Connect with us

देश

मोदी बोले- कांग्रेस गठबंधन को इस्तेमाल करके फेंक देती है:इसीलिए INDI गठबंधन बना; हमारे साथी लगातार बढ़ रहे, NDA की ताकत बढ़ रही

Published

on

अमरावती/तिरुवनंतपुरम, एजेंसी।

आंध्र प्रदेश के पलनाडु में रविवार को NDA की रैली में PM नरेंद्र मोदी ने कहा- NDA में हम सबको साथ लेकर चलते हैं, दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी है जिसका एक ही एजेंडा है गठबंधन के लोगों को यूज एंड थ्रो करना। आज कांग्रेस के लोगों को भले ही मजबूरी में INDI गठबंधन बनाना हो, लेकिन इनकी सोच वही है।

रैली में पीएम मोदी के अलावा TDP चीफ चंद्रबाबू नायडू और जनसेना पार्टी अध्यक्ष पवन कल्याण भी शामिल हुए। लोकसभा चुनाव के लिए BJP और TDP के बीच सीट शेयरिंग फाइनल हो चुकी है। भाजपा छह लोकसभा और 10 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। जबकि TDP लोकसभा की 17 और विधानसभा की 144 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। समझौते के तहत जनसेना दो लोकसभा और 21 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

पलनाडु में PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें…

1. पूरा देश कह रहा है, 4 जून को 400 पार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- कल ही देश में चुनाव का बिगुल बजा है और आज मैं आप सबके बीच हूं। यहां मुझे ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों का आशीर्वाद मिल रहा है। त्रिदेवों के इस आशीर्वाद से हमारी सरकार के तीसरे कार्यकाल में देश और भी बड़े निर्णय लेगा। ये संयोग है कि इस बार चुनावों के परिणाम 4 जून को आने वाले हैं। पूरा देश कह रहा है, 4 जून को 400 पार।

2. कांग्रेस का एजेंडा, गठबंधन के लोगों को यूज एंड थ्रो करना
NDA में हम सबको साथ लेकर चलते हैं, दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी है जिसका एक ही एजेंडा है गठबंधन के लोगों को यूज एंड थ्रो करना। आज कांग्रेस के लोगों को भले ही मजबूरी में INDI गठबंधन बनाना हो, लेकिन इनकी सोच वही है। लेफ्ट और कांग्रेस केरल में एक दूसरे को क्या कहते हैं। बंगाल में TMC और लेफ्ट एक दूसरे के लिए क्या-क्या बोलते हैं। पंजाब में कांग्रेस और AAP एक दूसरे के लिए कैसी भाषा बोलते हैं। जो लोग चुनाव से पहले अपने फायदे के लिए ऐसे लड़ते हों, वो चुनाव के बाद क्या करेंगे इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

3. 10 सालों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए
हमारी सरकार गरीबों की सेवा करती है। पिछले 10 सालों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। आंध्र प्रदेश में, एनडीए सरकार ने पीएम आवास योजना के तहत लगभग 10 लाख घर दिए हैं। यहां पलनाडु में गरीबों के लिए करीब 5 हजार पक्के घर बनाए गए हैं। जल जीवन मिशन के तहत आंध्र प्रदेश में करीब एक करोड़ परिवारों को नल कनेक्शन मिल चुका है।

4. भाजपा के सहयोगी बढ़ रहे हैं, NDA की ताकत बढ़ी
मोदी ने कहा- हमारा NDA गठबंधन क्षेत्रीय आकांक्षाओं और राष्ट्रीय प्रगति दोनों को साथ लेकर चलता है। इस चुनाव में भाजपा के सहयोगी हमारे साथी लगातार बढ़ रहे हैं। NDA की ताकत बढ़ रही है। चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण दोनों लंबे समय से आप लोगों के हक के लिए आंध्र के विकास के लिए दिन-रात आपके लिए काम करते रहे हैं।

