कोरबा
कोरबा जिले की ऐतिहासिक नगरी तुमान में ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत प्राचीन पाण्डुलिपियों को खोजने सर्वेक्षण शुरू हुआ
ज्ञानभारतम पाण्डुलिपि सर्वेक्षण के दौरान ग्राम तुमान के 105 वर्षीय बिधून दास महंत एवं 103 वर्षीय जजमान सिंह कँवर ने बताया तुमान का ऐतिहासिक महत्व..
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में कोरबा जिले में व्यापक रूप से संचालित किये जा रहे ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत ऐतिहासिक महत्व की प्राचीन पाण्डुलिपियों को बचाने और डिजिटल संरक्षण करने खोज जारी हैं।

इस कड़ी में 30 अप्रैल 2026 को ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक के ग्राम तुमान पहुंचे और ग्राम के बुजुर्गजनों, जनप्रतिनिधियों, पूर्व राजपरिवार के वंशजों से मुलाकात कर ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के महत्व और उद्देश्यों को बताया तथा ग्राम में वर्तमान में किसी के पास भी उपलब्ध प्राचीन पाण्डुलिपि को बचाने के लिए ज्ञानभारतम एप के माध्यम से पाण्डुलिपि का फोटो अपलोड कर डिजिटल संरक्षण करने की अपील की।
ग्राम तुमान में पाण्डुलिपि सर्वेक्षण के दौरान 105 वर्षीय बिधून दास महंत एवं 103 वर्षीय जजमान सिंह कँवर ने अपनी स्मृति को ताजा करते हुए तुमान के ऐतिहासिक महत्व को बताया और अपने जीवन काल की कई बातों को साझा किया।
इस दौरान तुमान के पूर्व राज परिवार की वंशज एवं वर्तमान में ग्राम पंचायत तुमान की सरपंच श्रीमती विमीय सिंह (शालिनी) से जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह ने मुलाकात की। चर्चा के दौरान सरपंच श्रीमती विमीय सिंह ने ग्राम तुमान और राज परिवार के इतिहास से जुड़ी बातों को बताया और उनके पूर्वजों की धरोहर रूपी विरासत में उपलब्ध अभिलेखों , दस्तावेजों, पाण्डुलिपियों को बचाने और डिजिटल संरक्षण करने में पूर्ण सहयोग करने का वादा किया।
उनसे हुई चर्चानुसार बताया गया कि वें शीघ्र अपने घर में मौजूद पूर्वज राज परिवार के अभिलेख, पाण्डुलिपि आदि को खोज कर, ज्ञानभारतम सर्वेक्षण टीम के समक्ष डिजिटाइज करने उनके पास बची हुई पाण्डुलिपियों और अन्य पुराने हस्तलिखित अभिलेखों को उपलब्ध कराएंगीं।

जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह ने उपस्थित सभी ग्रामवासियों को प्राचीन पाण्डुलिपियों को नष्ट होने से बचाने तथा प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए उनके स्वयं के मोबाइल में ज्ञानभारतम एप डाऊनलोड करके एप के माध्यम से प्राचीन पाण्डुलिपियों का फोटो अपलोड करने के तरीके बतायें।
सर्वेक्षण के पूर्व ग्राम के मिडिल स्कूल परिसर में आयोजित की गई बैठक में जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह ने सभी ग्रामवासियों, शिक्षकों को जिले में व्यापक रूप से चलाये जा रहें ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के बारें में विस्तार से बताया तथा उपस्थित लोगों की जिज्ञासा का समाधान किये।
इस दौरान पोड़ी-उपरोड़ा तहसीलदार विनय देवांगन, ग्राम के वरिष्ठ नागरिक हरि नारायण सिंह कँवर, बुढ़ान सिंह, हरि प्रसाद, प्राचार्य अल्पना तिवारी, पटवारी संतोष चैहान, कोटवार गजानंद महंत, ग्राम सचिव छत सिंह पैकरा सहित हायर सेकेण्डरी स्कूल तुमान के व्याख्याता कामता जायसवाल, कैलाश, सोनसाय, अन्य ग्रामवासी एवं शिक्षकगण उपस्थित थे।

