मॉस्को/कीव, एजेंसी। रूस ने यूक्रेन द्वारा घोषित एकतरफा युद्धविराम की अनदेखी करते हुए रातभर दर्जनों ड्रोन हमले किए। यूक्रेनी अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। यूक्रेन द्वारा आधी रात से लागू किए गए युद्धविराम के बावजूद हमले जारी रहे। वहीं, रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि यूक्रेन ने स्वयं अपने युद्धविराम का पालन नहीं किया और उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने मंगलवार शाम से बुधवार सुबह तक रूसी क्षेत्रों, अवैध रूप से कब्जाए गए क्रीमिया प्रायद्वीप और काला सागर के ऊपर 53 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। रूस द्वारा नियुक्त गवर्नर सर्गेई अक्स्योनोव के अनुसार, क्रीमिया के झानकोय शहर पर यूक्रेन के ड्रोन हमले में पांच लोगों की मौत हो गई। उन्होंने आधी रात के बाद हताहतों की जानकारी दी, जबकि हमले के बारे में उन्होंने करीब 90 मिनट पहले पोस्ट किया था।
मॉस्को की ओर से यूक्रेन के युद्धविराम का पालन करने का कोई संकेत नहीं मिला था और युद्धविराम की उम्मीद भी कम ही थी, क्योंकि रूस द्वारा यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के बाद यह युद्ध का पांचवा साल है। पिछले एक वर्ष में अमेरिका के नेतृत्व में हुए कूटनीतिक प्रयास भी विफल रहे हैं। यूक्रेन के गृह मंत्री इहोर क्लीमेंको के अनुसार, मंगलवार को रूस के ड्रोन और मिसाइल हमलों में 27 लोगों की मौत हुई और 120 अन्य घायल हुए, जिनमें सभी नागरिक थे। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इस युद्ध में अब तक 15,000 से अधिक नागरिकों की मौत हो चुकी है। दोनों पक्ष लंबी दूरी के हमलों को जारी रखे हुए हैं। लगभग 1,250 किलोमीटर लंबी अग्रिम पंक्ति पर रूस की बड़ी सेना यूक्रेन की ड्रोन-आधारित रक्षा के खिलाफ धीमी और महंगी लड़ाई में उलझी हुई है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एकतरफा युद्धविराम की घोषणा उस समय की थी, जब रूस ने इस सप्ताह के अंत में द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी की हार की 81वीं वर्षगांठ के अवसर पर दो दिनों के युद्धविराम का प्रस्ताव दिया था। जेलेंस्की ने कहा था कि युद्धविराम के किसी भी उल्लंघन पर सैन्य जवाब दिया जाएगा। यूरोपीय अधिकारियों ने यूक्रेन के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे शांति समझौते के लिए उसकी तत्परता का संकेत बताया। यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने कहा कि रूसी बलों ने रातभर में 108 ड्रोन और तीन मिसाइलें दागीं और हमले बुधवार सुबह तक जारी रहे। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, “मॉस्को ने एक बार फिर संघर्ष समाप्त करने की यथार्थवादी और न्यायसंगत अपील को नजरअंदाज किया, जिसे अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन प्राप्त था।”
रूस द्वारा शुक्रवार और शनिवार को युद्धविराम का प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब वह विभिन्न अवसरों, विशेषकर हाल ही में ईस्टर जैसे त्योहारों पर अल्पकालिक युद्धविराम घोषित करता रहा है। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच गहरे अविश्वास के कारण ऐसे युद्धविराम का कोई ठोस परिणाम नहीं निकल पाया है। सिबिहा ने कहा कि रूस की कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि नौ मई के आसपास युद्धविराम की उसकी अपील ईमानदार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया, “रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को केवल सैन्य परेड की चिंता है, मानव जीवन की नहीं।” उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मॉस्को पर दबाव बढ़ाने की अपील करते हुए नए प्रतिबंध, कूटनीतिक अलगाव, युद्ध अपराधों के लिए जवाबदेही तय करने और यूक्रेन को सैन्य व नागरिक सहायता बढ़ाने की मांग की।
वाशिंगठन, एजेंसी। अमेरिका ने अपनी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर वाला 1 डॉलर का खास सिक्का जारी किया है। अमेरिकी मिंट ने बुधवार दोपहर 12 बजे इसकी बिक्री शुरू की।