आंध्र के बाद पीएम मोदी केरल के पलक्कड़ में रोड शो करेंगे। यहां कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी भाजपा के उम्मीदवार हैं। PM मोदी उन्हीं के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। हालांकि PM का पलक्कड़ में केवल रोड शो होगा। अभी तक जनसभा की कोई जानकारी नहीं है। PM मोदी का इस साल राज्य का यह 5वां दौरा है।

PM मोदी ने 15 मार्च को केरल के पथानामथिट्टा में जनसभा की थी। तब उन्होंने कहा था कि इस बार केरल में कमल खिलने जा रहा है। यहां के लोग कह रहे हैं कि अब की बार 400 पार।

केरल में इस वक्त कानून व्यवस्था की स्थिति खराब होती जा रही है। चर्च के पादरी भी हिंसा के शिकार हो रहे हैं। कितने ही कॉलेज कैम्पस कम्युनिस्टों के गुंडों के अड्डे बन चुके हैं। महिलाएं, युवा और हर वर्ग के लोग डर में जी रहे हैं। राज्य सरकार में बैठे लोग चैन की नींद सो रहे हैं। इन समस्याओं से छुटकारा तब मिलेगा, जब यहां से कांग्रेस और LDF की मिलीभगत का चक्कर टूटेगा।

प्रधानमंत्री मोदी 15 मार्च से 19 मार्च तक दक्षिण भारत के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना में चुनावी रैलियां करेंगे।

केरल में PM मोदी की 15 मार्च की स्पीच पढ़ें…

1. कांग्रेस ने सत्ता के लालच में राज्यों को बर्बाद किया है
कांग्रेस और लेफ्ट की स्थिति यह है कि जिस राज्य से यह चुनाव हारते हैं, वहां यह दोबारा वापसी नहीं कर पाते। कांग्रेस ने सत्ता के लालच में जिस तरह से खेल खेला, राज्यों को बर्बाद किया। लोग अच्छी तरह जानते हैं। जिस राज्य से यह पराजित होते हैं वहां के लोग इन्हें वापस लौटने नहीं देते। तमिलनाडु में 1962 में आखिरी चुनाव जीता था, यूपी, गुजरात बिहार में कांग्रेस ने 4 दशक पहले आखिरी चुनाव जीता। उड़ीसा में भी कांग्रेस 3 दशक से बाहर ही है। देश के कितने ही राज्यों से बाहर है।

त्रिपुरा, बंगाल इन राज्यों में लेफ्ट पार्टियों का सितारा चमकता था। 3 से 4 दशक तक इन्हीं की चलती थी। त्रिपुरा, बंगाल से उन्हें हटाया। कितने ही साल हो गए, कांग्रेस और लेफ्ट को घुसने नहीं दिया जाता। लोगों को पता है कि कांग्रेस पर भरोसा किया। जितने साल लेफ्ट पर भरोसा किया। उतने साल सर्वाधिक नुकसान हुआ।

2. केरल के लोग कह रहे हैं- अब की बार 400 पार
केरल में बीजेपी युवा ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है। इसलिए केरल के लोग कह रहे है कि अबकी बार 400 पार। पिछले चुनाव में केरल की जनता ने हमें दोहरे अंक में वोट प्रतिशत वाली पार्टी बनाया और अब यहां दोहरे अंक वाली सीटों की हमारी नियति अभी दूर नहीं है। केरल के लोग राज्य पर शासन करने वाली भ्रष्ट और अक्षम सरकारों के कारण पीड़ित हैं। LDF और UDF सरकारें रबर किसानों की दुर्दशा देख ही नहीं पातीं।

तमिलनाडु में PM बोले- BJP का प्रदर्शन I.N.D.I. गठबंधन का घमंड तोड़ देगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार 15 मार्च को तमिलनाडु के कन्याकुमारी में भी जनसभा की। PM ने कहा- आज कन्याकुमारी से देश के इस दक्षिणी छोर से जो लहर उठी है, ये लहर बहुत दूर तक जाने वाली है। मैं 1991 में एकता यात्रा लेकर कन्याकुमारी से कश्मीर गया था, इस बार मैं कश्मीर से कन्याकुमारी आया हूं।