कोरबा
सुशासन में आधुनिक कृषि को बढ़ावा, कम लागत में बढ़ी उपज और गुणवत्ता
नैनो उर्वरक से बदली खेती की तस्वीर, किसान राममनोहर सोनी को मिल रहा अधिक उत्पादन और बेहतर लाभ
अन्य कृषकों को भी आधुनिक खेती और नैनो उर्वरकों की दे रहे सीख
कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में कृषि क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक तकनीकों को प्रोत्साहन मिलने से किसानों को नई दिशा और मजबूती मिल रही है। शासन की किसान हितैषी योजनाओं और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के सकारात्मक परिणाम अब गांव-गांव में दिखाई देने लगे हैं। कोरबा जिले के ग्राम तिलकेजा के प्रगतिशील कृषक राममनोहर सोनी इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरे हैं, जिन्होंने नैनो उर्वरकों के सफल उपयोग से अपनी खेती को अधिक लाभकारी बनाया है।

लगभग साढ़े चार एकड़ भूमि में धान की खेती करने वाले श्री सोनी पिछले वर्ष से नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में नैनो उर्वरक अधिक प्रभावी सिद्ध हुआ है। प्रारंभिक स्तर पर प्रयोग के रूप में प्राप्त नैनो उर्वरकों के उपयोग से उन्हें उत्साहजनक परिणाम मिले, जिसके बाद उन्होंने इसे अपनी खेती का महत्वपूर्ण हिस्सा बना लिया। श्री सोनी ने बताया कि नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनके उपयोग में श्रम की आवश्यकता कम होती है। चार एकड़ क्षेत्र में केवल एक से दो व्यक्ति आसानी से इसका छिड़काव कर सकते हैं। इससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है।
उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसलों की वृद्धि बेहतर हुई है, गुणवत्ता में सुधार आया है तथा रोगों का खतरा भी कम हुआ है। साथ ही उत्पादन लागत में भी कमी आई है। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन की तैयारियों के दौरान उन्हें सहकारी समिति के माध्यम से समय पर नैनो डीएपी और नैनो यूरिया उपलब्ध हो गया। समिति में परमिट भी तत्काल जारी किया गया और बिना किसी परेशानी के उर्वरक प्राप्त हो गया। उन्होंने कहा कि शासन की बेहतर व्यवस्थाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की समितियों में पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है, जिससे किसानों को आवश्यक कृषि आदान सामग्री आसानी से उपलब्ध हो रही है। श्री सोनी के अनुसार नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के नियमित उपयोग से फसल की गुणवत्ता में सुधार हुआ है तथा उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि हुई है। इससे खेती अधिक लाभकारी बन रही है और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है।
अन्य किसानों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि किसान भाई केवल पारंपरिक उर्वरकों पर अधिक निर्भर न रहें, बल्कि नैनो उर्वरकों जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाएं। इससे कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है तथा खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सकता है।
कृषक राममनोहर सोनी ने किसानों के हित में की जा रही व्यवस्थाओं, समय पर उर्वरक उपलब्धता तथा कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
कोरबा
कोरबा के ग्रीन जोन में कब्जे का आरोप:पेड़ काटकर हो रही प्लाटिंग, निगम कर्मचारी पर मिलीभगत के भी आरोप
कोरबा। कोरबा के मुड़ापार स्थित अंबेडकर भवन के पास नगर निगम के ग्रीन जोन में अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। आरोप है कि कई एकड़ शासकीय जमीन पर हरे-भरे पेड़ काटकर अवैध प्लाटिंग की जा रही है। इस अवैध कब्जे में आम लोगों के साथ नगर निगम के एक कर्मचारी की संलिप्तता भी बताई जा रही है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार अंबेडकर भवन से सटी यह सरकारी जमीन ग्रीन जोन के रूप में चिन्हित है। पिछले कुछ दिनों से यहां लगातार पेड़ काटे जा रहे हैं। जमीन को समतल कर टेंट और तिरपाल लगाकर अवैध प्लाटिंग की तैयारी की जा रही है। नागरिकों ने नगर निगम के कर्मचारी मनोज बक्सेल पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

