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केंद्रीय कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! सरकार ने 2% बढ़ाया DA, 1 जनवरी से लागू होगी नई दरें
नई दिल्ली,एजेंसी। केंद्र सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) में 2% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है है। यह हाइक 1 जनवरी से प्रभावी हो गई है। बता दें कि सरकार साल में दो बार – जनवरी और जुलाई के लिए – महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा करती है। आमतौर पर इसकी अधिसूचना देरी से आती है, अक्सर होली या दिवाली जैसे त्योहारों के आसपास। हालांकि, इस बार महंगाई भत्ता की घोषणा में देरी होने से केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों में असंतोष देखने को मिला।

8वें वेतन आयोग पर सभी की निगाहें
पहले महंगाई भत्ता (DA) की दर मूल वेतन का 58% थी। कैबिनेट के इस फैसले से बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी हुई है। वहीं अब सभी की निगाहें 8वें वेतन आयोग पर टिकी हैं। DA में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब प्रस्तावित 8th Pay Commission के तहत pay structures में व्यापक बदलाव के लिए कर्मचारी संघों का दबाव बढ़ रहा है।
सरकार को सौंपे गए ज्ञापन में राष्ट्रीय परिषद-संयुक्त परामर्शदात्री तंत्र (NC-JCM) ने वेतन में पर्याप्त वृद्धि की मांग की है – न्यूनतम मूल वेतन 69,000 रुपये और फिटमेंट फैक्टर 3.83 की मांग की है। यदि यह मांग स्वीकार कर ली जाती है, तो न्यूनतम मूल वेतन मौजूदा 18,000 रुपये से बढ़कर लगभग 69,000 रुपये हो सकता है, जो मौजूदा वेतन ढांचे में एक बड़ा बदलाव होगा। अन्य मांगों में 6 प्रतिशत की annual salary increase, ,30 प्रतिशत का न्यूनतम HRA स्लैब और पुरानी पेंशन योजनाओं की बहाली शामिल है। प्रमोशन के समय 10,000 रुपये के न्यूनतम लाभ के साथ दो सैलरी बढ़ोतरी और ग्रेच्युटी गणना में सुधार शामिल हैं।

नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा
रेत माफियाओं पर माइनिंग विभाग का एक्शन, नागिन भाटा में ट्रैक्टर जब्त; अब दूसरे घाटों पर कार्रवाई की उठी मांग,,,देखे पूरी खबर
संवाददाता साबीर अंसारी
बांकीमोंगरा :– जिले में अवैध रेत खनन और परिवहन पर लगाम लगाने के लिए खनिज विभाग ने एक बार फिर कार्रवाई का चाबुक चलाया है। बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र के नागिन भाटा में माइनिंग विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण के दौरान अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहे एक ट्रैक्टर को पकड़कर जब्त कर लिया। विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
जांच के दौरान वाहन क्रमांक CG 12 B 6036 को बिना वैध अनुमति के रेत परिवहन करते पाया गया। वाहन चालक नवल सिंह (कटाईनार बस्ती) तथा वाहन स्वामी हरि सिंह (कटाईनार) के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए वाहन को जब्त कर बांकीमोंगरा थाना के सुपुर्द कर दिया गया।