उन्होंने कहा- जम्मू-कश्मीर के लोगों ने देश को तोड़ने का सपना देखने वालों को नकार दिया है। अब तमिलनाडु के लोग भी ऐसा ही करने जा रहे हैं। मैं तमिलनाडु की धरती पर बहुत बड़े परिवर्तन की आहट देख रहा हूं। तमिलनाडु में भाजपा का प्रदर्शन इस बार DMK और कांग्रेस के INDI गठबंधन का सारा घमंड तोड़ कर रख देगा।

PM की 17 दिनों में तमिलनाडु की यह दूसरी यात्रा है। इससे पहले 28 फरवरी को उन्होंने थूथुकुड़ी में 17 हजार 300 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स की नींव रखी। इनमें देश का पहला हाइड्रोजन हब पोर्ट और इनलैंड वाटर वे वेसल और कुलशेखरपट्‌टनम में ISRO का नया लॉन्च कॉम्प्लेक्स भी शामिल है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

मानसून अब 7 दिन बाद केरलम पहुंचेगा:तूफानी हवाओं ने श्रीलंका में रोका, 10% कम बारिश का अनुमान, जून-जुलाई में भी हीटवेव चलेगी

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। देश में मानसून की एंट्री लेट हो गई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को बताया कि श्रीलंका के ऊपर कम दबाव वाली तूफानी हवाओं के चलते मानसून केरलम तट से 30-35 किमी दूर 5 दिन से अटका है और अगले 2-3 दिन इसके आगे बढ़ने के आसार नहीं हैं।

केरलम के तट पर मानसून पहुंचने की सामान्य तारीख 1 जून मानी जाती है। इससे पहले मौसम विभाग ने 26 मई तक ही मानसून आने का अनुमान जताया था। ताजा अनुमान के मुताबिक अब यह 7 दिन बाद केरल तट पर पहुंचेगा। यानी, पिछले अनुमान से मानसून करीब 10 दिन बाद देश में एंट्री करेगा।

IMD के मुताबिक जून-जुलाई में भी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश में हीटवेव चलने की संभावना है। आमतौर पर उस वक्त तापमान 30-35 डिग्री तक रहता है। इस बार 3 डिग्री ज्यादा टेंपरेचर रहेगा।

इस साल बारिश भी 10% तक कम होगी

मौसम विभाग ने बताया कि इस साल देश में औसतन 78 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान है। जो सामान्य से करीब 10% कम है। 13 अप्रैल को 80 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान लगाया गया था। 1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर देश में औसत बारिश 87 सेंटीमीटर मानी जाती है।

जून में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार में कम बारिश

मौसम विभाग ने बताया कि जून में मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड में सामान्य से भी कम बारिश होगी। वहीं महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में सामान्य बारिश का अनुमान है।

देश के कोर जोन में कम बारिश से खेती पर सीधा असर

मौसम विभाग ने बताया कि इस साल मानसून के कोर जोन में कम बारिश होगी। इस इलाके में खेती सबसे ज्यादा मानसूनी बारिश पर निर्भर करती है। यानी बारिश का सीधा असर फसलों और खाद्य उत्पादन पर पड़ता है।

मानसून कोर जोन में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र का विदर्भ, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, कुछ हिस्से उत्तर प्रदेश और बिहार के इलाके आते हैं। यहां खेती पर असर पड़ने से किसानों को सीधा नुकसान होगा।

कमजोर मानसून, कम बारिश का आम आदमी पर असर…

देश में कुल बारिश का करीब 75% हिस्सा मानसून के दौरान होता है, जो सिंचाई, पीने के पानी और बिजली उत्पादन के लिए बेहद जरूरी है।

