कोरबा
छोटे खातेदारों को रोजगार, अर्जन के बाद जन्म एवं आउट सोर्सिंग कंपनियों में प्रभावितों को रोजगार देने की मांग को लेकर किसान सभा ने 2 घंटे गेवरा खदान बंद कर किया प्रदर्शन
खदान बंद और प्रदर्शन के बाद बिलासपुर मुख्यालय में बैठक कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया प्रबंधन ने
समस्याओं का समाधान नहीं होने पर 24 अप्रैल को कुसमुंडा में खदान बंद आंदोलन
कोरबा/गेवरा। एसईसीएल के कुसमुंडा,गेवरा,दीपका,कोरबा क्षेत्र के प्रभावित गांव के भू विस्थापितों ने छत्तीसगढ़ किसान सभा और भू विस्थापित रोजगार एकता संघ के नेतृत्व में छोटे खातेदारों को रोजगार,अर्जन के बाद जन्म एवं लंबित रोजगार की प्रकरणों का निराकरण कर सभी खातेदारों को रोजगार देने, आउट सोर्सिंग कार्यों में प्रभावित गांव के बेरोजगारों को 100% रोजगार देने की मांग को लेकर गेवरा खदान के अंदर कोल उत्पादन बंद कर प्रदर्शन किया। खदान बंद की घोषणा पहले से होने के कारण बड़ी संख्या में पुलिस बल उपस्थित था। आंदोलन से पीछे नहीं हटने पर एसईसीएल ने बिलासपुर मुख्यालय में बैठक आयोजित कर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, उसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ।

किसान सभा ने कहा कि मांगो पर आगे सकात्मक पहल नहीं हुआ तो 24 अप्रैल को कुसमुंडा क्षेत्र में प्रदर्शन और खदान बंद किया जायेगा। किसान सभा ने आगे के आंदोलन के लिए नोटिस पहले ही अधिकारियों को थमा दिया है।
किसान सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव प्रशांत झा ने कहा की सभी भू विस्थापित किसानों, जिनकी जमीन एसईसीएल ने अधिग्रहण किया है, उन सभी खाते पर भू विस्थापितों को स्थाई रोजगार एसईसीएल को देना होगा। कोयला खदानों में जमीन अधिग्रहण से छोटे खातेदार ज्यादे प्रभावित होते हैं, उन्हें ना तो बेहतर जीवनयापन के लिए मुआवजा मिलता है और ना ही रोजगार। अब एसईसीएल गुमराह करने का प्रयास करना बंद करें और सभी छोटे खातेदारों को भी रोजगार दे, नहीं तो आगे खदानों में और उग्र आंदोलन होगा।

किसान सभा के जिला सचिव दीपक साहू ने कहा कि पुराने लंबित रोजगार को लेकर एसईसीएल गंभीर नहीं है। किसानों को छोटे बड़े खातेदार के नाम पर बांटा जा रहा है, किसानों की एकता में फुट डालने का काम एसईसीएल और आउट सोर्सिंग कंपनियों द्वारा किया जा रहा है। छोटे खातेदारों को रोजगार से वंचित किया गया है और आउट सोर्सिंग कार्यों में भी प्रभावितों को प्राथमिकता नहीं देने का आरोप लगाया है।

भू विस्थापित रोजगार एकता संघ के दामोदर श्याम ने कहा कि1978 से लेकर 2004 के मध्य कोयला खनन के लिए जमीन को अधिग्रहित किया गया है, लेकिन तब से अब तक विस्थापित ग्रामीणों को न रोजगार दिया गया है, न पुनर्वास ऐसे प्रभावितों की संख्या सैकड़ों में है। सभी को रोजगार देना होगा।

भू विस्थापित रमेश दास ने कहा कि आऊट सोर्सिंग कंपनियों में स्थानीय बेरोजगारों को नए-नए नियम बनाकर रोजगार से वंचित किया जा रहा है। वहीं बिना नियमों के बाहर से भर्ती किया जा रहा है, जिसका आगे और विरोध किया जायेगा। आंदोलन में प्रमुख रूप से प्रभावित क्षेत्र के विस्थापित उपस्थित थे।


