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कोरबा

जनगणना-2027:कोरबा में डिजिटल जनगणना कार्य का हुआ शुभारंभ

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कोरबा। जिले में आज से जनगणना-2027 के कार्य का विधिवत शुभारंभ कर दिया गया है। कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी कुणाल दुदावत के निर्देशन में जिले के सभी चार्ज क्षेत्रों में प्रगणक एवं पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) फील्ड में उतरकर हाउस-लिस्टिंग ब्लॉक  की पहचान करते हुए घर-घर सर्वेक्षण कर रहे हैं।

इस महत्त्वपूर्ण कार्य में जिले के 06 नगरीय निकाय-नगर पालिक निगम कोरबा के 07 जोन, नगर पालिका परिषद दीपका, कटघोरा, बांकीमोंगरा, तथा नगर पंचायत पाली एवं छुरीकला शामिल हैं। साथ ही जिले की सभी 12 तहसीलों-कोरबा, भैसमा, बरपाली, करतला, कटघोरा, दर्री, पोड़ी-उपरोड़ा, पसान, पाली, हरदीबाजार, दीपका और अजगरबहार में जनगणना कार्य सुचारू रूप से आरंभ किया गया है।

जनगणना के दौरान प्रगणकों द्वारा 33 बिंदुओं पर आधारित विस्तृत जानकारी ली जा रही है, जिनमें भवन का प्रकार, उसमें उपलब्ध सुविधाएं, निर्माण सामग्री, बिजली-पानी की उपलब्धता, इंटरनेट, मोबाईल, टीवी, कार जैसे संसाधनों की स्थिति सहित अन्य आवश्यक तथ्य शामिल हैं।

जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी मोहन सिंह कंवर ने बताया कि आज राज्य नोडल अधिकारी बैद्यनाथ द्वारा जनगणना कार्य का मैदानी निरीक्षण किया गया। उन्होंने कोरबा नगर निगम के कोसाबाड़ी जोन, टी.पी. नगर जोन तथा तहसील अजगरबहार में चल रहे जनगणना सर्वेक्षण का अवलोकन किया और प्रगणकों से जानकारी भी ली।

उन्होंने बताया कि यह भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना है। प्रगणक घर-घर जाकर प्राप्त सभी सूचनाओं को एच एल बी ऐप में दर्ज करते हैं। डेटा दर्ज होने के बाद वह स्वतः सुपरवाइजर की आईडी में सिंक होता है, जहां सत्यापन के पश्चात उसे मुख्य सर्वर पर भेज दिया जाता है। डिजिटल प्रक्रिया के चलते डेटा प्रोसेसिंग अत्यंत तेज होगी और सरकार को विकास योजनाओं के लिए आवश्यक आंकड़े समय पर उपलब्ध हो सकेंगे।
जिले में जनगणना कार्य की मॉनिटरिंग अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी ओंकर यादव द्वारा की जा रही है। उन्होंने जिले के सभी 24 चार्ज अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनगणना कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चार्ज अधिकारी अपने अधीनस्थ प्रगणकों और सुपरवाइजरों पर सतत निगरानी रखते हुए गुणवत्तापूर्ण डेटा संग्रहण सुनिश्चित करेंगे। साथ ही प्रत्येक चार्ज स्तर पर जनगणना से संबंधित समस्याओं एवं शंकाओं के निराकरण हेतु कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं, ताकि किसी भी स्तर पर कार्य में बाधा न आए और प्रक्रिया सहजता से पूर्ण हो सके।

कोरबा जिले में कुल हाउस-लिस्टिंग ब्लॉक की संख्या 2073 है। वर्तमान में स्व-गणना  के अंतर्गत 10,669 परिवारों ने स्वयं जनगणना विवरण दर्ज किया है, जो जन सहभागिता का सकारात्मक संकेत है। कोरबा जिले में 01 मई 2026 से डिजिटल जनगणना का यह महत्वपूर्ण कार्य पूरी व्यवस्था, सतर्कता और पारदर्शिता के साथ आरंभ किया गया है।