करीब 64% आबादी कृषि पर निर्भर है। सिर्फ 55% खेती योग्य जमीन ही सिंचाई से कवर है।

कम बारिश का असर खरीफ सीजन की बुवाई, फसल उत्पादन और कुल कृषि गतिविधियों पर पड़ेगा, जिससे किसानों की लागत और जोखिम दोनों बढ़ सकते हैं।

बारिश कम होने से उत्पादन घट सकता है, जिसका असर सप्लाई पर पड़ेगा और इससे सब्जियों, दालों सहित खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं।

खेती कमजोर रहने पर गांवों में आय कम हो सकती है, जिससे ग्रामीण बाजार में खर्च और मांग दोनों प्रभावित होंगे।

ग्रामीण मांग में कमी आने पर ट्रैक्टर और टू-व्हीलर जैसे वाहनों की बिक्री पर भी असर पड़ने की संभावना है।

अगर बारिश कम रहती है तो डैम और जलाशयों का जलस्तर सामान्य से नीचे रह सकता है, जिससे आगे चलकर पानी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।

कम बारिश और ज्यादा गर्मी की स्थिति में बिजली की खपत बढ़ेगी, खासकर उन क्षेत्रों में जहां तापमान ज्यादा रहता है।

पिछले साल 8 दिन पहले आया था मानसून

पिछले साल मानसून तय समय से 8 दिन पहले यानी 24 मई को ही केरलम पहुंच गया था। मानसून केरलम से आगे बढ़ते हुए महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आमतौर पर मध्य जून तक पहुंचता है। 11 जून तक मुंबई और 8 जुलाई तक पूरे देश में फैल जाता है।

इसकी वापसी उत्तर-पश्चिम भारत से 17 सितंबर को शुरू होती है और यह पूरी तरह 15 अक्टूबर तक लौट जाता है। अल नीनो इफेक्ट की वजह से मानसून में देरी हो सकती है। हालांकि सीजन के आखिर में थोड़ी राहत मिल सकती है।

IMD के आंकड़ों के मुताबिक, बीते 150 साल में मानसून के केरलम पहुंचने की तारीखें अलग-अलग रही हैं। 1918 में मानसून सबसे पहले 11 मई को केरलम पहुंच गया था, जबकि 1972 में सबसे देरी से 18 जून को केरलम पहुंचा था।

मौसम विभाग ने कहा कि कमजोर मानसून के पीछे की वजह अल-नीनो है। जून में अल नीनो का असर दिख सकता है। जुलाई और अगस्त में भी कमजोर से मध्यम स्तर का अल नीनो बने रहने की संभावना है।

अल नीनो के कारण समुद्र का पानी असमान्य रूप से गर्म हो जाता है, जिसके साथ हवा के पैटर्न में भी बदलाव आता है। इसके असर से दुनियाभर में बारिश का चक्र बिगड़ जाता है। कहीं भयंकर सूखा तो कहीं मूसलाधार बारिश और बाढ़ आती है।

सीधे शब्दों में कहें तो जब अल-नीनो एक्टिव होगा, तब प्रशांत महासागर से भारत की तरफ आने वाली मानसूनी हवाओं को रोक देगा। इससे बारिश पर असर पड़ेगा।

Continue Reading

देश

सुप्रीम कोर्ट बोला- NTA को UPSC से सीखने की जरूरत:वहां कभी पेपर लीक नहीं होता, जवाबदेही तय होने तक ऐसी घटनाएं नहीं रुकेंगी

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को NEET-UG पेपर लीक मामले पर कहा कि जवाबदेही तय होने तक ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं। कोर्ट में मौजूद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से सवाल किया कि UPSC तो आपसे बड़े पैमाने पर परीक्षा करवाता है, वहां कभी पेपर लीक नहीं हुआ। NTA को उनसे सीखने की जरूरत है।

सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद NEET पेपरलीक की जांच पर नजर रख रहे हैं ताकि कोई चूक न हो।

