर है । बाबा साहेब के योगदान को भावी पीढ़ियों तक पहुँचाने के लिए सामाजिक न्याय को सशक्त बनाने के लिए मोदी सरकार ने 26 नवंबर को ‘संविधान दिवस’ घोषित किया एवं डिजिटल सशक्तिकरण के लिए “भीम एप” लांच किया।

डॉ शिंदे ने की कहा कि भाजपा के लिए बाबासाहेब केवल एक नाम नहीं, बल्कि ‘समानता और सशक्तिकरण’ का मंत्र हैं। पंचतीर्थ के निर्माण से लेकर वंचितों को मुख्यधारा से जोड़ने तक, हमारी यात्रा बाबासाहेब के समावेशी भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में निरंतर जारी है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी ने बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर से जुड़े पांच प्रमुख स्थलों को विकसित किया, जिन्हें पंचतीर्थ कहा गया: जन्म भूमि- महू( मध्यप्रदेश) , चैत्य भूमि – मुंबई , जहां उनका अंतिम संस्कार हुआ, शिक्षा भूमि – लंदन में वह स्थान जहां वे शिक्षा के दौरान रहे, दीक्षा भूमि – नागपुर, जहां उन्होंने बौद्ध धर्म स्वीकार किया तथा महापरिनिर्वाण भूमि – दिल्ली में उनका निधन स्थल ।

दलित , आदिवासी और पिछड़े वर्गों की अत्याचारों से सुरक्षा के लिए अधिनियम 1989 में2016 में संशोधन किया। वंचित वर्गों के लिए “सी ए ए 2019”, “नारी शक्ति वंदन 2023” , “अनुच्छेद 370 की समाप्ति” बहुत बड़ी उपलब्धि है।
हमारी यात्रा बाबा साहेब के समावेशी भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में निरंतर जारी है। डॉ भीमराव अंबेडकर के जन्म दिवस के अवसर पर रायगढ़ जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम का मंच संचालन जिला भाजपा मंत्री पावन अग्रवाल ने किया एवं कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य मोहन कुर्रे ने किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति कार्यसमिति सदस्य एवं प्रदेश विशेष आमंत्रित सदस्य श्रीकांत सोमवार, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गुरुपाल भल्ला, विवेक सिन्हा,प्रदेश स्थाई आमंत्रित सदस्य सुभाष पाण्डेय, अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष डॉ वाय. के. शिन्दे ,अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश कार्य समिति सदस्य मोहन कुर्रे , जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो,अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष रमेश चौहान, अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला सह कोषाध्यक्ष बाल्मीकि सिंह चौहान, अल्पसंख्यक मोर्चा जिला अध्यक्ष असलम हुसैन,चक्रधर जूटमिल मंडल के अध्यक्ष शैलेश माली, अल्पसंख्यक मोर्चा के नगर महामंत्री नियाज़ खान, अनुसूचित जाति मोर्चा के शहर मंडल अध्यक्ष सचिन सारथी, जुटमिल अनुसूचित जाति मोर्चा के मंडल अध्यक्ष रोशन कुर्रे,उपाध्यक्ष संतोष चौहान , अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला महामंत्री सुरेन्द्र कुमार बघेल, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष श्रीमति मधुलता पटेल ,अनुसूचित जाति मोर्चा के मंत्री श्रीमति विजय लक्ष्मी चौहान , सोशल मीडिया के लक्की देवांगन सहित जिला पदाधिकारीगण,अनुसूचित जाति मोर्चा के पदाधिकारीगण, मंडल के पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में देवतुल्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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