ओवरलोड वाहनों पर भी कार्रवाईखनिज विभाग ने केवल अवैध रेत परिवहन ही नहीं, बल्कि ओवरलोड गिट्टी ढो रहे वाहनों पर भी कार्रवाई की। CG 30 4018 के विरुद्ध परिवहन नियमों के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया, जबकि CG 30 8112 को क्षमता से अधिक गिट्टी परिवहन करते पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
• एक कार्रवाई से नहीं रुकेगा अवैध कारोबार
हालांकि नागिन भाटा में हुई कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों ने संतोष जताया है, लेकिन उनका कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। क्षेत्र के तेलसरा, जमनीमुड़ा, पुरेना और कुमगरी नदी घाटों में लंबे समय से खुलेआम अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का खेल चल रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इन क्षेत्रों से प्रतिदिन दर्जनों ट्रैक्टर रेत निकालकर बेखौफ परिवहन करते हैं, जिससे शासन को राजस्व का नुकसान होने के साथ-साथ नदियों का अस्तित्व भी खतरे में पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि खनिज विभाग केवल एक स्थान तक कार्रवाई सीमित न रखे, बल्कि पूरे बांकीमोंगरा क्षेत्र के संवेदनशील नदी घाटों पर लगातार छापेमार अभियान चलाकर रेत माफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगाए। उनका कहना है कि जब तक पूरे क्षेत्र में नियमित निगरानी और कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक अवैध रेत खनन का नेटवर्क खत्म नहीं होगा।
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बाँकी मोंगरा में पेयजल संकट को लेकर विपक्षी पार्षदों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, जल संयंत्र का किया निरीक्षण; आंदोलन की दी चेतावनी
संवाददाता साबीर अंसारी
कोरबा/बाँकी मोंगरा :– नगर पालिका परिषद बाँकी मोंगरा क्षेत्र में कोहड़िया जल संयंत्र से होने वाली टैंपल जल आपूर्ति व्यवस्था पिछले 10 से 12 दिनों से बाधित होने पर विपक्षी पार्षदों ने गंभीर नाराजगी जताई है। इस समस्या के निराकरण की मांग को लेकर समस्त विपक्षी पार्षदों ने कोरबा कलेक्टर एवं नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपने के साथ ही पार्षदों ने कोहड़िया स्थित जल संयंत्र का निरीक्षण भी किया और संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था में शीघ्र सुधार करने के निर्देश दिए। पार्षदों ने मांग की है कि पेयजल आपूर्ति को नियमित किया जाए तथा दिन में कम से कम दो बार टैंपल पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही सुबह 3 से 4 बजे के बीच अनियमित रूप से होने वाली जल आपूर्ति को भी समय पर व्यवस्थित करने की मांग रखी गई।

नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास ने कहा कि नगर पालिका क्षेत्र में पिछले कई दिनों से जल आपूर्ति ठप या अनियमित होने के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के इस मौसम में पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा का प्रभावित होना बेहद गंभीर स्थिति है। मशीनरी खराब हो सकती है, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था न होना चिंता का विषय है।

उन्होंने आगे कहा कि जनता लगातार “आज पानी आएगा” की उम्मीद में परेशान हो रही है, लेकिन समाधान नहीं मिल रहा है। यदि जल्द ही समस्या का स्थायी निराकरण नहीं किया गया तो जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
वहीं पार्षद राकेश अग्रवाल, संदीप डहरिया, राजकुमारी बंसी दास, इंद्रजीत बींझवार सहित अन्य पार्षदों ने संयुक्त रूप से कहा कि गर्मी के इस दौर में जल संकट अत्यंत गंभीर हो चुका है। यदि शीघ्र सुधार नहीं किया गया तो सभी पार्षद जनता के साथ आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
इस दौरान कई पार्षद एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा
पुलिस कार्रवाई की मांग को लेकर आदिवासी समाज सड़क पर, अरदा चौक पर चक्काजाम से थमा यातायात
संवाददाता साबीर अंसारी
कोरबा/बांकीमोंगरा। टीएमसी कंपनी से जुड़े विवाद ने अब बड़ा जनआंदोलन का रूप ले लिया है। कथित जातिगत अपमान, अभद्र व्यवहार एवं जान से मारने की धमकी के मामले में अब तक कार्रवाई नहीं होने से नाराज आदिवासी समाज ने गुरुवार को बांकीमोंगरा के अरदा चौक पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम शुरू कर दिया। आंदोलन के चलते मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
सुबह से ही बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के पदाधिकारी, ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि आंदोलन स्थल पर पहुंचने लगे। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की है।

आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो उनका विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा। समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि न्याय मिलने तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
चक्काजाम के कारण राहगीरों और यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई छोटे-बड़े वाहन घंटों तक जाम में फंसे रहे, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बांकीमोंगरा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। अधिकारियों द्वारा प्रदर्शनकारियों से लगातार बातचीत कर आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास किया जा रहा है, हालांकि समाचार लिखे जाने तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी थी।
फिलहाल पूरे क्षेत्र की नजर इस आंदोलन और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। मामले से जुड़ी हर नई जानकारी पर दिव्य आकाश पत्रिका की लगातार नजर बनी हुई है।
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