कोरबा
महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिली आर्थिक स्थिरता और सम्मान की नई पहचान
26 किश्तों से मजबूत हुआ भरोसा, योजना से बदली जीवन की दिशा
योजना से महिलाएं बनीं अधिक सक्रिय और आत्मविश्वासी : श्रीमती श्यामा प्रजापति
कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की सुशासन सरकार महिलाओं के उत्थान, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में संचालित की जा रही सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना आज महिलाओं के जीवन में व्यापक और सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही है। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बना रही है, बल्कि उन्हें परिवार और समाज में एक नई पहचान और सम्मान भी दिला रही है।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। यह राशि महिलाओं के लिए एक स्थायी सहारा बनकर उभर रही है, जिससे वे अपने दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को सहजता से पूरा कर पा रही हैं और अपने परिवार की जिम्मेदारियों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।
कोरबा शहर के पोड़ीबहार में निवासरत श्रीमती श्यामा प्रजापति योजना की एक सशक्त लाभार्थी हैं। वे आंगनबाड़ी सहायिका के रूप में कार्यरत हैं और अपने परिवार के पालन-पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत उन्हें हर माह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है, जिससे उनके जीवन में उल्लेखनीय सुधार लाया है।
श्रीमती प्रजापति बताती हैं कि योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रही है। बिना किसी अतिरिक्त प्रयास या औपचारिकता के हर माह समय पर मिलने वाली यह सहायता उन्हें आर्थिक रूप से संबल प्रदान करती है। पहले जहां छोटी-छोटी जरूरतों के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब वे इस राशि के माध्यम से अपने कई आवश्यक कार्य स्वयं ही पूर्ण कर लेती हैं।
उन्होंने बताया कि उन्हें अब तक 26 किश्तें प्राप्त हो चुकी हैं, जो उनके जीवन में निरंतर स्थिरता और भरोसा लेकर आई हैं। हर माह मिलने वाली इस सहायता राशि का उपयोग वे अपने घर-परिवार के खर्चों, बच्चों की शिक्षा, दैनिक जरूरतों और स्वयं के स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में करती हैं। इससे उन्हें न केवल आर्थिक राहत मिली है, बल्कि मानसिक संतोष और आत्मविश्वास भी प्राप्त हुआ है।
श्रीमती प्रजापति ने कहा कि जब से राज्य सरकार द्वारा यह योजना प्रारंभ की गई है, तभी से उन्हें इसका नियमित लाभ मिल रहा है। इस योजना ने उनके जीवन को आसान और व्यवस्थित बनाया है। अब वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं और अपने बच्चों के भविष्य को लेकर अधिक आश्वस्त महसूस करती हैं।
उन्होंने आगे बताया कि महतारी वंदन योजना उनके जैसी लाखों महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें समाज में एक सशक्त पहचान भी प्रदान कर रही है। अब महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं, बल्कि सामाजिक रूप से भी अधिक सक्रिय और आत्मविश्वासी बन रही हैं।
श्रीमती श्यामा प्रजापति ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं के हित में उठाए गए यह कदम अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना ने महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया है और उन्हें समाज में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया है।


