देश
7.50 रुपए बढ़ने के बाद भी नुकसान में तेल कंपनियां, आगे और महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल
मुंबई, एजेंसी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल सस्ता होने की उम्मीद फिलहाल कम नजर आ रही है। सरकारी तेल कंपनियां पिछले 10 दिनों में ईंधन के दाम करीब 7.50 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ा चुकी हैं लेकिन इसके बावजूद कंपनियों पर लागत का भारी दबाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती आयात लागत, शिपिंग खर्च और पुराने घाटे की भरपाई के चलते आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

क्यों कम नहीं होंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?
मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान-अमेरिका तनाव के दौरान कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 114 डॉलर तक पहुंच गई थीं। इस दौरान तेल कंपनियों ने करीब ढाई महीने तक खुद बढ़ी हुई लागत का बोझ उठाया और कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी नहीं की।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की लागत में करीब 39% तक उछाल आया, जबकि घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अब तक सीमित बढ़ोतरी ही की गई है। ऐसे में कंपनियों को अपना पूरा घाटा वसूलने के लिए कीमतों में सैद्धांतिक रूप से 11-14 रुपए प्रति लीटर की ओर बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है।
शिपिंग और बीमा लागत भी बढ़ी
हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में फिलहाल गिरावट आई है लेकिन पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसके चलते समुद्री मार्गों पर तेल परिवहन महंगा हो गया है।
अमेरिका और उत्तरी यूरोप से आने वाले तेल टैंकरों के बीमा प्रीमियम और माल ढुलाई खर्च में बढ़ोतरी हुई है। माना जा रहा है कि इन अतिरिक्त लागतों का असर भी आगे चलकर खुदरा ईंधन कीमतों पर पड़ सकता है।
अब भी नुकसान में तेल कंपनियां
रिपोर्ट्स के मुताबिक हालिया बढ़ोतरी के बावजूद सरकारी तेल कंपनियों को पेट्रोल पर प्रति लीटर करीब 10 रुपए और डीजल पर 13 रुपए तक का नुकसान हो रहा है। लगातार बढ़ते घाटे के चलते कंपनियों के सामने कीमतें बढ़ाने के अलावा सीमित विकल्प ही बचे हैं।
छत्तीसगढ़
रायपुर : नई दिल्ली में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से की सौजन्य भेंट

रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की।
मुलाक़ात के दौरान दोनों नेताओं के बीच जनहित, सुशासन, शहरी विकास, सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार तथा राज्यों के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ में चल रहे विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की।

दोनों मुख्यमंत्रियों ने देश के विकास में राज्यों की सक्रिय भूमिका और आपसी सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर विभिन्न समसामयिक विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
देश
CM योगी ने दी हरी झंडी: UP में ग्राम प्रधान बनेंगे प्रशासक, पंचायत चुनाव होने तक निभाएंगे भूमिका
लखनऊ, एजेंसी। उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों के कार्यकाल को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी के बाद अब प्रदेश के मौजूदा ग्राम प्रधान अपने कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी प्रशासक के रूप में काम करते रहेंगे। जानकारी के मुताबिक प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है। ऐसे में पंचायत व्यवस्था और विकास कार्यों में किसी तरह की रुकावट न आए, इसके लिए सरकार ने यह अहम निर्णय लिया है। आदेश के तहत प्रधान अब अगले आदेश तक प्रशासक के तौर ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी संभालेंगे।