केस की सुनवाई कर रहे जस्टिस नरसिम्हा ने शिक्षा मंत्रालय से NEET-UG परीक्षाओं की जांच प्रक्रिया का ब्योरा मांगा। सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि पेपर लीक के बाद बड़े लेवल पर सुधार किए हैं। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हम युवाओं को लेकर गंभीर हैं। NEET-UG री-टेस्ट के लिए नए तरीके अपनाए गए हैं।

देशभर में 3 मई को NEET-UG परीक्षा हुई थी। 7 मई की शाम पेपर लीक की खबर सामने आई थी। 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। 21 जून को री-एग्जाम होगा।

SC का सवाल- सुधार के बावजूद नाकामी क्यों

सुप्रीम कोर्ट ने NTA को भंग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की। इस दौरान 2024 में NEET पेपर लीक के बाद बनाई गई हाई-पावर मॉनिटरिंग कमेटी के प्रमुख और पूर्व इसरो प्रमुख डॉ. के राधाकृष्णन से पूछा कि सिफारिशों और सुधारों के बावजूद इस बार नाकामी क्यों हुई।

राधाकृष्णन ने बताया कि समिति की अधिकांश सिफारिशें लागू की जा चुकी हैं। NEET-PG 2025 सफल रहा और इस साल सामने आई कमजोरियों को आगामी री-टेस्ट से पहले दूर किया जा रहा है।

कोर्ट ने कहा- NTA अभी स्थायी और मजबूत संस्था की तरह काम नहीं कर रही है। केंद्र सरकार NTA को मजबूत बनाने के लिए क्या करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया कि NTA को IIT और दूसरे बड़े संस्थानों के विशेषज्ञों की मदद लेनी चाहिए, ताकि भविष्य में परीक्षाएं सुरक्षित तरीके से हो सकें।

कोर्ट रूम LIVE

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस नरसिम्हा, सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और कमेटी की ओर से राधाकृष्णन सुनवाई में शामिल हुए।

जस्टिस नरसिम्हा: हाई पावर्ड कमेटी के बावजूद पेपर लीक जैसी घटना कैसे हुई? गड़बड़ी सिफारिशों में थी या इम्प्लीमेंटेशन में।

राधाकृष्णन: कमेटी ने 35 लॉन्ग टर्म और 60 शॉर्ट टर्म सुझाव दिए थे, ज्यादातर लागू हो चुके हैं।

जस्टिस नरसिम्हा: अगर तैयारी थी तो NEET-UG में फिर समस्या क्यों हुई।

राधाकृष्णन: पेपर से छेड़छाड़ बड़ी चुनौती थी, लेकिन अगले महीने होने वाले री-एग्जाम में सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

जस्टिस नरसिम्हा: असली जवाबदेही तय किए बिना ऐसी घटनाएं नहीं रुकेंगी।

जस्टिस नरसिम्हा: UPSC में ऐसी स्थिति नहीं बनती, NTA को उससे सीखने की जरूरत है।

सॉलिसिटर जनरल: 21 जून के एग्जाम के लिए नया सुरक्षा मैकेनिज्म बनाया गया है, जिसकी हाई लेवल मॉनिटरिंग हो रही है।

राधाकृष्णन: NTA में एक्सपर्ट्स की कमी थी, इसलिए अलग-अलग सिस्टम और विशेषज्ञों को जोड़ा गया है।

जस्टिस नरसिम्हा: संस्थाएं एड-हॉक तरीके से नहीं चल सकतीं, मजबूत इंस्टीट्यूशनल सिस्टम बनाना जरूरी है।

जस्टिस नरसिम्हा: बड़ी यूनिवर्सिटीज और IITs के साथ मिलकर फुल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम बनाया जाए।

जस्टिस नरसिम्हा: छात्रों की मेहनत और भावनाओं को देखते हुए उन्हें इस तरह के ट्रॉमा से बचाना जरूरी है।

