Connect with us

विदेश

रूस का सबसे खतरनाक हमलाः ‘ओरेश्निक’ हाइपरसोनिक से दहलाया यूक्रेन, कीव में सैंकड़ों ड्रोन व मिसाइलों से रातभर धमाके

Published

on

मॉस्को/कीव, एजेंसी। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में रविवार को बड़ा और बेहद खतरनाक हमला देखने को मिला। यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने दावा किया कि रूस ने कीव पर हमले के दौरान अपनी शक्तिशाली हाइपरसोनिक “ओरेश्निक” बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया। रूस ने भी बाद में इस हमले की पुष्टि कर दी। यूक्रेन के मुताबिक, इस हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हो गए। राजधानी कीव में सरकारी कार्यालयों, रिहायशी इमारतों, स्कूलों और गोदामों को भारी नुकसान पहुंचा। कई इलाकों में आग लग गई और रातभर धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं।

यूक्रेन की वायुसेना ने बताया कि रूस ने इस संयुक्त हमले में लगभग 600 ड्रोन और 90 मिसाइलें दागीं। हालांकि यूक्रेन ने दावा किया कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने 549 ड्रोन और 55 मिसाइलों को नष्ट कर दिया या रास्ते में रोक दिया। इसके बावजूद कुछ मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंच गईं। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि ओरेश्निक मिसाइल से कीव क्षेत्र के बिला त्सेरक्वा शहर को निशाना बनाया गया। यह मिसाइल परमाणु और पारंपरिक दोनों तरह के हथियार ले जाने में सक्षम मानी जाती है। रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin पहले दावा कर चुके हैं कि ओरेश्निक मिसाइल ध्वनि की गति से 10 गुना तेज यानी मैक-10 की रफ्तार से हमला कर सकती है और कई मंजिल नीचे बने बंकरों को भी तबाह करने की क्षमता रखती है।

रूस ने पहली बार नवंबर 2024 में यूक्रेन के निप्रो शहर पर इस मिसाइल का इस्तेमाल किया था। इसके बाद जनवरी 2026 में पश्चिमी लवीव क्षेत्र में इसे दोबारा इस्तेमाल किया गया। अब कीव पर यह तीसरा बड़ा इस्तेमाल माना जा रहा है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह हमला यूक्रेन द्वारा रूसी इलाकों में किए गए हमलों के जवाब में किया गया। रूस का दावा है कि उसने यूक्रेन के सैन्य कमांड सेंटर, एयरबेस और सैन्य उद्योगों को निशाना बनाया। वहीं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस और यूक्रेन ने एक-दूसरे पर युद्ध अपराधों के आरोप लगाए। यूक्रेन ने रूस पर नागरिक इलाकों को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया, जबकि रूस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।

Continue Reading

विदेश

पाकिस्तान में आतंकियों का कहरः शांति समिति के 4 सदस्यों की निर्मम हत्या, एक को अगवा किया

Published

on

खैबर पख्तूनख्वा, एजेंसी। पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में रविवार को आतंकवादियों ने बड़ा हमला कर दिया।यह हमला Dera Ismail Khan जिले की कुलाची तहसील में हुआ, जहां स्थानीय शांति समिति के सदस्यों को निशाना बनाया गया। पुलिस के मुताबिक, भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने घात लगाकर समिति के सदस्यों पर अंधाधुंध गोलीबारी की। इस हमले में चार सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई। हमलावरों ने सिर्फ हमला ही नहीं किया, बल्कि समिति के एक सदस्य का अपहरण भी कर लिया। इसके अलावा आतंकवादी वहां मौजूद अन्य सदस्यों के हथियार भी लूटकर फरार हो गए।

घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई। सुरक्षा बलों ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। अब तक किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, खैबर पख्तूनख्वा प्रांत लंबे समय से आतंकवादी गतिविधियों और उग्रवादी हमलों से प्रभावित रहा है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस का कहना है कि आतंकियों की तलाश जारी है और जल्द ही हमलावरों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है।

Continue Reading

विदेश

अमेरिका-ईरान वार्ता में पाकिस्तान की भूमिका पर गंभीर सवाल; दोहरी नीति पर नई बहस शुरू, विश्वास के लायक नहीं इस्लामाबाद

Published

on

तेहरान/तेल अवीव/वाशिंगठन, एजेंसी। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। एक अंतर्राष्ट्रीय विश्लेषणात्मक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान खुद इस क्षेत्रीय संघर्ष के कई पक्षों से जुड़ा हुआ है, इसलिए वह निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका निभाने में मुश्किलों का सामना कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने पाकिस्तान को ईरान तक पहुंच बनाने के लिए महत्वपूर्ण चैनल माना है। लेकिन आलोचकों का कहना है कि पाकिस्तान की अपनी सैन्य और राजनीतिक भागीदारी उसे पूरी तरह तटस्थ नहीं रहने देती।

सबसे बड़ा विवाद उस समय सामने आया जब अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पाकिस्तान ने अप्रैल युद्धविराम के बाद ईरानी सैन्य विमानों को रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर रुकने की अनुमति दी थी। पाकिस्तान ने इन खबरों को “भ्रामक” बताया, लेकिन यह स्वीकार किया कि ईरानी विमान वहां मौजूद थे।आलोचकों का कहना है कि अगर कोई देश एक पक्ष के सैन्य विमानों को अपने एयरबेस पर जगह देता है, तो दूसरे पक्ष के लिए उसे निष्पक्ष मध्यस्थ मानना मुश्किल हो जाता है। अमेरिकी सीनेटर Lindsey Graham ने भी कहा था कि अगर यह रिपोर्ट सही है, तो अमेरिका को किसी दूसरे मध्यस्थ की तलाश करनी चाहिए।

हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने पाकिस्तान की तारीफ करते हुए उसे “महान” साझेदार बताया। रिपोर्ट में कहा गया कि ट्रंप और पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर (Asim Munir) के व्यक्तिगत रिश्ते इस वार्ता में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि पाकिस्तान ने हाल ही में सऊदी अरब में हजारों सैनिक, लड़ाकू विमान, ड्रोन और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए हैं। चूंकि सऊदी अरब और ईरान के बीच लंबे समय से तनाव रहा है, इसलिए इससे पाकिस्तान की निष्पक्षता पर और सवाल उठे हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif) के कुछ पुराने बयान भी विवाद का कारण बने हैं।

उन्होंने इजराइल के खिलाफ बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया था और भारत व इजराइल को मुस्लिम दुनिया का “स्थायी दुश्मन” बताया था। रिपोर्ट में कहा गया कि ऐसे बयानों से पाकिस्तान की मध्यस्थ छवि कमजोर होती है।  दिलचस्प बात यह है कि ईरान के कुछ नेताओं ने भी पाकिस्तान की भूमिका पर संदेह जताया है। ईरानी सांसद इब्राहिम रेजाई ने कहा कि पाकिस्तान हमेशा अमेरिकी हितों के हिसाब से चलता है और इसलिए वह भरोसेमंद मध्यस्थ नहीं माना जा सकता। रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया कि पाकिस्तान संदेश पहुंचाने का माध्यम तो बन सकता है, लेकिन किसी बड़े शांति समझौते की गारंटी देने वाला निष्पक्ष पक्ष नहीं माना जा सकता। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका और ईरान को स्थायी समाधान चाहिए, तो उन्हें ऐसे देशों की मदद लेनी होगी जिनके हित पूरी तरह पारदर्शी हों।

Continue Reading

देश

लंदन में सोनम कपूर की आलीशान हवेली को लेकर बवाल, पड़ोसियों ने जताई नाराजगी, 270 करोड़ की प्रॉपर्टी बनी चर्चा का केंद्र

Published

on

मुंबई/लंदन, एजेंसी। बॉलीवुड अभिनेत्री सोनम कपूर और उनके पति आनंद आहूजा एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी फिल्म या फैशन नहीं बल्कि लंदन स्थित उनकी आलीशान प्रॉपर्टी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लंदन के पॉश इलाके ‘नॉटिंग हिल’ में खरीदी गई उनकी हवेली को लेकर स्थानीय पड़ोसियों और दंपति से जुड़ी कंपनी के बीच विवाद गहराता जा रहा है। पड़ोसियों ने इलाके के माहौल और प्रॉपर्टी वैल्यू पर असर पड़ने की आशंका जताई है।

रू.51 करोड़ के पांच फ्लैट खरीदने पर बढ़ा विवाद
रिपोर्ट के अनुसार, सोनम कपूर और आनंद आहूजा से जुड़ी कंपनी ने उनकी हवेली के पास स्थित एक दूसरी बिल्डिंग में करीब 51 करोड़ रुपये मूल्य के पांच फ्लैट खरीदे हैं। दावा किया जा रहा है कि इन फ्लैट्स का इस्तेमाल हवेली में काम करने वाले स्टाफ और कर्मचारियों के रहने के लिए किया जा सकता है। इसी बात को लेकर इलाके के कई स्थानीय निवासी नाराज हैं। उनका कहना है कि इससे नॉटिंग हिल जैसे हाई-प्रोफाइल रिहायशी इलाके का माहौल बदल सकता है।

‘सोशल हाउसिंग’ को लेकर धमकी का आरोप
रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि जब पड़ोसियों ने इस योजना का विरोध किया, तो कंपनी के प्रवक्ता की ओर से कथित तौर पर कहा गया कि अगर विरोध जारी रहा तो इन फ्लैट्स को ‘सोशल हाउसिंग’ में बदला जा सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे इलाके की प्रॉपर्टी की कीमतों पर असर पड़ सकता है। हालांकि सोनम कपूर की टीम ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनके प्रतिनिधियों का कहना है कि ये फ्लैट केवल निवेश के उद्देश्य से खरीदे गए हैं और इसमें सोनम कपूर की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है।

2023 में खरीदी थी 270 करोड़ की हवेली
सोनम कपूर और आनंद आहूजा ने साल 2023 में नॉटिंग हिल में लगभग 21 मिलियन पाउंड यानी करीब 270 करोड़ रुपये में एक पुरानी और जर्जर हवेली खरीदी थी। करीब 200 साल पुरानी इस प्रॉपर्टी को खरीदने के बाद दोनों ने इसके बड़े स्तर पर पुनर्निर्माण की योजना पेश की थी। प्रस्ताव के अनुसार, हवेली का बाहरी ढांचा बरकरार रखते हुए अंदर का पूरा हिस्सा नए तरीके से तैयार किया जाना था। योजना में बेसमेंट स्विमिंग पूल और बास्केटबॉल कोर्ट जैसी सुविधाएं शामिल थीं। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट को लेकर विवाद हुआ, लेकिन बाद में इसे मंजूरी मिल गई।

पड़ोसियों ने जताई चिंता
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने इस इलाके में एक शांत और व्यवस्थित कम्युनिटी बनाई थी, लेकिन अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं।
एक पड़ोसी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमें अपनी बात रखने से डराया जा रहा है। ऐसा लग रहा है कि कुछ अरबपति इस इलाके को अपनी निजी जगह बनाना चाहते हैं। सोशल हाउसिंग की बात कहना भी एक अजीब तरह की धमकी जैसा है।”

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677