26 मई यानी कल पूरा होगा कार्यकाल
प्रधानों का कार्यकाल 26 मई यानी कल पूरा हो रहा है। गांवों में प्रशासनिक और विकास कार्य सुचारु रूप से चलते रहें, उद्देश्य से प्रधानों को प्रशासक की भूमिका में रखा गया है इस लिए ये व्यवस्था लागू की गई। प्रदेश में सभी 57,694 प्रधानों को पहली बार प्रशासक के तौर पर नियुक्त गया है। पहले एडीओ पंचायत को प्रशासक बनाया जाता था। पंचायत चुनाव तक वे गांव के विकास की जिम्मेदारी संभालते थे।
ओबीसी आरक्षण रिपोर्ट के बाद होगा चुनाव
यूपी में पंचायत चुनाव को लेकर सीटों के ओबीसी आरक्षण का निर्धारण करने के लिए ओबीसी आयोग का गठन किया गया है। ओबीसी आयोग 6 माह में सीटों का किस तरह से आरक्षण होगा, इसको लेकर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट आने के बाद सरकार पंचायत चुनाव के तैयारी को तेज करेगी। इसके आधार पर पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। हालांकि अब ये साफ हो गया है कि यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के बाद ही पंचायत चुनाव हो पाएंगे।
देश
महंगाई का एक और बड़ा झटका: 10 दिनों में चौथी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, दिल्ली में रू.102 के पार हुआ पेट्रोल
नई दिल्ली, एजेंसी। आम आदमी की जेब पर महंगाई की मार कम होने का नाम नहीं ले रही है। तेल कंपनियों ने एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तगड़ा इजाफा कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले महज 10 दिनों के भीतर यह चौथी बार है जब फ्यूल प्राइस बढ़ाए गए हैं। ताजा बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल के दाम में 2.61 रुपए और डीजल में 2.71 रुपए प्रति लीटर की तेजी आई है। इस बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल के लिए 102.12 रुपए और डीजल के लिए 95.20 रुपए चुकाने होंगे।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार, 25 मई की सुबह 6 बजे से तेल की नई दरें लागू हो चुकी हैं। इस बढ़ोतरी का सीधा असर देश के चारों महानगरों (दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई) में देखने को मिल रहा है, जिससे आने वाले दिनों में मालभाड़ा बढ़ने और आम जरूरत की चीजें और महंगी होने की आशंका गहरा गई है।
देश के प्रमुख शहरों में आज से लागू हुए नए दाम इस प्रकार हैं:
महानगरों में पेट्रोल की नई कीमतें (प्रति लीटर):
– दिल्ली: रू.102.12 (रू.2.61 की बढ़ोतरी)
– मुंबई: रू.111.21 (रू.2.72 की बढ़ोतरी)
– कोलकाता: रू.113.51 (रू.2.87 की बढ़ोतरी)
– चेन्नई: रू.107.77 (रू.2.46 की बढ़ोतरी)
महानगरों में डीजल की नई कीमतें (प्रति लीटर):
– दिल्ली: रू.95.20 (रू.2.71 की बढ़ोतरी)
– कोलकाता: रू.99.82 (रू.2.80 की बढ़ोतरी)
– मुंबई: रू.97.83 (रू.2.81 की बढ़ोतरी)
– चेन्नई: रू.99.55 (रू.2.57 की बढ़ोतरी)
-
कोरबा3 years agoकटघोरा विधायक पुरूषोत्तम कंवर के गुर्गों द्वारा दिव्य आकाश कर्मियों पर हमला की कोशिश
-
Uncategorized8 months agoसुमेधा पुल पर लुट कांड सहित तीन अलग अलग जगह पर लुटकांड करने वाले आरोपी पुलिस के गिरफ्त में,,,दो आरोपी नाबालिक,,,देखे पूरी खबर
-
कोरबा2 years agoग्राम पंचायत पोड़ी के पूर्व सरपंच सचिव पर गबन के आधार पर अधिरोपित राशि 3341972/- रुपये शीघ्र वसूल हो- कय्युम बेग
-
कोरबा2 years agoकुसमुंडा खदान में डंपर पलट कर लगी आग, सरकारी गाड़ी में कोयला और डीजल चोर सवार थे, जलने से दोनों गंभीर
-
कोरबा2 years agoश्रीमती स्वाति दुबे का निधन
-
छत्तीसगढ़2 years agoबिलासपुर में अपोलो अस्पताल के 4 सीनियर डॉक्टर अरेस्ट
-
कोरबा3 years agoकटघोरा जनपद की 25 करोड़ की जमीन उनके करीबी कांग्रेसियों की 25 लाख में कैसे हो गई?
-
कोरबा2 years agoदर्री में 1320 मेगावाट विद्युत परियोजना के लिए नई सरकार गठन के बाद होगी पर्यावरणीय जनसुनवाई