1 सिक्के की कीमत 2.44 डॉलर यानी 230 रुपए तक रखी गई। 25 और 100 सिक्कों के पैक बिक्री के लिए जारी किए गए। बिक्री शुरू होने के सिर्फ 3 घंटे बाद ही सिक्के आउट ऑफ स्टॉक हो गए।
सिक्के के एक तरफ ट्रम्प की तस्वीर है। इसके साथ ‘IN GOD WE TRUST’ और ‘LIBERTY’ लिखा है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति की मुहर और अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के लिए ‘250’ लिखा गया है।
25 सिक्कों के पैक की कीमत 61 डॉलर
अमेरिकी मिंट के मुताबिक, 25 सिक्कों के पैक की कीमत 61 डॉलर और 100 सिक्कों के पैक की कीमत 154.50 डॉलर है।
बिक्री शुरू होने के करीब आधे घंटे बाद ही वेबसाइट पर लोगों को वेटिंग एरिया में भेजा जाने लगा। वहां करीब 1 घंटे का वेटिंग टाइम बताया गया। गुरुवार दोपहर 2 बजे तक एक परिवार अधिकतम 2 खरीदारी कर सकता था।
अमेरिकी मिंट ने बताया कि 2.5 लाख सिक्कों को खास ‘4 जुलाई’ निशान के साथ रैंडम तरीके से रोल और बैग में रखा गया है। ये सिक्के 4 जुलाई को बनाए गए थे। अमेरिका में इसी दिन स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।
वॉशिंगटन DC के मिंट कॉइन स्टोर में 2 सितंबर को ट्रम्प की तस्वीर वाले $1 के सिक्के खरीदने के लिए मशीन लगाई गई।
1926 के बाद पहली बार जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर
अमेरिकी मिंट के मुताबिक, इससे पहले किसी जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर 1926 में सिक्के पर दिखाई गई थी। उस समय राष्ट्रपति कैल्विन कूलिज की तस्वीर अमेरिका की स्वतंत्रता की घोषणा पर हस्ताक्षर की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर जारी आधे डॉलर के सिक्के पर लगाई गई थी।
अमेरिकी कानून के तहत किसी जीवित राष्ट्रपति या जीवित पूर्व राष्ट्रपति की तस्वीर सिक्के पर लगाना प्रतिबंधित है।
हालांकि, अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के लिए कांग्रेस नेसर्कुलेटिंग कलेक्टिबल कॉइन रीडिजाइन एक्ट पास किया। इसके तहत ट्रेजरी को इस अवसर पर खास $1 के सिक्के जारी करने की अनुमति मिली।
कानून में यह भी कहा गया है कि सिक्के के पीछे वाले हिस्से पर किसी जीवित व्यक्ति का पोर्ट्रेट नहीं हो सकता। ट्रम्प की तस्वीर सिक्के के आगे वाले हिस्से पर है, इसलिए इसे कानून के मुताबिक माना गया है।
ट्रम्प की तस्वीर वाले 250 नोट की भी तैयारी
अमेरिका में ट्रम्प की तस्वीर वाला 250 डॉलर का नोट जारी करने की तैयारी भी चल रही है। इसके लिए अमेरिकी करेंसी छापने वाली एजेंसी ब्यूरो ऑफ इंग्रेविंग एंड प्रिंटिंग (BEP) को डिजाइन तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
ट्रम्प की तस्वीर वाले 250 डॉलर के नोट का प्रस्ताव पिछले साल साउथ कैरोलिना के रिपब्लिकन सांसद जो विल्सन ने पेश किया था। फरवरी 2025 में इस बिल को हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी के पास भेजा गया था।
काठमांडू/नई दिल्ली, एजेंसी। नेपाल सीमा से करीब 55 किलोमीटर दूर तिब्बत में गुरुवार को 5 तीव्रता का भूकंप आया। भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के जोशीमठ से करीब 128 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था और इसकी गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे थी।
भूकंप जमीन की सतह से काफी कम गहराई पर आया। ऐसे भूकंप ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं, क्योंकि इनकी भूकंपीय ऊर्जा सतह तक जल्दी पहुंचती है और रास्ते में कम कमजोर होती है। हालांकि, फिलहाल भूकंप से किसी तरह के नुकसान या लोगों के घायल होने की खबर नहीं है।
यह भूकंप ऐसे समय आया है, जब 26 अगस्त को तिब्बत और नेपाल में आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई थी। इस आपदा में अब तक कुल 1273 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें नेपाल में 1252 और तिब्बत में 21 लोगों की जान गई है।
नेपाल त्रासदी से जुड़ी तस्वीरें…
काठमांडू में हॉस्पिटल के बाहर एक महिला लापता रिश्तेदार की तस्वीरें लेकर उनकी तलाश करती नजर आई।
काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में 21 वर्षीय सबिन तिमल्सिना के परिजनों ने पुतले के साथ अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं।
तिब्बत में 100 नेपाली लापता, केरुंग में 1,500 लोग फंसे
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई बाढ़ के बाद तिब्बत में करीब 100 नेपाली नागरिक लापता हैं। नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि तिब्बत के केरुंग इलाके में करीब 1,500 नेपाली नागरिक फंसे हुए हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने की तैयारी की जा रही है।
छेत्री ने यह भी बताया कि भारत में मिले कम से कम 19 शव नेपाल की भोटेकोशी नदी की बाढ़ में बहकर वहां पहुंचे थे। ये शव भोटेकोशी से त्रिशूली और नारायणी नदियों के रास्ते भारत पहुंचे।
नेपाल में आई फ्लैश फ्लड ने सिर्फ वहां की सड़कें, बस्तियां और टूरिस्ट प्लेस को ही नहीं, बल्कि बिहार से जुड़े कारोबार और टूरिज्म की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है।
भारत-नेपाल सीमा पर आवाजाही से लेकर सीमावर्ती बाजारों, टूरिस्ट गाड़ियों और सामान से भरे ट्रकों तक पर इसका असर दिखाई दे रहा है।
तिब्बत में 5 तीव्रता का भूकंप
तिब्बत में गुरुवार को 5 तीव्रता का भूकंप आया। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के जोशीमठ से 128 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था। यह जमीन से 10 किमी गहराई में था।
फिलहाल भूकंप से किसी नुकसान या लोगों के घायल होने की खबर नहीं है। यह भूकंप 26 अगस्त को तिब्बत-नेपाल सीमा के पास आई बाढ़ के करीब एक हफ्ते बाद आया है।
जिपलाइन के सहारे नदी पार कर रहे लोग
नेपाल में बाढ़ के बाद सड़कें और पुल बह जाने से लोगों को नदी पार करने में मुश्किल हो रही है।
बिदुर में नेपाली सेना ने करीब 250 मीटर लंबी अस्थायी केबल क्रॉसिंग जिपलाइन लगाई है, जिसके सहारे बाढ़ प्रभावित लोग तेज बहाव वाली नदी को पार कर रहे हैं।
ट्रम्प ने नेपाल में लैंडस्लाइड ट्रैक करने वाला प्रोजेक्ट बंद किया था
नेपाल में भीषण बाढ़ आने से एक साल पहले ट्रम्प प्रशासन ने हिमालय में लैंडस्लाइड के खतरे पर नजर रखने वाले एक अमेरिकी प्रोजेक्ट की फंडिंग बंद कर दी थी। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोजेक्ट SERVIR-हिंदु कुश हिमालय पर कई साल से काम चल रहा था।
यह प्रोजेक्ट नेपाल समेत हिंदू कुश हिमालय क्षेत्र में लैंडस्लाइड और दूसरी आपदाओं के खतरे वाले इलाकों की पहचान कर रहा था।
इसके तहत ऐसे टूल भी तैयार किए जा रहे थे, जिनसे यह समझने में मदद मिलती कि तेज बारिश का अस्थिर पहाड़ों पर कितना असर पड़ रहा है और किन इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ रहा है।
प्रोजेक्ट की वेबसाइट के मुताबिक, हिंदू कुश हिमालय क्षेत्र में इसका काम जनवरी 2025 में “कन्क्लूड” हो गया था। हालांकि, HT इस जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका।
तिब्बत में करीब 100 नेपाली नागरिक लापता
नेपाल-तिब्बत सीमा से आई बाढ़ के बाद तिब्बत में करीब 100 नेपाली नागरिकों के लापता होने की खबर है। नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने यह जानकारी दी है।
धादिंग में भूस्खलन से पृथ्वी हाईवे बाधित
नेपाल के धादिंग जिले में कृष्णभीर के पास भूस्खलन से पृथ्वी हाईवे पर यातायात बाधित हो गया। भोटेकोशी में बाढ़ के बाद त्रिशूली नदी का बहाव बढ़ा, जिससे सड़क का एक हिस्सा धंस गया। पृथ्वी हाईवे काठमांडू को पोखरा समेत पश्चिमी नेपाल से जोड़ता है।
धादिंग में भूस्खलन से पृथ्वी हाईवे बाधित
भारत ने भेजी 5 टन से ज्यादा जरूरी दवाएं
भारत ने बाढ़ से प्रभावित नेपाल के लिए जरूरी दवाओं की पांचवीं खेप भेजी है। इसमें 5 टन से ज्यादा जरूरी दवाएं शामिल हैं।
भारत ने इसके साथ 11 सदस्यीय स्पेशलाइज्ड रेस्क्यू टीम भी भेजी है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, टीम के साथ 6 टन से ज्यादा रेस्क्यू उपकरण भी भेजे गए हैं।
PM शाह बोले- क्लाइमेट चेंज का मुद्दा उठाना जरूरी
प्रधानमंत्री बालेन शाह ने कहा कि इस आपदा का क्लाइमेट चेंज से संबंध अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने मजबूती से उठाया जाना चाहिए।