निगम कर्मचारी पर मिलीभगत के आरोप
उनका कहना है कि बक्सेल ने इसी शासकीय जमीन पर अपना मकान बना लिया है। शिकायत के बाद मौके पर जेसीबी भेजी गई थी, लेकिन उनके मकान पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। लोगों ने प्रशासन पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया है। अवैध कब्जे की शिकायत मिलने पर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची थी।
अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई का दावा
टीम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध प्लाटिंग का काम अब भी जारी है। पेड़ काटना और जमीन की नपाई नहीं रुकी है। वहीं इस मामले पर नगर निगम के जोन कमिश्नर पवन वर्मा ने बताया कि अवैध कब्जे और प्लाटिंग की शिकायत मिली थी, जिस पर मौके पर कार्रवाई की गई है। अन्य लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि निगम कर्मचारी की संलिप्तता के आरोपों पर विभागीय जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कोरबा
पाली रोड दीपका की दारू भट्टी को तहसील रोड एवं गोवरघोरा वार्ड क्र. 01 में स्थानांतरित करने का उग्र विरोध, पार्षद कमलेश जायसवाल ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, दी आंदोलन की चेतावनी
कोरबा/दीपका। नगर पालिका परिषद दीपका के अंतर्गत पाली रोड में लंबे समय से संचालित शराब दुकान (दारू भट्टी) को तहसील रोड एवं गोवरघोरा वार्ड क्रमांक 01 में स्थानांतरित किए जाने के शासन-प्रशासन के प्रयास का स्थानीय स्तर पर प्रखर विरोध शुरू हो गया है। वार्ड क्रमांक 01 के पार्षद कमलेश कुमार जायसवाल ने इस संवेदनशील जन-मुद्दे को लेकर कलेक्टर – कोरबा को एक औपचारिक आपत्ति पत्र सौंपकर इस दुर्भावनापूर्ण स्थानांतरण पर तत्काल प्रभाव से स्थायी प्रतिबंध लगाने की मांग की है ।

पार्षद कमलेश जायसवाल ने अत्यंत चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि इस मदिरा दुकान को घनी आबादी वाले वार्ड क्रमांक 01 और तहसील रोड के समीप खोला जाता है तो इससे क्षेत्र की शांति-व्यवस्था पूरी तरह भंग हो जाएगी। इस निर्णय से स्थानीय निवासियों विशेषकर अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) बाहुल्य वर्ग के हितों और सुरक्षा को भारी क्षति पहुंचेगी। शराब दुकान के कारण क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ेगा, जिससे आए दिन अप्रिय घटनाएं होने की प्रबल आशंका बनी रहेगी ।
मदिरा दुकान स्थानांतरण के विरोध में मुख्य व अकाट्य बिंदु
- नौनिहालों के भविष्य पर संकट:- प्रस्तावित शराब दुकान प्राथमिक शाला बिंझवार पारा स्कूल के मात्र 100 मीटर के दायरे में आ रही है, जिससे स्कूली बच्चों के मानस पटल पर अत्यंत विपरीत प्रभाव पड़ेगा ।
- सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील:- प्रस्तावित स्थल के महज 100 मीटर की दूरी पर गैस एजेंसी और 200 मीटर की दूरी पर पेट्रोल पंप संचालित हैं, ऐसे ज्वलनशील व संवेदनशील प्रतिष्ठानों के पास दारू भट्टी का होना किसी बड़े हादसे को आमंत्रण देने जैसा है ।
- शासकीय कार्य व जन-आस्था को ठेस:- यह स्थल तहसील कार्यालय से बेहद निकट है जिससे शासकीय कार्यों में बाधा आएगी, इसके साथ ही स्थानीय पूर्वजों की आदिशक्ति मां मरकी माता का पवित्र मंदिर (0.5 मीटर) और पूर्वजों का पूजनीय देवस्थल ढोढ़ी (0.2 मीटर) भी इसके बिल्कुल करीब हैं, जिससे जन-आस्था और धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचेगी ।
- बीच बस्ती में स्थान:- यह पूरी तरह से घनी रिहायशी बस्ती से लगा हुआ क्षेत्र है, जहां महिलाओं और बेटियों का सुरक्षित आवागमन दूभर हो जाएगा ।
पार्षद जायसवाल ने प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जनभावनाओं, धार्मिक आस्था और बच्चों के भविष्य को दरकिनार कर इस दारू भट्टी को जबरन हमारे गांव/वार्ड में संचालित करने का प्रयास किया गया तो समस्त वार्डवासी और क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगी, इस जन-आंदोलन और चक्काजाम से उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की कानून-अव्यवस्था की स्थिति और अप्रिय परिस्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं स्थानीय प्रशासन की होगी ।
इस आपत्ति पत्र की प्रतिलिपियाँ उचित एवं त्वरित दंडात्मक व निरोधात्मक कार्रवाई हेतु दीपका तहसीलदार तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) नगर पालिका परिषद दीपका को भी प्रेषित कर दी गई हैं, ताकि समय रहते इस जनविरोधी निर्णय को बदला जा सके ।

-
Uncategorized9 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा3 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा3 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा3 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