25 मई को सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था- क्या सबक लिया

इससे पहले 25 मई को सुनवाई हुई थी। तब कोर्ट ने NTA को फटकार लगाई थी। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने NTA को फटकारते हुए कहा था कि यह दुखद की बात है कि आपने (NTA) ने पहले हुए पेपर लीक मामले से कोई सबक नहीं लिया।

बेंच ने कहा था कि साल 2024 में भी पेपर लीक का मामला कोर्ट तक पहुंचा था। तब एक कमेटी बनाई गई थी, जिसने कई सिफारिशें दीं, जिन्हें स्वीकार भी किया गया था। NTA 28 मई तक हलफनामा दाखिल करे और बताए कि 2024 में दिए गए निर्देशों और मॉनिटरिंग कमेटी की सिफारिशों पर क्या कदम उठाए गए। कोर्ट ने मौजूदा मामले में केंद्र सरकार और CBI से भी जवाब मांगा था।

NEET पेपर लीक में अब तक 13 गिरफ्तार, 21 जून को परीक्षा

NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया।

12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया। 15 मई को शिक्षा मंत्रालय और NTA ने NEET री-एग्जाम की तारीख 21 मई को होने का ऐलान किया। इस मामले की जांच CBI कर रही है। अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी।

इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में दाखिला मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। भी देश में लगभग 1 लाख से अधिक MBBS और 27000 से अधिक BDS सीटें हैं।

Continue Reading

देश

Monsoon 2026: IMD की बड़ी चेतावनी: साल 2026 में सूखे का संकट, पूरे देश में सिर्फ 90% बारिश का अनुमान

Published

on

नई दिल्ली, एजेंसी। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने साल 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) के लिए अपना दूसरा दीर्घकालिक अनुमान शुक्रवार को जारी कर दिया। इसके अनुसार देश के प्रमुख कई हिस्सों में इस साल मानसून की बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार देश में मानसून दीर्घावधि अनुमान के 90 प्रतिशत रह सकता है। यह स्थिति सामान्य से कम मानसून को दर्शाती है। विभाग के अनुसार इस प्रतिशत में चार प्रतिशत घट बढ़ हो सकता है। 

मौसम विभाग ने यहां बताया कि उत्तर-पूर्वी भारत में मानसून की स्थिति सामान्य रहने का अनुमान है, जहां दीर्घावधि औसत की 94 से 106 प्रतिशत तक बारिश हो सकती है। जबकि उत्तर-पश्चिमी भारत में समग्र रूप से बारिश सामान्य से कम (दीर्घावधि औसत के 92 प्रतिशत से भी कम) रहने की आशंका है। इसके अलावा मध्य भारत में भी मानसून की रफ्तार सुस्त रह सकती है और यहां बारिश सामान्य से कम ( दीर्घावधि औसत के 94 प्रतिशत से कम) रहने का पूर्वानुमान है। 

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के इस क्षेत्र में भी मानसून की स्थिति सामान्य से कम (दीर्घावधि औसत के 94 प्रतिशत से नीचे) रह सकती है। मौसम विभाग के अनुसार देश का‘मानसून कोर जोन’जिसमें देश के अधिकांश वर्षा-आधारित कृषि क्षेत्र शामिल हैं, वहां इस साल मानसून सामान्य से कम दीर्घावधि औसत के 94 प्रतिशत रहने की सबसे अधिक संभावना है। इस साल बारिश सामान्य से कम रहने पर देश में पानी की कमी, जल संकट और बिजली उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है।

 मौसम विभाग ने यह दूसरा पूर्वानुमान जून से सितंबर के चार महीनों की अवधि को ध्यान में रखकर जारी किया है। पहला पूर्वानुमान 13 अप्रैल को जारी किया था। इसमें भी मौसम विभाग ने कहा था कि साल 2026 का मानसून सामान्य से कम या कमजोर रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार देश में तापमान सामान्य से अधिक बना रह सकता है।  

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677