कोरबा
आगामी नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष द्वारा ली गई न्यायिक अधिकारियों की प्रथम बैठक
कोरबा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के द्वारा 09 मई 2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा। इस क्रम में 09 मई 2026 को जिला न्यायालय कोरबा एवं तहसील विधिक सेवा समिति कटघोरा करतला एवं पाली तथा समस्त राजस्व न्यायालयों में आगामी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाना है। उक्त नेशनल लोक अदालत में समस्त राजीनामा योग्य आपराधिक मामले, बैंक के प्रकरण, लिखत पराक्राम्य अधिनियम की धारा 138, वसूली के प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण एवं अन्य व्यवहार वाद के प्रकरण रखे जायेंगे। संतोष शर्मा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा (छ0ग0) के द्वारा नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों जिसमें 05 से 10 वर्ष से अधिक वाले प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर समझौता हेतु रखे जाने एवं अधिक से अधिक प्रकरण रखे जाने तथा निराकरण किये जाने के प्रयोजनार्थ न्यायिक अधिकारियों की बैठक जिला न्यायालय परिसर के विडियो कान्फ्रेसिंग कक्ष में ली गई एवं बाह्य न्यायालयों में पदस्थ न्यायिक अधिकारियों की बैठक विडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से ली गई ।
इस बैठक में लीलाधर सारथी, विशेष न्यायाधीश एट्रोसिटी (एससी/एसटी) कोरबा (छ0ग0), श्रीमती गरिमा शर्मा, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कोरबा (छ0ग0), डॉ. ममता भोजवानी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो) कोरबा, सुनील कुमार नंदे तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कोरबा, अविनाश तिवारी श्रम न्यायाधीश कोरबा, सुश्री सीमा प्रताप चंद्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी.) कोरबा, सत्यानंद प्रसाद, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कोरबा, श्रीमती सोनी तिवारी प्रथम वरिष्ठ श्रेणी न्यायाधीश कोरबा, कु० डॉली ध्रुव, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कोरबा, कु० कुमुदनी गर्ग, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कोरबा, ग्रेसी सिंह न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा, कु० तृप्ति राघव न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा उपस्थित रहे एवं इस बैठक में बाह्य न्यायालय के श्रीमती श्रद्धा शुक्ला शर्मा अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफ. टी. एस. सी. पॉक्सो कटघोरा, श्रीमती मधु तिवारी, प्रथम जिला एवं अतिरिक्त जिला न्यायाधीश कटघोरा, हेमंत कुमार रात्रे तृतीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कटघोरा, शीलू सिंह द्वितीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कटघोरा, लोकेश पाटले प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कटघोरा, कु रंजू वैष्णव प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कटघोरा, प्रेरणा वर्मा, द्वितीय यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कटघोरा, सागर चन्द्राकर प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कटघोरा, कु० सोआ मंसुर व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी पाली, हेमंत राज ध्रुवे व्यहार न्यायधीश कनिष्ठ श्रेणी करतला, विडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।


कोरबा
जिला रोजगार कार्यालय में प्लेसमेन्ट कैम्प 13 अप्रैल को
कोरबा। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, कोरबा में प्लेसमेन्ट कैम्प का आयोजन 13 अप्रैल को किया जा रहा है। जिसमें निम्नांकित नियोजक- परिश्रम ह्यूमन रिसोर्स कोरबा एवं आई टी एम एडुटेक ट्रेनिंग प्राइवेट लिमिटेड कोरबा द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी।
रिक्तियों का विवरण इस प्रकार है – इलेक्ट्रिक मीटर टेक्निशियन – 50, सेल्स मनैजर – 78, योग्यता – स्नातक, आई.टी.आई. आयुसीमा- 18-35 वर्ष तक एवं वेतनमान रूपये – 15,000 से 30,000 तक नियोजक द्वारा निर्धारित किया गया है।
प्लेसमेंट कैम्प में सम्मिलित होने हेतु वेबसाईट www.erojgar.cg.gov.in मेंं आवेदक का रोजगार पंजीयन आवश्यक है। साथ ही इच्छुक रिक्त पदों को चयन करें। जिन आवेदकों ने रोजगार पंजीयन नहीं किया है वे वेबसाईट www.erojgar.cg.gov.in में अपना पंजीयन करवा सकते हैं। प्लेसमेंट कैम्प में सम्मिलित होने हेतु अपना समस्त शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साईज फोटो रोजगार पंजीयन, अनुभव प्रमाण पत्र इत्यादि दस्तावेजों के साथ निर्धारित स्थल में उपस्थित हो सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, कोरबा के दूरभाष नंबर 07759-222069 में संपर्क कर सकते हैं एवं रोजगार कार्यालय के टेलीग्राम ग्राफी https://shorturl.at/an8XJ से जुड़ सकते हैं।


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