पिछले हफ्ते आई बाढ़ में बड़ी संख्या में लोग लापता हुए हैं। इनके परिवार अब अपने परिजनों के नहीं मिलने की स्थिति में प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर रहे हैं।
वॉशिंगटन/तेहरान, एजेंसी। अमेरिका ने 2 दिन बाद फिर ईरान पर हमला किया है। अमेरिकी सेना ने मंगलवार रात सिरिक, खुजस्तान, केश्म द्वीप और बंदर अब्बास में मिसाइल और ड्रोन स्ट्राइक की। ईरान के अनुसार इन हमलों में 19 लोगों की मौत हुई है, जबकि 68 लोग घायल हुए हैं।
ईरान का दावा है कि सिरिक में एक शादी समारोह के दौरान मिसाइल गिरने से 5 लोगों की जान गई, जिनमें 4 साल का एक बच्चा भी शामिल है। वहीं खुजस्तान प्रांत में हुए हमले में 7 लोगों की मौत और 8 लोग घायल हुए। अमेरिका का कहना है कि उसने केवल ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
हमलों के जवाब में ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर स्ट्राइक करने का दावा किया है। इससे पहले 30 अगस्त को अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित लारक द्वीप पर दो ईरानी रॉकेट लॉन्चरों पर हवाई हमला किया था।
अमेरिकी हमले के बाद क्षतिग्रस्त इमारत। यह तस्वीर ईरानी रेड क्रिसेंट द्वारा जारी वीडियो से ली गई है।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें दावा किया गया है कि ये अमेरिकी हमलों में घायल हुए हैं।
हॉस्पिटल में घायल बच्चों का इलाज किया जा रहा है। वीडियो- सोशल मीडिया।
ईरान के सिरिक में हमले के बाद घटनास्थल पर जुटे लोग।
अमेरिका बोला- आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाया
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के आम नागरिकों को निशाना बनाने के आरोप से इनकार किया है।
दरअसल, ईरान ने दावा किया था कि अमेरिका ने सिरिक में एक शादी समारोह पर हमला किया, जिसमें 2 बच्चों समेत कम से कम 4 लोगों की मौत हुई।
चीनी राष्ट्रपति बोले- पश्चिम एशिया में बाहरी दखल बंद होना चाहिए
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि पश्चिम एशिया के मामलों में बाहरी देशों को दखल देना बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को लेकर दोहरा रवैया भी नहीं अपनाना चाहिए।
चीनी सरकारी मीडिया शिन्हुआ के मुताबिक, शी ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से काहिरा में हुई मुलाकात के दौरान यह बात कही।
ईरान बोला – अमेरिका की बुनियाद हिला देंगें
ईरानी सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने अमेरिकी हमलों के बाद कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने दावा किया कि तेहरान की नई रणनीति अमेरिका की ‘बुनियाद हिला देगी’।
रेजाई ने X पर लिखा कि ईरान सैन्य कार्रवाई के साथ-साथ कूटनीति और आर्थिक प्रतिबंधों का मुकाबला करने के लिए भी नई रणनीति अपनाएगा।
ईरानी सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई। (फाइल फोटो)
होर्मुज स्ट्रेट में 2 ऑयल टैंकर सी माइंस से टकराए
IRGC ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे 2 ऑयल टैंकर सी माइंस से टकरा गए, जिससे वे क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद दोनों जहाजों के कर्मचारियों को बाहर निकालना पड़ा।
IRGC का कहना है कि ये टैंकर उनकी चेतावनी के बावजूद होर्मुज स्ट्रेट में एक ‘अवैध रास्ते’ से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। इसके पहले जानकारी सामने आई थी कि अमेरिकी सेना ने 2 ईरानी टैंकरों को निशाना बनाया है।
ईरान के संसद स्पीकर ने अमेरिका को शैतान बताया
शादी समारोह पर मिसाइल हमले के बाद ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद गालिबाफ ने अमेरिका को शैतान कहा। उन्होंने X पर लिखा, “जो ताकत शैतान की तरह काम करे, लोगों को मारे और निशाना बनाए, वह शैतान ही है।”
उन्होंने मीनाब के एक स्कूल पर हुए हमले का भी जिक्र किया। ईरान का दावा है कि इस हमले में 156 लोग मारे गए थे, जिनमें 120 बच्चे थे। अमेरिका का कहना है कि वह केवल ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है।