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कोरबा

पाली रोड दीपका की दारू भट्टी को तहसील रोड एवं गोवरघोरा वार्ड क्र. 01 में स्थानांतरित करने का उग्र विरोध, पार्षद कमलेश जायसवाल ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, दी आंदोलन की चेतावनी

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कोरबा/दीपका। नगर पालिका परिषद दीपका के अंतर्गत पाली रोड में लंबे समय से संचालित शराब दुकान (दारू भट्टी) को तहसील रोड एवं गोवरघोरा वार्ड क्रमांक 01 में स्थानांतरित किए जाने के शासन-प्रशासन के प्रयास का स्थानीय स्तर पर प्रखर विरोध शुरू हो गया है। वार्ड क्रमांक 01 के पार्षद कमलेश कुमार जायसवाल ने इस संवेदनशील जन-मुद्दे को लेकर कलेक्टर – कोरबा को एक औपचारिक आपत्ति पत्र सौंपकर इस दुर्भावनापूर्ण स्थानांतरण पर तत्काल प्रभाव से स्थायी प्रतिबंध लगाने की मांग की है ।

पार्षद कमलेश जायसवाल ने अत्यंत चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि इस मदिरा दुकान को घनी आबादी वाले वार्ड क्रमांक 01 और तहसील रोड के समीप खोला जाता है तो इससे क्षेत्र की शांति-व्यवस्था पूरी तरह भंग हो जाएगी। इस निर्णय से स्थानीय निवासियों विशेषकर अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) बाहुल्य वर्ग के हितों और सुरक्षा को भारी क्षति पहुंचेगी। शराब दुकान के कारण क्षेत्र में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बढ़ेगा, जिससे आए दिन अप्रिय घटनाएं होने की प्रबल आशंका बनी रहेगी ।

मदिरा दुकान स्थानांतरण के विरोध में मुख्य व अकाट्य बिंदु

  1. नौनिहालों के भविष्य पर संकट:- प्रस्तावित शराब दुकान प्राथमिक शाला बिंझवार पारा स्कूल के मात्र 100 मीटर के दायरे में आ रही है, जिससे स्कूली बच्चों के मानस पटल पर अत्यंत विपरीत प्रभाव पड़ेगा ।
  2. सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील:- प्रस्तावित स्थल के महज 100 मीटर की दूरी पर गैस एजेंसी और 200 मीटर की दूरी पर पेट्रोल पंप संचालित हैं, ऐसे ज्वलनशील व संवेदनशील प्रतिष्ठानों के पास दारू भट्टी का होना किसी बड़े हादसे को आमंत्रण देने जैसा है ।
  3. शासकीय कार्य व जन-आस्था को ठेस:- यह स्थल तहसील कार्यालय से बेहद निकट है जिससे शासकीय कार्यों में बाधा आएगी, इसके साथ ही स्थानीय पूर्वजों की आदिशक्ति मां मरकी माता का पवित्र मंदिर (0.5 मीटर) और पूर्वजों का पूजनीय देवस्थल ढोढ़ी (0.2 मीटर) भी इसके बिल्कुल करीब हैं, जिससे जन-आस्था और धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचेगी ।
  4. बीच बस्ती में स्थान:- यह पूरी तरह से घनी रिहायशी बस्ती से लगा हुआ क्षेत्र है, जहां महिलाओं और बेटियों का सुरक्षित आवागमन दूभर हो जाएगा ।

पार्षद जायसवाल ने प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जनभावनाओं, धार्मिक आस्था और बच्चों के भविष्य को दरकिनार कर इस दारू भट्टी को जबरन हमारे गांव/वार्ड में संचालित करने का प्रयास किया गया तो समस्त वार्डवासी और क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगी, इस जन-आंदोलन और चक्काजाम से उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की कानून-अव्यवस्था की स्थिति और अप्रिय परिस्थिति की संपूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं स्थानीय प्रशासन की होगी ।

इस आपत्ति पत्र की प्रतिलिपियाँ उचित एवं त्वरित दंडात्मक व निरोधात्मक कार्रवाई हेतु दीपका तहसीलदार तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) नगर पालिका परिषद दीपका को भी प्रेषित कर दी गई हैं, ताकि समय रहते इस जनविरोधी निर्णय को बदला जा सके ।

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कोरबा

जिला पंचायत में स्थायी शिक्षा समिति की समीक्षा बैठक संपन्न

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विद्यालयों के सुचारु संचालन, शिक्षकों की नियुक्ति एवं छात्रावास व्यवस्थाओं पर हुई विस्तृत चर्चा

कोरबा। जिला पंचायत कोरबा के सभाकक्ष में स्थायी शिक्षा समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता स्थायी शिक्षा समिति की अध्यक्ष श्रीमती निकिता जायसवाल ने की। बैठक में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं नवीन शैक्षणिक सत्र की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी ताम्रेश्वर उपाध्याय ने जिले के विद्यालयों के पुनः संचालन, विद्यार्थियों के प्रवेश एवं शैक्षणिक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तक, गणवेश एवं सरस्वती साइकिल योजना का लाभ उपलब्ध कराने हेतु सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

बैठक में मानदेय शिक्षकों एवं भृत्यों की नियुक्ति के संबंध में भी चर्चा की गई। बताया गया कि रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया प्रगति पर है तथा इस माह के भीतर नियुक्तियां पूर्ण कर ली जाएंगी। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ ऐसे अतिशेष शिक्षक जिन्होंने अब तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया है, उनके स्थान पर मानदेय शिक्षकों की नियुक्ति के लिए कलेक्टर से अनुमति प्राप्त की जाएगी।

सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर ने छात्रावास एवं आश्रमों में प्रवेश प्रक्रिया, विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था तथा आवश्यक सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। वहीं उल्लास कार्यक्रम की प्रगति एवं गतिविधियों की जानकारी श्रीमती ज्योति शर्मा द्वारा प्रस्तुत की गई।

बैठक में स्थाई शिक्षा समिति की अध्यक्ष सहित समिति सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया एवं विद्वान सिंह मरकाम ने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा शैक्षणिक व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे, इस संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बैठक में जिले के सभी विकासखंडों के विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, खेल अधिकारी दीनू पटेल, जिला क्रीड़ा अधिकारी गभेल, के.आर. टंडन सहित शिक्षा विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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कटघोरा के तालाब में सफाई के दौरान हादसा:जलकुंभी में फंसकर ग्रामीण की डूबने से मौत, 2 घंटे बाद शव बरामद

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कोरबा। कोरबा के कटघोरा थाना क्षेत्र के छुरी स्थित प्रसिद्ध गणेश तालाब में सोमवार को सफाई के दौरान एक हादसा हो गया। तालाब में जलकुंभी हटाने उतरे 50 साल के ग्रामीण श्यामलाल सारथी की डूबने से मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और गोताखोरों की टीम ने घंटों मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला।

जानकारी के अनुसार, पंचायत की ओर से छुरी गणेश तालाब की सफाई का काम ठेके पर दिया गया था। श्यामलाल सारथी अपने पांच अन्य साथियों के साथ तालाब में सफाई के लिए उतरा था। सफाई करते हुए श्यामलाल तालाब के बीच वाले हिस्से तक पहुंच गया, जहां जलकुंभी और कीचड़ काफी घना था।

इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह घनी जलकुंभी में उलझ गया। उसके साथियों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन गहराई और फिसलन के कारण वह पानी में समा गया। हादसे के तुरंत बाद साथियों ने शोर मचाकर ग्रामीणों और पुलिस को सूचना दी।

2 घंटे के बाद शव बरामद

कटघोरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कोरबा से गोताखोरों की टीम बुलाई गई। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने तालाब के बीच से श्यामलाल का शव बरामद किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। कटघोरा पुलिस ने मर्ग कायम कर पंचनामा कार्रवाई शुरू कर दी है।

सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही की जांच

पुलिस ठेकेदार और पंचायत कर्मियों से पूछताछ कर रही है कि सफाई के दौरान सुरक्षा के उचित इंतजाम क्यों नहीं किए गए थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मजदूरों को बिना लाइफ जैकेट और रस्सी के तालाब में उतारा गया था। पुलिस लापरवाही के पहलू से भी मामले की जांच कर रही है।

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